शनिवार, 2 जुलाई 2022

भारत में विभिन्न संप्रदायों के ईसाई रहते

 


पटना. भारत में विभिन्न संप्रदायों के ईसाई रहते हैं. रविवार को 3 जुलाई को संत थोमस प्रेरित का पर्व है.इस दिन ‘भारतीय ईसाई दिवस‘​​के रूप में मनाते हैं.परम्परागत तौर से माना जाता है कि प्राचीन काल से ही भारत अपने भारतीय मसालों के लिए विश्वप्रसिद्ध रहा है. समुद्री मार्ग से भारतीय व्यापारी पश्चिम देश जाते थे और वहाँ के व्यापारी भारत आते थे. 

हाबान नामक ऐसे ही एक व्यापारी के साथ संत थोमस 0052 ईस्वी में केरल के  मालाबार तट पर आये.उस समय के राजा ने उनका स्वागत किया और इसी समय भारत भूमि पर ईसाइयत अंकुरित हुई. इसके पश्चात संत थोमस वर्तमान तमिलनाडु की ओर चले गए. वहाँ भी उन्होंने ईसाई धर्म का प्रचार किया, और इसी के चलते संत थोमस 0072 ईस्वी में चेन्नई के पास शहीद हो गए. तभी से भारतीय ईसाई धर्मसमाज संत थोमस को अपना संरक्षक संत मानते हैं. इस प्रकार यह बिलकुल स्पष्ट है कि भारत में ईसाइयत  2000 वर्ष पूर्व अंकुरित हुई. वह विचारधारा सरासर गलत है कि ईसाइयत अंग्रेजों द्वारा भारत में लाई गई, जिनका मूल उद्देश्य व्यापार करना था. 

बताया जाता है कि 21वी सदी ईसाइयत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. आज से 2000 वर्ष पहले प्रभु ईसा मसीह मानव के रूप में धरती पर अवतरित हुए थे. इसलिए 2021से लेकर 2030 तक हम ‘उत्सव का दशक‘ मना रहे है. भारत में ईसाई धर्म 2000 वर्ष पूर्व संत थोमस द्वारा लाया गया था. 


ईसाई धर्म पिछले 2,000 वर्षों से भारतीय इतिहास का अभिन्न अंग है और इसने ईसाई जीवन के कई स्वदेशी रूपों को जन्म दिया है.इस महान सभ्यतागत योगदान की उपेक्षा करने का कोई भी प्रयास भारत की नींव को ही नकारने के समान है.

रविवार 03 जुलाई 2022 को बाजितपुर मोहल्ला गेट नम्बर-92 के सामने अगापे चर्च में इंडियन क्रिश्चियन डे मनाने का निश्चय किया गया है.इस अवसर पर शाम पांच बजे कार्यक्रम होगा.शनिवार को इंडियन क्रिश्चियन डे की पूर्व संध्या पर लोगों को शर्बत पिलाकर आमत्रंण पत्र देते जा रहे थे.


आलोक कुमार

बिल्ली के गले में घंटी बाँधे कौन ?


पटना.बिल्ली के गले में घंटी  बाँधे  कौन ? बिल्ली के गले में घंटी बाँधना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है.कोई भी असम्भव काम करने का प्रयत्न करना.यह आज भी क्रिश्चियन समुदाय के लिए चुनौती बनकर रह गया है.सर्वविदित है कि अंग्रेजों के शासनकाल में अंग्रेजों ने भारतीय को जाति,धर्म,क्षेत्र,भाषा आदि में विभक्त कर रख दिया था.उसी तरह आज क्रिश्चियन समुदाय स्वयं को बाँट कर रख दिये हैं.

 
वृहद क्रिश्चियन समुदाय में साउथ इंडियन क्रिश्चियन, नॉर्थ इंडियन क्रिश्चियन, एंग्लो इंडियन क्रिश्चियन, आदिवासी क्रिश्चियन, दलित क्रिश्चियन, संथाली क्रिश्चियन, उत्तर बिहार क्रिश्चियन व अन्य हैं. इसके आलावे रोमन कैथोलिक, जीएल चर्च, बापतिस्त चर्च, सीएनआई चर्च, नॉर्थ ईस्ट चर्च और न जाने कितने घरेलू चर्च हैं जो अपने अपने ढ़ंग से संचालित है.

यहां बता दें कि कई बार यूनाइटेड चर्च फोरम बनी परंतु आगे कायम नही रही. इसका दो कारण हो सकता है.पहला आपसी मनमुटाव उनमें ईसाई जनता के पक्ष व हित में सही नेतृत्व न देने की कमी क्योंकि जमीनी स्तर के  नेता न होना.दूसरी कारण अपनी डफली अपना राग अलापना.दूसरी ओर 40 सालों से क्रिश्चियन वेलफेयर एसोसिएशन बिहार ही एक मात्र रजिस्टर्ड एसोसिएशन है.इस एसोसिएशन के माध्यम से कई प्रकार से सामाजिक,धार्मिक,राजनीतिक आदि कार्य किये गए. ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुड फ्राइडे के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम किये गए.इसमें सभी क्रिश्चियन चर्च के लोगों की भागीदारी हुआ करती थी.जो पिछले 20 सालों से नहीं हो पा रहा है.

इसके अलावा कई कार्य हुआ. जिसके कारण ईसाइयत की पूछ आज हो रही है.लेकिन एसोसिएशन में जानकार लोग जो नेतृत्व कर रहे थे वे सेक्रेड लाइन के नेता तैयार भी नहीं किये. जिसके कारण एसोसिएशन आज संचालित है. क्रिश्चियन समुदाय  की समुचित विकास की सोच हमारे  नेताओं में कमी है. नकारात्मक सोच आपसी मनमुटाव, क्षेत्रीयता सोच,धार्मिक बन्धन जैसे बहुत कारण है.अल्पसंख्यक समुदाय में मुस्लिम समुदाय सरकार से फायदेमंद मे रहती है पर हम आपसी नाराज़गी मे रहते है. विशेष रूप से  क्रिश्चियन की राजनीति और मदद चर्च कैम्पस मे सीमित होती है.जो जहां पद ले ली वो सब कुछ  अपने आप को नेता समझ बैठते है,आज भी बिहार सरकार से रजिस्टर्ड ईसाई अल्पसंख्यक कल्याण संघ है उन्हे क्रिश्चियन समुदाय के हित के लिए सरकार से हक अधिकार के लिये तत्पर है पर लोगो मे ईगो भरी हुई है, आप को यह बताते हुए शर्म आ रही है की आज तक क्रिश्चियन समुदायो की आमसभा जिसमे हर क्रिश्चियन की भागीदारी हो कभी भी कहीं बिहार के धरती पर नहीं हुई है.जहां सब समुदाय उपस्थित हुआ हो.इसका कारण है  हम क्रिश्चियन को कुछ लोग सिर्फ तुष्टिकरण करते है.आज जो रजिस्टर्ड संघ संगठन है वो इस विषय को गम्भीरतापूर्वक लें.  जो क्रिश्चियन लोग जिस भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं वो भी अपनी पार्टी में इस मामले को उठाया और  क्रिश्चियन समुदाय के बीच प्रस्तुत करें. वरणः ऐसे लोगों को नकारात्मक जवाब दे और बहिष्कार करे आने वाले समय चुनौतीपूर्ण है. अब नहीं जगे तो फिर मुश्किल में आना ही है जागो क्रिश्चियन जागो.

आलोक कुमार

 


पटनाः शिवहर लोकसभा की सदस्य हैं रमा देवी.इसके साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति की सभापति भी हैं.सांसद रमा देवी ने माननीय संसद सदस्य,विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद सदस्यगण को सेवामुक्त के बाद दी जाने वाली पेंशन की ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराया है.उन्होंने कहा कि पूर्व में यूपीए सरकार के द्वारा नियम में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया गया था कि यदि कोई एक दिन का भी किसी सदन का सदस्य बन जाए तो उन्हें आजीवन पेंशन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएगी.

आगे कहा कि यूपीए सरकार ने प्रावधान कर दिया कि यदि कोई व्यक्ति विधानसभा/विधान परिषद के साथ-साथ लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्य रहे तो वे दोहरी पेंशन के हकदार होंगे तथा पूर्व सदस्य की मृत्यु के उपरांत उनके पति/पत्नी आजीवन पेंशन की आधी राशि देने का प्रावधान है.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डाला है जिससे लोग अभी भी जूझ रहे हैं.ऐसी परिस्थिति में माननीय सदस्यगणों को दिये जाने पेंशन मद के लिए सरकार के उपर सैकड़ों करोड़ की अतिरिक्त राशि का बोझ बढ़ जाता है. जिसको बंद करने की समय-समय पर जनता द्वारा मांग की जाती है.उन्होंने कहा कि आपके दूरदर्शी नेतृत्व में आज देश में कई ऐतिहासिक एवं सुधारात्मक कार्य हुए हैं, देशवासियों को आपसे काफी अपेक्षाएं है. एक रिपोर्ट के अनुसार आज देश के अधिकांश सदस्यगण करोड़पति एवं अरबपति है,जिन्हें सही मायने में पेंशन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए.

सांसद रमा देवी ने सुझाव दी है कि माननीय पूर्व संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद सदस्यगण को दिये जाने वाले पेंशन और भत्ते ( मेडिकल व परिवहन सुविधा को छोड़कर) बंद करने के लिए प्रावधान में संशोधन होनी चाहिए और इनसे होने वाली बचत की राशि से देश में आम वृद्धजनों को दिये जाने वाली वृद्धापेंशन की राशि में मंहगाई के हिसाब से बढ़ोतरी किये हाने से देश के नागरिकों में एक सकारात्मक संदेश जाएगा.

अंत में सांसद ने कहा कि इस विषय पर विचार करते हुए माननीय पूर्व संसद सदस्य,विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद के सदस्यगण को दिये जाने वाले पेंशन एवं भत्तों (मेडिकल एवं परिवहन सुविधा को छोड़कर ) बंद करने के लिए प्रावधान में संशोधन करते हुए आम वृद्धजनों को दिये जाने वाली वृद्धापेंशन की राशि में बढ़ोतरी के लिए कृपा की जाए.


वित्त मंत्रालय के अधीन संस्था केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ) ने आरटीआई आवेदन के जवाब में बताया है कि एक अप्रैल 2010 से लेकर 31 मार्च 2018 तक पूर्व सांसदों को 489.19 करोड़ रुपये का पेंशन दिया जा चुका है. इस हिसाब से औसतन हर साल 61 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पूर्व सांसदों के पेंशन पर खर्च की जाती है.खास बात ये है कि पेंशन लेने वालों में बड़े बिजनेसमैन, अखबार के मालिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व चुनाव आयुक्त, पूर्व मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील, फिल्मकार, नामी पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपियों तक के नाम शामिल हैं.


सीपीएओ से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा 75.37 करोड़ रुपये का पेंशन साल 2011-12 में पूर्व सांसदों को दी गई. इसके बाद 2014-15 में 62.39 करोड़ रुपये, 2015-16 में 65.07 करोड़ रुपये, 2016-17 में 53.56 करोड़ रुपये और 2017-18 में 55.43 करोड़ की राशि पूर्व सांसदों को पेंशन के रूप में दी गई है.‘संसद के सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम, 1954’ के तहत पूर्व सांसदों को पेंशन देने का प्रावधान है और एक अप्रैल 2018 से पूर्व सांसदों को हर महीने 25,000 रुपये की पेंशन राशि दी जाती है. इससे पहले ये राशि 20,000 रुपये प्रति माह थी.


आलोक कुमार 

वर्षाे से भाजपा और आर.एस.एस. राहुल जी के छवि को बिगाड़ने के प्रयास में लगे हैं


पटनाःलोकतंत्र का चौथा स्तम्भ पत्रकारिता जब किसी राजनीतिक दल के मीडिया मैनेजमेंट की भूमिका निभाने लगे तो लोकतांत्रिक समाज के क्षरण का खतरा बढ़ जाता है. हाल ही में आदरणीय राहुल गांधी जी के एक वीडियो को जिस तरह भाजपा के आई.टी.सेल के इशारे पर तोड़-मरोड़ कर राजस्थान की घटना को जोड़ने का घृणित प्रयास एक मीडिया चैनल ने किया है वह निंदनीय ही नहीं बल्कि एक बड़ा अपराध है. वर्षाे से भाजपा और आर.एस.एस. राहुल जी के छवि को बिगाड़ने के प्रयास में लगे हैं,जबकि उन्हें यह पता है कि राहुल वो सूर्य है जिसकी चमक को झूठ और फरेब के चंद बादलों से ढंका नहीं जा सकता है. ये बातें बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष व पूर्व विधायक श्रीमती अमिता भूषण ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है. 

श्रीमती भूषण ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकार चलाना नहीं बल्कि धूमिल करना, विपक्ष की सरकार को अस्थिर करना और देश के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करना रह गया है.

उन्होंने कहा कि जिस मीडिया चैनल ने यह राष्ट्रविरोधी हरकत की है क्या उसके माफीनामे से पूरा मामला समाप्त माना जा सकता है ? हमारी मांग है कि इस तरह के राष्ट्र विरोधी चैनलों और मीडिया हाउस के प्रति सरकार और देश की न्याय प्रणाली को त्वरित संज्ञान लेना चाहिये ताकि भविष्य में इस तरह से देश और समाज में नफरत का वातावरण बनाने में सक्रिय मीडिया गैंग पर लगाम लगायी जा सके.


आलोक कुमार 


बैठक की अध्यक्षता एन0एस0यू0आई, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह ने किया

पटना. भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (बिहार) के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम,पटना में सम्पन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता एन0एस0यू0आई, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह ने किया.

बैठक को संबोधित करते हुये एन0एस0यू0आई, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह ने कहा कि आर्मी में अग्निपथ भर्ती योजना सरकार द्वारा एक ऐसा प्रक्रिया है जो देश को युवाओं को युवा रहते हुए उनको रिटायरमेंट का ठप्पा लगा देगा. 

मोदी सरकार इस अग्निपथ योजना का मार्केटिंग और ब्रांडिंग कराने के लिए सेना के प्रमुख से प्रेस वार्ता भी करवा डाला ,जहां बात वन रैंक वन पेंशन की होनी थी वहां पर नो रैंक नो पेंशन और युवाओं का सपना का ध्वस्त कर दिया, आर्मी में जाने के जज्बा को ही ध्वस्त कर दिया. अग्निपथ योजना से मोदी सरकार की आर्मी में जो स्थाई भर्ती होने की प्रक्रिया है उसे समाप्त करने का कार्य शुरू हो चुका है.अग्निपथ योजना आए हुए 2 दिन भी नहीं हुए थे की इसमें बहुत सारी बिंदुओं को हंगामा होने के बाद जोड़ा गया. 

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (बिहार) के प्रभारी रोशन लाल बिट्टू ने कहा कि अग्निपथ योजना को लाने से पहले आर्मी के रिटायर्ड बड़े पदाधिकारी और मौजूदा में जो पदाधिकारी हैं उनसे बात विचार विमर्श होना चाहिए था ,एक कमेटी बनाकर हर एक बिंदु पर विचार विमर्श कर के इसे लागू करने का प्रक्रिया आरंभ करना था.खैर ऐसी उम्मीद मोदी सरकार से कभी की नहीं जा सकती क्योंकि मोदी सरकार तो संसद में भी कोई भी बिल बिना  विचार विमर्श के ही पास करा देती है, मोदी सरकार की हिटलर शाही मानसिकता का एक रूप है जो संघ की किताबें उनकी जो नीति है उसको देश पर थोपने का एक जरिया है.लेकिन अब समय आ गया है क्योंकि जो युवा है उनको इनकी जुमलेबाजी समझ आ गई है जहां पर मोदी सरकार ने हर साल दो करोड़ नौकरी देकर युवाओं को लुभाया था वही युवा आज ठगा सा महसूस कर रहे है.

बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि पूरे 8 साल के मोदी सरकार के कार्यकाल में लगभग 17 लाख ही नौकरी दे पाए हैं आलम यह है बीते 8 सालों में लगभग 9 करोड़ नौकरियां खत्म हो गई है.  इससे पहले जब एनडीए की सरकार थी बाजपेई जी के नेतृत्व में तब सरकारी पेंशन खत्म किया गया था और अब मोदी सरकार है तो सरकारी नौकरियां खत्म  कर रही है.ऐसी संघी सोच देश के तरक्की में घातक है,जिस सरकार का डीएनए आर एस एस की सोच समझ से चलती हो वह क्या राष्ट्रभक्ति की बात करेंगे जिस संस्था ने लगभग 52 वर्षों तक राष्ट्रीय झंडा तिरंगा को नहीं अपनाया उनसे देशभक्ति की बातें दिखवा मात्र है. जिस तरह से देश में चारों तरफ किसी ना किसी चीज को लेकर अराजकता फैली हुई है, अखंड भारत के बात पर भी हंसी आती है,क्योंकि इनकी हरकतें, इनकी योजनाएं ,नीतियां देखकर तो यह लगता है कि यह अखंड भारत की जगह खंड खंड भारत बनाने में लगे हैं, और उसी की कड़ी में अग्निपथ योजना जैसे आर्मी की भर्ती की नियुक्ति की जा रही है. 

लगभग 2लाख नियमित आर्मी की भर्ती की रिक्त पड़ी हुई है. कम से कम हमारे प्रधानमंत्री जी को युवाओं से एक अपील करना था शांति बहाल करने का पर उनसे यह भी ना हो सका आखिर क्यों? मोदी सरकार  देश हित में युवाओं का जो जोश राष्ट्रभक्ति का है आर्मी में भर्ती होकर देश सेवा करने का है,उस जज्बे को ध्यान में रखते हुए अग्निपथ योजना को तुरंत वापस ले और नियमित रिक्तियां जो है आर्मी की उसे तुरंत भर्ती की प्रक्रिया शुरू करें.

इस अवसर पर कुमार आशीष, अरविन्द चौधरी,प्रशांत ओझा,आशुतोष सिंह मौजूद थे.


आलोक कुमार 

अनुराग चंदन बनें कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन

 

* अनुराग चंदन को बिहार कांग्रेस ओबीसी विभाग का बनाया गया  चेयरमैन

पटनाः बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अतिपिछड़ा विभाग के चेयरमैन वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनुराग चंदन को मनोनीत किया गया.ओबीसी विभाग के चेयरमैन बनें अनुराग चंदन पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई से लेकर युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस में सक्रिय रहें हैं. 2000 के विधानसभा चुनावों में वे पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी भी रहें हैं.

इस मनोनयन की जानकारी देते हुए बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि अनुराग चंदन पार्टी के सक्रिय नेता हैं. वें छात्र जीवन से एनएसयूआई से जुड़कर कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर रहें हैं. संगठन से लेकर चुनाव तक में उन्होंने अपनी भूमिका का निर्वहन किया है. उनके मनोनयन से सम्बंधित पत्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जारी किया.

अनुराग चंदन के मनोनयन पर प्रदेश कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है.


आलोक कुमार


शुक्रवार, 1 जुलाई 2022

ला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने गैहलोर में

 



गया.इस जिले के जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने गैहलोर अवस्थित पर्वत पुरूष दशरथ मांझी स्मृति भवन का निरीक्षण करते हुए और आकर्षक बनवाने का निर्देश दिया.उन्होंने बताया कि पर्वत पुरुष स्वर्गीय दशरथ मांझी द्वारा पहाड़ को काटकर जो रास्ता बनाया गया है उस रास्ते को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि लोग स्वर्गीय दशरथ मांझी की कीर्ति से प्रेरणा ले सकें.

 

जिला पदाधिकारी ने बताया कि स्मृति भवन में स्वर्गीय दशरथ मांझी द्वारा उपयोग में लाई गई हथौड़ी छेनी इत्यादि को संरक्षित रूप से शीशा नुमा आकार में स्मृति भवन के मुख्य हॉल में लोगों के दर्शनार्थ रखी जाएंगी. साथ ही उन्होंने नए टाइल्स बिछाने, आकर्षक लाइट, चबूतरा सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का निर्देश दिया ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इन सभी वस्तुओं का अवलोकन कर सकें तथा पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक विकास हो सके.उन्होंने पर्यटन विकास मिशन के अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि स्मृति भवन के हॉल में जो फ्लोर ढ़स गया है उसे अति शीघ्र मरम्मत करावे.उन्होंने कहा कि स्मृति भवन के अंदर वॉल पेंटिंग के साथ-साथ दशरथ मांझी जी का विभिन्न फोटोग्राफ्स को सुसज्जित ढंग से लगावे ताकि आने वाले पर्यटक उनकी कृतियों को जान सकें. स्मृति भवन के बाहर मेन द्वार से मुख्य सड़क तक ईट सोलिंग का रास्ता काफी खराब रहने पर उसे तेजी से दुरुस्त करवाने का निर्देश दिए.

पर्वत पुरुष दशरथ मांझी के समाधि स्थल निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला पर्यटन पदाधिकारी तथा पर्यटन निगम के अभियंता को निर्देश दिया कि समाधि स्थल तथा आसपास के एरिया में सोलर युक्त लगाए गए लाइट यदि किसी कारणवस खराब है तो उसे जांच करते हुए सोलर को ठीक करवाएं अन्यथा तत्काल बिजली कनेक्शन लेते हुए बिजली के माध्यम से प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करावे. समाधि स्थल के समीप बने पब्लिक टॉयलेट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहड़ा अनुमंडल पदाधिकारी बथानी को निर्देश दिया कि टॉयलेट को मेंटेन रखने के लिए कार्य योजना तैयार करें ताकि शौचालय हमेशा साफ सुथरा एवं फंक्शनल रहे. जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता भवन विभाग को निर्देश दिया कि दशरथ मांझी समाधि स्थल के समीप बने तोरण द्वार को अच्छे से पोलिस कराते हुए साफ सुथरा करावे. उन्होंने बिजली विभाग के अभियंता को निर्देश दिया कि सड़क के किनारे लगे हाई मास्क लाइट जो वर्तमान में खराब है उसे अतिशीघ्र चालू करावे.

 

नल जल योजना के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समाधि स्थल वार्ड संख्या 9 एवं 10 में नल जल योजना अंतर्गत घर घर वाटर कनेक्शन की जानकारी साथ ही सरकारी चापाकल फंक्शनल की जानकारी ली.उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि कुछ महादलित टोला में अतिरिक्त चापाकल की आवश्यकता है.जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को संबंधित टोलो में नए चापाकल लगवाने का निर्देश दिए साथ ही जो खराब चापाकल हैं उसे मरम्मत करवाने का भी निर्देश दिए। समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण के समीक्षा के दौरान उन्होंने हॉर्टिकल्चर विभाग से समन्वय स्थापित कर सौंदर्यीकरण करवाने का निर्देश दिए. समुदायिक भवन के निरीक्षण के दौरान समुदायिक भवन का छत में पानी का रिसाव होने के कारण जर्जर हो गया है. जिला पदाधिकारी ने संबंधित अभियंता को अति शीघ्र मरम्मत करवाने का निर्देश दिए.

 


इसके उपरांत उन्होंने मोहड़ा प्रखंड के तेतर पंचायत में गंगा उद्धव प्रोजेक्ट के तहत वाटर स्टोरेज प्लांट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अभियंता द्वारा बताया गया कि यह डैम लगभग 3.6 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. इस डैम में लगभग 18 लाख मिलियन क्यूबिक मीटर पानी स्टोर किया जाएगा. इस डैम के निर्माण के दौरान कुल 41 व्यक्तियों का घर चरवारा में शिफ्ट कराया गया है. साथ ही सभी संबंधित व्यक्तियों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ भी दिया गया है. वर्तमान में डैम में बोल्डर पिचिंग का कार्य चल रहा है.जिला पदाधिकारी ने कहा कि हर हाल में इस वर्ष गंगा का पानी तेतर लाया जा रहा है. इसे लेकर सभी व्यवस्थाएं 10 से 15 दिन के अंदर ही पूर्ण कर ले.


आलोक कुमार

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“कब्रिस्तान में जगह नहीं है…”

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