गुरुवार, 30 जून 2022

जून महीने में उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए


नालंदाः आज अपर मुख्य सचिव मघ निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग,बिहार पटना द्वारा नालंदा जिले में शराबबंदी की समीक्षा समाहरणालय परिसर स्थित हरदेव भवन में किया गया.उन्होंने सबसे पहले उत्पाद कार्यालय में कार्यरत बलों तथा उनके द्वारा की गई कार्यों की समीक्षा की.

समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जून महीने में अब तक उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए तथा कुल 502 लोगों की गिरफ्तारी की गई.जून माह में अब तक कुल 1836 लीटर देशी शराब तथा 123 लीटर विदेशी शराब जब्त किए गए.उत्पाद विभाग द्वारा इस माह में कुल 178 शराब पीने वालों तथा 23 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई तथा पुलिस द्वारा 87 शराब पीने वालों तथा 214 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई.

विशेष न्यायालय द्वारा दिनांक 01/04/2022 से दिनांक 27/06/2022 तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा पकड़े गए कुल 703 लोगों को जेल भेजे गए.समीक्षा में जानकारी दी गई कि जून माह में अब तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा कुल 23 वाहनों की जब्ती की गई है.अपर मुख्य सचिव ने उत्पाद तथा पुलिस द्वारा दैनिक रेड तथा गिरफ्तारी की भी समीक्षा की.

बैठक में माहवार ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट की भी जानकारी ली गई.बताया गया कि उत्पाद कार्यालय द्वारा जून माह में अब तक कुल 1508 ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किए गए जिसमें 189 पॉजिटिव पाए गए. इसी प्रकार पुलिस द्वारा जून माह में अब तक कुल 92 लोगों की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की गई जिसमें सभी लोग पॉजिटिव पाए गए.कॉल सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि जून माह में अब तक 277 कॉल प्राप्त हुए जिस पर 31 लोगों की गिरफ्तारी की गई.पीने वालों की निशानदेही पर कुल 534 लोगों की गिरफ्तारी की गई तथा 134 व्यक्तियों को जेल भेजा गया.धारा 37 के तहत कुल 8 लोगों को जेल भेजा गया है.

शराब से संबंधित मामलों में जून माह में 75 राज्य सात के मामले लंबित बताए गए जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.135 वाहनों के वैल्यूएशन कर उन्हें एमएसटीसी पोर्टल पर डाले गए हैं.वाहनों के निष्पादन तथा ट्रायल पर ध्यान देने की बात बताई गई.बैठक में पीने वालों की गिरफ्तारी  तथा पीने वालों के निशानदेही पर पिलाने वालों की गिरफ्तारी पर भी ध्यान देने की बात कही गई.

उक्त समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा उत्पाद कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार 

घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है

 

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था.महज 5 दिनों के बाद ही तेज रफ्तार बाइक के अचानक संतुलन बिगड़ जाने से तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिर पड़े.

जी हां, राजधानी पटना में हाल के दिनों में ही जेपी सेतु गंगा पथ का उद्घाटित हुआ  था. इस पुल पर तेज रफ्तार से सफर करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया. एक बाइक पर सवार तीन युवकों के बाइक का अचानक से संतुलन बिगड़ गया और तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिरे पड़े. इस घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हादसे की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची दीघा थाने की पुलिस ने घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है.


दीघा थाने की पुलिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के द्वारा सूचना देने पर तत्काल मौके पर पहुंच गये.जहां लोग घायलों का वीडियों बना रहे थे.किसी ने तीनों को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं की.तीनों को उठाकर गाड़ी में बैठाकर और सुलाकर मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो उनके परिजन आ गये. परिजन के साथ पुनाईचक ले गये.वहीं पर उन लोगों का घर है. इस क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कर दिया गया.जहां पर तीनों की स्थिति गंभीर है.

पुनाईचक पटना की ओर से अटल पथ से होकर गंगा पथ पर दीघा की ओर से एक बाइक पर बैठकर तीन युवक तेज रफ्तार से जा रहे थे. इसी दौरान बाइक चला रहे एक युवक का संतुलन अचानक बिगड़ गया और देखते ही देखते गंगा पथ की रेलिंग से टकराकर बाइक सवार तीनों युवक सीधे पुल के नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद घायल तीनों युवकों की पहचान हो गई है. जिनका नाम विरेन्द्र कुमार जिसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है, और इसके पिता पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं. वहीं दूसरे घायल युवक की पुष्टि अभिषेक कुमार के रूप में की गई है जो अभी नाबालिग है जो केवल 17 साल का है. तो तीसरे घायल युवक की पहचान अभिषेक के रूप में की गई है.


इस बीच उद्घाटन के बाद से ही गंगा पथ पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण करने के लिए हाई क्वालिटी का स्पीड इंडिकेटर मशीन लगाया गया है. इसके बावजूद इस पुल पर बाइक लेकर आने वाले युवा तेज रफ्तार से अपने हाई स्पीड बाइक से फर्राटे भरते हैं. जिस कारण यहां हादसों की आशंका बनी रहती है. और कहीं ना कहीं ट्रैफिक पुलिस को इन तेज रफ्तार बाइक चालकों पर नियंत्रण करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है. इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग इस पूरे मामले में कछुए की चाल चलने में लगी है.

मुंबई जुहू बीच के तर्ज पर पटना में बने जेपी गंगा पथ पर सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे बिहार पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी तैनात रहेगी. हाल के दिनों में राजधानी में बने अटल पथ, राजा बाजार फ्लाईओवर और एम्स दीघा एलिवेटेड पुल पर एक्सीडेंट जैसी घटनाएं होती रहती है. जिसका मुख्य कारण हाई स्पीड होता है. जिसको रोकथाम के लिए बिहार पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पटना पुलिस द्वारा गंगा पाथवे पर पुलिस की दो पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे पेट्रोलिंग करती नजर आएंगी.

 


बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जेपी गंगा पथ पर 24  घंटे पुलिस की दो पेट्रोलिंग गश्ती वाहन तैनात रहेगी. हर गाड़ी पर 4 सिपाही और एक दरोगा रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके साथ-साथ गाड़ियों के स्पीड को कंट्रोल करने के लिए स्पीड राडार गन भी लगाया जाएगा. ताकि, वाहनों की स्पीड को कंट्रोल किया जा सके और तेजी से वाहन चलाने वालों को चिन्हित कर उन्हें दंड दिया जा सके. जिससे एक्सीडेंट जैसे अनहोनी को टाला जा सके. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय थाना भी वहां मौजूद रहेगी.

गंगा पथ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर पुलिस अधिकारी पुल का जायजा लेंगे. दरअसल, गंगा पथ बनने के बाद पटना वासियों के लिए ये आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गंगा पथ पर जाने की वजह से उत्तर बिहार से राजधानी पटना आने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो रही है. जिन्हें एम्स पीएमसीएच जाना होता है, उन्हें ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है.


अब बिहार के लोग पटना में ही मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था. इसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. खुद सीएम नीतीश कुमार इस परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं.

अब तो यहां पर लोगों के हुजूम को देखते हुए लोग दुकान सजाने लगे हैं.जो गंगा पथ को देखने सुबह और शाम आते हैं.यहां के जलपान का लुफ्त उठाने लगे हैं.


आलोक कुमार

बुधवार, 29 जून 2022

ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन

पटना. वयोवृद्ध ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन हो गया है.वे 81 वर्ष के थे. वे 10 अप्रैल को अंतिम बार जेस्विट साथियों के साथ जन्मदिन का जश्न मनाया था.    

 मालूम हो ‘येसु समाज‘ से 75 साल का सक्रिय जीवन से सेवानिवृत होने के बाद 2016 में ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ एक्सटीटीआई परिसर में स्थित जेवियर भवन में विश्राम करने आए थे. 

यहां पर जेवियर भवन में रहने वाले जेस्विटों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.बता दें कि प्रारंभ में जेस्विटों की सेवा में करने में ब्रदर फ्रांसिस जुड़े थे.मेल स्टाफ नर्स ब्रदर फ्रांसिस सेवा व अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में महारत हासिल कर लिये थे.अब ब्रदर फ्रांसिस के बदले में एक फादर के द्वारा सेवा उपलब्ध करायी जाती हैं.  

बता दें कि ब्रदर न्जजंजपसस श्रवेमची का जन्म 10 अप्रैल 1941 को हुआ था.मात्र 23 साल की उम्र में 29 सितंबर 1964 को श्येसु समाज में प्रवेश किये .तब से येसु समाजी ब्रदर के रूप में कार्य किये.येसु समाजी का अंतिम व्रत 15 अगस्त 1977 में लिये.फार्म इंचार्ज और मिनिस्टर के पद पर रहकर येसु समाज के कार्यों में सहयोग दिये.

पास्कल लुइस का कहना है कि मुजफ्फरपुर में आशादीप बना है.वह ब्रदर की देखरेख में निर्माण हुआ.उसके बाद आशादीप में रहकर सभी लोगों को पढ़ाते थे.उन्होंने कहा कि मैं उनको 2012 से जानता हूं.उनका मैं शिष्य रहा और उनके साथ काम भी किया हूं.इस बीच ब्रदर ह्दय रोग के शिकार हो गये.जो मौत का कारण बन गया.

आलोक कुमार

टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित

 


नालंदा। मंगलवार को देर शाम जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने हरदेव भवन सभागार में आईसीडीएस की समीक्षा बैठक की।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 85250 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से प्रथम त्रैमास के लिए 6820 का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के प्रारंभ से अब तक इस योजना से संबंधित एक लाख एक हजार 496 फॉर्म अपलोड किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अब तक 39 हजार 110 लाभुकों का निबंधन  किया गया है।वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 20 हजार 460 लाभुकों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित है।

विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के संदर्भ में बताया गया कि मई माह में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के स्तर से 432, महिला पर्यवेक्षिका द्वारा 2111 तथा परियोजना सहायक द्वारा 138 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के क्रम में 359 सेविका को चेतावनी तथा 207 से स्पष्टीकरण पूछा गया है। विभिन्न केंद्रों में पाई गई कमियों को लेकर ₹57415 आर्थिक दंड के रूप में वसूली की गई है।

जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण प्रतिमाह सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार की पंजियों एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में सभी सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका को आवश्यक प्रशिक्षण/दिशा निर्देश देने को कहा गया।


टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित तिथि को ही संबंधित कार्यालय में प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को इस आशय का आदेश निर्गत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में वाउचर जमा करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मनरेगा के कन्वर्जंस से जिला में 200 आंगनवाड़ी केंद्र भवन का तत्काल निर्माण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। अन्य 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी

 


नालंदा। जमीनी स्तर की योजनाओं को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया संवाद।सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इस उद्देश्य के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के संदर्भ में विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों से किया संवाद तथा लिया फीडबैक.परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग,सामाजिक सुरक्षा,कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी जन प्रतिनिधियों को दी गई योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी।


त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्था के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के संदर्भ में आज आरआईसीसी सभागार में संवाद किया गया।

लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के बारे में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनुभाई परमार द्वारा स्वयं जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों से फीडबैक भी लिया गया।

राजकीय नलकूप योजना के बारे में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 से सभी राजकीय नलकूपों के संचालन की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई है। इसकी मोनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस संदर्भ में संवाद किया जा रहा है।                                  

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से विभाग की योजनाओं के बारे में फ़ीडबैक तथा सुझाव प्राप्त किया।

इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों को विभिन्न विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर क्रियान्वित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग,परिवहन विभाग,सामाजिक सुरक्षा, कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों द्वारा विभाग से संबंधित सीधे तौर पर जनसरोकार/जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया गया।इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्व के बारे में बताया गया तथा इनके लिए सहयोग की अपील की गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बिहार मोटरयान (संशोधित) नियमावली के तहत वाहन दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में निकटतम आश्रितों को देय मुआवजे तथा दुर्घटना में घायलों को देय मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।बताया गया कि मुआवजे की राशि के लिए मृतकों/ घायलों के निकटम  आश्रितों द्वारा परिवहन विभाग के वेबसाइट पर ष्रोड एक्सीडेंट कंपनसेशनष् पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। लोगों के बीच जानकारी के अभाव के कारण मुआवजे का आवेदन करने में अनावश्यक विलंब होता है।इसमें सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया।


ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये जा रहे विभिन्न कार्यों/योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं अद्यतन स्थिति के बारे में बताया गया। 

 मनरेगा,  प्रधानमंत्री आवास

 योजना(ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस/तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की गई।

जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। CFMS/PFMS/DBT  माध्यम से किसानों के बीच अनुदान वितरण के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। सभी प्रखण्डों में ई-किसान भवन में किसानों के निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध सभी जनप्रतिनिधियों से किया गया।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। कबीर अंत्येष्टि योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना,विभिन्न पेंशन योजना, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, मुख्यमंत्री निः शक्तजन विवाह योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना(संबल) आदि की पात्रता तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। सभी जनप्रतिनिधियों से इन सभी योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्ति को मिले, इसके लिए सहयोग की अपील की गई।

सिविल सर्जन द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं- मिशन परिवार विकास के तहत योग्य दम्पत्ति को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया गया। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस कार्यक्रम के बारे में  भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण आदि की व्यवस्था के बारे विशेष रूप से बताया गया तथा जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सक्रिय सहयोग की अपील की गई।



जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे बताया गया।बताया गया कि विभाग द्वारा जिला में 73 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 89 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर प्रस्ताव भेजने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई। सभी वार्डों में नए WIMC का गठन तथा नवगठित WIMC को प्रभार सौंपने के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया।नल जल योजना के उपभोक्ताओं से उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए भी लोगों को जागरूक करने को कहा गया।

आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा इस आयोजन के उद्देश्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।आज के कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों/कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। 

इससे पूर्व आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव लघु जल संसाधन विभाग, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिलापार्षदगण, प्रमुखगण, मुखियागण, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना

 

गया। ’नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के वरीय अधिकारी श्री अभिषेक चौधरी द्वारा ’डोभी चतरा रोड पर 1670 एकड़ में प्रस्तवित इंडस्ट्रियल पार्क का स्थल निरीक्षण किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी शेरघाटी एवं अंचलाधिकारी डोभी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों द्वारा नक्शे के माध्यम से पूरे औद्योगिक क्षेत्र के बारे में अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम में अपर समाहर्ता श्री मनोज कुमार तथा अंचलाधिकारी डोभी को निर्देश दिए कि उक्त इंडस्ट्रियल एरिया प्रोजेक्ट में कितने लिंक रोड है तथा कितने संख्या में और अतिरिक्त लिंक रोड बनाने की आवश्यकता है, संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से एक कनेक्टिविटी मैप तैयार करें। बिहार में उद्योगों का तेजी से वातावरण बन रहा है।अमृतसर - दिल्ली - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गया के डोभी में बनने वाले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर  परियोजना ज़िले के लिय काफी प्रभावशाली वरदान साबित होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना है।


अमृतसर - दिल्ली - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर से नजदीकी की वजह से यह क्षेत्र इकोनॉमिक ज़ोन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में इतनी बड़ी पैमाने पर इंडस्ट्रियल हब बनने से गया की तकदीर बदल देगा। इस इंडस्ट्रियल पार्क को विकसित करने हेतु जीटी रोड से चौड़ी सड़के जुड़ेगी, रेलवे कनेक्टिविटी होगी तथा एयर कनेक्टिविटी भी होगी। उन्होंने बताया कि देश का बेहतरीन इंडस्ट्रियल पार्क गया में बनने जा रहा है। केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार दोनों का सहयोग इस इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण में प्राप्त है।

   गया जिले में उद्योगों तथा इंडस्ट्रीज का जाल बिछाने के लिए सरकार तथा उद्योग विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में ज़िला पदाधिकारी गया ने बताया कि डोभी प्रखंड अंतर्गत डोभी चतरा रोड पर स्थित 1670 एकड़ जमीन भू अर्जन प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि 1297.74 एकड़ जमीन सरकारी है तथा 372.47 एकड़ जमीन रैयाति है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस से संबंधित आने वाले दावा आपत्तियों को भू अर्जन विभाग द्वारा अच्छे से समीक्षा की जाएगी। भू अर्जन विभाग की समीक्षा एवं कागजातों की जांच उपरांत मुआवजा देकर अर्जित की जाएगी। इस जमीन को उद्योगों इंडस्ट्रीज के लिए आवंटन करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमृतसर कोलकाता कॉरिडोर इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योग संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं कॉमन फैसिलिटी सेंटर सहित अन्य सुविधाएं दी जाएगी। ’उन्होंने बताया कि यह अपने आप में एक शानदार इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनेगा।’


एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया

 * नदियों के जलस्तर, तटबंधों एवं निचले इलाकों में बसावटों की सतत निगरानी करने का निर्देश।

लगातार माइकिंग कराकर लोगों को करें सतर्क

* आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने का निर्देश

* 29 जून को मध्याह्न 12 बजे तक गंडक बराज से छोड़ा गया दो लाख तीन हजार क्यूसेक पानी


बेतिया। आपदा प्रबंधन विभाग, भारत मौसम विज्ञान विभाग, पटना द्वारा जारी अत्यधिक भारी वर्षा एवं वज्रपात अलर्ट तथा बरसात मौसम के मद्देनजर जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा अत्यधिक भारी वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात के प्रभाव से निपटने हेतु प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा कोषांग, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को अलर्ट मोड में रहकर एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने सूचना तंत्र को पूर्णतः क्रियाशील रखें ताकि आपदा से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। एसडीएम, बगहा वाल्मीकिनगर गंडक बराज के जलस्तर की प्रॉपर निगरानी एवं प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर पानी डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरतमंदों के बीच पॉलीथिन शीट्स का वितरण अविलंब कराना सुनिश्चित किया जाय।

उन्होंने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर किसी गांव/पंचायत में ठनका गिरने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो इसकी सूचना अविलंब आपदा प्रबंधन शाखा को दें और निर्देशानुसार मृत व्यक्ति के आश्रित को 24 घंटे के अंदर मुआवजा राशि का भुगतान करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही वज्रपात (ठनका) की सूचना तुरंत पाने के लिए बिहार सरकार द्वारा डेवलप किये गये इन्द्रवज्र एप के बारे में आम जनों को अवगत करायें।

जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि आपदा प्रबंधन विभाग, मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा जारी मौसम चेतावनी का प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से जिलेवासियों को अवगत कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन सजग और सतर्क रहते हुए अत्यधिक भारी वर्षा एवं वज्रपात आदि से सुरक्षित रह सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अंचलाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे तथा तटबंधों की नियमित निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के दौरान सड़कों पर पेड़ आदि गिर जाते हैं, जिससे आवागमन में बाधा पहुंचती है। सभी अंचलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पेड़ गिरने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाय तथा त्वरित गति से यातायात व्यवस्था सुचारू करने की कार्रवाई करेंगे।

सभी अंचलाधिकारियों को निदेश दिया गया कि माईकिंग के माध्यम से आमजन को अत्यधिक भारी बारिश, तेज आँधी, वज्रपात से बचाव हेतु जागरूक करेंगे। किसानों एवं तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निवास करने, घरों में रहने आदि के संबंध में माइकिंग के माध्यम से जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि फ्लड फाइटिंग कार्य से संबंधित सभी कार्यपालक अभियंता पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें। गत वर्ष आयी बाढ़ आपदा के समय सभी ने अच्छा कार्य किया है। ऐसे ही संभावित बाढ़ एवं कटाव से निपटने के लिए अपना बेस्ट दें। फ्लड फाइटिंग टीम सभी आवश्यक संसाधनों के साथ हमेशा अलर्ट रहेगी तथा आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग कार्य सम्पन्न करायेगी।

जिला आपदा प्रभारी को निदेशित किया गया कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी निदेश तथा संभावित बाढ़ के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड में रखना सुनिश्चित करेंगे ताकि विषम परिस्थिति में जान-माल की सुरक्षा की जा सके। साथ ही सभी अंचलाधिकारियों को नाव, नाविकों आदि की समुचित व्यवस्था करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी, विद्युत विभाग को आंधी-तूफान के दौरान बिजली पोलों, तारों पर पैनी नजर बनायें रखने को कहा गया है। अगर कोई बिजली पोल या तार क्षतिग्रस्त होता है तो अविलंब उसकी मरम्मति कर बिजली आपूर्ति सुचारू करें। साथ ही टीम का गठन कर जिले के सभी बिजली तारों एवं पोलों का मुआयना करने का भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।  

जिले वासियों से अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा अत्यधिक भारी बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर जारी अलर्ट को अत्यंत ही गंभीरता से लें। जिलेवासी उचित सावधानी एवं सुरक्षा के उपाय बरतें। बिजली चमकने या गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने के बाद किसान तथा नागरिक पक्के घर में शरण लें। तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले व्यक्ति इस दौरान सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर सभी ऊँचे स्थानों पर आ जाएं। घरों में रहें, अपने तथा अपने परिवार के बचाव हेतु सतर्क रहें। बारिश-तूफान के दौरान अपने बच्चों को घरों में रखें, उन्हें बाहर नहीं जाने दें। किसान अपने मवेशियों को खुले में नहीं बांधे, सुरक्षित स्थानों पर रखें।

बेतिया नगर निगम के नगर आयुक्त सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में सभी संसाधनों के साथ टीम तैयार रखेंगे। साथ ही भारी बारिश के आलोक में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करेंगे।

समीक्षा के क्रम में नगर आयुक्त के द्वारा बताया गया कि नगर निगम, बेतिया द्वारा शहर के विभिन्न नालों की बड़े मशीनों के माध्यम से सफाई/उड़ाही कर जल निकासी करायी जा रही है। साथ ही अंधेरी-चुनरी, चन्द्रावत सहित अन्य नदी जहाँ शहर का पानी निकलता है, वहाँ भी अच्छे तरीके से सफाई की जा रही है ताकि शहर में जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नदंकिशोर साह, अपर समाहर्ता-सह-जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

पेंशन का पैसा खाते में नहीं आया तो क्या करें?

 पेंशन का पैसा खाते में नहीं आया तो क्या करें? भारत में लाखों लोग अपनी आजीविका के लिए सरकारी पेंशन योजनाओं पर निर्भर हैं। वृद्धावस्था, विधव...

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post