West Bengal: “29 वर्षों बाद भाजपा सत्ता में”
पश्चिम बंगाल की राजनीति पिछले तीन दशकों में जिस तरह बदली है, उसमें ममता बनर्जी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। 1990 के दशक के अंत में जब उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाने का फैसला लिया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह कदम राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल देगा। 1997 में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थापना ममता बनर्जी ने मुकुल रॉय के साथ मिलकर की। उस समय पश्चिम बंगाल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा मजबूत स्थिति में था और लगातार चुनाव जीत रहा था। टीएमसी के गठन का उद्देश्य टीएमसी के गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य था वामपंथी दलों—खासतौर पर CPM—की लंबे समय से चली आ रही सत्ता को चुनौती देना। साथ ही कांग्रेस, जो कभी राज्य की प्रमुख पार्टी हुआ करती थी, वह भी कमजोर हो चुकी थी। ममता बनर्जी ने खुद को एक आक्रामक और जनसंवादी नेता के रूप में प्रस्तुत किया, जो आम जनता के मुद्दों को सीधे उठाती थीं। भाजपा के साथ शुरुआती संबंध ...