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सोमवार, 24 अगस्त 2015

महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति अभियोजन की अनुमति देकर न्याय को शक्ति दें



पटना .निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार मिश्र द्वारा महामहिम के प्रधान सचिव को निगरानी थाना कांड संख्या 10/2015 में नामजद अभियुक्त कुलपति, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा,  डॉ द्विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 एवं 1988 की धारा 197 दप्रस में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) सह पठित धारा 13 (1) (डी) 1988 एवं धारा 409, 420, 467, 468, 477 (), 34/120 (बी) भादवि के तहत अभियोजन की अनुमति के लिए अनुरोध किया गया है. विदित हो कि श्री द्विजेन्द्र गुप्ता ने लगभग डेढ़ करोड़ रूपए की Public Money का लूट किया है तथा अपने ऊँचे संपर्कों के कारण अब तक क़ानून से बचने का प्रयास करते रहे हैं. महामहिम से सादर प्रार्थना है कि इस मामले में अभियोजन की अनुमति देकर न्याय को शक्ति दें.

शिव प्रकाश राय 
अध्यक्ष  (नागरिक अधिकार मंच, बिहार),
चरित्रवन, धोबीघाट,
बक्सर (बिहार), ८०२१०१ 
मोबाईल नंबर- 9931290702


शुक्रवार, 21 अगस्त 2015

इसे विपक्षी के द्वारा चुनावी रसगुल्ला परोसना करार दिया

बिहार के 21 जिलों को पिछड़े इलाके के रूप में अधिसूचित किया

पटना। पी.एम.नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विशेष पैकेज के रूप में एक लाख करोड़ का तोहफा दिया। वहीं बुधवार को केन्द्र सरकार ने बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से राज्य के 21 जिलों को पिछडे इलाके के रूप में अधिसूचित किया है जिससे उन क्षेत्रों में विनिर्माण इकाई या उद्योग लगाने पर कर में 35 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। बिहार की दशा और दिशा में तरक्की लाने के क्रम में केन्द्र सरकार के द्वारा सुविधाओं को पहुंचायी जा रही है। इसे विपक्षी के द्वारा चुनावी रसगुल्ला परोसना करार दिया है। इन नेताओं का कहना है कि अगर एन.डी.ए. सरकार बिहार की तरक्की के प्रति कटिबद्ध है। तो सत्तासीन होने के 2014 के कुछ माह के अंदर लागू कर दिया जाता। इससे बिहारियों को अधिक फायदा हो जाता।

वित्त मंत्रालय ने आज यहां बताया कि वित्त  अधिनियम 2015 के जरिए आयकर अधिनियम 1961 को संशेाधित कर बिहार के लिए ये प्रावधान किये गये हैं। राज्य के उन 21 जिलो में 01 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2020 के दौरान जो भी विनिर्माण इकाई या उद्यम लगाए जाएंगे उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 32 (1) (आईआईए) के तहत 15 प्रतिशत अतिरिक्त  मूल्य ह्रास और धारा 32 ए डी के तहत 15 प्रतिशत निवेश भत्ता मिलेगा। यह लाभ आवश्यक मशीनों को लगाने और संयंत्र की लागत पर दिया जाएगा। ये सारे प्रोत्साहन आयकर अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध अन्य कर लाभों के अतिरिक्त हैं।

इस तरह निर्धारित अवधि के अंतर्गत इन क्षेत्रों में जो भी निर्माण इकाईयां और उद्योग लगाए जाएंगे उन्हें  20 प्रतिशत के स्थान पर 35 प्रतिशत का अतिरिक्त  मूल्यो ह्रास प्रदान किया जाएगा। यह 15 प्रतिशत के सामान्य मूल्य ह्रास से अधिक है। इसके अलावा जो कम्पनी 25 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से विनिर्माण उद्यम लगायेगी उसे भी 01 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2017 के दौरान नये संयंत्र और मशीनरी के लिए निवेश पर 15 प्रतिशत के स्थान पर 30 प्रतिशत का निवेश भत्ता मिलेगा।

वित्त अधिनियम, 2015 के जरिए आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है, ताकि बिहार सहित चिन्हित राज्यों में अधिसूचित पिछड़े इलाकों को कर लाभ प्राप्त हो सके और उनके विकास में गति आ सके। संशोधन के अनुरूप बिहार के 21 जिलों को पिछड़े इलाके के रूप में अधिसूचित किया गया है, जिनमें पटना, नालंदा, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, जमुई, लखीसराय, सुपौल और मुजफ्फरपुर शामिल है।


आलोक कुमार

सोमवार, 17 अगस्त 2015

ओ.आर.ओ.पी. की मांग को लेकर 12 जून से जंतर मंतर पर धरना जारी



वन रैंक,वन पेंशन देने की मांग करने वालों पर 14 अगस्त को 
पुलिस के द्वारा ज्यादती
देश के 10 पूर्व सेन्य प्रमुखों ने लिखा प्रधानमंत्री को खुला खत

दिल्ली।भारतीय पूर्व सैनिक संगठन से जुड़े पूर्व सैनिक वन रैंक-वन पेंशन की मांग कर रहे हैं। इन के  द्वारा जंतर मंतर पर धरना दिया जा रहा है। देश की सुरक्षा में 24 घंटे लगे रहने वाले पूर्व सैनिक 63 दिनों से धरना दे रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को सुरक्षा के नाम पर जंतर मंतर से धरनार्थियों को पुलिस ने हटा दिया। जब पुलिस पूर्व सैनिकों को हटाने का प्रयास करने लगी तब पुलिस और पूर्व सैनिकों के साथ झड़प हो गयी। काफी विरोध करने पर धरनार्थियों को नहीं हटाया गया। इस बीच पुलिस के द्वारा पूर्व सैनिकों के साथ जो करना था कर दिए। 

इसके विरोध में 17 अगस्त को देश के 10 पूर्व सैन्य प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला खत लिखा है।14 अगस्त को घटित घटना के विरूद्ध प्रदर्शन किए। आज मंगलवार से कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह और जमादार मेजर सिंह ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इन लोगों ने पुलिस ज्यादती की निंदा की है। इनके द्वारा बुरे बर्ताव से लोग काफी नाखुश हैं। इस घटना की जांच करने की मांग की है। 

जंतर मंतर पर 12 जून,2015 से धरना और प्रदर्शन किया जाता रहा। पूर्व सैनिकों ने यह कयास लगा रहे थे कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2015 को लालकिले के प्रचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व सैनिकों के पक्ष में वन रैंक-वन पेंशन की घोषणा कर देंगे। पर ऐसा नहीं किए। केवल पूर्ण रूप से सहानुभूमि करके चलते बने। इस बाबत कमेटी कार्यशील है। कमेटी की रिपोर्ट पर ही कदम उठाया जाएगा। 

बताते चले कि पूर्व में अवकाश ग्रहण करने वाले पूर्व सैनिकों को असमान पेंशन भुगतान किया जा रहा है। कुछ साल पहले अवकाश ग्रहण करने वाले समान पद वाले अधिक पेंशन उठा रहे हैं। इस असमानता को ही समानता लाने की मांग की जा रही है। यूपीए सरकार ने 2014 में ही पूर्व सैनिकों को वन रैंक -वन पेंशन का रास्ता साफ कर दी थी। सत्ता से बाहर हो जाने के कारण लागू नहीं किया जा सका। 

आलोक कुमार


मंगलवार, 15 अप्रैल 2014

राष्ट्रीय महिला बैठक में बिहार से चार नेत्री शिरकत करेंगी


पटना। राष्ट्रीय महिला बैठक में एक साथ एकता परिषद के संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल, एकता परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष रनसिंह परमार, एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी और राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य रमेश शर्मा नजर आएंगे। राष्ट्रीय महिला बैठक में शामिल होने बिहार से मंजू डूंगडूंग, सिंधु सिन्हा, देवन्ती देवी और मीना देवी जा रही हैं। बिहार की सभी नेत्री 26 अप्रैल की शाम अथवा 27 अप्रैल की सुबह रिसोर्स सेंटर, ग्वालियर, मध्यप्रदेश में प्रवेश कर जाएंगी। 27 से 29 अप्रैल तक राष्ट्रीय बैठक की जाएगी।
विख्यात गांधीवादी और एकता परिषद के संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल के द्वारा मूल रूप से अहिंसात्मक आंदोलन पर ध्यान केन्द्रित कर प्रशिक्षण देंगे। अंहिसात्मक आंदोलन क्या है। यह क्यों जरूरी है। कहां से शुरू और कहां पर अंत किया जा सकता है। यह अंहिसात्मक आंदोलन किसके लिए किया जाएगा। इसके बाद स्वयं के जीवन एवं सामाजिक जीवन में अहिंसा का महत्व क्या है? इसके पहले 27 अप्रैल को आगत अतिथियों का स्वागत पुष्पा सिंह करेंगी और बैठक का उद्देश्य श्रद्धा कश्यप पेश करेंगी।
राष्ट्रीय महिला बैठक के दूसरे दिन 28 अप्रैल को राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य रमेश शर्मा के द्वारा एकता परिषद रजत जयंती वर्ष में महिलाओं की भूमिका एवं कार्यक्रमों पर फोकस डालेंगे। उसके बाद वनाधिकार अधिनियम 2006 एवं भूमि मुद्दे पर चर्चा करेंगे। एकता परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष रनसिंह परमार सक्रिय एवं द्वितीय स्तर के लीडरषीप को तैयार करने की प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे। राष्ट्रीय महिला बैठक के तीसरे दिन 29 अप्रैल को एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी एकता परिषद के संगठनात्मक कार्यों में आने वाली समस्याएं,उनके समाधान और विकल्पों पर चर्चा करेंगे।
बिहार से राष्ट्रीय महिला बैठक में शामिल होने जा रही मंजू डूंगडूंग ने कहा कि  एकता महिला मंच का पुर्नगठन एवं भावी स्वरूप, जन संगठन का भावी स्वरूप, ग्राम वापसी अभियान एवं महिला आर्थिक समूह को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी। इसके अलावे 5 वर्षों की क्रमबद्ध योजना बनायी जाएगी। इसके आलोक में अन्तरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन की तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी।

आलोक कुमार

बुधवार, 5 मार्च 2014

आम चुनाव की शंखनाद , बिहार में 6 चरणों में होगा चुनाव



बुधवार को चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी गयी। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गयी है। बिहार में 10 अप्रैल से चुनाव होगा। अंतिम 12 मई को चुनाव होगा।

बिहार में कुल चालीस सीट के लिए चुनाव होगा। इसमें 6 सीट आरक्षित है। आरक्षित है। सासाराम , गया , जमुई , समस्तीपुर , सारण और गोपालगंज है। आरक्षित सीट पर 10 अप्रैल को सासाराम , गया और जमुई , 30 April at the Samastipur , 5 मई को हाजीपुर और 12 मई को गोपालगंज में चुनाव होगा।

लोकसभा की निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार सासाराम सीट से विजयी हुई है। उनको कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। वहीं सेक्युलरिज्म के चादर उतारने वाले रामविलास पासवान को भाजपा की गोद में बैठकर कमल को खिलाना होगा। पैरवी करने के लिए रकम की मांग करने वाले हरि मांझी को सीट बचाने में खासा मुश्किल होने की संभावना है। सिने कलाकार शत्रुध्न सिन्हा को जीत हासिल करने के लिए जोर लगाना पड़ेगा। पटना साहिब की जनता नाराज चल रहे हैं।


Alok Kumar

वर्षों से इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन किया

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) की पूर्व संध्या पर देशभर के करोड़ों श्रमिकों, पेंशनभोगियों और विशेष रूप से ईपीएस-95 (Employees’ Pension Sche...