पटना। राष्ट्रीय
महिला
बैठक
में
एक
साथ
एकता
परिषद
के
संस्थापक
पी.व्ही.राजगोपाल,
एकता
परिषद
के
कार्यकारी
अध्यक्ष
रनसिंह
परमार,
एकता
परिषद
के
राष्ट्रीय
संयोजक
प्रदीप
प्रियदर्शी
और
राष्ट्रीय
संचालन
समिति
के
सदस्य
रमेश
शर्मा
नजर
आएंगे।
राष्ट्रीय
महिला
बैठक
में
शामिल
होने
बिहार
से
मंजू
डूंगडूंग,
सिंधु
सिन्हा,
देवन्ती
देवी
और
मीना
देवी
जा
रही
हैं।
बिहार
की
सभी
नेत्री
26 अप्रैल
की
शाम
अथवा
27 अप्रैल
की
सुबह
रिसोर्स
सेंटर,
ग्वालियर,
मध्यप्रदेश
में
प्रवेश
कर
जाएंगी।
27 से
29 अप्रैल
तक
राष्ट्रीय
बैठक
की
जाएगी।
विख्यात गांधीवादी
और
एकता
परिषद
के
संस्थापक
पी.व्ही.राजगोपाल
के
द्वारा
मूल
रूप
से
अहिंसात्मक
आंदोलन
पर
ध्यान
केन्द्रित
कर
प्रशिक्षण
देंगे।
अंहिसात्मक
आंदोलन
क्या
है।
यह
क्यों
जरूरी
है।
कहां
से
शुरू
और
कहां
पर
अंत
किया
जा
सकता
है।
यह
अंहिसात्मक
आंदोलन
किसके
लिए
किया
जाएगा।
इसके
बाद
स्वयं
के
जीवन
एवं
सामाजिक
जीवन
में
अहिंसा
का
महत्व
क्या
है?
इसके
पहले
27 अप्रैल
को
आगत
अतिथियों
का
स्वागत
पुष्पा
सिंह
करेंगी
और
बैठक
का
उद्देश्य
श्रद्धा
कश्यप
पेश
करेंगी।
राष्ट्रीय महिला
बैठक
के
दूसरे
दिन
28 अप्रैल
को
राष्ट्रीय
संचालन
समिति
के
सदस्य
रमेश
शर्मा
के
द्वारा
एकता
परिषद
रजत
जयंती
वर्ष
में
महिलाओं
की
भूमिका
एवं
कार्यक्रमों
पर
फोकस
डालेंगे।
उसके
बाद
वनाधिकार
अधिनियम
2006 एवं
भूमि
मुद्दे
पर
चर्चा
करेंगे।
एकता
परिषद
के
कार्यकारी
अध्यक्ष
रनसिंह
परमार
सक्रिय
एवं
द्वितीय
स्तर
के
लीडरषीप
को
तैयार
करने
की
प्रक्रिया
पर
चर्चा
करेंगे।
राष्ट्रीय
महिला
बैठक
के
तीसरे
दिन
29 अप्रैल
को
एकता
परिषद
के
राष्ट्रीय
संयोजक
प्रदीप
प्रियदर्शी
एकता
परिषद
के
संगठनात्मक
कार्यों
में
आने
वाली
समस्याएं,उनके
समाधान
और
विकल्पों
पर
चर्चा
करेंगे।
बिहार से
राष्ट्रीय
महिला
बैठक
में
शामिल
होने
जा
रही
मंजू
डूंगडूंग
ने
कहा
कि एकता महिला मंच
का
पुर्नगठन
एवं
भावी
स्वरूप,
जन
संगठन
का
भावी
स्वरूप,
ग्राम
वापसी
अभियान
एवं
महिला
आर्थिक
समूह
को
सशक्त
बनाने
पर
चर्चा
होगी।
इसके
अलावे
5 वर्षों
की
क्रमबद्ध
योजना
बनायी
जाएगी।
इसके
आलोक
में
अन्तरराष्ट्रीय
महिला
सम्मेलन
की
तैयारियों
पर
भी
चर्चा
की
जाएगी।
आलोक कुमार
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