मोदी सरकार एवं आयकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी


 केन्द्र की ‘कर आतंकवाद’ के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन


पटना। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा देश में हो रही प्रजातंत्र की हत्या एवं ‘कर आतंकवाद’ के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की ओर से शनिवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन का आज पहला दिन था। 

    इसके तहत प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार एवं आयकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यही दृश्य प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में देखने को मिला।

    गौरतलब है कि आयकर विभाग ने कांग्रेस पार्टी का खाता पिछले महीने सील कर दी थी एवं दो रोज पहले एक नया नोटिस थमा कर करीब 1823 करोड़ रूपया अलग से जमा करने का आदेश दिया है। इसके खिलाफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की ओर से दो दिवसीय देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया था। 

      इसी के तहत शनिवार को बिहार प्रदेश मुख्यालय एवं जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। आचार संहिता लागू होने के कारण विशाल जन-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई और इसीलिए विरोध प्रदर्शन को पार्टी मुख्यालय तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस तरह की कार्रवाई को कांग्रेस पार्टी देश में भाजपा द्वारा प्रजातांत्रिक मूल्यों की हत्या एवं विरोध के स्वर को कुचलने की नापाक कोशिश मानती है।

     इस विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ो कांग्रेसियों में ब्रजेश प्रसाद मुनन, लाल बाबू लाल, अम्बुज किशोर झा, संजय यादव, शशि रंजन, मोहन शर्मा, राजेन्द्र चौधरी, राज छविराज, मिथिलेश शर्मा मधुकर, रमाशंकर पाण्डेय, मृणाल अनामय, विमलेश तिवारी, रवि गोल्डेन, सुदय शर्मा, अनुप कुमार, अशोक कुमार चौधरी इत्यादि प्रमुख हैं। 


आलोक कुमार

भाजपा कर रही देश में ‘कर आतंक’ का साम्राज्य स्थापित: डा0 अखिलेश

 भाजपा कर रही देश में ‘कर आतंक’ का साम्राज्य स्थापित: डा0 अखिलेश


पटना।अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी शनिवार एवं रविवार को प्रदेश एवं जिला मुख्यालयों में विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन करेगी। इसके लिए बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को अपने-अपने मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने का निर्देश एक पत्र के द्वारा दिया है। अपने पत्र में प्रदेश अध्यक्ष लिखा है कि भाजपा के द्वारा देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था की हत्या की नापाक कोशिश अब खतरनाक रूप ले रही है। देश का प्रमुख विपक्षी दल होने के बावजूद चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी का खाता पिछले महीने सील कर दिया गया और कल ही आयकर विभाग की ओर से नया नोटिश कांग्रेस पार्टी को दिया गया है जिसमें 1823.08 करोड़ रूपया जमा करने के लिए कहा गया है।

        डा0 सिंह ने आगे लिखा है कि भाजपा द्वारा चुनाव के मध्य में प्रजातंत्र के ऊपर हमला कर देश में ‘कर आतंक’  का साम्राज्य स्थापित करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। कांग्रेस ने इसके खिलाफ जंग छेड़ने का निर्णय लिया है। अतः कल दिनांक 30 मार्च 2024 एवं परसों 31 मार्च 2024 को सभी प्रदेश मुख्यालयों एवं प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है। अतः उन्होंने जिलाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिला मुख्यालय में विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन करें तथा सुनिश्चित करें कि विरोध प्रदर्शन में जिला के सभी पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों की इसमें भागीदारी हो।


आलोक कुमार


संत पापा फ्राँसिस ने 13 मार्च 2013 में परमाध्यक्ष बनने के बाद से जेल

 संत पापा फ्राँसिस ने विभिन्न देशों की बारह महिला कैदियों के पैर धोए

वाटिकन.जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो का जन्म 17 दिसंबर 1936 को हुआ है.वे 13 मार्च 2013 को संत पापा चुने गये थे.असीसी के संत फ्रांसिस के सम्मान में अपने पोप के नाम के रूप में फ्रांसिस को चुना.रोमन कैथोलिक चर्च के 266वें और वर्तमान पोप हैं, उनके पास रोम के बिशप और वेटिकन सिटी के संप्रभु के रूप में पदेन उपाधि है, साथ ही वर्तमान वास्तविक राजकुमार और ग्रैंड मास्टर भी हैं.

        संत पापा फ्राँसिस ने 13 मार्च 2013 में परमाध्यक्ष बनने के बाद से जेल, देखभाल सुविधा या शरणार्थी केंद्र में पवित्र गुरुवार का मिस्सा समारोह को अनुष्ठान किया है, जबकि उनके हाल के पूर्ववर्तियों ने रोम में संत पेत्रुस महागिरजाघर या संत जॉन लातेरन महागिरजाघर में पुरोहितों के पैर धोए थे.संत पापा फ्राँसिस की पहली यात्रा रेबिबिया जेल में 2015 में हुई थी.वह पहली बार 2015 में पुरुष और महिला कैदियों से मुलाकात की थी और 12 कैदियों और एक बच्चे का पैर धोए थे.जेल में प्रभु भोज का समारोह मनाने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, संत पापा फ्राँसिस ने पवित्र गुरुवार 28 मार्च की दोपहर को रोम में रेबिबिया सुधार विभाग के महिला अनुभाग का दौरा किया. उन्होंने पवित्र मिस्सा समारोह की अध्यक्षता की और जेल के बाहरी क्षेत्र में एकत्र हुए बारह कैदियों, गार्डों और अधिकारियों के पैर धोने की रस्म पूरी की.

         


बता दें कि संत पापा फ्राँसिस पहले जेसुइट पोप चुने गए है. समकालीन जीवित जेसुइट कार्डिनल्स की पूरी सूची में से तीन की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और इस प्रकार वे पोप के निर्वाचक के रूप में अयोग्य हैं. अन्य चार अभी भी 80 वर्ष से अधिक उम्र के नहीं हैं और इस प्रकार वर्तमान में पोप निर्वाचक के रूप में सेवा करने के पात्र हैं.         

        बता दें कि बिहार में अपने जेसुइट पोप संत पापा फ्राँसिस के पदचिन्हों पर चलकर जेसुइट प्रीस्ट फादर जोन क्रिस्तोस्तम ने पहली बार कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में महिलाओं का पैर धोए थे.उसके बाद कुर्जी पल्ली में महिला और पुरुष को मिलाकर 12 लोगों के पैर धोने का सिलसिला जारी है.सवाल यह है कि क्यों केवल जेसुइट द्वारा संचालित पल्ली में ही महिला और पुरुष को मिलाकर पैर धोए जा रहे है?  एक ने कहा कि यह सच है कि प्रभु येसु ख्रीस्त के 12 प्रेरितों में स्त्रियों के नाम नहीं है पर उनके शिष्यों में स्त्रियां भी थी जैसे मैरी मैग्डलीन, मार्था आदि.दूसरी ने कहा कि जमाना बदल रहा है सर जी.... पहली औरत केवल घर में रहती थी..........आगे आप समझिए.       
 

यह बात तब निकली जब बेतिया धर्मप्रांत के चखनी पल्ली में रहने वाले श्रीमान एडवर्ड ठाकुर का कहना है कि पवित्र बृहस्पतिवार के दिन 12 शिष्यों के पैर धोने का परंपरा है.उक्त परंपरा में केवल 12 शिष्यों के ही पैर धोने का प्रावधान है,जो अंतिम व्यालू के दिन प्रभु येसु ख्रीस्त के साथ भोजन किये थे.उनमें केवल पुरूष ही थे.उन 12 प्रेरितों के नाम हैं.बाइबल हमें सिखाती है कि यीशु के मूल प्रेरित पतरस थे. जेम्स ,जॉन , एंड्रयू , फिलिप, यहूदा इस्करियोती, मैथ्यू ,थॉमस , अल्फियस का पुत्र जेम्स, बार्थोलोम्यू जुडास, थडियसय और साइमन जेलोट्स.इन शिष्यों में दूर-दूर में औरत और न ही नामोल्लेख ही है.सवाल यह है  क्या किसी औरत के पैर धोने चाहिए? जगजाहिर है कि उन 12 प्रेरितों के सहयोग परमप्रसाद की स्थापना की गई.जो आज मिस्सा के दरम्यान पुरोहित वितरण करते है.

 

आलोक कुमार


प्रभु येसु ख्रीस्त के दुखभोग पर आधारित झांकी

प्रभु येसु ख्रीस्त के दुखभोग पर आधारित झांकी

इसका संचालन बक्सर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष डॉ जेम्स शेखर ने किया

बक्सर. आज गुड फ्राइडे है.प्रभु येसु ख्रीस्त के दुखभोग पर आधारित झांकी पटना महाधर्मप्रांत के कुर्जी पल्ली में, बक्सर धर्मप्रांत के बक्सर पल्ली में और बेतिया धर्मप्रांत के चुहड़ी पल्ली में निकाली गयी.सभी जगहों पर भक्ति भाव से गुड फ्राइडे के रस्म अदायगी की गयी.आज के ही प्रभु येसु ख्रीस्त को क्रूस पर लटका कर मार दिया गया था.उसी पर आधारित झांकी बक्सर धर्मप्रांत में शानदार ढंग से संपन्न हुआ.इसका संचालन बक्सर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष डॉ जेम्स शेखर ने किया.मौके पर साथ फादर जितेन्द्र, फादर मनोज एवं फादर प्रताप भी प्रार्थना में शामिल थे.

  इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भावुक होकर सह्दय भाग ले रहे थे.बता दें कि झाँकी में येसु के रूप में पिन्टू, माँ मरियम के रूप में अंजली, पिलातुस के रूप में दीपेश, योहन के रूप में अमृत, वेरोनिका के रूप में रुचि, सीमोन के रूप में राहुल, शास्त्री के रूप में अभिषेक एवं सिपाहियों के रूप में राजू, विशाल, रोहित, अभिषेक, अनमोल, रोशन, सुमित, अंकित, जयप्रकाश ने अपनी भूमिका निभाई. झाँकी का निर्देशन चन्देश्वर प्रसाद ने किया.गीत संचालन में, जयपाल, सिस्टर स्नेहा, सिस्टर चेतना, सिस्टर जनिता, सिस्टर संध्या, सिस्टर प्रीति, सुषमा, पिंकी, पंकज, प्रेम, स्टैनी, अभिषेक एवं अन्य लोग भी मौजूद थे.

   इसी तरह बेतिया धर्मप्रांत के चुहड़ी पल्ली में गुड फ्राइडे के अवसर पर क्रूस रास्ता का लाइव रोल प्ले आयोजित हुआ. गुड फ्राइडे के पावन अवसर पर लोयोला स्कूल चुहड़ी में क्रूस रास्ता का रोल प्ले के माध्यम से लाइव आयोजन किया गया. पल्ली पुरोहित फादर हरमन ने बताया कि आज गुड फ्राइडे है, यह दिन प्रभु येसु के दुखभोग का स्मरण करने, प्रार्थना पूजा करने का दिवस है.

   इस अवसर पर आज येसु के दुखभोग, क्रूस यात्रा को चुहड़ी पल्ली के युवाओं और युवतियों ने रोल प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया. क्रूस यात्रा के चौदह स्थानों में येसु द्वारा क्रूस ढोने से लेकर क्रूस पर प्राण त्यागने तक की सभी भागों को लाइव रोल प्ले के माध्यम से दिखाया गया. येसु के क्रूस ढोने से लेकर, क्रूस पर येसु के प्राण त्यागने की दृश्य को देखकर उपस्थित महिला, पुरुष, बच्चे सभी श्रद्धालु भाव विह्वल हो गए, उनकी आंखें नम हो गई. क्रूस यात्रा की समाप्ति पर लोयोला स्कूल प्रांगण से निकलकर सभी श्रद्धालु गिरजाघर में प्रवेश किये. जहां पुरोहित के द्वारा प्रार्थना किया गया. क्रूस यात्रा में सन्नी संजय (येसु) सुचिता मनीष (माँ मरियम) किरण पीटर (वेरोनिका) विकास सामुएल (पिलातुस) आकाश सेन्सिल (सिमोन सिरिणी) अभिषेक क्लारेन्स (योहन) समीर, आकाश, संजू और आयुष ( सोल्डर, सेनापति) की रोल किये। क्रूस रास्ता के लाइव रोल प्ले का निर्देशन मेरी आडलीन और सन्नी लुइस ने किया. वही लाइव प्ले को रंजन जोसेफ और मेरी एडलिन ने अपनी आवाज दिया.अमर डेनिस, हर्षित, केविन, हिमांशु, शौर्य, सोनाली, एंजल, एलिशा, अर्पिता, नमन, राखी, अमन, जीटा नटाल, लूसी अन्थोनी ने महती भूमिका निभाई.



आलोक कुमार

141 साल पूर्व 1883 में स्थापित

 न जाने किस जहां में खो गए


बगहा. पश्चिम चंपारण में चखनी, रजवटिया है.जो बगहा 1 में पड़ता है.यहां पर ईसाई समुदाय का उपासना स्थल होली फैमिली चर्च है.यह 141 साल पूर्व 1883 में स्थापित किया गया.

    इस क्षेत्र के गुरू हेनरी ठाकुर और माग्रेट हेनरी ठाकुर के पुत्र विक्टर हेनरी ठाकुर है. विक्टर हेनरी ठाकुर का जन्म 1 जुलाई 1954 को चखनी में हुआ था. रायपुर धर्मप्रांत में पुरोहित बनने गए.उनका पुरोहिताभिषेक 3 मई, 1984 को हुआ.रायपुर धर्मप्रांत के चांसलर और रायपुर बिशप के सचिव के रूप में कार्य किया था.मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विभाजन के बाद फादर विक्टर हेनरी ठाकुर 27 जून, 1998 को बेतिया धर्मप्रांत के प्रथम बिशप नियुक्त होने का गर्व प्राप्त किया.उनका एपिस्कोपल समन्वय 11 नवंबर, 1998 को हुआ था.बिशप ठाकुर बिहार क्षेत्रीय बिशप परिषद के शिक्षा आयोग के अध्यक्ष थे. उन्हें 3 जून 2013 को रायपुर का आर्चबिशप नियुक्त किया गया और 19 सितंबर 2013 को पदस्थापित किया गया.

    रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर चखनी पहुंचे.उनके दस साल बड़े भाई डॉक्टर आल्बर्ट हेनरी ठाकुर का निधन 24 मार्च को हो गया था.रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर के अलावे पटना महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप सेबेस्टियन कल्लूपुरा भी पहुंचे.

    आज 25 मार्च को होली फैमिली चर्च में डॉक्टर आल्बर्ट हेनरी ठाकुर का पार्थिव शरीर रखकर मिस्सा किया गया.इस मिस्सा का मुख्य अनुष्ठानकर्ता रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर थे.उनके साथ पटना महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप सेबेस्टियन कल्लूपुरा, बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस,बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फिंटन अलोसियुस साह ,बेतिया पल्ली के पल्ली फादर हेनरी फर्नाडो,चखनी पल्ली के पुरोहित पुरोहित फादर नॉरबर्ट, फादर चैंबर्लिन ,फादर आनंद पास्काल आदि शामिल थे.

     मिस्सा के बाद भारी मन से होली फैमिली चर्च के कब्रिस्तान में ईसाई धर्मरीति के अनुसार दफन कर दिया गया.इससे पूर्व रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर ने अपने अग्रज के लिए प्रार्थना की.मालूम हो कि यही पर आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर के पिताश्री हेनरी ठाकुर का अंतिम क्रियाकलाप किया गया था.

    मौके पर डॉक्टर साहब के रिश्तेदार और शुभचिंतक उपस्थित रहे.बेतिया,चुहड़ी,चनपटिया, रामनगर पल्ली के भी लोग अंतिम दर्शन और दफन में भाग लेने पहुंचे थे.सभी लोगों ने यह कामना किये कि ओ जानेवाले, हो सके तो लौट के आना ये घाट, तू ये बाट कहीं भूल न जाना बचपन के तेरे मीत, तेरे संग के सहारे ढूंढ़ेंगे तुझे गली गली, ...

आलोक कुमार 


जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह का किया औचक निरीक्षण



 बच्चों के स्वास्थ्य एवं सेहत के प्रति जागरूक रहें अधिकारी : जिलाधिकारी

समय पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराएं

बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने आज पर्यवेक्षण गृह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने गृह के बच्चों से उपलब्ध सुविधाओं आदि की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बच्चों से पूछा कि यहाँ कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। खाना आदि समय मिलता है कि नहीं। किताब, स्लीपर आदि मिला है अथवा नहीं। बच्चों ने जिलाधिकारी को बताया कि यहाँ सभी सुविधाएं समय पर मिल रही है।

     जिलाधिकारी द्वारा पर्यवेक्षण गृह के रसोई घर का जायजा लिया गया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा/निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों को समय पौष्टिक एवं संतुलित खाना खिलाना चाहिए। साथ ही उन्हें अन्य सुविधाएं भी समय पर मिले, इसे सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था है। इसे निरन्तर बनाए रखना है। बच्चों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य एवं सेहत के प्रति अधिकारियों को जागरूक रहना है। नियमित तौर पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराना सुनिश्चित किया जाय।

           निरीक्षण के क्रम में एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, प्रभारी अधिकारी, पर्यवेक्षण गृह, श्री ब्रज भूषण कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

खुद पढ़े और दूसरों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें

वह जनता के द्वारा दिया हुआ पैसा है

निष्पक्ष चुनाव को मोदी से खतरा : डॉ. अखिलेश

पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस पार्टी का खाता सीज करने के मामले में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संविधान में चुनाव आयोग की व्यवस्था इसलिए की गई थी ताकि चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर प्रदान किया जाए। लेकिन आज सब कुछ उल्टा हो रहा है। कांग्रेस पार्टी को आर्थिक रूप से पंगु बनाने की नापाक कोशिश चल रही है। दरअसल निष्पक्ष चुनाव को मोदी से खतरा है। लेकिन मोदी कांग्रेस को दबा नहीं सकते। हम अंग्रेजों के जबड़े से आजादी छिनने वाली पार्टी हैं।

      डा0 सिंह शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल में टाइमिंग पर ध्यान देना सबसे जरूरी है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले हमारा 11 बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया, ताकि हम चुनाव की कोई तैयारी नहीं कर सकें। डा0 सिंह ने आगे कहा कि मामला 14 लाख रुपए का था और जुर्माना 210 करोड़ रुपए लगा दिया, जबकि  इसपर अधिक से अधिक 10-20 हजार का जुर्माना लगना चाहिये था। जिस पैसे को रोका जा रहा है वह जनता के द्वारा दिया हुआ पैसा है। यह घोर अन्याय है।

           उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस चुनावी बॉण्ड की योजना को अवैध व असंवैधानिक कहा उससे भाजपा ने हजारों करोड़ रूपये अपने बैंक खातों में भर लिए ,वहीँ दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल के बैंक खाते सीज कर रही है ताकि हम पैसों के अभाव में बराबरी के साथ चुनाव न लड़ पाएं। हम इसे कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक साजिश मानते हैं। प्रेसवार्ता में विधान पार्षद समीर कुमार सिंह, विधायक बिजेन्द्र चैधरी, मुन्ना तिवारी, ब्रजेश पाण्डेय, मनोज कुमार सिंह, राजेश राठौड़, कपिलदेव यादव, अम्बुज किशोर झा, आनन्द माधव, डा0 संजय यादव उपस्थित थे।



आलोक कुमार

 

गुड फ्राइडे को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए

 राज्यपाल महोदय द्वारा यह निर्देश देने की कृपा की गयी है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए

पटना.आज बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह का जन्म दिन है.बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा 29 मार्च 2024 (गुड फ्राइडे) को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार और पांच से सात के छात्र-छात्राओं की परीक्षा लेने का ऐलान कर दिया था.इससे पटना से लेकर बेतिया तक के लोग परेशान हो गये थे.ईसाई नेता होने के कारण राजन क्लेमेंट साह के पास ईसाई समुदाय के लोग गुहार लगाने लगे. बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स की रीता बेनेडिक्ट ने कहा कि बेशक आपने मेरी मन की बात पूरी कर दी,अगर इस दिन हमारी छुट्टी नहीं रहेगी तो यह परंपरा हमेशा के लिए हो जाएगी,और हमारा शोषण इसी तरह होता रहेगा.

  बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने एक पत्र लिखकर महामहिम राज्यपाल महोदय और माननीय मुख्यमंत्री को दिया.जिसका तत्क्षण कार्रवाई महामहिम राज्यपाल के द्वारा किया गया. राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्यू, भा.प्र.से. ने पत्र जारी कर दिया है. राज्यपाल के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव, बिहार, पटना को पत्र लिखा है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार और पांच से सात के छात्र-छात्राओं की आयोजित परीक्षा की आयोजित किया जा रहा है.

   गुड फ्राइडे एक धर्म विशेष का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके कारण उस समुदाय के लोगों द्वारा इस विषय पर माननीय राज्यपाल महोदय का ध्यान आकृष्ट किया गया है.माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा यह निर्देश देने की कृपा की गयी है कि दिनांक 29.03.2024 (गुड फ्राइडे) को आयोजित परीक्षा को किसी अन्य उपयुक्त दिन आयोजित किया जाए.कृपया इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा की जाए.

   बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने बिहार के महामहिम गवर्नर साहब को बहुत-बहुत धन्यवाद दिये है.इसके साथ ही गोवा में रहने वाले बीजेपी के सीनियर लीडर साविओ रोड्रिग्स को भी प्रणाम कर धन्यवाद दिया है.जो ईसाई समुदाय का कार्य गोवा में करते है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में किताब भी लिख चुके है.

   इस संदर्भ में यह स्पष्ट है कि राजन क्लेमेंट साह के द्वारा ईसाई समाज की समस्या समाधान करने के लिए समय और दिन नहीं देखते है.समस्या आने के बाद तुरंत कार्रवाई करने पर उतर जाते है.उन्होंने बुधवार को क्रिश्चियन कम्युनिटी फोरम को लेटर दिया.उसके बाद दोपहर में जाकर महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री के कार्यालय में जाकर पत्र पेश किया.उसकी प्राप्ति प्रति मिला.उसके शाम होते खबर मिल गयी.महामहिम राज्यपाल महोदय ने तत्क्षण कार्रवाई कर दी है.

आलोक कुमार

सीएम बिहार से आग्रह है कि 25 मार्च से 3 अप्रैल तक परीक्षा स्थगित हो

 रविवार 24 मार्च को खजूर रविवार

पटना. इस समय ईसाई समुदाय का दुखभोग चल रहा है.यह दुखभोग 14 फरवरी राख बुधवार से शुरू हुआ था.रविवार 24 मार्च को खजूर रविवार है.इसके बाद सोमवार 25 मार्च से पवित्र सप्ताह शुरू होगा.इस दौरान बहुत ही ऐतिहासिक दिवस को स्मरण किया जाता है.29 मार्च को गुड फ्राइडे है.इस दिन प्रभु येसु ख्रीस्त की शहादत दिवस है.ईसाई समुदाय गुड फ्राइडे के दिन सुबह से लेकर रात तक गमगीन होकर दुआ करने में लगे रहते है.इस दिन उपवास भी रखते है.

       इस बीच बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा भवन, राष्ट्रभाषा परिषद परिसर, सैदपुर, राजेन्द्र नगर, पटना के द्वारा आदेश जारी किया गया है.आदेश को जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ईई व एसएसए ) बिहार शिक्षा परियोजना के सभी जिले पालन कर रहे हैं.

          जारी आदेशानुसार समग्र शिक्षा के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत वर्ग एक से चार एवं पांच से सात के सभी छात्र-छात्राओं का वार्षिक मूल्यांकन 2024 परिषद के प्रसंगाधीन पत्र के आलोक में दिनांक 21 मार्च 2024 से 28 मार्च 2024 की अवधि में कराने के लिए निर्देशित किया गया है.

       आगे कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से प्रसंगाधीन पत्र के शेष आदेश एवं समय-सारणी को यथावत रखते हुए केवल दिनांक 25 मार्च 2024 को प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में क्रमशः गणित एवं पर्यावरण / सामाजिक विज्ञान के आयोजित होने वाली परीक्षा को दिनांक 30 मार्च 2024 को करने के लिए निर्देशित किया गया था.दिनांक 30 मार्च 2024 के उक्त परीक्षा को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेशानुसार दिनांक 29 मार्च 2024 को आयोजित करने के लिए आदेशित किया गया है.इस पर राज्य परियोजना निदेशक का अनुमोदन प्राप्त है.

           इस समय बिहार में डबल इंजन की सरकार है.उक्त आदेश को लेकर ईसाई समुदाय में आक्रोश उत्पन्न हो गया है.इसको लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह का कहना है कि बिहार सरकार  के अधीन संचालित स्कूलों में छात्र-छात्राओं के वार्षिक मूल्यांकन के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा परीक्षा का आयोजन 21 से 28 मार्च, 2024 तक निर्धारित कर दिया गया है.इस दौरान बहुसंख्यक हिंदू समुदाय का पवित्र होली पर्व 25 मार्च को पड़ रहा है.इसके आलोक में 25 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा परिषद के द्वारा 30 मार्च को निर्धारित करने का आदेश निर्गत कर दिया है.29 मार्च को अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय का

गुड फ्राइडे है.धार्मिक मान्यता है कि गुड फ्राइडे के दिन ही प्रभु ईसा मसीह को सूली पर लटका दिया गया था. ईसाई धर्म से जुड़ी मान्यता के अनुसार बेकसूर होने के बावजूद उन्हें मौत की सजा दी गई थी. जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया और उनकी मृत्यु हुई, उस दिन शुक्रवार था, तब से इस दिन को गुड फ्राइडे के नाम से मनाया जाने लगा.

          बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने कहा कि दिनांक 30 मार्च 2024 के उक्त परीक्षा को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेशानुसार अब 29 मार्च (गुड फ्राइडे) को पुनर्निर्धारित किया गया है.गुड फ्राइडे ईसाइयों का दुख भरा प्रमुख प्रार्थना दिवस है. इस दिन परीक्षा आयोजित करने से ईसाई समुदाय के छात्र-छात्राओं समेत शिक्षकों एवं आम लोगों को गुड फ्राइडे के आयोजनों से वंचित रहना पड़ेगा, जिसको लेकर ईसाई समाज तथा उनके शुभचिंतकों में घोर निराशा और आक्रोश व्याप्त है. ईसाई समाज का प्रतिनिधित्व करने के कारण मेरे पास इस आदेश को लेकर निरंतर शिकायत आ रही है, तथा सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया जा रहा है.

           ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह का कहना है कि मैंने माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी से आग्रह किया है कि प्रदेश के ईसाई समुदाय के व्यापक हित को ध्यान में रखकर अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेश पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गुड फ्राइडे के दिन आयोजित परीक्षा की तिथि को पुनर्निर्धारित करने का आदेश देने की कृपा करें.

              यहां बता दें कि पहले बैंक के द्वारा गुड फ्राइडे के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी को रद्द कर दी जाती थी.एसके लॉरेंस के द्वारा विरोध करने पर मामला पटरी पर आ गया.अब गुड फ्राइडे के अवसर पर सार्वजनिक छुट्टी मिलती है.इस बार राज्य सरकार के द्वारा परीक्षा ली जाती है.परीक्षा को स्थगित करने की मांग की जा रही है.


आलोक कुमार

 सब्सक्राइब करें..

महाधर्मप्रांत के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी ने पवित्र मिस्सा किया







रांची महाधर्मप्रांत के सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद 

रांची.रांची महाधर्मप्रांत के सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद हैं.जिनका प्रतिष्ठापन समारोह आज 19 मार्च 2024 को रांची स्थित लोयोला मैदान में संपन्न हो गया.इस अवसर पर  भारत एवं नेपाल के लिए पोप के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष लेओपोल्दो जिरेल्ली उपस्थिति थे.रांची महाधर्मप्रांत के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी ने पवित्र मिस्सा किया.

            पदग्रहण समारोह पूर्वाह्न 10.30 बजे प्रवेश नृत्य के साथ शुरू हुआ.अतिथियों के स्वागत एवं नये महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के पत्र परिचय प्रस्तुत किये जाने के बाद, रांची के एमेरिटस आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने प्रतिष्ठापन की धर्मविधि को आगे बढ़ाया. उनके आग्रह पर संत पापा फ्राँसिस के आदेश पत्र को पूरी कलीसिया के सामने प्रस्तुत किया गया एवं उसके हिन्दी अनुवाद को जनता के सामने पढ़कर सुनाया गया. पोप के आदेश की उद्घोषणा के उपरांत महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद को महाधर्माध्यक्षीय सिंहासन प्रदान की गई और उन्हें वहां विराजमान किया गया. उद्घोषक फादर तोबियस टोप्पो ने कहा, “प्रेरितों की परम्परा के अनुसार यह धर्म विधि धर्मप्रांत में उसके अधिकार और शिक्षक होने का प्रतीक है. क्योंकि येसु ने ही उन्हें यह अधिकार दिया है और सभी धर्माध्यक्ष प्रेरितों के उत्तराधिकारी हैं.”

    समारोह के प्रतिष्ठापक महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो ने नये महाधर्माध्यक्ष को सिंहासन प्रदान किया.इसके साथ ही उपस्थित विश्वासियों ने “ईश्वर को धन्यवाद” कहते हुए जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया.इस तरह महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद औरचारिक रूप से रांची के महाधर्माध्यक्ष बन गये. प्रतिष्ठापक ने उन्हें मेषपालीय डंडा प्रदान किया जो महाधर्माध्यक्ष के लिए उस धर्मप्रांत के चरवाहे होने का प्रतीक है. अंततः प्रतिष्ठापन की धर्मविधि सम्पन्न होने पर उपस्थित सभी धर्माध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने उन्हें बधाइयां दीं.बधाई देने वालों में कोलकाता महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष थॉमस डिसूजा,दिल्ली महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष अनिल जे टी कूटो,पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा,डाल्टनगंज धर्मप्रांत के बिशप थियोडोर मास्करेहंस,बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डॉ.जेम्स शेखर समेत समारोह में 35  आर्चबिशप और बिशप में शामिल हुए.साथ ही सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर अजीत खेस, संत अन्ना धर्मसमाज की मदर सिस्टर लिली ग्रेस टोपनो, उर्सुलाइन कान्वेंट की प्रोविंशियल सिस्टर ईवा जस्टीना रोमोल्डा शामिल थे.


आर्चबिशप विसेंट आईंद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (कालचीनी) के रहनेवाले हैं. उनका जन्म 30 जनवरी 1955 को हुआ था. वे आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं. उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया. उन्होंने थियोलॉजी और फिलॉसफी की शिक्षा ली. इसके अलावा रोम के पोंटिफिशियल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी रोम से फिलॉसफी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. आर्चबिशप आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं वे अंग्रेजी, हिंदी, नेपाली, बंगाली, सादरी, मुंडारी, इटालियन और फ्रेंच भाषाओं के ज्ञाता हैं.

   आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने धर्मोपदेश में कहा, “पिता ईश्वर की इच्छा पूरा करने से हम प्रभु के करीबी रिश्तेदार बन जाते हैं.साथ ही, उन्होंने संत जोसफ के समान नम्र, पवित्र आत्मा के प्रति वचनबद्ध, शुद्ध, निर्मल बनने का आह्वान किया. समारोह के अंत में पूर्व महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे. ने अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और संतुष्टि से विदा लेते हुए आर्चबिशप विंसेंट आईंद को बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं दीं. आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने दिल के उद्गार प्रकट करते हुए सभी का धन्यवाद किया और अपने मिशन कार्य में सभी से सहयोग का आह्वान किया. माननीय महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आईंद का आदर्श वाक्य है, “तुम मुझ में रहो.” (यो.15.4)



माननीय महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आईंद रांची के सातवें महाधर्माध्यक्ष बने हैं जिनकी नियुक्ति की घोषणा पोप फ्रांसिस ने 30 दिसंबर 2023 की.


रांची महाधर्मप्रांत के पहले धर्माध्यक्ष थे लुइस वान हुक ये. स. (1928 -1933)


दूसरे धर्माध्यक्ष ऑस्कर सेवरिन, ये. स. (1934-1951)


तीसरे महाधर्माध्यक्ष निकोलस कुजूर, ये.स. (1951-1960)


चौथे महाधर्माध्यक्ष पीयूष केरकेट्टा, ये.स. (1961-1985)


पांचवें महाधर्माध्यक्ष तेलेस्फोर पी. टोप्पो (1985 - 2018)


छठवें महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो, ये.स. (2018-2023)

सातवें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद (2024-    )


इस समारोह के अवसर पर भारत और नेपाल के लिए संत पिता के प्रतिनिधि प्रेरितिक राजदूत लियोपोल्दो जिरेल्ली, रांची महाधर्मप्रांत के पूर्व महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे, झारखंड एवं भारत के विभिन्न धर्मप्रांतों के 35 आर्चबिशप और बिशप, 300 से अधिक पुरोहितगण, हजारों संख्या में धर्मसंघी एवं धर्मबहनें, साथ ही माननीय श्री सुबोध कांत सहाय जी, माननीय श्री बंधु तिर्की जी, माननीय श्रीमती नेहा शिल्पी तिर्की जी,एंग्लो इंडियन समुदाय के विधायक ग्लेन जोसेफ गोलेस्टीन एवं आठ हजार से अधिक विश्वासी शामिल हुए.



आलोक कुमार


आपने पढ़ा और इसे प्रसार-प्रचार करने में सहयोग करें.

पेयजल शौचालय रैंप भवन विद्युत आदि का निरीक्षण किया

 जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह - जिलाधिकारी  द्वारा  निरीक्षण 

नालंदा। आज 18 मार्च 2024 को श्री शशांक शुभंकर, जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह - जिलाधिकारी एवं श्री अशोक मिश्र, पुलिस अधीक्षक, नालंदा द्वारा संयुक्त रूप से 29- नालंदा, लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के सफल आयोजन के लिए  173- राजगीर ( अनुसूचित जाति ) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अवस्थित मतदान केंद्र यथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नई पोखर प्राथमिक विद्यालय, डुमरी उर्दू प्राथमिक विद्यालय, करियन्ना मध्य विद्यालय मनियावां उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बकरा (गिरियक) का निरीक्षण किया गया ।

          निरीक्षण के क्रम में विद्यालयों में अवस्थित मतदान केंद्र तक पहुंच पथ सहित मूलभूत सुविधा यथा पेयजल शौचालय रैंप भवन विद्युत आदि का निरीक्षण किया गया ।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी महोदय ने अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में अवस्थित मतदान केंद्रों पर पूर्व के बूथ पेंटिंग को मिटाकर लोकसभा आम निर्वाचन 2024 से संबंधित बुथ पेंटिंग कराना सुनिश्चित करेंगे।

इस अवसर पर  सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आदि उपस्थित थे ।

आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

24 मार्च को खजूर रविवार

 बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली के द्वारा पुण्य सप्ताह का कार्यक्रम घोषित 


बेतिया। बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली के द्वारा पुण्य सप्ताह का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। 24 मार्च को खजूर रविवार है। इस दिन सुबह 5ः45 बजे संत तरेसा स्कूल कैंपस में खजूर की डालियों पर आशीष के बाद गिरजाघर की ओर यात्रा और मिस्सा। दूसरा मिस्सा सुबह 7ः30 बजे और शाम का मिस्सा 4ः30 बजे से होगा।

        पुण्य सप्ताह के सोमवार तथा मंगलवार को शाम के मिस्सा के बाद 5ः30 बजे से 6ः30 बजे तक प्रार्थना तथा आराधना एवं पाप स्वीकार होगी ।

     पुण्य सप्ताह के सोमवार तथा मंगलवार को शाम के मिस्सा के बाद 5ः30 बजे से 6ः30 बजे तक प्रार्थना तथा आराधना एवं पाप स्वीकार होगी ।


28 मार्च 2014 पुण्य बृहस्पतिवार को शाम 5ः30 से अंतिम व्यालू का समारोही मिस्सा। मिस्सा के बाद से 12 बजे तक आराधना।

 आराधना के लिए विभिन्न दल और उनका समय निर्धारित

मिस्सा के बाद से 08ः00 बजे तक का समय एक से दसवीं क्लास के छात्रा-छात्राएं।

8ः00 से 8ः45 बजे तक संत तरेसा,संत जोसेफ के सिस्टरगण एवं टीचर्स ट्रेनिंग की छात्राएं।

8ः45 बजे से 9ः30 बजे तक वानहुक सदन तथा आसपास के परिवार।

9ः30 बजे से 10ः15 तक महिला संघ तथा अन्य महिलाओं।

10ः15 से 11ः00 तक नवयुवक दल और एमजे सिस्टर।

11ः00 से 12ः00 बजे तक गिरजा के आसपास के परिवार।

प्रत्येक दल के एक या दो व्यक्ति प्रार्थना करवाने का नेतृत्व करें। कुछ समय तक मौन प्रार्थना करना आवश्यक है। आराधना के समय माला विनती न करें। लोग अपनी इच्छा अनुसार भी किसी दल में आराधना के लिए भाग ले सकते हैं।

    29 मार्च 2024 को पुण्य शुक्रवार है। सुबह 6ः00 से क्रूस रास्ता एवं कैंपस में उसके बाद में उपदेश और रेलिक्स की चुमाई। दोपहर में 3 बजे से प्रभु की मृत्यु का स्मरण,क्रूस की चुमाई। रात 12 बजे तक क्रूस की उपासना।


आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

लेखक की रचनाएं रहती हैं स्मृतियों मे

पद्मश्री उषा किरण खान स्मृति कार्यक्रम संपन्न


भोपाल। हिन्दी एवं मैथिली की वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री श्रीमती उषा किरण खान को स्मरण करने के लिए गांधी भवन में आयोजित सभा में आज वरिष्ठ साहित्यकार विजय बहादुर सिंह ने कहा कि लेखक की रचनाओं को स्मृतियों में रखकर उसे याद करना चाहिए। लेखक की पहचान उसके रचनाकर्म से होती हैं। बहुत कम लेखक होते हैं, जिनका व्यक्तित्व भी अनुकरणीय होता है उषा किरण जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व दोनों अनुकरणीय है। उषा किरण जी लेखनी एवं व्यक्तित्व दोनों पर भारतीयता की छाप है। उन्होंने अपनी जिंदगी में स्त्रियों की स्थिति को अनुभव किया है, जिसे उनकी रचनाओं में देखा जा सकता है।

स्मृति सभा की शुरुआत कबीर गायन से किया गया। सीमा बजाज ने कबीर की रचनाओं को प्रस्तुत किया। अपने वीडियो संदेश में नम्रता कार्तिक ने उषा किरण के साथ के अपनी यादों को साझा किया। पत्रकार निवेदिता ने बताया कि साहित्य से अलग अन्य विषयों में भी उनकी गहरी रुचि थी। वरिष्ठ रंगकर्मी संजय उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने कई नाटक भी लिखे थे, जिसका मंचन उन्होंने कई बार किया। एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पी.व्ही. ने बताया कि कई आंदोलनों में वे साथ रही हैं। हाशिये के लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना थी।

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने बताया कि वे देश के सभी गांधावादी आंदोलनों को समर्थन देती थी। वरिष्ठ पत्रकार फैजल ने बताया कि अगनहिंडोला उनकी बेहतरीन रचनाओं में से एक है, जिसे जरूर पढ़ना चाहिए। साहित्यकार मलय जैन ने बताया कि वे नए रचनाकारों को हौंसला देती थीं। साहित्यकार जिया फारूकी ने बताया कि उनकी रचनाओं में मार्मिकता की झलक मिलती है। साहित्यकार श्रद्धा जोशी ने बताया कि उषा किरण जी नए रचनाकारों के साथ बहुत सहज व्यवहार करती थी। उषा किरण खान ने आयाम संगठन का गठन किया था। उससे जुड़ी रानी ने बताया कि वे लिखने के साथ-साथ पढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं।


इस सभा में उषा किरण की पुत्री अनुराधा शंकर, पूर्व मुख्य सचिव शरद चंद्र बेहार, एकता परिषद के रन सिंह परमार, रघुराज सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार ध्रुव शुक्ल, शैलेन्द्र शैली, अनीष, आशा मिश्रा, सविता वाजपेयी, माधुरी सहित कई वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी उपस्थित हुए। सभा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीवान ने किया।

आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

बिहार से जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी का सर्वनाश

 बिहार को जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी से निजात दिलाना हमारा मिशन: डा0 अखिलेश

पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि कांग्रेस बिहार के 40 लोकसभा सीटों पर अपनी तैयारी की हुई है और महागठबंधन के अंतिम फैसले के बाद हम अपने मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। हमारा मिशन है बिहार से जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी का सर्वनाश, उससे निजात दिलाना। 

        वे शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। नवगठित 54 सदस्यीय चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी जो डा0 सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी द्वारा नियुक्त स्क्रीनिंग कमिटी के चेयरमैन राणा केपी सिंह एवं सदस्य जयवर्द्धन सिंह और इवन डिसूजा मौजूद रहे। यह चुनाव समिति की पहली बैठक थी जिसमें सदस्यों ने विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों एवं उनके दावेदारों की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। चूंकि महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है, लिहाजा सर्वसम्मति से सीट और दावेदारी के बारे में निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौप दी गई। 

    बैठक में कमिटी के करीब सभी सदस्य शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं - लोकसभा सांसद मो0 जावेद, सांसद रंजीत रंजन, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य कन्हैया कुमार, बिहार विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, अनिल कुमार शर्मा, चंदन यादव, अशोक कुमार, विजय शंकर दूबे, कृपानाथ पाठक, प्रेमचन्द्र मिश्रा, राजेश कुमार, मुन्ना तिवारी, संतोष मिश्रा, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, विश्वनाथ राम, बिजेन्द्र चैधरी, अजय कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, पूनम पासवान, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़ आदि थे।


आलोक कुमार

इस पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसके प्रसार करने में योगदान करें।

जनता दरबार में जिलाधिकारी

 



नालंदा द्वारा 17 आवेदकों की समस्याओं को सुना गया


साथ ही समस्या निदान के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों  को आवश्यक  दिशा-निर्देश दिए


 नालंदा। दैनिक जनता दरबार में जिलाधिकारी ,श्री शशांक शुभंकर ने आज 17 लोगों की समस्याओं को सुना तथा समस्याओं के निदान के लिए  संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आवेदक अरविन्द कुमार के द्वारा बताया गया कि द्वारा बताया गया कि मैं बिहार लघु उधमी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद मेरा नाम अंकित नहीं हो रहा है।

          जिलाधिकारी महोदय द्वारा इस समस्या के निष्पादन  के लिए  महाप्रबंधक जिला उद्योग, नालंदा को आवश्यक निर्देश दिए। देकपुरा ग्राम के आवेदक रानी देवी द्वारा बताया गया कि मुझे आवास करने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना की आवश्यकता है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा इस समस्या के निष्पादन के लिए उप विकास आयुक्त, नालंदा को आवश्यक निर्देश दिए।

     महानंदपुर ग्राम के आवेदक डब्लू राम द्वारा बताया गया कि मेरे पुत्र एवम भतीजे सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा इस समस्या के निष्पादन  के लिए   जिला परिवहन पदाधिकरी, नालंदा को निर्देश दिया गया।मोहनपुर ग्राम के आवेदक रिंकु कुमारी द्वारा बताया गया कि वहां के स्थानीय लोग जमीन पर मकान बनाकर कब्जा किए जा रहे हैं।

      जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा इस समस्या के निष्पादन के लिए अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी, सिलाव  को निर्देश दिया गया।ग्राम पवई के निवासी सर्मिला देवी द्वारा बताया गया कि हमारे गांव के दबंग लोगों के द्वारा घर में घुसकर मारपीट एवम गलत तरीके से प्रताड़ित किया जाता है।जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा इस समस्या के निष्पादन  के लिए पुलिस अधीक्षक, नालंदा को निर्देश दिया गया।गगन दीवान मोहल्ला के निवासी संतोष कुमार द्वारा बताया गया कि स्मार्ट सिटी का फ्लाईओवर का कार्य होने से मेरे घर का नाली को भर दिया गया है जिसे नाले का पानी घर में वापस जाता है, आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

        जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा इस समस्या के निष्पादन के लिए नगर आयुक्त बिहारशरीफ, नालंदा को निर्देश दिया गया।अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को भेजते हुए समाधान  के लिए  आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए ।


आलोक कुमार





बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डॉ जेम्स शेखर पवित्र सप्ताह का कार्यक्रम में शिरकत करने आएंगे

 चालीसा काल का अन्तिम सप्ताह 24 मार्च से शुरू


शाहपुर.बक्सर धर्मप्रांत में शाहपुर पल्ली है.इस पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर विजय भास्कर बोज्जा काफी सक्रिय है.ईसाई समुदाय का चालीसा काल का अन्तिम सप्ताह 24 मार्च से शुरू होगा,उसके दस दिन पहले 14 मार्च को पवित्र सप्ताह का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है.यही नहीं शाहपुर पल्ली में एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा और बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डॉ जेम्स शेखर पवित्र सप्ताह का कार्यक्रम में शिरकत करने आएंगे.     

    मालूम हो कि प्रभु येसु ख्रीस्त का दुखभोग 14 फरवरी को राख बुधवार से आरम्भ हुआ था.यह चालीस दिन चलता है.इसके अंत में पास्का पर्व होता है.30 मार्च को मध्य रात्रि पास्का जागरण मिस्सा के साथ समाप्त होता है. पल्ली पुरोहित फादर विजय भास्कर बोज्जा ने कहा कि इस साल का चालीसा काल का अन्तिम सप्ताह 24 मार्च से लेकर 31 मार्च तक है.इसे ईसाई समुदाय पुण्य सप्ताह के रूप में मनाते हैं. इस सप्ताह का प्रतिदिन पवित्र होता है.खीस्तीय विश्वासी भक्ति भावना से उपवास, परहेज करते हुए ईसा मसीह के दुखभोग में शामिल होते हैं.

रविवार 24 मार्च को है खजूर रविवार

खजूर रविवार का उद्देश्य है इस दिन प्रभु येसु के दुखभोग का स्मरण करते हुए होसन्ना होसन्ना का नारा लगाते हुए यरूशलेम नगर में प्रवेश करते हैं.इस दिन का कार्यक्रम प्रातः 8 बजे से सीजे कॉन्वेंट से जुलूस निकलेगा. इस कार्यक्रम का मुख्य अनुष्ठान दाता बक्सर धर्मप्रांत के बिशप महामहिम जेम्स शेखर हैं. 

28 मार्च को पवित्र गुरुवार 

इस दिन का उद्देश्य यह है कि इस दिन प्रभु येसु के दुखभोग के पहले शिष्यों के साथ अंतिम व्यालू करते हुए अपने शिष्यों के पैर धोकर पवित्र यूखरिस्त एवं पुरोहिताई की स्थापना से हैं. इस कार्यक्रम का शाम 5 बजे है. इस मिस्सा बलिदान के दौरान शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर विजय भास्कर बोज्जा के द्वारा बारह शिष्यों के पैर धोने से हैं.इस मिस्सा के तुरंत बाद सामूहिक रूप से यूखरिस्त की आराधना की जाएगी. पाद प्रक्षालन वालों में सर्वश्री 1. दयानन्द मास्टर, गंज 2. जोसेफ,.कनैली 3. विजय जोसेफ, बंशीपुर 4. जौन जोसेफ, बंशीपुर 5. मोतीलाल प्रसाद, रुद्रनगर 6. अनिल मास्टर, बरिसवन 7. हीरामन प्रसाद, नावाडीह 8. अजय स्तेफन, गंज 9. वीरेन्द्र कुमार, शाहपुर 10. बरमेश्वर, चकनी 11. राजेन्द्र प्रसाद, सुहियाँ और 12. कल्याण मास्टर, बिलौटी हैं. 

29 मार्च को पुण्य शुक्रवार 

इस दिन का उद्देश्य है कि दुखभोग का दिन उसी दिन प्रभु येसु क्रूस पर मार दिये जाते हैं. इस दिन ईसाई भाई बहन येसु के दुखभोग को याद करते हुए क्रूस रास्ता में भाग लेते हैं तथा अन्य धर्म विधि में शामिल होते हैं. यह कार्यक्रम शाम 3 बजे से क्रूस रास्ता (चर्च कैम्पस) में होगा.दोपहर 4 बजे गिरजाघर में शब्द समारोह क्रूस की उपासना एवं परमप्रसाद वितरण होगा. इसका मुख्य अनुष्ठान दाता श्रद्धेय फादर रिचर्ड डिसूजा ये० स० हैं.

30 मार्च को पवित्र शनिवार 

इस दिन का उद्देश्य है कि प्रभु येसु का शव कब्र में रखने के बाद भोर होते हुए उनका शरीर तीन दिनों के बाद पुनर्जीवित होते हैं. यही ख्रीस्त के पुनरुत्थान का महोत्सव है. इस घटना को शनिवार अर्धरात्रि को याद करते हैं.इस कार्यक्रम के अवसर पर रात्रि 10ः30 चर्च प्रांगण में पास्का जागरण, नये आग की आशीष एवं जुलूस तथा ज्योति का गुणगान एवं मिस्सा बलिदान होगा. इसका अनुष्ठानकर्ता एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा येसु समाजी है. 

31 मार्च को पवित्र रविवार 

इस दिन का समारोही मिस्सा एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा येसु समाजी करेंगे. इसका उद्देश्य है कि तीसरे दिन मृत्युंजय प्रभु येसु को हम सभी खुशी एवं आनन्द के साथ आराधना करते हैं. कार्यक्रम प्रातः 8 बजे पवित्र यूखरिस्त समारोह होगा.मुख्य याजक एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा आप सबों को हैप्पी ईस्टर कहकर अल्लेलूईया - अल्लेलूईया सप्रेम व्यक्त करेंगे.


आलोक कुमार

15 मार्च को जिला मुख्यालय के चयनित 14 केन्द्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा

पूर्ण स्वच्छ, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त सम्पन्न करायी जायेगी अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा



बेतिया। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा विज्ञापन संख्या-22/2024 के तहत अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा दिनांक-15.03.2024 को दो पाली (प्रथम पाली 09.30 बजे पूर्वाह्न से 12.00 बजे मध्याह्न तक एवं द्वितीय पाली 02.30 बजे अपराह्न से 05.00 बजे अपराह्न तक) में जिला मुख्यालय अवस्थित परीक्षा केन्द्रों पर निर्धारित है। इस परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या-12456 है।
      जिला मुख्यालय अवस्थित (1) रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय, बेतिया (2) रा0 राज्य संपोषित कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेतिया (3) नोट्रेडम पब्लिक स्कूल, बेलबाग, बेतिया (4) रा0 आदर्श विपिन मध्य विद्यालय, बेतिया (5) मिशन मिडिल स्कूल, चर्च कैम्पस, चर्च रोड, बेतिया (6) रा0 विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेतिया (7) रा0 आमना उर्दू उच्च माध्यमिक विद्यालय, मिर्जा टोला, छावनी, बेतिया (के0आर0 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेतिया (9) राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय, कुमारबाग (10) रा0 राज उच्चतर मा0 वि0, बेतिया (11) आलोक भारती शिक्षण संस्थान, बेतिया (12) नेशनल पब्लिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इन्द्रपुरी, बेतिया (13) पारामाउन्ट एकेडमी खैरटिया, बेतिया एवं (14) संत कोलम्बस उच्च विद्यालय, बेलदारी चौक, एनएच 727 बरवत प्रसराईन, बेतिया में परीक्षा आयोजित है। उक्त परीक्षा को पूर्ण स्वच्छ, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त सम्पन्न कराने को लेकर आज जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी।
        इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व के परीक्षाओं को आप सभी के द्वारा अच्छे तरीके से सम्पन्न कराया गया है। इस बार भी बेहतर तरीके से अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा को सम्पन्न करायेंगे। परीक्षा अवधि में अव्यवस्था नहीं होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखना है। आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
           जिलाधिकारी ने कहा कि अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा पूर्ण स्वच्छ, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त सम्पन्न कराना है। किसी भी तरह की चूक किसी भी स्तर पर नहीं होनी चाहिए, इसका विशेष ध्यान रखा जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए परीक्षा केंद्रों पर समुचित साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि की व्यवस्था समय सुनिश्चित कर ली जाय।
                 उन्होंने निर्देश दिया कि केन्द्राधीक्षक, प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक तथा पुलिस पदाधिकारी की उपस्थिति में परीक्षा प्रारंभ होने के 02 घंटा पूर्व से यथा दिनांक-15.03.2024 को प्रथम पाली के लिए 07.30 बजे पूर्वाह्न एवं द्वितीय पाली के लिए 12.30 बजे अपराह्न से उम्मीदवारों की सघन तलाशी के साथ प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों के ई-एडमिट कार्ड पर छपे क्यूआर/ बार कोड की स्कैनिंग करते हुए फोटो एवं पहचान-पत्र के साथ मिलान करते हुए परीक्षा केन्द्र के अंदर प्रवेश की अनुमति दी जायेगी। परीक्षा प्रारंभ होने के 01 घंटा पहले अर्थात दिनांक-15.03.2024 को प्रथम पाली के लिए 08.30 बजे पूर्वाह्न एवं द्वितीय पाली के लिए 01.30 बजे अपराह्न के बाद किसी परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा। एक बेंच पर दो से अधिक उम्मीदवार नहीं बैठेंगे तथा एक बेंच से दूसरे बेंच की समानांतर दूरी कम से कम तीन फीट अवश्य होगी। वीक्षक पुनः परीक्षार्थियों का अच्छे तरीके से तलाशी कर आवश्स्त हो लेंगे कि उनके पास कोई भी वर्जित सामग्री नहीं है।
              उन्होंने निर्देश दिया कि बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा पर भी लागू है। यदि कोई उम्मीदवार इस अधिनियम के किसी उपबंध का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो नियमानुसार उसके विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, रिस्ट वाच (सामान्य, स्मार्ट) आदि जैसी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री तथा व्हाइटनर, इरेजर एवं ब्लेड जैसी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं है। उम्मीदवार को सचेत किया जाए कि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पाये जाने पर उसे कदाचार मानते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी। कदाचार करते हुए पाये जाने की स्थिति में इस परीक्षा सहित आगामी पांच वर्षों के लिए आयोग की परीक्षाओं में भाग लेने से वंचित किया जायेगा। परीक्षा से संबंधित भ्रामक एवं सनसनीखेज अफवाह फैलाने की स्थिति में तीन वर्षों के लिए आयोग की परीक्षाओं से वंचित किया जायेगा।
             जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बिहार लोक सेवा आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर ससमय प्रश्न पुस्तिका-सह-उत्तर पत्रक पहुंच जाय, इसे हर हाल में सुनिश्चित करना है। रेलवे गुमटी के पार अथवा दूरी वाले परीक्षा केन्द्रों पर विशेष ध्यान देना है।
         उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा के मद्देनजर सिविल सर्जन समाहरणालय अवस्थित जिला नियंत्रण कक्ष में सुबह से शाम तक के लिए अच्छी हालत में एक एंबुलेंस की प्रतिनियुक्ति चिकित्सक दल, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवा / उपकरण एवं जीवन रक्षक दवा के साथ सुनिश्चित करेंगे। जिला अग्निशमन पदाधिकारी एक अग्निशमन वाहन की प्रतिनियुक्ति सभी साजो सामान सहित सुनिश्चित करेंगे। जिला परिवहन पदाधिकारी, एसडीएम, बेतिया सदर, मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवसर निरीक्षक परीक्षा दिवस दिनांक-15.03.2024 को प्रातः 05.00 बजे से जिला मुख्यालय के बस अड्डे रेलवे स्टेशन एवं यथासंभव सभी परीक्षा केंद्रों के निकटतम स्थान तक यातायात की सुविधा को सुगम बनाए रखने हेतु बसोंध्मिनी बस-ऑटो रिक्शा का परिचालन सामान्य बनाए रखना सुनिश्चित करेंगे ताकि किसी भी स्थान पर जाम नहीं लगने पाए एवं परीक्षार्थी सुगमतापूर्वक परीक्षा केन्द्रों तक पहुंच सकें।
                 अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर को निर्देश दिया गया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर 500 गज के व्यासार्ध में दं0प्र0सं0 की धारा-144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा जारी कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही परीक्षा संचालन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय का आदेश एवं बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के प्रावधानों का पोस्टर एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सूचना की प्रति सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रदर्शित कराना सुनिश्चित करेंगे।
        पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी ने कहा कि पुलिस दंडाधिकारी सहित पुलिस फोर्स अच्छे तरीके से फिक्सिंग करेंगे। उनके शूज की जांच ठीक से कर लेंगे। अभ्यर्थियों के बैग आदि सामग्री बाहर ही रखी जाय। यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखें। वाहनों को सुव्यवस्थित तरीके से पार्किंग करना सुनिश्चित किया जाय।समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला स्तर पर दिनांक-15.03.2024 को पूर्वाह्न 06.00 बजे से समाहरणालय परिसर में कंट्रोल रूम फंक्शनल रहेगा। नियंत्रण कक्ष के सफल संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है। अपर समाहर्त्ता, श्री राजीव कुमार सिंह तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रजनीकांत प्रवीण द्वारा उपस्थित केंद्राधीक्षक, मजिस्ट्रेट आदि अधिकारी को आयोग के मार्गदर्शन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गयी।
           इस बैठक में पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी, उप विकास आयुक्त, श्रीमती प्रतिभा रानी, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रजनीकांत प्रवीण, एसडीएम, बेतिया सदर, श्री विनोद कुमार, निदेशक, डीआरडीए, श्री अरुण प्रकाश, वरीय उप समाहर्त्ता, श्री एस प्रतीक, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार सहित संबंधित अधिकारी, जोनल मजिस्ट्रेट, मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, महिला दंडाधिकारी एवं केन्द्राधीक्षक उपस्थित रहे।

आलोक कुमार



 

डा0 अम्बुज किशोर झा को वॉर रूम का नया चेयरमैन नियुक्त

 प्रदेश अध्यक्ष ने किया कांग्रेस वॉर रूम का पुनर्गठन


पटना.कांग्रेस में लोकसभा चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसकी बानगी आज देखने को मिली जब बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने अपने  वॉर रूम   का पुनर्गठन कर दिया. डा0 अम्बुज किशोर झा को  वॉर रूम  का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है.

       डा0 झा के साथ दो सह चेयरमैन - कुमार आशीष एवं राज छविराज - को भी नियुक्त किया गया.प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने तीनों के नाम नियुक्ति पत्र जारी किए. डा0 सिंह ने कहा कि डा0 अम्बुज झा कांग्रेस के वफादार सिपाही रहे हैं एवं संगठन के कई पदों पर काम करने का दशकों का अनुभव है. चूंकि वॉर रूम सीधा केन्द्रीय मुख्यालय से जुड़ा होगा इसलिए डा0 झा का इसके मुखिया के तौर पर काम करने से पार्टी को चुनावी राजनीति में धार मिलेगी. 

    मालूम हो कि  वॉर रूम   के नवनियुक्त चेयरमैन डा0 झा एक शिक्षाविद् रहे हैं एवं पटना सिटी के गुरु गोविन्द सिंह महाविद्यालय से प्राचार्य के रूप में अवकाश प्राप्त हैं। वहीं कुमार आशीष प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं एवं राज छविराज एक पुराने कार्यकर्ता  हैं तथा कांग्रेस परिवार से आते हैं.


आलोक कुमार


पांच संदेश को लेकर हम जनता के बीच जायेंगे

 युवाओं को रोजगार कांग्रेस सरकार की होगी पहली प्राथमिकता  : डा0 समीर कुमार सिंह

पटना। बिहार कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आयी तो युवा देश की पहली प्राथमिकता होंगे। यह संदेश लेकर हम जनता के बीच जायेंगे। युवा देश का भविष्य है यह जानते तो सब हैं परन्तु इस ओर संजिदगी से कोई नहीं सोचता। आज युवा वर्ग की सबसे बड़ी त्रासदी है बेरोजगारी। डा0 सिंह ने ये बातें शनिवार को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित विशेष प्रेसवार्ता में कही। गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान देश के युवाओं के लिए अपना विजन घोषित किया था जिसमें रोजगार सम्बंधी पांच गारंटी उन्होंने दिए। डा0 समीर सिंह उन्हीं विजन को प्रेस से साझा किया।

    उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत का बेरोजगारी दर लगातार गिरता जा रहा है और आज यह 45 वर्षों में यह सबसे न्यूनतम स्तर पर है। युवा आज निराश, हताश और तनाव से ग्रसित है। मोदी के सालाना दो करोड़ नौकरी का वादा फजीवाड़ा साबित हुआ। इस गर्त से युवाओं को निकालने के लिए राहुल गाँधी ने पांच गारंटी दी है और कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इन पांचो गारंटी को अविलम्ब लागू किया जाएगा।

        पहली गारंटी -भारती भरोसाः कांग्रेस केन्द्र सरकार के तहत 30 लाख नौकरियां देगी इसके लिए एक जॉब कलेंडर तैयार किया जाएगा जिसमें इसकी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। अभी केद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में दस लाख रिक्तियां हैं। स्वास्थ्य शिक्षा, पुलिस एवं सेना में ढेरों रिक्त स्थान भरे पड़े हैं। इसके अलावा कांग्रेस अलग से नई नौकरियां सृजन करेगी। इसकी विस्तृत जानकारी हमारे पार्टी के मेनिफेस्टो में दी जाएगी।

               दूसरी गारंटी - पहली नौकरी पक्की : देश के प्रत्येक स्नातक एवं डिप्लोमा पास युवाओं को एक साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा एवं निजी और सरकारी क्षेत्र में नौकरी दिलाई जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक युवा को एक लाख रूपये प्रति वर्ष दिया जाएगा।

              तीसरी गारंटी - पेपरलीक से मुक्तिः सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपरलीक की घटना लगातार बढ़ती जा रही है। इसको रोकने के लिए कांग्रेस की सरकार एक असरदार कानून बनाएगी। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में देश के 15 राज्यों में करीब 41 पेपर लीक की घटनाएं घटी हैं। अभी हाल में यूपी पुलिस के कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया जिसमें 48 लाख बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया।

              चौथी  गारंटी - गिग इकोनॉमी में सामाजिक सुरक्षा : (मुक्त बाजार प्रणाली जिसमें स्वतंत्र श्रमिक व कार्यकर्ता अनुबंध होते हैं) रोजगार तलाश रहे युवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं बेहतर वर्किंग कंडीशन के लिए कानून बनाया जाएगा।

               पांचवी गारंटी - युवा रोशनीः सत्ता में आने पर देश के प्रत्येक जिलों में युवा इंटरप्रेनियोर को आर्थिक सम्बल दिया जाएगा जिसके तहत पांच हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड मुहैया कराया जाएगा। यह पांच वर्षों के लिए लागू होगा। 40 साल से कम आयु के युवा अपने रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए इस फंड का इस्तेमाल कर पाएंगे।

            इस विशेष प्रेसवार्ता में विधायक संतोष मिश्रा, पूर्व उपाध्यक्ष ब्रजेश पाण्डेय, पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, बंटी  चौधरी, राजेश राठौड़ शामिल थे।


आलोक कुमार

टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में पिछले 92 साल से चला आ रहा एक घाटा खत्म कर दिया

इंग्लैंड को पारी और 64 रन से हरा दिया


धर्मशाला. भारत ने इंग्लैंड को 4-1 से हराकर एक शानदार क्रिकेट सीरीज जीती है. यह सीरीज विभिन्न पहलुओं के लिए महत्वपूर्ण थी. भारतीय टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है.
     भारत ने धर्मशाला में पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड को पारी और 64 रन से हरा दिया. इसके साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज 4-1 से जीत ली है. इस नतीजे की बदौलत टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में पिछले 92 साल से चला आ रहा एक घाटा खत्म कर दिया है.
       भारत ने 1932 में टेस्ट खेलना शुरू किया और धर्मशाला में हुए मुकाबले से पहले तक भारत की हार की संख्या जीत से ज्यादा थी.अब जीत-हार का हिसाब बराबर हो गया है. अब भारत के नाम 579 टेस्ट मैचों में 178 जीत और इतनी ही हार हैं. 1 टेस्ट टाई रहा है और 222 ड्रॉ रहे हैं.
         टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ चार टीमें ऐसी हैं जिनके नाम हार की तुलना में जीत ज्यादा है. इनमें ऑस्ट्रेलिया (413 जीत, 232 हार), इंग्लैंड (392 जीत, 324 हार), साउथ अफ्रीका (178 जीत, 161 हार) और पाकिस्तान (148 जीत, 142 हार) शामिल हैं. भारत ने अब जीत और हार के आंकड़े बराबर कर दिए हैं. हाल-फिलहाल भारतीय टीम जैसा खेल दिखा रही है उससे यही उम्मीद है कि जल्द ही हमारी टीम भी हार की तुलना में ज्यादा जीत हासिल कर लेगी.
        भारतीय क्रिकेट टीम ने 9 मार्च 2024 को अपने घरेलू मैदानों पर इंग्लैंड के खिलाफ आयोजित टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके उन्हें 4-1 से हराया.यह जीत भारत के क्रिकेट इतिहास में एक गर्वशील क्षण को दर्शाती है और टीम को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में अगले कदम की ओर बढ़ती है.
      इस सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था, इसके बाद रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार तरीके से वापसी करते हुए अगले 4 मैचों में इंग्लैंड की टीम को वापसी का कोई भी मौका नहीं देते हुए सभी को एकतरफा तरीके से अपने नाम किया.टीम इंडिया के लिए इस टेस्ट सीरीज में जहां यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल का बल्ले से कमाल देखने को मिला तो वह गेंद से एक बार फिर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी फिरकी का जादू देखने को मिला.
     वहीं सीरीज जीत के बाद कप्तान रोहित शर्मा भी काफी खुश दिखाई दिए जिसमें उन्होंने टीम के युवा खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की.धर्मशाला टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ में भारतीय टीम के लिए कई खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया. रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने शतक लगाया. सरफराज और देवदत्त पडिक्कल के बल्ले से शानदार अर्धशतक निकला.
        रोहित शर्मा ने टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद मैच प्रेजेंटेशन के समय कहा कि जब आप इस तरह से टेस्ट मैच जीतते हैं तो सभी चीजें अपनी जगह पर सही लगती हैं. टीम में शामिल कुछ खिलाड़ियों के पास भले ही अभी इस फॉर्मेट में खेलने का अधिक अनुभव ना हो लेकिन उन्होंने अभी तक काफी क्रिकेट खेला है और मेरी जिम्मेदारी थी कि वह दबाव में बेहतर प्रदर्शन कर सके जो उन्होंने किया भी.इस सीरीज जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है. जब आप इस तरह से कोई सीरीज जीतते हैं तो सभी शतकों के बारे में बात करते हैं लेकिन आपको टेस्ट मैच जीतने के लिए 20 विकेट हासिल करने होते हैं.
       कप्तान रोहित शर्मा ने अपने बयान में कुलदीप यादव और यशस्वी जायसवाल के तारीफ  करते हुए कहा कि हमने कुलदीप से काफी समय पहले बात की थी, जब इस मुकाबले में पहली पारी के दौरान हम विकेट की तलाश में थे तो कुलदीप ने हमें सफलता दिलाई थी.इंजरी से वापस आने के बाद से कुलदीप ने काफी बेहतरीन खेल दिखाया और उन्होंने एनसीए में अपनी फिटनेस को लेकर काफी काम भी किया है.यशस्वी का भविष्य काफी शानदार है। जब इस तरह का खिलाड़ी आपकी टीम में मौजूद होता है तो विपक्षी टीम के गेंदबाज दबाव महसूस कर रहे हैं। हालांकि उसे अभी आगे काफी चुनौतियों का सामना करना है लेकिन वह इन सभी परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार रखता है.



आलोक कुमार

युवा कांग्रेस ने युवा न्याय का किया विमोचन

इंडिया गठबंधन की सरकार आते ही 30 लाख युवाओं को सबसे पहले नौकरी दी जाएगी

         

पटना.कांग्रेस पार्टी आम चुनाव को मद्देनजर रखते हुए युवाओं के लिए युवा न्याय किया शुरुआत की संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान की सरकार के पास कोई विजन नहीं है यह सरकार टेलीविजन की है इंडिया गठबंधन की सरकार आते ही 30 लाख युवाओं को सबसे पहले नौकरी दी जाएगी.

       पीएम मोदी की गारंटी थी कि, हर साल दो करोड़ नौकरी देंगे लेकिन मोदी जी की गारंटी कहां गई. हमारा सवाल है कि कहां है वो नौकरियां? नई गारंटी लाने से दस साल पहले दी गई गारंटी का रिपोर्ट कार्ड क्या है. 2024 की नई गारंटी से पहले 2014 की गारंटी का क्या हुआ?देश में रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी दस सालों में हुई है, ये सब मोदी जी और भाजपा की गलत नीतियों के कारण है. अडानी को दिनरात मजबूत करके युवाओं का रोजगार खराब कर मोदी जी वोट मांगने जा रहे हैं. उस अन्याय के खिलाफ रोजगार दो न्याय दो मुहिम की शुरुआत यूथ कांग्रेस कर रही है. युवा कांग्रेस सड़क पर उतर कर जनता के साथ खड़ी रहेगी.

      इस बार देश में आस्था भारी पड़ रही है वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि, आस्था अपनी जगह पर है, हम सब अपने धर्म के प्रति आस्था रखते हैं. धर्म में कोई भी आस्था रखने वाला व्यक्ति भी रोजी रोटी कमाने निकलता है. जनता बेरोजगारी से परेशान है, महंगाई बढ़ रही है, लोग बर्बाद होते जा रहे हैं, अच्छा और सस्ता इलाज देने में मोदी जी फेल हैं.

    प्रदेश उपाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, खुर्रम , मुख्य प्रवक्ता विशाल यादव, लीगल सेल के चैयरमैन विकास झा , महासचिव तनु , अरशद कमल, अमितेश पांडे, राहुल सिंह, विकास सिंह अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहें.



आलोक कुमार 

भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर कुलदीप यादव के 50 लेने में सफल

 कुलदीप यादव ने 15 ओवर में 72 रन देकर इंग्लैंड के पांच विकेट झटके

 

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाले हैं कुलदीप यादव.उनका जन्म 14 दिसम्बर 1994 को हुआ है. एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है जो घरेलू क्रिकेट उत्तरप्रदेश के लिए खेलते हैं.उन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट के कैरियर की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में 25 मार्च 2017 को की थी.

     आज तकरीबन 7 साल के बाद कुलदीप यादव ने 15 ओवर में 72 रन देकर इंग्लैंड के पांच विकेट झटके. उन्होंने जैक क्राउली (79), बेन डकेट (27), ओली पोप (11), जॉनी बेयरस्टो (29) और बेन स्टोक्स (0) को आउट किया. चार विकेट लेते ही कुलदीप ने टेस्ट क्रिकेट में 50 विकेट भी पूरे कर लिए.फिलहाल उनके नाम 12 टेस्ट में 51 विकेट हैं। 40 रन देकर पांच विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.इतना ही नहीं कुलदीप टेस्ट क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने वाले भारत के पहले बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर हैं.वहीं, ओवरऑल वह ऐसा करने वाले दुनिया के तीसरे स्पिनर हैं. उनसे पहले दक्षिण अफ्रीका के पॉल एडम्स (कुल 134 विकेट) और इंग्लैंड के जॉनी वार्डल (कुल 102 विकेट) ने यह मुकाम हासिल किया था.

    कुलदीप यादव, भारतीय क्रिकेट के प्रमुख नामों में से एक हैं.उन्होंने अपने उदार और आक्रमक बॉलिंग स्टाइल के लिए विख्यात हैं. कुलदीप को लेफ्ट-आर्म वार्म-अप बॉलर के रूप में जाना जाता है और उनका स्पिन बॉलिंग विशेषज्ञता में उच्च मान्यता प्राप्त है.वह चाइनामैन बॉलर है.उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रचते हुए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर धाकड़ प्रदर्शन किया है.कुलदीप ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं. उनकी सटीक गेंदबाजी और बल्लेबाजी में चुनौतीपूर्ण भूमिका ने उन्हें क्रिकेट की दुनिया में महत्वपूर्ण नाम बनाया है.

   कुलदीप की तकनीकी शानदारी और मैच को बदलने में उनकी क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया के एक कुंजी पथ प्लेयर बना दिया है. उन्होंने विभिन्न संघों के खिलाफ अपने माहिरातम उपयोग की ओर से टीम को जीत की दिशा में मदद की है.कुलदीप यादव का संघर्ष, उनका समर्पण और क्रिकेट के प्रति उनका प्यार उन्हें एक उदाहरण स्थान देते हैं जो आगे बढ़ने के लिए कठिनाइयों का सामना करता है और उच्चतम स्तर का क्रिकेट खेलता है.


आलोक कुमार

आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के हाथों मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट

 

पटना। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लेट्स इंस्पायर बिहार के संरक्षक सह आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के हाथों मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट मेरी आयरिन ओस्ता को प्रदान किया गया.वह संत पीटर स्कूल की निदेशिका हैं.जो गार्गी अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित की गयी.

        इस नारी शक्ति सम्मान समारोह में तीन साल बेमिसाल....इसे सत्यापित करते हुए इस साल भी बिहार की महिलाओं को सम्मानित कर उनकी नारी शक्ति से बिहार को चरम उत्कर्ष पर ले जाने का सफल प्रमाण भी दिया गया. यह उल्लेखनीय है कि एक मंच पर ऑटो चालक से लेकर संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त बिहार की महिलाओं को सम्मानित करते हुए समाज में महिलाओं की भागीदारी को विशेष स्थान दिया गया. यह भी कहा गया कि ये केवल सम्मान समारोह नहीं अपितु बिहार तथा बिहार से बाहर रह रही महिलाओं की कार्यकुशलता और समाज के प्रति उनके निःस्वार्थ योगदान को देखते हुए उन्हें एक बड़ी पहचान दिलाने की कोशिश है. विदेशों में भी रह रही बिहारी महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान को समाज में आदर्श रूप में स्थापित करने की पहल है.    

    वैदिक युग से बिहार विदुषियों की धरती रही है.आज भी बिहार की महिलाएँ समाज में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं.गार्गी पाठशालाओं में वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने तथा गार्गी महिला कौशल प्रशिक्षण केन्द्र में वंचित महिलाओं को  कला-कौशल का निःशुल्क  प्रशिक्षण देने का पुनीत कार्य कर रही हैं.

      ये सभी प्रयास शुद्ध मन से किए जा रहे हैं. जिनके दिल में बिहार बसता है, वे सभी बिहार को समृद्ध बनाने में तत्पर हैं.नारीत्व का सम्मान करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित है.एक नई आशा और अंतर्दृष्टि के साथ हर रोज मुझ पर यानी मेरी आयरिन ओस्ता अपने अनंत आशीर्वाद की वर्षा करने के लिए सर्वशक्तिमान ईश्वर को धन्यवाद देती है. मेरी माता उषा जोसेफ ओस्ता और पिता जोसेफ पीटर ओस्ता.जिनके कारण मैं पहले से ही इस ग्रह पर उतरते ही सशक्त थी. मेरे सबसे प्यारे पति और मेरे सबसे अच्छे दोस्त हमेशा मेरे साथ हाथ में हाथ मिलाकर चलने के लिए और जिन्होंने मुझे माँ बनने का सर्वोच्च दर्जा दिया है. महिलाएं पहले से ही ब्रह्मांड द्वारा सशक्त हैं और पृथ्वी पर कुछ विशेष लोग हैं. आईपीएस अधिकारी विकास वैभव सर को मेरे दिल की गहराई से धन्यवाद एक प्यारी आत्मा होने के लिए हमें सशक्त बनाने के लिए और हम में से सर्वश्रेष्ठ लाने के हमारे छोटे प्रयासों को स्वीकार करने के लिए आइए बिहार को प्रेरित करें.


आलोक कुमार




2016 में इंटरनेशनल डेब्यू करते हुए वनडे मैच में पचासा

एक महीने के अंदर पांच इंटरनेशनल क्रिकेटरों ने संन्यास ले लिया

पटना.एक महीने के अंदर पांच इंटरनेशनल क्रिकेटरों ने संन्यास ले लिया.सबसे पहले फरवरी में सौरभ तिवारी ने रिटायरमेंट का फैसला लिया था. उसके बाद स्टार पेसर वरुण एरोन ने भी संन्यास ले लिया था. फिर उसी कड़ी में 2016 में इंटरनेशनल डेब्यू करते हुए वनडे मैच में पचासा लगाने वाले फैज फजल ने भी संन्यास ले लिया.फरवरी में ही घरेलू क्रिकेट के स्टार और भारत के बल्लेबाज मनोज तिवारी ने संन्यास का ऐलान कर दिया. अब इस कड़ी में पांचवां शाहबाज नदीम का नाम जुड़ गया है.

भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटर संन्यास लेने को मजबूर

भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटरों की तर्ज पर संन्यास लेने का रुझान हमारे क्रिकेट समुदाय में एक महत्वपूर्ण बदलाव का कारण बन रहा है. इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं, जिनमें ज्यादातर दबाव, तनाव, और खेलकूद के लिए आत्मसमर्पण में कमी शामिल है.पहले तो, खेलकूद की बढ़ती हुई मानव भीड़ और तनावपूर्ण तौर पर मुकाबला करने की जिम्मेदारी ने इन क्रिकेटरों को आत्मसमर्पण की अधिकता का सामना करना पड़ा है.वे निरंतर बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा और सामाजिक मीडिया के दबाव में रहते हैं, जिससे उन्हें अधिक दबाव महसूस हो रहा है. साथ ही, खेलकूद की चुनौतीयों का सामना करने के लिए खिलाड़ियों को दिन-प्रतिदिन अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना पड़ता है, जिससे उन्हें खेलने की उच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए जोरूरी सावधानियों का पालन करना होता है-इसके अलावा, कई बार क्रिकेटर अपनी करियर के बाद विभिन्न क्षेत्रों में रूचि लेते हैं, जिसके लिए वे खुद को समर्पित करना चाहते हैं. उन्हें खुद को नए चुनौतियों का सामना करने का एक मौका मिलता है, जिससे उनका व्यक्तिगत और पेशेवर विकास होता है.इस समीक्षा से साबित होता है कि क्रिकेट से संन्यास लेने का मुख्य कारण खिलाड़ियों को तनावपूर्ण स्थितियों से निपटना और अपने आत्म-समर्पण को नई दिशा में देना है, जिससे वे खुद को बेहतर बना सकते हैं.

टीम में प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण टीम जगह नहीं मिलने से खिलाड़ी रिटायर हो रहे है

आजकल क्रिकेट खेलना एक बड़ी चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है, जिसमें खिलाड़ियों को टीम में अपनी जगह बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. यह नई पीढ़ियों के आगमन, प्रतिस्पर्धा की बढ़ती हुई मात्रा, और समय-समय पर बदलते रूपयों के कारण हो रहा है.टीम में अधिक प्रतिस्पर्धा के कारण खिलाड़ियों को अपनी जगह बनाए रखना आरंभिक करियर से लेकर अंतिम समय तक कठिन हो रहा है. यह नए प्रतिभाग्रस्त खिलाड़ियों को मौका देने की अपेक्षा से हो रहा है, जिसके कारण स्थानीय


खिलाड़ियों का प्रोत्साहन हो रहा है और वे अपना नाम रोचकता और स्थायिता के साथ बना सकते हैं.इस समय के बदलते माहौल में, कुछ खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण दौरों और महत्वपूर्ण स्थितियों में अच्छी प्रदर्शन करने के बावजूद भी अपने स्थान की निश्चितता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. इसका सीधा प्रभाव है कि कई खिलाड़ी अब संन्यास लेने का निर्णय कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपने शौक और विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर मिल सकें.क्रिकेट में टीम में जगह पाना और बनाए रखना एक लम्बा और कठिन कार्य है, और इसमें खिलाड़ियों को अपने आत्मसमर्पण, प्रदर्शन, और फिटनेस को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.


आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...