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Bihar : व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण पद

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 बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक (Chief Whip) का पद केवल एक राजनीतिक सम्मान नहीं, बल्कि संसदीय व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण पद माना जाता है। बिहार सरकार द्वारा मुख्य सचेतक को राज्य मंत्री (Minister of State) के समकक्ष दर्जा, वेतन, भत्ता और सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि सदन के भीतर सत्तारूढ़ दल की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो सके और सरकार की नीतियों एवं विधेयकों को प्रभावी ढंग से पारित कराया जा सके। बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक की भूमिका सरकार और विधायकों के बीच सेतु के समान होती है। मुख्य सचेतक का सबसे बड़ा दायित्व सदन में सत्ताधारी दल के विधायकों के बीच समन्वय स्थापित करना होता है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कौन विधायक उपस्थित रहेगा, किस विषय पर पार्टी का क्या रुख होगा और मतदान के समय विधायकों को किस प्रकार मतदान करना है, यह सब मुख्य सचेतक की देखरेख में तय किया जाता है। मुख्य सचेतक द्वारा जारी निर्देश को “व्हिप” कहा जाता है। भारतीय संसदीय लोकतंत्र में व्हिप की व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ...

India: “जो जमीन सरकारी है, वह जमीन हमारी है” का नारा देने वाले आंदोलनकारी

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                  सरकार जिस जमीन को “सरकारी” कह रही है, वह वास्तव में सदियों से आदिवासी और गरीब समुदायों के उपयोग में रही  भारत में “जल, जंगल और जमीन” केवल तीन शब्द नहीं हैं, बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, संस्कृति और पहचान का आधार हैं। सदियों से जंगलों में रहने वाले समुदायों ने प्रकृति को अपनी मां माना है। उनकी खेती, भोजन, संस्कृति, त्योहार और जीवन का हर हिस्सा जंगल और जमीन से जुड़ा रहा है। इसी कारण जब सरकारी जमीन, वनभूमि और सार्वजनिक क्षेत्रों पर कब्जे को लेकर बुलडोजर कार्रवाई होती है, तो यह केवल प्रशासनिक कदम नहीं रह जाता, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष का रूप ले लेता है। आज देश के कई हिस्सों में यही टकराव दिखाई दे रहा है। “जो जमीन सरकारी है, वह जमीन हमारी है” का नारा देने वाले आंदोलनकारी मानते हैं कि सरकार जिस जमीन को “सरकारी” कह रही है, वह वास्तव में सदियों से आदिवासी और गरीब समुदायों के उपयोग में रही है। उनके अनुसार जंगल और पहाड़ केवल संसाधन नहीं, बल्कि उनकी विरासत हैं। यही कारण है कि जल-जंगल-जमीन का आंदोलन केवल भूमि अधिकारों की...

India: 18 मई और विश्व एड्स वैक्सीन दिवस

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  विशेष रूप से विश्व एड्स वैक्सीन दिवस (World AIDS Vaccine Day) और अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) जैसे अवसर इस दिन को और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं कैलेंडर का हर दिन अपने भीतर कुछ न कुछ विशेष महत्व, ऐतिहासिक घटनाएँ और सामाजिक संदेश समेटे होता है। 18 मई भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण दिन है, जिसे विश्व स्तर पर विभिन्न कारणों से याद किया जाता है। यह दिन न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वास्थ्य, संस्कृति और जागरूकता के क्षेत्र में भी विशेष भूमिका निभाता है। विशेष रूप से विश्व एड्स वैक्सीन दिवस (World AIDS Vaccine Day) और अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) जैसे अवसर इस दिन को और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं। 18 मई और विश्व एड्स वैक्सीन दिवस 18 मई को हर वर्ष विश्व एड्स वैक्सीन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना और एड्स की वैक्सीन (टीका) के विकास के लिए चल रहे शोध और प्रयासों को सम्मान देना है। इस दिवस की शुरुआत 1997 में की गई थी, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन न...