संदेश

जनवरी 16, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

6 सांसद ऐसे हैं, सांसद निधि से एक रुपया भी खर्च नहीं किया

चित्र
जब विकास के लिए पैसा मौजूद हो, लेकिन ज़मीन पर काम न दिखे—तो सवाल सिर्फ़ आंकड़ों का नहीं, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का होता है. सांसद निधि: करोड़ों का बजट, लेकिन बिहार में क्यों उठे सवाल? सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) देश की उन महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिसके जरिए सांसद अपने-अपने क्षेत्र की ज़रूरतों के अनुसार विकास कार्य करा सकते हैं. इस योजना के तहत लोकसभा, राज्यसभा और मनोनीत सांसदों को हर साल ₹5 करोड़ (₹2.5 करोड़ की दो किस्तों में) की राशि मिलती है. यह पैसा सीधे सांसद को नहीं, बल्कि जिला कलेक्टर के माध्यम से स्वीकृत विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है. एमपीएलएडीएस का उद्देश्य साफ है—पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक ढांचे जैसे ज़रूरी क्षेत्रों में टिकाऊ विकास. योजना में यह भी प्रावधान है कि एससी क्षेत्रों के लिए 15% और एसटी क्षेत्रों के लिए 7.5% राशि खर्च की जाए, वहीं दिव्यांगों के लिए ₹10 लाख तक की सिफारिश संभव है. कोविड-19 के दौरान यह योजना अस्थायी रूप से निलंबित रही, लेकिन 2021-22 से इसे फिर बहाल कर दिया गया। इसके बावजूद बिहार से जुड़े आंकड़े अब स...

हमारी पहली इच्छा

  हमारी Wishlist और भविष्य की दिशा Chingari Prime News ( https://chingariprimenews.blogspot.com/ ) केवल एक न्यूज़ ब्लॉग नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार डिजिटल मंच बनने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। हमारी Wishlist यानी भविष्य की आकांक्षाएँ उसी सोच का प्रतिबिंब हैं, जिनके आधार पर हम पाठकों के लिए बेहतर, विश्वसनीय और प्रभावशाली कंटेंट प्रस्तुत करना चाहते हैं। हमारी पहली इच्छा है कि Chingari Prime News निष्पक्ष, तथ्यात्मक और ज़मीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद नाम बने। आने वाले समय में हम राजनीति, समाज, शिक्षा, खेल और धर्म से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च आधारित लेख प्रकाशित करना चाहते हैं, ताकि पाठकों को सिर्फ खबर नहीं, उसका संदर्भ और असर भी समझ में आए। दूसरी Wishlist डिजिटल विस्तार की है। हम चाहते हैं कि हमारा ब्लॉग मोबाइल-फ्रेंडली, तेज़ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बने, ताकि हर वर्ग का पाठक आसानी से कंटेंट तक पहुँच सके। भविष्य में वीडियो, इन्फोग्राफिक्स और एक्सप्लेनर कंटेंट जोड़ने की भी योजना है। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण इच्छा पाठकों के साथ संवाद बढ़ाने की है। कमेंट्स, फीडबैक और सोशल मीडिया के ज़रि...