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रोम में पोंटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी में कैनन लॉ के प्रोफेसर फादर एलियास फ्रैंक

  बैंगलोर.रोम में पोंटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी में कैनन लॉ के प्रोफेसर फादर एलियास फ्रैंक (61साल) को सोमवार 3 जुलाई 2023 को परम पावन पोप फ्रांसिस ने आसनसोल धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया है.

     नवनियुक्त बिशप फादर एलियास फ्रैंक का जन्म 15 अगस्त 1962 को मैंगलोर धर्मप्रांत के शिशु जीसस पैरिश के बंटवाल में हुआ था. मोदनकैप के पैरिश स्कूल में स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, शिलांग के सेंट एंथोनी कॉलेज से उच्च माध्यमिक की पढ़ाई, 1983 में कोलकाता महाधर्मप्रांत (कलकत्ता) में शामिल हो गए.उनका माइनर सेमिनरी फॉर्मेशन बारासात में सेंट जॉन मैरी वियाननी सेमिनरी में हुआ था, दर्शनशास्त्र बैरकपुर में मॉर्निंग स्टार रीजनल सेमिनरी और रोम में पोंटिफिकल अर्बनियाना यूनिवर्सिटी में धर्मशास्त्र. उन्हें 23 अप्रैल 1993 को हावड़ा के आवर लेडी ऑफ हैप्पी वॉयेज चर्च में पुरोहित नियुक्त किया गया था.

    अपने पुरोहित अभिषेक के बाद, 1993 से 1995 तक, फादर इलियास फ्रैंक बर्दवान के सेक्रेड हार्ट चर्च में एक विकर पुरोहित थे.1995-1996 तक वह क्रिस्टो ज्योति चर्च, बसिंडा के प्रभारी पुरोहित थे, और 1996 से 1999 तक वह फिर से सेक्रेड हार्ट चर्च, बर्दवान में एक विकर पुरोहित थे.आसनसोल धर्मप्रांत के निर्माण के बाद, 2002 से 2003 तक वह लिसिएक्स पैरिश, दुर्गापुर के सेंट थेरेसी के पैरिश प्रशासक थे; और 2005 से 2006 तक वह सेक्रेड हार्ट चर्च, बर्दवान के पैरिश पुरोहित थे. वर्ष 2005-2006 के दौरान फादर एलियास ने कोलकाता के इंटर-डायोसेसन ट्रिब्यूनल में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया. 1999 से 2001 तक उन्होंने रोम में पोंटिफ़िकल अर्बनियाना विश्वविद्यालय में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की, और 2001-2002 में कैनन लॉ में लाइसेंस प्राप्त किया, न्यायशास्त्र में डिप्लोमा और 2003-2004 में कैनन लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की.

     डॉक्टर ऑफ कैनन लॉ ( लैटिन : ज्यूरिस कैनोनिकी डॉक्टर , जेसीडी ) रोमन कैथोलिक चर्च के कैनन कानून के अध्ययन में डॉक्टरेट स्तर की टर्मिनल डिग्री है. यह एंग्लिकन कॉलेजों द्वारा प्रदान की जाने वाली मानद उपाधि भी हो सकती है.इसे संक्षिप्त रूप में ICD या dr.iur.can भी कहा जा सकता है.( आईयूरिस कैनोनिकी डॉक्टर ), आईसीडीआर , डीसीएल , डीसीएनएल , डीडीसी , या डीसीएनएएल ( डॉक्टर ऑफ कैनन लॉ ).दोनों कानूनों (यानी कैनन और सिविल) का एक डॉक्टर एक जेयूडी है (ज्यूरिस यूट्रिस्क डॉक्टर ) या यूजेडी ( यूट्रिस्क ज्यूरिस डॉक्टर ).

      2007 से शुरू होकर अब तक वह उसी विश्वविद्यालय में कैनन लॉ संकाय में "चर्च के पवित्रीकरण कार्यालय" के प्रोफेसर रहे हैं. 2020 से वह एकेडेमाई अल्फोन्सियाना में विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे हैं.उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक पत्रिकाओं में दो पुस्तकें और कई लेख प्रकाशित किए हैं.उन्होंने लूस मिशनेल पत्रिका के संपादक, रोम के विक्टोरेट के फर्स्ट इंस्टेंस ट्रिब्यूनल के बाहरी न्यायाधीश, दिव्य पूजा और संस्कारों के अनुशासन के लिए डिकास्टरी के सलाहकार और डिकास्टरी में फेवरेम फिदेई विवाह मामलों के आयुक्त के रूप में कार्य किया है.आस्था का सिद्धांत.

 
आलोक कुमार

जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज 16 मामले की सुनवाई

 बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 16 मामलों की सुनवाई.कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण...


नालंदा. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज 16 मामले की सुनवाई की गई. इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

    चंडी के परिवादी राम अवतार शर्मा एवं संजीव शर्मा द्वारा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में अंचल अधिकारी चंडी द्वारा बताया गया कि उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है। इस संबंध में परिवादी द्वारा भी सहमति जाहिर की गई.

     एकंगर सराय के परिवादी रामचंद्र प्रसाद द्वारा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में अंचलाधिकारी को चकबंदी के नक्शा के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.

      हिलसा के एक परिवादी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में निदेशक डीआरडीए को जांच कर स्पष्ट जांच प्रतिवेदन के साथ अगली सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया.

    हिलसा अनुमंडल के एक परिवादी द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुदागंज का भवन निर्माण कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि उक्त भवन के निर्माण के लिए बिहार स्टेट मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निविदा निकाली गई है, जो प्रक्रियाधीन है.निविदा के निष्पादन के उपरांत भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा.कुछ अन्य मामलों में संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया. 

आलोक कुमार

आसनसोल धर्मप्रांत के लोगों में हर्ष

  

कोलकाता.इस महाधर्मप्रांत से अलग होने के बाद आसनसोल को नया आसनसोल धर्मप्रांत बनाया गया था.3 दिसम्बर 1997 को संत पापा जॉन पाल द्वितीय ने फादर सिप्रियन मोनिस को आसनसोल धर्मप्रांत का पहला धर्माध्यक्ष नियुक्त किया.12 मार्च 1998 को उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक किया गया। धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस ने 23 वर्षों तक आसनसोल धर्मप्रांत का नेतृत्व किया है.

      इसके बाद आसनसोल धर्मप्रांत के प्रथम धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस ने वाटिकन के नियमानुसार 75 साल होने पर संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 4 मई 2020 को आसनसोल धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है.

    इसके बाद संत पापा फ्राँसिस ने बारुइपुर के धर्माध्यक्ष सल्वादोर लोबो को आसनसोल धर्मप्रांत के प्रथम प्रेरितिक प्रशासक बनाया.कुछ दिनों के बाद एमेरिटस बिशप सल्वादोर लोबो ने पद त्याग दिया.तब संत पापा ने दुमका धर्मप्रांत के बिशप जूलियस मरांडी को द्वितीय प्रेरितिक प्रशासक बनाया.जो 03 जुलाई 2023 तक रहे.बिशप अभिषेक तक पद पर बने रहेंगे.

   आज 03 जुलाई 2023 आसनसोल धर्मप्रांत के लिए ऐतिहासिक दिवस रहा.संत पिता ने फादर डॉ.एलियास फ्रैंक को आसनसोल धर्मप्रांत के द्वितीय धर्माध्यक्ष होने की घोषणा कर दिया है.आसनसोल धर्मप्रांत के लोगों में हर्ष व्याप्त है.रोज सी टोप्पो,रंजीता बारा,बंटी थॉमस आदि ने खुशी जाहिर किया है.

आलोक कुमार

पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर और फुलवारी विधायक गोपाल रविदास वार्ता में शामिल

पटना.यूनिफॉर्म सिविल कोड पर देश में जारी विरोध के मद्देनजर इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों ने भाकपा-माले नेताओं से मुलाकात की और बिहार में भी इसका विरोध करने की अपील की.

इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों में संगठन के अध्यक्ष मो. शमशाद रहमानी, कार्यकारी सचिव जनाब शिबली कासिमी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुहैल अहमद नदवी शामिल थे. वहीं, भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर और फुलवारी विधायक गोपाल रविदास वार्ता में शामिल हुए.

माले नेताओं ने वार्ता के दौरान कहा कि भारत विविध संस्कृतियों और रीति-रिवाजों का देश है, इसलिए समान नागरिक संहिता के नाम पर एकरूपता थोपने का प्रयास उलटा ही नतीजा दे सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इसके जरिए समाज को विभाजित करना चाहती है और चुनावी गुणा-गणित का हिसाब कर रही है. भाकपा-माले का स्पष्ट मानना है कि सामाजिक और कानूनी सुधारों को चुनावी हथकंडे से अलग रखना चाहिए. उन्होंने इमार त-ए-शरिया के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि भाकपा-माले यूसीसी के खिलाफ पूरी तरह से खड़ी है और इसे महागठबंधन के दलों के बीच भी ले जाएगी.

इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों ने माले नेताओं को बताया कि वे लोग यूसीसी के खिलाफ ऑनलाइन कंपेन चला रही हैं. उन्होंने माले नेताओं से इस अभियान को नई गति देने की अपील की.

आलोक कुमार


 

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...