पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर और फुलवारी विधायक गोपाल रविदास वार्ता में शामिल
इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों में संगठन के अध्यक्ष मो. शमशाद रहमानी, कार्यकारी सचिव जनाब शिबली कासिमी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुहैल अहमद नदवी शामिल थे. वहीं, भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर और फुलवारी विधायक गोपाल रविदास वार्ता में शामिल हुए.
माले नेताओं ने वार्ता के दौरान कहा कि भारत विविध संस्कृतियों और रीति-रिवाजों का देश है, इसलिए समान नागरिक संहिता के नाम पर एकरूपता थोपने का प्रयास उलटा ही नतीजा दे सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इसके जरिए समाज को विभाजित करना चाहती है और चुनावी गुणा-गणित का हिसाब कर रही है. भाकपा-माले का स्पष्ट मानना है कि सामाजिक और कानूनी सुधारों को चुनावी हथकंडे से अलग रखना चाहिए. उन्होंने इमार त-ए-शरिया के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि भाकपा-माले यूसीसी के खिलाफ पूरी तरह से खड़ी है और इसे महागठबंधन के दलों के बीच भी ले जाएगी.
इमारत-ए-शरिया के पदाधिकारियों ने माले नेताओं को बताया कि वे लोग यूसीसी के खिलाफ ऑनलाइन कंपेन चला रही हैं. उन्होंने माले नेताओं से इस अभियान को नई गति देने की अपील की.
आलोक कुमार

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