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दिक्कत है कि ये लोग तो लागू करेंगे नहीं: मुख्यमंत्री

 

पटना । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत की। महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा इसका क्रेडिट लेने के पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो शुरू से ही महिला आरक्षण के पक्षधर रहे हैं। संसद में मेरा दिया गया भाषण देख लीजिए। संसद और विधानसभा सब जगह महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन दिक्कत है कि ये लोग तो लागू करेंगे नहीं।

      यह तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। हर 10 साल पर जनगणना होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। यह हमेशा समय पर होना चाहिए। हमने कहा कि इसमें जाति आधारित गणना भी होनी चाहिए। महिलाओं को सबसे पहले 50 प्रतिशत का आरक्षण हमने ही दिया। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में और वर्ष 2007 में नगर निकायों में हमने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। हमने बड़ी संख्या में बहाली भी शुरू की। प्रारंभिक शिक्षक नियोजन में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण हमने दिया। बाद में सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत सीट आरक्षित कर दी गई। पुलिस में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया ।

    आज बिहार में पुलिस में जितनी भागीदारी महिलाओं की है उतनी देश में कहीं नहीं है। स्वयं सहायता समूह में बड़ी संख्या में महिलाएं जीविका दीदियों के माध्यम से शामिल हुईं। महिलाओं के लिए बिहार में काफी काम किए गए हैं। हमारी मांग है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलना चाहिए । मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से वर्ष 2012-13 तक हम मुख्य सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में 9:30 बजे आया करते थे, अभी अपने आवासीय कार्यालय से ही कार्य का निष्पादन करते हैं। हमें जानकारी मिली है कि सचिवालय में लोग अपने कार्यालय देर से आ रहे हैं तो हम इसका निरीक्षण करने आए हैं। अब हम सप्ताह में तीन दिन मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय और दो दिन मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित कार्यालय आएंगे और निरीक्षण करेंगे, उसके बाद अपने आवासीय कार्यालय में बैठेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ मौजूद थे।


आलोक कुमार

कतरीसराय में दूसरा जन संवाद कार्यक्रम प्रखंड कार्यालय परिसर में

नालंदा। कतरीसराय में दूसरा जन संवाद कार्यक्रम प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से कतरी एवं मैरा बरीठ पंचायत के लोग शामिल हुए। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।

    लघु वृत्तचित्र के माध्यम से विगत वर्षों में प्रखण्ड में किये गए विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गई।पुलिस अधीक्षक ने कतरीसराय ओपी को शीघ्र सामान्य थाना के रूप में परिवर्तित करने की बात कही। डायल 112 के बारे में बताया गया।

   उप विकास आयुक्त द्वारा ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के साथ साथ बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम आदि के बारे में जानकारी दी गई। डीपीएम जीविका द्वारा जीविका समूहों के गठन, उनके आर्थिक उन्नयन एवं स्वावलंबन के लिए, विभिन्न योजनाओं के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। जीविका समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल के कार्यकलापों के बारे में विस्तार से बताया गया।

   जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा परिवहन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा  पेंशन एवं विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी।उन्होंने विभाग द्वारा संचालित शांति कुटिर एवं सेवा कुटिर के बारे में भी बताया।

    कृषि विभाग के पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। जैविक खेती के साथ साथ उर्वरक की उपलब्धता के बारे में भी बताया गया। लोगों को बताया गया कि उर्वरक से संबंधित समस्या के लिए जिला कृषि नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06112-231143 पर जानकारी दी जा सकती है। आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक फसलों के बारे में जानकारी दी गई।फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी दी गई।

   जिला आपदा शाखा प्रभारी द्वारा विभिन्न प्रकार की आपदा के प्रबंधन एवं पूर्व तैयारी के बारे में जानकारी दी गई। विभिन्न प्रकार की आपदा से संबंधित मुआवजा/अनुग्रह अनुदान के बारे में जानकारी दी गई। आपदा से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या  06112-233168 पर देने को कहा गया।

    कार्यपालक अभियंता द्वारा ग्रामीण विद्युतीकरण, एग्रीकल्चर फीडर/ट्रांसफार्मर/कनेक्शन आदि के बारे में जानकारी दी गई।ऊर्जा बचत के लिए लोगों को जागरूक किया गया। बिजली से संबंधित शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया।

     अपर समाहर्त्ता द्वारा भूमि एवं राजस्व विभाग के माध्यम से दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। ऑनलाइन दी जाने वाली सेवाओं के बारे में बताया गया। बताया गया कि जमीन से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने हेतु सभी अंचल में आधुनिक अभिलेखागार बनाया गया है। भूमि विवाद से संबंधित मामलों को लेकर आवश्यक प्रावधानों एवं किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया।

     विभिन्न योजनाओं के स्थानीय लाभुकों द्वारा भी अपना अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभुक मिथिलेश कुमार तथा शौचालय एवं आवास योजना के लाभार्थी पंकज कुमार द्वारा योजना के माध्यम से उनके जीवन मे आये बदलाव के बारे में बताया गया।

   स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रखंड में एक बस स्टैंड, कन्या उच्च विद्यालय तथा विवाह भवन की आवश्यकता के बारे में बताया गया। दरवेशपुरा पुल से कटौना तक सकरी नदी के तटबंध के किनारे बोल्डर पिचिंग का कार्य करने तथा नदी से सिंचाई की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया। कुक्कुट पालन एवं मत्स्यपालन की असीम संभावनाओं को देखते हुए  इसको बढ़ावा देने को कहा गया। कतरीसराय मुख्य सड़क से जल निकासी की स्थाई व्यवस्था का अनुरोध किया गया।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, स्थानीय मुखियागण आदि उपस्थित थे।

आलोक कुमार

जिलाधिकारी ने कतरीसराय में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ की बैठक

 जिलाधिकारी ने कतरीसराय में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ की बैठक

जन संवाद में प्रखंड से संबंधित बताई गई समस्याओं/आवश्यकताओं के आलोक में योजना को लेकर की गई चर्चा, संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश

 नालंदा। आज कतरी सराय के कटौना एवं प्रखण्ड कार्यालय में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं आम लोगों द्वारा प्रखंड से संबंधित मुख्य समस्याओं/आवश्यकताओं के बारे में बताया गया। इन समस्याओं के समाधान तथा अन्य आवश्यकताओं से संबंधित योजनाओं की फिजिबिलिटी को लेकर जिलाधिकारी ने प्रखंड सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक किया।

    सकरी नदी से मुंशी पइन तक नदी का पानी पहुंचाने के लिए नदी के किनारे स्लुइस गेट का निर्माण तथा पइन की उड़ाही के लिए कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग को स्थल निरीक्षण कर योजना का प्रारूप तैयार करने का निर्देश  दिया गया। पावापुरी से छाछुबिगहा सड़क निर्माण  में भू-अर्जन से संबंधित बाधाओं को दूर करने के लिए दरवेशपुरा में 28 सितंबर को विशेष शिविर लगाने का निर्देश भूमि सुधार उप समाहर्त्ता को दिया गया।

  छाछु बिगहा से कटौना होते हुए दरियापुर तक सड़क निर्माण के लिए फिजिबिलिटी सर्वे करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल बिहार शरीफ को दिया गया। वादी गाँव मे खराब नलकूपों की मरम्मती का निर्देश कार्यपालक अभियंता लघु जल संसाधन विभाग को दिया गया।

   कतरी पंचायत में पंचायत सरकार भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश अंचलाधिकारी को दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल के निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया। कतरीसराय में बस स्टैंड के निर्माण के लिए भी उपयुक्त स्थल चिन्हित करने को कहा गया।

   जैविक खेती के उत्पादों की बिक्री के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था का निर्देश कृषि विभाग को दिया गया।बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि गण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।


आलोक कुमार

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