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“बेनेडिक्ट, दुल्हे (ख्रीस्त) के विश्वासी मित्र, आपका आनन्द उनकी आवाज सुनकर पूर्ण हो जाए, अब और अनन्त काल तक ”

  


वेटिकन.5 जनवरी को कैथोलिक कलीसिया ने अपने पूर्व परमाध्यक्ष ससम्मान सेवानिवृत संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें को अंतिम विदाई दी.संत पापा फ्राँसिस ने समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित कर संत पापा फ्राँसिस ने समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित कर दिवंगत आत्मा को ईश्वर के हाथों सौंप दिया.


संत पापा ने एक ट्वीट में लिखा, “बेनेडिक्ट, दुल्हे (ख्रीस्त) के विश्वासी मित्र, आपका आनन्द उनकी आवाज सुनकर पूर्ण हो जाए, अब और अनन्त काल तक.”

  पोप फ्राँसिस के साथ मिलकर पूरी कलीसिया ने पोप बेनेडिक्ट 16 वें की आत्मा की आनन्द शांति के लिए प्रार्थना की एवं उन्हें अंतिम विदाई दी.अंतिम संस्कार के बाद संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें के पार्थिव शरीर को संत पेत्रुस महागिरजाघर में दफनाया गया.


वेटिकन के सेंट पीटर्स स्क्वायर में पोप फ्रांसिस के नेतृत्व में पोप बेनेडिक्ट सोलहवें (95) के अंतिम संस्कार में दुनिया भर के नेताओं समेत हजारों लोग कतार में खड़े हैं. 600 वर्षों में यह पहली बार है कि किसी मौजूदा पोप ने किसी पूर्व पोप के अंतिम संस्कार की अध्यक्षता की है.

   

बेनेडिक्ट XVI का मकबरा सेंट पीटर बेसिलिका के क्रिप्ट में जॉन पॉल II के मूल दफन स्थल के पास स्थित है. वेटिकन ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केवल इटली और जर्मनी के प्रतिनिधियों को आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया है.

जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर, इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला, इतालवी प्रधान मंत्री जियोर्जिया मेलोनी, हंगरी के राष्ट्रपति कटालिन नोवाक, पोलिश राष्ट्रपति आंद्रे डूडा, बेल्जियम के राजा फिलिप, स्पेन की रानी सोफिया और विभिन्न देशों के राजदूत भी अंतिम संस्कार समारोह में भाग ले रहे हैं. बेनेडिक्ट सोलहवें के पार्थिव शरीर के दर्शन कल सेंट पीटर्स बेसिलिका में भारतीय समयानुसार रात 11.30 बजे तक जारी रहे. 



इतालवी प्रधान मंत्री के कार्यालय ने घोषणा की कि अंतिम संस्कार के दौरान देश की सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कार्डिनल कॉलेज के डीन, इतालवी कार्डिनल जियोवन्नी बतिस्ता रे, वेदी पर मुख्य अनुष्ठाता होंगे.कार्डिनल मार जॉर्ज एलेनचेरी, कार्डिनल मार बेसलियस क्लीमिस कैथोलिकोस, मार एंड्रयूज थज़थ, मार कुरियाकोस भर्निकुलंगरा और अन्य अंतिम संस्कार सेवा में भाग ले रहे हैं..

         संत पापा ने एक ट्वीट में लिखा, “बेनेडिक्ट, दुल्हे (ख्रीस्त) के विश्वासी मित्र, आपका आनन्द उनकी आवाज सुनकर पूर्ण हो जाए, अब और अनन्त काल तक.”


 *अनुसूचित जाति-जनजाति समिति की बैठक में माले विधायकों ने उठाया बेदखली व दलितों के उत्पीड़न का मुद्दा


*बेदखली, दलित उत्पीड़न व दलित छात्रावासों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा


पटना.अनुसूचित जाति-जनजाति बिहार राज्य समिति की बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में विगत 4 जनवरी को हुई बैठक में भाकपा-माले विधायक दल के उपनेता सत्यदेव राम, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास और अगिआंव विधायक मनोज मंजिल ने हिस्सा लिया.


माले विधायकों ने पूरे राज्य में जल-जीवन हरियाली योजना के तहत दलितों-गरीबों पर चलाए जा रहे बुलडोजर के मसले को पूरी मजबूती के साथ उठाया. माले विधायक सत्यदेव राम ने कहा कि सरकार कहती है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी गरीब का घर तोड़ा नहीं जाएगा, लेकिन कहीं भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है. सरकार के बारंबार आश्वासन के बाद भी राज्य के कई जिलों में बरसो बरस से बसे दलित-गरीबों पर बुलडोजर की मार पड़ रही है. उन्हें उजाड़ दिया गया है या उजाड़ने की नोटिस थमा दी गई है. सरकार इसपर रोक लगाए और नया सर्वे कराकर दलितों-भूमिहीनों के लिए नया वास-आवास कानून बनाए. 


उन्होंने पूर्णिया, दरभंगा, बक्सर, पूर्वी चंपारण, नवादा, मुजफ्फरपुर, दानापुर, अररिया आदि जगहों पर दलितों के उजाड़ने की चल रही प्रक्रिया से प्रभावित परिवारों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी. मुख्यमंत्री ने बैठक में आश्वासन दिया कि विस्थापन की समीक्षा की जाएगी. यह भी कहा कि सभी विस्थापितों के पुनर्वास करने का दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिया गया है.


गोपाल रविदास ने राज्य में इस बीच हुए दलित उत्पीड़न व हाजत में हुई मौतों का मसला उठाया. उन्होंने मसौढ़ी के हांसाडीह गांव में शराबबंदी के नाम पर महादलित टोले पर बर्बर पुलिसिया दमन का मामला उठाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने समस्तीपुर के सातनपुर में एक दलित लड़की के साथ बलात्कार व हत्या का भी मामला उठाया. जहानाबाद में हाजत में हुई मौत और बेगूसराय में दलित उत्पीड़न की घटनाओं को सविस्तार रखते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. 


उन्होंने बाथे-बथानी-नगरी जैसे दलित जनसंहारों की अद्यतन रिपोर्ट सरकार से मांगी और टाडा के तहत जेल में बंदियों की रिहाई की भी मांग की. कहा कि टाडा के तहत अरवल के 14 दलित व अन्य जाति समुदाय के लोगों ने बीस वर्षों की अपनी सजा की अवधि पूरी कर ली है, लेकिन अब भी कई दलित लोग जेल से रिहा नहीं हुए हैं. उनके नाम हैं - 1. श्याम चैधरी 2. माधव चैधरी और 3. अरविंद चैधरी. इन्हें अविलंब रिहा किया जाए.


मनोज मंजिल ने चांदी लाॅज आरा, अंबेदकर छात्रावास पटना समेत बिहार के दलित छात्रावासों की ग्राउंड रिपोर्ट से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया. उन्होंने भोजपुर के जगदीशपुर में महादलितों के सुअर की हुई मौत का मसला उठाते हुए उसके मुआवजे की मांग की. महादलित टोले तक पहुंच पथ की स्थिति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया और इस संबंध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा.


भाकपा-माले विधायकों ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे ज्ञापन पर मुख्यमंत्री गंभीरता से विचार करेंगे और ठोस कार्रवाई करेंगे.


आलोक कुमार 


राज्य कर्मी ए.एन.एम. को पांच माह से वेतन भुगतान नहीं

  पटना.बिहार सरकार की उदासीनता के कारण राज्य कर्मी ए.एन.एम. को पांच माह से वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है.आज गुरूवार को कड़ाके की सर्दी में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया. इस सर्द वातावरण में परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो गई.

   


 परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता एएनएम का वेतन भुगतान विगत 5 महीनों से नहीं हो रहा है.जबकि सभी सरकारी सेवक गंभीर से गंभीर परिस्थितियों में भी विभाग के सभी निर्देशों का पालन करते हुए 24 x 7 सेवा प्रदान कर रहे हैं.बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ शाखा पटना प्रमंडल, पटना के बैनर तले दिनांक 5 जनवरी 2023 अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग,बिहार सरकार पटना के समक्ष अपनी मांगों की पूर्ति के लिए एक दिवसीय धरना गर्दनीबाग, पटना में दिया गया. धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, पटना प्रमंडल के प्रमंडल अध्यक्ष लाल बाबूराम ने की.   

    सभा को पटना प्रमंडल के प्रमंडल मंत्री विनोद यादव,बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के मानद सचिव विश्वनाथ सिंह, जिला मंत्री नालंदा सह राज्याध्यक्ष संजय कुमार,जिला मंत्री भोजपुर सह महामंत्री सुवेश सिंह, जिला मंत्री पटना सह सहायक महामंत्री अमित कुमार मिश्रा, जिला मंत्री बक्सर सह राज्य संयुक्त मंत्री आनंद सिंह, सहायक महामंत्री दिनेश कुमार आदि  नेताओं ने संबोधित किया.   सभा को संबोधित करते हुए सभी नेताओं ने कहा कि


आवंटन के अभाव में शीर्ष 2211 के महिला कर्मियों का वेतन विगत कई माह से अवरुद्ध है अभिलंब पर्याप्त आवंटन उपलब्ध कराकर वेतन,मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराना सुनिश्चित किया जाए.   संघीय पत्रांक -764 दिनांक 24.9.2022 के द्वारा डॉक्टर जितेंद्र नाथ, सिविल सर्जन,बक्सर के प्रशासनिक अराजकता, लूट-खसोट, सरकारी आदेशों के विपरीत कनीय चिकित्सकों को प्रतिनियुक्ति कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी घोषित करने के प्रमाण दिए गए, पत्र के आलोक में कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए.डॉ विभा कुमारी सिंह, तत्कालीन असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पटना के द्वारा किए गए  अनियमित स्थानांतरण के विरोध में संघ के द्वारा समर्थित परिवाद पत्र के आलोक में निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं बिहार,पटना के द्वारा गठित जांच कमिटी के  निष्कर्ष के आलोक में स्थानांतरण को रद्द किया जाए.डॉ विभा कुमारी सिंह, क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, पटना प्रमंडल, पटना के द्वारा फर्जी आवेदन पत्र डलवा कर संघ के चुनिंदा पदाधिकारियों को किए जा रहे तंग तबाह  एवं दमनात्मक कार्रवाई  से सुरक्षा प्रदान किया जाए.तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विहियां, भोजपुर, डॉक्टर नंदकिशोर प्रसाद के द्वारा फरार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य

कर्मियों को वेतन का भुगतान करने, आवासों का आवंटन सहित अन्य वित्तीय अनियमितताओं को जांच के दौरान आरोप प्रमाणित होने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विहियां, भोजपुर के पद पर से उन्हें मुक्त किया जाए.1 सितंबर 2005 के बाद नियुक्त सभी कर्मियों को पुराना पेंशन दिया जाए. ठेके,संविदा,आउटसोर्सिंग,स्कीम वर्कस की सेवा अभिलंब नियमित किया जाए आदि मांगों की पूर्ति अभिलंब नहीं किया गया तो बाध्य होकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी जवाबदेही सरकार की होगी.


 बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सरकार /विभागीय पदाधिकारियों एवं महासंघ के साथ हुए समझौते और निर्णय के बावजूद राज्य की राजधानी में काम करने वाले परिवार कल्याण  क्षेत्रीय कार्यकर्ता एएनएम का वेतन भुगतान  विगत 5 महीनों से नहीं हो रहा है.जबकि सभी सरकारी सेवक गंभीर से गंभीर परिस्थितियों में भी विभाग के सभी निर्देशों का पालन करते हुए 24 X 7 सेवा प्रदान कर रहे हैं.आप भी अवगत है कि सरकारी आवास मुहैया नहीं कराए जाने के कारण सभी कर्मी को किराए के मकान में रहकर कार्य करना पड़ता है.वेतन /मानदेय का भुगतान महीनों लंबित रहने के कारण बच्चों के स्कूल से नाम काट दिया गया है. राशन दुकानदार द्वारा बकाया नहीं दिए जाने के कारण  नहीं दी जा रही है, इतना ही नहीं अगर तन वेतन पर्ची के अभाव में बैंकों द्वारा ऋण भी नहीं दी जा रही है.कर्मियों के इलाज एवं दवा भी काफी योगदान है पूर्व से लिए गए बैंक ऋण की वसूली नहीं हो पाने के कारण बैंकों द्वारा तरह-तरह की यातनाएं भी दी जा रही है. ऐसी स्थिति में कलियों में भुखमरी के साथ रोग का भी प्रभाव बढ़ रहा है जिससे कर्मचारियों में काफी क्षोभ है. यदि दिनांक 10 जनवरी 2023 तक परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता एएनएम का सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित करें अथवा बाद से होकर दिनांक 11. 1.23 से सभी संबंधित कर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी आपकी राज्य सरकार की होगी.


आलोक कुमार


Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...