🔴 ताजा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

मुसहर समुदाय की जमीन को जबरन कब्जा करने का रामदीप प्रसाद कर रहे हैं

 


गया.अत्यंत गरीब 35 साल का कारू मांझी को टी.बी.बीमारी हो गयी है.उसकी पत्नी का दिमागी हालत ठीक नहीं है.वह बोध गया में भीख मांगती है.एक बेटा है.इस तरह की पारिवारिक हालात का फायदा दबंग रामदीप प्रसाद उठा लिया है.

       पूरा प्रकरण यह है कि महादलित


मुसहर समुदाय की जमीन को जबरन कब्जा करने का रामदीप प्रसाद कर रहे हैं.एक आवेदन लिखकर पीड़ित कारू मांझी ने अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, गया को दिया है.उसका विषय है कि खाता न० 535 (पुराना) प्लौट (पुराना) 1689 एवं 1351 (पुराना) नया खाता न० 1127 प्लौट न० 3594 और 3595 में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करके चारदीवारी किया जा रहा है.उसे रोकने का आग्रह किया गया है.

       स्वः रामस्वरूप मांझी का पुत्र कारू मांझी है.ग्राम मोचारीम रहते हैं. थाना बोधगया थाना न0 424 और जिला गया के निवासी है. कारू मांझी कहते हैं कि वर्ष 1970-71 मेरे दादा स्व० तिला मांझी पिता स्वः ऐतवार मांझी के नाम से बिहार सरकार के द्वारा भूमि वितरण के समय परवाना से प्राप्त हुआ है.कारू मांझी कहते है कि नीज ग्राम निवासी रामदीप प्रसाद पिता तुलसी महतो एवं अन्य के द्वारा के द्वारा जबरन मेरा दादा का प्राप्त जमीन से बेदखल कर रहा है.

   
उपरोक्त खाते-प्लौट की भूमि पर ईट,सिमेंट, छड़, छरी,बालू लगाकर जमीन पर निर्माण कार्य कर रहा है. कारू मांझी ने कहा कि रामदीप प्रसाद के द्वारा परवाना देखने के लिए कागजात हमसे छीन लिया और चला गया,जाते-जाते धमकी दिया तुम ज्यादा दिन धरती पर नहीं बचोंगे. रामदीप प्रसाद दबंग व्यक्ति है उनकी पत्नी आशा कुमारी बोधगया नगर परिषद अन्तर्गत वार्ड न0 27 से वार्ड पार्षद है. ये राजनीतिक पहुँच रखती है व हमारे उपर कभी गलत केस मुकदमा कर फंसा सकती है, हमारे जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को अपने पद, पैसा और पैरवी से कानून व विभागीय रूप से गलत कर रही है और अपने पद का दुरुपयोग कर रही है और हमारे जमीन पर कब्जा करने का षड्यंत्र रच रही है जो कभी भी खून खराबा मारपीट का रूप ले सकती है

   शांति भंग होने की संभावना है. निर्माण कार्य को अभिलंब रोकने की कृपा करें. और हमारे जमीन पर कब्जा दिलाने कि कृपा करे. अतः श्रीमान से नम्र निवेदन है कि इस अत्यंत गरीब और असहाय व्यक्ति के पक्षधर बने. और मुझे न्याय दिलवाने में सहायक बने.

आलोक कुमार


श्री बाबू पूरे प्रदेश को बनाया भी और संवारा भी


 


श्री बाबू में था विकास का मौलिक विजन : डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह

 पटना।घर को सजाना और बात है और घर बनाना और बात है। कहते हैं कि एक घर बनाने में लोग टूट जाते हैं और श्री बाबू पूरे प्रदेश को बनाया भी और संवारा भी। वे आधुनिक बिहार के निर्माता थे। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही। वे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

    डा0 सिंह ने कहा कि श्री बाबू के पास विकास का मौलिक विजन था। उनकी सोच भविष्य को संवारने की थी। उनकी चिंता पीढ़ियों को आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करने की रही न कि आज की तरह राजनीतिक लाभ के लिए पापुलिस्ट एजेन्डा के तहत काम करने की। यही कारण है कि उन्होंने बिहार के बेहतर भविष्य के लिए एक के बाद एक ढाँचागत औद्योगिक संस्थानों की नीव रखी क्योंकि वे नेहरू जी के अनुयायी थे जो कहते थे कि उद्योग आधुनिक भारत का मंदिर है।

उनकी 136वीं जयन्ती के अवसर पर सदाकत आश्रम में शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सैंकड़ों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता ने भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने श्री बाबू के तैल चित्र पर पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आज जो कांग्रेस नेता इस कार्यक्रम में शरीक हुए उनका नाम है  पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा, वीणा शाही, प्रेम चन्द्र मिश्र, समीर कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, बंटी चौधरी, लालबाबू लाल, निर्मल वर्मा, पूनम पासवान, प्रमोद कुमार सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव, विनोद शर्मा, आई.पी. गुप्ता, डॉक्टर संजय यादव, आलोक हर्ष, राजकुमार राजन, प्रभात सिंह, इरशाद हुसैन,सुमन कुमार मल्लिक, कुमार आशीष, अफसर अहमद, चंद्र प्रकाश सिंह, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, स्नेह आशीष वर्धन पांडे, शशिकांत तिवारी, अमरेंद्र सिंह, संजीव कुमार कर्मवीर, अनुराग चंदन, प्रद्युम्न कुमार, मिथिलेश शर्मा मधुकर, संजय कुमार पांडे, रीता सिंह, निधि पांडे, शशि रंजन, अखिलेश्वर सिंह, आदित्य पासवान, मनजीत आनंद साहू, मृणाल अनामय, उदय शंकर पटेल, इं. कमलेश कुमार, विश्वनाथ बैठा, उमेंद्र प्रसाद सिंह, फिरोज हसन, राम नरेश चौधरी, वैद्यनाथ शर्मा, कुंदन गुप्ता, ललित सिंह, अरुणा सिंह, यशवंत कुमार चमन, प्रमोद राय, कामरान निजामी, अभय कुमार, शंभू सिंह, नीतू सिंह निषाद, संतोष यादव, जवाहरलाल चौधरी, हसीब खान,संतोष कुमार, सरिता वर्मा, विशाल रंजन, दिलीप कुमार सिंह, अफजल हुसैन, हीरा सिंह बग्गा, अरविंद ठाकुर।


आलोक कुमार

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...