आज़ादी की कहानी फिर बहस के कटघरे में
“आज़ादी की कहानी फिर बहस के कटघरे में” एनएसए अजीत डोभाल के बयान ने छेड़ा आज़ादी के इतिहास पर नया विमर्श क्या भारत की आज़ादी की कहानी वह है, जो दशकों से हमें पढ़ाई और राजनीति में सुनाई जाती रही है—या फिर इसके कुछ अध्याय अब भी अधूरे हैं? राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के हालिया बयान ने इसी सवाल को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है. डोभाल का कहना है कि भारत को आज़ादी महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलनों से नहीं, बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) के दबाव के कारण मिली.यह बयान केवल एक ऐतिहासिक व्याख्या नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की प्राथमिकताओं को लेकर चली आ रही बहस को नए संदर्भ और नई धार देता है. INA बनाम अहिंसा: पुराना विवाद, नया संदर्भ ...