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मेयर प्रत्याशी के समर्थन में हजारों हाथ उठे

पटना.पटना शहर बीजेपी का अभेद किला है. यहां के सभी विधानसभा और लोकसभा पर बीजेपी कब्जा है. मेयर भी बीजेपी समर्थित हैं.इस बार बदले राजनीतिक परिदृश्य में मेयर पद के साथ बीजेपी के गढ़ में सेंधमारी करने का प्रयास जारी है.पटना नगर निगम के निवर्तमान पार्षद सह डिप्टी मेयर रजनी देवी के पक्ष में बड़ी सभा वीणा सिनेमा  हॉल ,पटना जँक्शन  व दीघा-आशियाना रोड में अवस्थित शीश महल उत्सव हॉल में की गयी.जहां पर पटना नगर निगम के मेयर पद की प्रत्याशी रजनी देवी हैं. मेयर प्रत्याशी के समर्थन में हजारों हाथ उठे.

बता दें कि इस समय राजधानी पटना में चार विधानसभा क्षेत्र पड़ता है.जिस पर पटना शहरी क्षेत्र में आने वाले चारों विधानसभा कुम्हरार, दीघा, बांकीपुर और पटना साहिब में बीजेपी के विधायक है. यहां बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन. कुम्हरार विधायक अरुण सिन्हा, दीघा विधानसभा से संजीव चौरसिया ने जीत दर्ज की है. जबकि पटना साहिब से नदंकिशोर यादव विधायक हैं.वहीं लोकसभा के भी दोनों सीटों पर भी बीजेपी का कब्जा है यहां पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद ने दो बार सांसद रहे फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को 284657 वोटों से हरा दिया. पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के रामकृपाल यादव ने 39321 वोटों से चुनाव जीता है. रामकृपाल यादव ने लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को शिकस्त दी थी. इसके बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य में अब जब पहली बार कोई चुनाव हो रहा है तब बीजेपी को अपना गढ़ बचाने की चुनौती है.पिछले नगर निगम चुनाव की बात करें तो यहां के 75 वार्ड पार्षदों में 43 में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने जबकि जेडीयू के चार, कांग्रेस के दो और आरजेडी समर्थक 26 पार्षद चुनाव जीतने में कामयाब हुए थे.

पटना नगर निगम की प्रत्याशी रजनी देवी  के समर्थन में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि बदली राजनीतिक परिदृश्य में मौका का फायदा उठाना है.हमलोगों की जनसंख्या 85 प्रतिशत हैं.जनसंख्या के गुमान में नहीं रहना है.गुमान में रहने के कारण ही जनसंख्या 15 प्रतिशत राजभोग रह हैं.इस बार बूथ लेवल तक सजग रहना है.पहले मतदान तब जलपान के पथ पर चलना है.फस्ट अटैम में ही मतदाताओं के पास मतदाता पर्ची पहुंचा देना है.दबंगई को किनारा करके मतदाताओं को प्रणाम करके परिणाम भावी मेयर प्रत्याशी रजनी देवी के पक्ष में लाना है.

पटना नगर निगम के निवर्तमान पार्षद सह डिप्टी मेयर रजनी देवी के पक्ष में अभियान चलाने वाले पप्पू राय ने कहा कि पटना नगर निमम के द्वारा कॉरपोरेट के सहारे आउटसोर्सिंग से बहाली कर्मियों को की जाती है.एक सफाईकर्मी को निगम के द्वारा मासिक वेतन 18000 रुपये.दिया जाता है.आउटसोर्सिंग कर्मियों को हाथ में 9000 रू.दिया जाता है.वह भी 26 दिनों की उपस्थिति पर आधारित होता है.इस तरह का शोषण बंद करना होगा.उन्होंने खुलासा किया कि संपूर्ण देश में कूड़ा उठाने के एवज में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगता है.यहां पर प्रत्येक साल 360 रू.लगता है.मेयर बनने के बाद परिवर्तन होगा.अभियान चलाने वाले पप्पू राय ने कहा कि पटना नगर निगम के द्वारा सड़क किनारे दुकान सजाने वालों को खदेरा जाता है.ऐसे लोगों को स्थायी दुकान लगाने की व्यवस्था की जाएगी.

सुधीर कुमार,भाई धर्मेंद्र,प्रो.अशोक,कमलेश,बखेरा राय, अनिल,चंद्रशेखर राय,धनंजय कुमार यादव आदि विचार व्यक्त किये.नकटा दियारा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया ने अध्यक्षता की.

आलोक कुमार 

1 सप्ताह में पटना में डेढ़ सौ से अधिक डेंगू के मामले

 

पटना.कोरोना के खतरे के बीच पटना में डेंगू फीवर के मामले भी बढ़ने लगे हैं. पटना के पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एम्स , एनएमसीएच, कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल और कई निजी अस्पतालों में बीते 3 दिनों में 50 से अधिक मरीज एडमिट हो चुके हैं. आरएमआरआई  द्वारा पटना के विभिन्न स्थानों से डेढ़ सौ से अधिक डेंगू लार्वा का सैंपल जांच के लिए लिया गया है.

हालांकि एक तरफ जहां डेंगू के मामले पटना में तेजी से बढ़ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नगर निगम की तरफ से एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का कार्य गंभीरता पूर्वक नहीं हो रहा है. कई प्राइवेट पैथोलॉजी में भी काफी संख्या में डेंगू के मामले सामने आए हैं, ऐसे में अंदाज लगाया जा रहा है कि बीते 1 सप्ताह में पटना में डेढ़ सौ से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं.        

 पटना नगर निगम के वार्ड नं.22 A में रहने वाले थेओडोर तिर्की कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के वार्ड 1 सी में भर्ती है.वे गंगा विहार कॉलोनी में रहते हैं. पटना नगर निगम के निवर्तमान वार्ड पार्षद दिनेश कुमार के कार्यकाल में गंगा विहार कॉलोनी के रोड नंबर-2 के सम्पर्क पथ और गंदा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं कराया.जबकि सभी जनप्रतिनिधियों के पास पर्याप्त धनराशि विकास करवाने के लिए है.    

नगर निगम इन दिनों डिप्टी मेयर के चुनाव की तैयारियों को लेकर व्यस्त है और ऐसे में फॉगिंग और छिड़काव को लेकर गंभीरता से मॉनिटरिंग नहीं कर रहा है, जिस कारण आने वाले दिनों में इसका खामियाजा पटना वासियों को भुगतना पड़ सकता है.  

पटना जिला सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने बताया कि फाइलेरिया विभाग को जलजमाव वाले क्षेत्रों और जिन इलाकों में डेंगू मच्छर के लार्वा मिले हैं, वहां एंटी लार्वासाइड्स का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को स्थल चिन्हित कर सूची भिजवाई जा रही है, ताकि नियमित तौर पर उन इलाकों में फागिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा सके.  

बताते चलें कि पटना में जुलाई से अक्टूबर के बीच डेंगू का खतरा काफी ज्यादा रहता है और अभी के समय पटना के राम नगरी, मंदिरी, दीघा, ट्रांसपोर्ट नगर, चंद्रगुप्त नगर, शास्त्री नगर, गर्दनीबाग समेत और 15 क्षेत्रों में डेंगू के काफी अधिक मरीज मिले हैं.    

पटना नगर निगम के मेयर पद की प्रत्याशी रजनी देवी के प्रतिनिधि पप्पू राय ने दावा किया है कि कोरोना काल में जिस तरह से फागिंग कर कोरोना को मुट्ठी में किया गया है.उसी तरह डेंगू पर भी काम करने की जरूरत है. 18/09/2022 को वार्ड संख्या 27 में डेंगू से राहत बचाव के लिए भिन्न भिन्न स्थानों पर फागिंग करवाया गया निर्वतमान पार्षद रानी कुमारी सेवा ही हमारी एकमात्र धर्म है वार्ड संख्या 27 की जनता जिंदाबाद.

आलोक कुमार

वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान कई सवाल


चंडीगढ़.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में छात्राओं के तथाकथित वायरल एम एम एस वीडियो मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस के रवैये पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस कांड को तात्कालिक तौर पर दबाने या टालने की नीति नहीं अख्तियार की जानी चाहिए.

इस संदर्भ में ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी और अध्यक्ष इ.रति राव ने कहा कि इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान कई सवाल खड़े कर रहा है और  विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्राओं के अभिभावकों पर दबाव बना कर और विश्वविद्यालय बंद कर हॉस्टल खाली करवा कर मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई है. जबकि, जरूरत थी कि छात्राओं को न्याय मिले और  वीडियो वायरल होने की वजह से व्याप्त भय और असुरक्षा बोध से उन्हें मुक्त करने के लिए गंभीर प्रयास किया जाएं.

पंजाब विश्वविद्यालय की यह घटना इस बात की पुष्टि करता है कि छात्राओं के लिए पितृसत्तात्मक मूल्यों पर आधारित नियमों को लागू करना और हॉस्टल को कैदखाना बना देना छात्राओं की सुरक्षा की गारंटी नहीं है.किसी भी कार्यस्थल की तरह विश्वविद्यालय में भी एक स्वस्थ, खुला और लोकतांत्रिक माहौल  होना चाहिए ताकि लड़कियां निर्भीक और अपने अधिकारों के प्रति सजग बन सकें.

 इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियनें नहीं हैं और लड़कियों को शाम 6ः00 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर आने जाने की इजाजत नहीं है. हमारे लिए आश्चर्यजनक यह भी है कि इस विश्वविद्यालय में अब तक यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी का गठन नहीं हुआ है. हम पंजाब महिला आयोग से उम्मीद करते हैं कि आयोग इस बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब तलब करेगा. 

 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा उठाए गए मांगों का समर्थन करते हुए हम मांग करते हैं कि:-

1.विश्वविद्यालय में एक स्वस्थ लोकतांत्रिक माहौल के लिए जरूरी है कि छात्र यूनियनों का निर्माण हो ताकि उस मंच से छात्राएं अपनी समस्याएं उठा सकें.

2. हॉस्टल में आने-जाने के समय का निर्धारण छात्र और छात्राओं के लिए एक समान हो.

3. यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी ((CASH) का तत्काल गठन किया जाए.


आलोक कुमार

             

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

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