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बिल्डरों-भूमाफिया के दबाव में गरीबों को उजाड़ने की साजिश नहीं चलेगी, बुलडोजर राज नहीं चलेगा- गोपाल रविदास

             *मसले पर एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला, गरीबों के अधिकारों की रक्षा करे प्रशासन

पटना.सोन नहर के चार्ट में लंबे समय से बसे खगौल के शबरी नगर के गरीबों को उजाड़े जाने के फरमान के खिलाफ आज भाकपा-माले के बैनर तले वहां के गरीब-गुरबों ने पटना के जिलाधिकारी के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद भाकपा-माले के फुलवारी से विधायक गोपाल रविदास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पटना के डीएम से मुलाकात कर दलितों-गरीबों को विस्थापित करने के फरमान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

प्रदर्शन कारिगल  चौक से शुरू हुआ, जिसमें माले नेताओं के साथ-साथ शबरी नगर के महादलित समुदाय केे गरीब-गुरबे बड़े पैमाने पर शामिल थे. महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय थी. प्रतिनिधिमंडल में गोपाल रविदास के साथ पटना नगर के सचिव अभ्युदय, राज्य स्थायी समिति के सदस्य रणविजय कुमार, राज्य कमिटी सदस्य जितेन्द्र कुमार, माले के पटना जिला कमिटी सदस्य सत्येंद्र शर्मा, शबरी नगर के निवासी बालेश्वर पासवान और रत्नेश कुमार शामिल थे.


डीएम से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद विधायक गोपाल रविदास ने कहा है कि डीएम महोदय ने इस मसले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से सोन नहर के चार्ट में महादलित समुदाय के लोग बसे हुए हैं. कुछ लोग नहर के निचले हिस्से में तो कुछ ऊपरी हिस्से में वास करते हैं. इस जमीन पर बिल्डरों व दबंग लोगों की निगाहें हैं. उन्होंने जल स्रोत रूक जाने का हवाला देकर हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर कर दिया और हाई कोर्ट को गुमराह करने का काम किया. हाईकोर्ट के निर्देश पर स्थानीय अंचलाधिकारी ने जमीन खाली करने का आदेश जारी कर दिया है.

माले विधायक ने कहा कि सोन नहर में फ्लाई ओवर बन गया है, उससे कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन गरीबों के बसे होने से दिक्कत है. यह सरासर बिल्डरों व भूमाफिया द्वारा उनकी जमीन हड़प लेने की साजिश है. वार्ता में डीएम ने स्वीकार किया कि वहां का सर्वे कराया जा चुका है और गरीबों के रहने से कोई दिक्कत प्रशासन को नहीं है. डीएम महोदय ने तत्काल सीओ को इस मामले में निर्देशित किया और कहा कि गरीबों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है.

2001 में जब यह इलाका ग्राम पंचायत के अधीन था, तब 53 लोगों को वास का पर्चा भी मिला, लेकिन उसके बाद वह नगर परिषद में चला गया और आज तक मामला जहां का तहां लटका हुआ है. माले विधायक ने कहा कि पुराने आधार पर सभी गरीबों की बंदोबस्ती होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले में पहलकदमी ले. अपनी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बिल्डरों के पीआईएल को चुनौती दे. भाकपा-माले भी उच्च न्यायालय को गुमराह किए जाने के खिलाफ इस मामले में अपना हस्तक्षेप बढ़ाएगी.

आक्रोशपूर्ण मार्च की शुरुआत के पहले कारगिल चौक पर एक सभा हुई, जिसमें कई वक्ताओं ने संबोधित किया. जिसमें उक्त नेताओं के अलावा पार्टी की केंद्रीय कमिटी की सदस्य शशि यादव, अनीता सिन्हा, पन्नालाल, राखी मेहता सहित आइसा-इनौस के छात्र-युवा भी बड़ी संख्या में शामिल थे.

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा द्वारा देश में चलाए जा रहे बुलडोजर राज से यहां के बिल्डर व भूमाफिया भी सक्रिय हो गए हैं और वे गरीबों को जमीन से बेदखल करके अपना कब्जा जमा लेने की फिराक में है. लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि यह यूपी नहीं बिहार है. यहां बुलडोजर राज नहीं चलने दिया जाएगा. माले नेताओं ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जब राज्य में बुलडोजर की आवाज चौतरफा सुनी जा रही है, तब उनकी बोलती बंद क्यों है?

माले नेताओं ने कहा कि न्यायालय का यह निर्देश है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी गरीब को नहीं उजाड़ा जा सकता है. फिर गरीबों पर हमले क्यों हो रहे हैं? हम ग्रामीण गरीबों की तर्ज पर शहरी गरीबों के लिए भी नया वास-आवास कानून बनाने की मांग करते हैं.

आलोक कुमार 

10000 परीक्षार्थी शामिल होंगे

 

मोतिहारी.पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में बिहार लोक सेवा आयोग पटना द्वारा आयोजित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित केंद्राधीक्षक, जोनल मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी को ब्रीफिंग किया गया.कदाचार मुक्त परीक्षा, विधि व्यवस्था संधारण , स्वच्छ एवं पारदर्शिता पूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

जिला अंतर्गत 15 परीक्षा केंद्रों पर संचालित की जाएगी ,जिसमें 10000 परीक्षार्थी शामिल होंगे.सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकरियों की प्रतिनियुक्त की गई है.किसी भी परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में कैल्कुलेटर,मोबाइल,ब्लूटूथ, वाईफाई गैजेट,इलेक्ट्रॉनिक पेन, साधारण कलाई घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी,स्मार्ट वॉच, पेजर इत्यादि जैसी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री तथा व्हाइटनर, इरेजर एवं ब्लेड आदि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे.किसी भी वीक्षक कर्मी के पास भी परीक्षा अवधि में मोबाइल नहीं रहेगा.परीक्षा केंद्र पर प्रतिनियुक्त महिला पुलिस बल एवं महिला वीक्षकों द्वारा महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग किया जाएगा.


इस अवसर पर अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला नजारत शाखा उप समाहर्ता, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, सुपर जोनल दंडाधिकारी, सभी जोनल दंडाधिकारी, सभी स्टैटिक दंडाधिकारी, सभी केंद्राधीक्षक एवं संबंधित सभी पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार


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