पश्चिमी अंगामी सीट से सलहूतुनू क्रुसे ने सिर्फ 7 वोटों से जीत हासिल की



नागालैंड. नागालैंड विधानसभा चुनाव में एनडीपीपी और भाजपा की गठबंधन वाली सरकार ने बहुमत से जीत हासिल की है. एनडीपीपी की पश्चिमी अंगामी विधानसभा सीट से उम्मीदवार सलहूतुनू क्रुसे  ने जीत हासिल की है। वहीं दीमापुर -3 विधानसभा सीट से हेकानी जाखलू ने जीत दर्ज की है.
बता दें कि नागालैंड में अब तक 14 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं लेकिन इतिहास में आज से पहले कभी कोई महिला विधायक नहीं चुनी गईं. लेकिन क्रूस और जाखलू ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है. बता दें कि दोनों नवनिर्वाचित महिलाओं को एनडीपीपी ने चुनावी मैदान में उतारा था.
    दूसरी ओर पश्चिमी अंगामी सीट से सलहूतुनू क्रुसे ने सिर्फ 7 वोटों से जीत हासिल की है. सलहूतुनू क्रुसे और निर्दलीय उम्मीदवार केनिझाखो नखरो के बीच बड़ी कांटे की टक्कर देखने को मिली. सलहूतुनू क्रुसे को 7,078 वोट मिले जबकि केनिझाखो नखरो को 7,071 वोट हासिल हुए. इस जबरदस्त मुकाबले में नोटा का बड़ा योगदान रहा. 80 वोट नोटा में डाले गए.नागालैंड विधानसभा चुनाव में इतिहास रचते हुए पहली बार महिला उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव जीते हैं.
 एनडीपीपी और भाजपा गठबंधन की उम्मीदवार सलहूतुनू क्रुसे ने पश्चिमी अंगामी सीट से जीत दर्ज की है. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार केनेजाखो नखरो को 7 वोटों के मामूली अंतर से हरा दिया. सलहूतुनू क्रुसे नगालैंड की दूसरी महिला विधायक हैं. नागालैंड की दूसरी महिला बनीं विधायक सलहूतुनू क्रुसे काफी रईस हैं. क्रुसे न केवल करोड़ों की मालकिन हैं बल्कि आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियों की स्वामिनी भी हैं.सलहूतुनू क्रुसे ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया था कि उनके पास लगभग 13 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है. इनमें करीब 11 करोड़ 52 लाख 20 हजार रुपये की अचल और एक करोड़ 81 लाख रुपये 90 हजार 128 रुपये की चल संपत्ति है. जबकि उनके ऊपर कोई लेनदारी या देनदारी नहीं है.
       महज कक्षा 12वीं तक पढ़ीं हैं क्रुसे नागालैंड की पश्चिमी अंगामी सीट से विधानसभा चुनाव जीतीं.वह 56 वर्ष की हैं.  वह एक स्कूल की संचालक हैं. उनके खिलाफ कोई आपराधिक या धोखाधड़ी का मामला दर्ज नहीं है.1986 में उन्होंने नेहू के कोहिमा कॉलेज से कला संकाय में प्री-यूनिवर्सिटी एग्जाम पास किया था. क्रुसे के पास करीब 2,30,000 रुपये कैश राशि; एक करोड़ रुपये से अधिक के बैंक डिपॉजिट; 20,79,031 रुपये के बॉन्ड, दो लाख रुपये की एलआईसी और अन्य पॉलिसी; उनके पास 55 लाख रुपये से अधिक की तीन गाड़ियां - टोयोटा फॉर्च्यूनर, टोयोटो कोरोला, ईसुजू भी हैं. वहीं, जूलरी में 76 हजार रुपये की तीन गोल्ड एवं डायमंड रिंग हैं। इस प्रकार उनकी चल संपत्ति की अनुमानित राशि 1,81,90,128 रुपये है.
       सलहूतुन क्रूसे लंबे समय से सामाजिक संगठनों की एक्टिव मेंबर रही हैं. वह अंगामी महिला संगठन की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. बता दें कि वह बाद में महिला संगठन के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुकी हैं.उनके स्वर्गीय पिता केवी सेखों क्रूस एनडीपीपी के टिकट पर पश्चिमी आगामी सीट से उम्मीदवार रह चुके हैं. बता दें कि उनके पिता को साल 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान केनिजाखों नाख्रो के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था.

 आलोक कुमार

महिलाओं को जिताकर विधानसभा भेजा

 नागालैंड.नागालैंड की स्थापना 1 दिसम्बर 1963 को भारत के 16वें राज्य के रूप में हुई थी.नागालैंड भारत का एक उत्तर पूर्वी राज्य है.इसकी राजधानी कोहिमा है, जबकि दीमापुर राज्य का सबसे बड़ा नगर है. नागालैंड की सीमा पश्चिम में असम से, उत्तर में अरुणाचल प्रदेश से, पूर्व में बर्मा से और दक्षिण में मणिपुर से मिलती है.असम घाटी के किनारे बसे कुछ क्षेत्रों को छोड़कर राज्य का अधिकतर हिस्सा पहाड़ी है. राज्य के कुल क्षेत्रफल का केवल 9 प्रतिशत हिस्सा समतल जमीन पर है. नागालैंड में सबसे ऊँची चोटी माउंट सारामती है जिसकी समुद्र तल से उँचाई 3840 मी है.यह पहाड़ी और इसकी शृंखलाएँ नागालैंड और बर्मा के बीच प्राकृतिक अवरोध का निर्माण करती हैं. यह राज्य वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विविधता का घर है.

     भारत आजादी के 75 साल मना रहा है. अगर हम भारत के आम चुनावों में महिलाओं की भागीदारी और प्रदर्शन के आंकड़ों पर एक नज़र डालें तो यह हमें सोचने को मजबूर कर देता है कि जमीनी स्तर पर स्थिति बहुत ज्यादा नहीं बदली है.इसी को ध्यान में रखकर नागालैंड में इस बार जनता ने 27 फरवरी को 14वीं बार विधानसभा के लिए वोट डाले थे. प्रदेश के 60 साल के इतिहास में आज तक कोई भी महिला विधायक नहीं चुनी जा सकी थी. लेकिन इस बार ये परंपरा टूट गई. नागालैंड की जनता ने इस बार इतिहास रच दिया है. जनता ने इस बार एक नहीं बल्कि दो महिलाओं को जिताकर विधानसभा भेजा. दोनों महिला विधायक बीजेपी समर्थित एनडीपीपी से हैं.इसका परिणाम 02 मार्च को आया.

   

नागालैंड में इतिहास रचकर विधानसभा जाने वाली 48 साल की हेकानी जाखलू हैं.दीमापुर-तृतीय उन चार निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है, जहां महिला चुनाव मैदान में उतरी थीं. यहां के पांचों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर रही. एनडीपीपी उम्मीदवार हेकानी जाखलू ने मौजूदा विधायक अजहेतो झिमोमी को हराकर जीत हासिल की है. 48 साल की हेकानी ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एजेटो झिमोमी को 1536 वोट से हराया. उन्हें 14,395 वोट मिले. खास बात ये है कि वह सिर्फ 7 महीने पहले ही राजनीति में आई थीं. हकानी ने दीमापुर 3 विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता  है.

     नवनिर्वाचित विधायक हेकानी जाखलू ने लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन से पढ़ाई की है. साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लॉ से पढ़ने के बाद सैन फ्रांसिस्को विश्वविद्यालय से एलएलएम किया है. बाद में उन्होंने दिल्ली में एक लॉ फर्म में काम भी किया. साल 2005 में जाखलू नागालैंड लौटी और उन्होंने यूथनेट नामक एक गैर सरकारी संगठन की शुरुआत की.हेकानी जाखलू ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम भी किया हुआ है. साल 2018 में हेकानी जाखलू को बाल और महिला विकास मंत्रालय ने नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया.


    वह पेशे से वकील भी हैं. उन्होंने कहा कि वह पिछले 17 सालों से अपने एनजीओ के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि वह 1.2 लाख युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाने में सफल रही हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक आप सिस्टम में नहीं आते, आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते.वे महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती हैं. उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र को एक मॉडल बनाने का वादा किया और अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया.

   चुनावी हलफनामे में, हेकानी जाखलू ने खुद पर ₹41.95 लाख से अधिक का कर्ज भी घोषित किया है. चुनावी हलफनामे के अनुसार, हेकानी और उनके पति के पास आधा दर्जन कारें हैं. इसकी कुल कीमत 1.32 करोड़ से ज्यादा बताई गई है. हेकानी के पास टोयोटा इनोवा कार है. हलफनामे में, उसने अपने पति के स्वामित्व वाली पांच अलग-अलग कारों को सूचीबद्ध किया है.

  बताते चले कि 1977 में रानो एम शैज़ा नागालैंड से लोकसभा के लिए चुनी जाने वाली पहली और एकमात्र महिला सांसद थीं. वह कांग्रेस पार्टी की सदस्य थीं और तुएनसांग-सोम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती थीं.नागालैंड भाजपा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष फांगनोन कोन्याक मार्च 2022 में निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुनी गईं. इस प्रकार उच्च सदन में प्रवेश करने वाली नागालैंड की वह पहली महिला बनीं.

आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...