शुक्रवार, 28 मार्च 2025

हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने किया ऐलान

 वक्फ संशोधन बिल का पुरजोर मुखालफत करती है कांग्रेस ;  प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार

वक्फ संशोधन बिल से वक्फ बोर्ड का गला घोंटना चाहती है केंद्र सरकार: डॉ शकील अहमद खान

हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने किया ऐलान

पटना. भाजपा सरकार के द्वारा लाई गई वक्फ संशोधन बिल का कांग्रेस पार्टी पुरजोर मुखालफत करती है.इस कानून में वक्फ की संपत्तियों का दुरुपयोग करने और पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर भाजपा एनडीए सरकार अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से मुस्लिम समुदाय की खिलाफत कर रही है.कांग्रेस बिहार में हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम का भी आज शुरुआत कर रही है.ये बातें बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार ने आज सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही.

             संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि वक्फ संपत्ति को लेकर केंद्र की सरकार की मंशा पूर्वाग्रह से ग्रस्त है. उन्होंने कांग्रेस के हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम की शुरुआत का विधिवत ऐलान किया और कहा कि प्रखंड से लेकर जिला और  प्रदेश के कांग्रेसजन अपने घरों, गाड़ियों और कार्यालयों पर झंडा लगाने का काम करेंगे.इससे कांग्रेस अपनी विरासत और संघर्ष को बयान करेगी. भाजपा के एजेंडे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी नीति रही है कि कमजोर और शोषित वर्ग को प्रताड़ित करने की.ये सरकार अनुसूचित जाति सहित अल्पसंख्यक वर्गों को प्रताड़ित करती है.

    संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार कांग्रेस के विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति में सरकार के ज्यादा भागीदार होने के कारण भाजपा ने अपने हिसाब से वक्फ बोर्ड का संशोधन बिल तैयार कर दिया. तमाम आपत्तियों और सुझावों को दरकिनार कर केवल वक्फ की संपत्तियों के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर फैसला लिया गया.वक्फ के बारे में विस्तार से उन्होंने बताया और सभी अल्पसंख्यक संगठनों से जो सुझाव आए उसके खिलाफ केंद्र की सरकार ने अंतिम मसौदा तैयार कर दिया.बीजेपी द्वारा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की धज्जियां उड़ा रही है. एनडीए के घटक दल ये स्पष्ट करें कि जदयू, लोजपा रामविलास, हम सेक्यूलर के लोग भाजपा के एजेंडे के साथ खड़े हैं या नहीं.

      ये तमाम दल गोडसेवादी भाजपा के साथ रहना चाहते हैं तो फिर उन्हें अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए कि वक्फ के मामले पर वें वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में खड़े हैं या नहीं. कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा की पोषक है और लगातार सभी को साथ लेकर चलने का काम करती है.

    एक सवाल के जवाब में बिहार के प्रभारी सचिव सुशील पासी ने कहा कि हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम को सभी कांग्रेसजन घर घर पहुंचाएं.उन्होंने अगले महीने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व देश के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पटना आगमन की संभावित आगमन की भी सूचना दी.

   संवाददाता सम्मेलन में विधान परिषद में दल के नेता व पूर्व  अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, अशोक गगन,  डॉ स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय, सौरभ सिंहा, निधि पांडेय, ज्ञान रंजन सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहें.




मंगलवार, 25 मार्च 2025

चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पटना में विरोध प्रदर्शन


 चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पटना में विरोध प्रदर्शन

रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आए बिना बागमती तटबंध निर्माण, जनता के साथ धोखा है

सिकरहना और महानंदा पर तटबंध निर्माण को लेकर भी तत्काल रोक की मांग

बागमती तटबंध निर्माण के रिव्यू कमिटी की अनुशंसा के आधार पर निर्णय लिया जाए

पटना.चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा ने आज पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.इस प्रदर्शन में मोर्चा के नेता और स्थानीय लोग बागमती तटबंध निर्माण के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे.उनका कहना था कि रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने से पहले इस निर्माण कार्य को फिर से शुरू करना जनता के साथ धोखा है.

  प्रदर्शन में मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव के नेतृत्व में माले नेता धीरेंद्र झा, मीना तिवारी, सिकटा विधायक वीरेंद्र गुप्ता, सूरज कुमार सिंह, दीपक कुमार, ठाकुर देवेंद्र सिंह, रामलोचन सिंह, नवल किशोर सिंह, जगरनाथ पासवान, रंजीत सिंह, अशोक कुमार, विवेक कुमार, ललित राय, पतशुराम राय, मनोज कुमार यादव, सुनील यादव समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया.

   इस विरोध प्रदर्शन के दौरान न केवल बागमती तटबंध बल्कि सिकरहना और महानंदा नदी पर प्रस्तावित तटबंध निर्माण की योजना पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की गई.प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह तटबंध निर्माण योजनाएं न केवल बेमानी हैं, बल्कि इनसे क्षेत्रीय किसानों, मजदूरों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ेगा.

बागमती तटबंध परियोजना, जो 50 साल से भी पुरानी है, पर कई बार सवाल उठ चुके हैं. बार-बार जन आंदोलनों के दबाव में बिहार सरकार ने 2018 में एक रिव्यू कमिटी का गठन किया था, जिसका उद्देश्य तटबंध के औचित्य का पुनः मूल्यांकन करना था. रिव्यू कमिटी को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश था, लेकिन आज तक उसकी कोई बैठक नहीं हुई और रिपोर्ट भी जारी नहीं हो पाई.इसके बावजूद बागमती तटबंध निर्माण के काम को फिर से शुरू कर दिया गया है, जो स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है.

   सिकरहना नदी पर बांध बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे 250 से अधिक गांव जलमग्न हो सकते हैं. हालांकि, आंदोलन के दबाव में इस योजना को फिलहाल रोक दिया गया है. इसके अलावा, महानंदा नदी पर फेज 2 के तहत प्रस्तावित तटबंध योजना से पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिलों के लगभग 200 गांवों में तबाही मच सकती है और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है.

   प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तटबंधों का निर्माण इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और जीवन-यापन के तरीके पर गंभीर प्रभाव डालेगा. तटबंध के बजाय, उनका कहना है कि इस पैसे का उपयोग कटाव निरोधक कार्यों में किया जाना चाहिए, ताकि नदियों के कटाव से बचाव हो सके और बाढ़ की समस्या को भी नियंत्रित किया जा सके.

    नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार को रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए तटबंध निर्माण पर कोई भी निर्णय लेना चाहिए.उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि यह तटबंध परियोजनाएं न तो स्थानीय जनता की आवश्यकता को ध्यान में रखती हैं, न ही उनके हितों की रक्षा करती हैं.इसके पीछे इंजीनियरों, ठेकेदारों और सरकार कुछ अधिकारियों के व्यक्तिगत स्वार्थ हो सकते हैं, जो इस निर्माण कार्य से लाभ उठाना चाहते हैं.

   प्रदर्शनकारियों ने यह चेतावनी दी कि अगर सरकार ने बागमती और अन्य नदियों के तटबंधों को रोका नहीं, तो उनका आंदोलन और तेज होगा. तटबंधों का निर्माण इलाके की खेती, आवास, और अन्य आर्थिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचाएगा. सरकार को चाहिए कि वह तटबंधों को रोककर जल निकासी के रास्तों का विस्तार करे, ताकि बाढ़ के दौरान जलभराव से राहत मिल सके.


आलोक कुमार


सोमवार, 24 मार्च 2025

यंग इंडिया के बोल सीजन-5 कार्यक्रम

  यंग इंडिया के बोल सीजन-5 कार्यक्रम 

पटना. आज कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में युवा कांग्रेस द्वारा


यंग इंडिया के बोल सीजन-5 कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें पूरे देश के हरेक राज्य से बेहतर प्रतिभागी ने भाग लिया. इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा कांग्रेस अपने बेहतर से बेहतर प्रवक्ताओं को चुनने का काम करती है. प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जाता है.पार्टी के प्रवक्ता सामाजिक कार्यकर्ता एवं मीडिया जगत से जुड़े लोग इस चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेते है. इस बार ग्रेड फिनाले सीजन-5 का आयोजन बिहार में हुआ.इस प्रक्रिया से वाद-विवाद , देशी भाषा एवं हिन्दी, अंग्रेजी स्पीच के माध्यम से चुना जाता है.

हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा के विजेता -सैयद हुसैन अब्बास जैदी, उत्तर प्रदेश से, रनर अप-रानी राठौड, तेलंगाना, द्वितीय रनर अप-रंजीत यादव, बिहार, द्वितीय रनर अप-वीरू थांग, नागालैंड. उसी प्रकार देशी भाषा के विजेता हैं-चन्द्रशेखर आजाद, आंध्र प्रदेश, रनर अप- वसाठा, केरल, द्वितीय रनर अप-दीपांकर दास, असम.उसी प्रकार स्पीच डिबेट के विजेता इस्माइल मोहम्मद, तमिलनाडु, रनर अप-अभिजीत, केरला, द्वितीय रनर अप-शभीजित गौतम, हिमाचल प्रदेश को सम्मानित किया गया.

             इस अवसर पर बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अलावरू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार, अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित कुमार चिब, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष, शिव प्रकाश गरीब दास, श्रीकृष्ण हरि सहित गणमान्य युवा कांग्रेसजन उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

रविवार, 23 मार्च 2025

राष्ट्रगान के अपमान पर सीएम नीतीश कुमार का महागठबंधन ने फूंका पुतला

 


राष्ट्रगान के अपमान पर सीएम नीतीश कुमार का महागठबंधन ने फूंका पुतला, जताया विरोध

पटना.सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा राष्ट्रगान का अपमान किए जाने के विरोध में महागठबंधन के सभी दलों के द्वारा इनकम टैक्स गोलंबर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया.

   कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्र की अस्मिता और राष्ट्र के प्रतीक राष्ट्रगान का अपमान करना अक्षम्य अपराध है.आरएसएस संपोषित भाजपा के संगत में रहने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में भी स्वतरू राष्ट्र गान के प्रति असम्मान आ चुका है क्योंकि आरएसएस भी हमारे राष्ट्र के प्रतीक को नहीं मानती है और उनके संगत में रहने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उदासीनता दिखा रहे हैं और अपमान कर रहे हैं.

    विपक्षी दलों के नेताओं लगातार सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इतना ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार का पुतला भी दहन किया है.इस पोस्टर में लिखा है - 'नीतीश कुमार इस्तीफा दो', 'अचेतावस्था में आप चले गए हैं', 'राष्ट्रगान का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान'.

   इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व विधान पार्षद डॉ समीर कुमार सिंह, पटना महानगर अध्यक्ष शशि रंजन सहित सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहें.


आलोक कुमार


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