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अगस्त 21, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इसे विपक्षी के द्वारा चुनावी रसगुल्ला परोसना करार दिया

बिहार के 21 जिलों को पिछड़े इलाके के रूप में अधिसूचित किया पटना। पी.एम.नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विशेष पैकेज के रूप में एक लाख करोड़ का तोहफा दिया। वहीं बुधवार को केन्द्र सरकार ने बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से राज्य के 21 जिलों को पिछडे इलाके के रूप में अधिसूचित किया है जिससे उन क्षेत्रों में विनिर्माण इकाई या उद्योग लगाने पर कर में 35 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। बिहार की दशा और दिशा में तरक्की लाने के क्रम में केन्द्र सरकार के द्वारा सुविधाओं को पहुंचायी जा रही है। इसे विपक्षी के द्वारा चुनावी रसगुल्ला परोसना करार दिया है। इन नेताओं का कहना है कि अगर एन.डी.ए. सरकार बिहार की तरक्की के प्रति कटिबद्ध है। तो सत्तासीन होने के 2014 के कुछ माह के अंदर लागू कर दिया जाता। इससे बिहारियों को अधिक फायदा हो जाता। वित्त मंत्रालय ने आज यहां बताया कि वित्त  अधिनियम 2015 के जरिए आयकर अधिनियम 1961 को संशेाधित कर बिहार के लिए ये प्रावधान किये गये हैं। राज्य के उन 21 जिलो में 01 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2020 के दौरान जो भी विनिर्माण इकाई या उद्यम लगाए जाएं...

बिहार के गया में जन्मे दशरथ मांझी

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गया । बिहार के गया में जन्मे दशरथ मांझी बहुत गरीब परिवार से थे। सही समय पर डॉक्टरी सहायता नहीं मिल पाने के कारन पत्नी फाल्गुनी देवी का निधन कम उम्र में हो गया था। तभी   मांझी ने अकेले ही गेहलौर पहाड़ काट कर रास्ता बनाना शुरू किया। 22 साल बाद मांझी का सपना पूरा हुआ , उसने उस पहाड़ी की छाती चीर के 360 फुट लम्बा , 25 फुट गहरा और 30 फुट मीटर चौड़ा रास्ता बना डाला। पर्वत तोड़ने के बाद शहर से गांव तक की 70 KM दूरी केवल 7 KM रह गयी । दशरथ मांझी नाम के एक गरीब आदमी की . दशरथ मांझी का जन्म १९३४ में बिहार के गेलहर गॉंव में एक बहुत गरीब परिवार में हुआ . वे बिहार के   बहुत निम्न स्तरीय मुसहर जाति से है . उनकी पत्नी का नाम था फाल्गुनी देवी . दशरथ मांझी के लिए पीने का पानी ले जाते फाल्गुनी देवी दुर्घटना की शिकार हुई . उसे तुरंत डॉक्टरी सहायता नहीं मिल पाई . शहर उनके गॉंव से ७० किलोमीटर दूर था . वहॉं सब सुविधाए थी . लेकिन वहॉं तक तुरंत पहुँ...