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26 जून जेपी आंदोलन लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय लोकतंत्र लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इतिहास की विरासत और आज का लोकतांत्रिक संदेश

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  26 जून: इतिहास की विरासत और आज का लोकतांत्रिक संदेश लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसकी स्मृतियां समय के साथ धुंधली नहीं पड़तीं, बल्कि हर दौर में नए अर्थ ग्रहण करती हैं। 26 जून ऐसी ही एक तारीख है, जिसका भारतीय राजनीति, विशेषकर बिहार की राजनीति में विशेष महत्व है। यह दिन लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में उठे उस जनआंदोलन की याद दिलाता है जिसने भ्रष्टाचार, सत्ता के केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण के विरुद्ध देशव्यापी चेतना जगाई। आज, जब लोकतंत्र के समक्ष नई चुनौतियां खड़ी हैं, तब यह तारीख केवल अतीत का स्मरण नहीं, बल्कि वर्तमान का आत्ममंथन भी बन जाती है। वर्ष 1974 में बिहार से प्रारंभ हुआ जेपी आंदोलन केवल सत्ता परिवर्तन का अभियान नहीं था। उसका मूल उद्देश्य व्यवस्था में सुधार, जनभागीदारी और जवाबदेह शासन की स्थापना था। युवाओं और छात्रों ने इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। यही कारण है कि आज भी विभिन्न राजनीतिक दल इस आंदोलन की विरासत को अपने-अपने दृष्टिकोण से याद करते हैं और उसे लोकतांत्रिक संघर्ष की प्रेरणा मा...