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India : चीनी का भाव बाजार तय करता है तो सरकार किस काम की?

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  महंगाई जब रसोई तक पहुंचती है तो उसके साथ जनता का सवाल भी पहुंचता है— सरकार आखिर किसलिए है? पेट्रोल-डीजल महंगा हो, सब्जियों के दाम बढ़ें, दाल की कीमतें आसमान छुएं या चीनी की मिठास जेब के लिए कड़वी हो जाए, आम आदमी की नजर सरकार की ओर ही जाती है। ऐसे में अगर जवाब मिले कि कीमतें बाजार तय करता है और सरकार की कोई भूमिका नहीं है, तो सवाल सिर्फ चीनी का नहीं, सरकार की जवाबदेही का बन जाता है। चीनी के बढ़ते दामों को लेकर भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का कथित बयान इसी सवाल को जन्म देता है। यदि उनका तर्क यही है कि चीनी की कीमत बाजार तय करता है और सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है, तो यह जवाब सिर्फ एक वस्तु की कीमत का नहीं, बल्कि शासन की आर्थिक जिम्मेदारी का सवाल भी बन जाता है। विडंबना देखिए। जब नागरिकों को प्रभावित करने वाली संस्थाओं और व्यवस्थाओं की बात आती है तो सत्ता पक्ष अक्सर मजबूत और निर्णायक सरकार की तस्वीर पेश करता है। लेकिन जैसे ही महंगाई का सवाल सामने आता है, जिम्मेदारी बाजार के सिर डाल दी जाती है। तब सवाल उठना स्वाभाविक है— सरकार का नियंत्रण जहां जरूरी है, वहां बाजार स...

MP: तड़का लगाते-लगाते नर्सिंग की पढ़ाई भी खत्म हो जाए, आरती का रिजल्ट कब आएगा?

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तड़का लगाते-लगाते नर्सिंग की पढ़ाई भी खत्म हो जाए, आरती का रिजल्ट कब आएगा? “दाल में तड़का न लगे तो स्वाद अधूरा लगता है, लेकिन नर्सिंग की पढ़ाई में अगर सालों तक रिजल्ट का तड़का ही न लगे तो भविष्य अधूरा रह जाता है।” मध्यप्रदेश के छोटे से जिले निवाड़ी की नर्सिंग छात्रा आरती कुशवाहा की कहानी आज इसी सवाल के सामने खड़ी है। फर्क इतना है कि रसोई में तड़का कुछ सेकंड में लग जाता है, लेकिन आरती की नर्सिंग पढ़ाई में छह साल से इंतजार का तड़का पड़ रहा है—और वह भी ऐसा, जिसमें स्वाद की जगह सिर्फ बेचैनी, निराशा और सवाल हैं। आरती ने वर्ष 2020 में बीएससी नर्सिंग में दाखिला लिया था। तब शायद उसके मन में यही सपना रहा होगा कि कुछ वर्षों की मेहनत के बाद डिग्री हाथ में होगी, नौकरी का रास्ता खुलेगा और वह अपने पैरों पर खड़ी होगी। लेकिन वर्ष 2020 से 2026 आ गया। छह साल गुजर गए। पढ़ाई तीसरे वर्ष तक पहुंची और तीसरे वर्ष की परीक्षा का परिणाम भी अब तक सामने नहीं आया। आरती के मुताबिक, तीसरे वर्ष की परीक्षा इसी वर्ष जनवरी में हुई थी। जनवरी से अगस्त आ गया, लेकिन रिजल्ट का कहीं अता-पता नहीं है। यानी जिस परीक्षा का परिणाम ...