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केंद्र और राज्य सरकारों से हस्तक्षेप करने की अपील

 नई दिल्ली.जब कोई हादसा होता है,तब ही ईसाई समुदाय गोलबंद होते है.आज गोलबंदी दिल्ली में दिखा.सभी छत्तीसगढ़ में सताए गए आदिवासी ईसाइयों के समर्थन में दिल्ली में आए और सभी ईसाई समुदायों ने मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना सभा का आयोजित किया.     


दिल्ली के ईसाई समुदायों ने रविवार, 8 जनवरी, 2023 को सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ में अपने विश्वास के लिए सताए जा रहे आदिवासी ईसाइयों के लिए मोमबत्ती की रोशनी में प्रार्थना सभा का आयोजन किया.छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के खिलाफ हिंसा के अपराधियों के लिए प्रार्थना करने के लिए हिंदू धर्म, इस्लाम, बौद्ध धर्म, यहूदी धर्म, बहाई और ईसाई धर्म के धार्मिक नेता एक मंच पर आए.सभी धर्मगुरुओं ने अपनी प्रार्थना में ईसाइयों पर हमलों में शामिल लोगों से नफरत का रास्ता छोड़ने और अपनी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आग्रह किया.       

 

दिल्ली कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष अनिल कूटो ने उन आदिवासी ईसाइयों को याद किया जिन्हें उनके विश्वास के लिए सताया जा रहा था.आर्चबिशप अनिल ने कहा कि ईसाई समुदाय क्षमा में विश्वास करता है और यह बहुत ही शांतिपूर्ण समुदाय है जो किसी भी प्रकार की नफरत में खुद को शामिल नहीं करता है. उन्होंने आगे कहा कि भगवान पीड़ितों को अन्याय का सामना करने और अपने विश्वास में हमेशा मजबूत रहने के लिए पर्याप्त साहस दे.आर्चबिशप ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि पूरा ईसाई समुदाय उनके साथ है और उनकी सुरक्षा के लिए ईमानदारी से प्रार्थना कर रहा है.      

   कैंडल लाइट प्रार्थना सभा में उत्तर भारत की शीत लहर को झेलने वाले सभी क्षेत्रों से अभूतपूर्व उपस्थिति देखी गई और छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के लिए एक घंटे से अधिक समय तक खड़े रहे, जो ईसाई धर्म में अपनी आस्था के कारण उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं.        

   


राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के आदिवासी समुदाय को प्रार्थना सेवा के दौरान अपने उन भाइयों के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करने के लिए अपने पारंपरिक परिधानों में देखा जा सकता है, जो जबरन धर्मांतरण के निराधार आरोपों का सामना कर रहे हैं.      

    हिंदू धर्म से स्वामी गोस्वामी सुशील महाराज, यहूदी धर्म से रब्बी एजेकील, डॉ. मोहम्मद सलीम इंजीनियर और इस्लाम से श्री नवेद हामिद, डॉ. ए.के. बहाई के व्यापारी, बौद्ध धर्म के आदरणीय कबीर सक्सेना, मोमबत्ती की रोशनी में प्रार्थना सेवा के दौरान प्रार्थना करने वाले धार्मिक नेता थे.सीएनआई चर्च के बिशप पॉल स्वरूप, बिशप दीपक टौरो, सहायक बिशप दिल्ली, फादर विन्सेन्ट डिसूजा विकर जनरल, फादर स्वामीनाथन अन्य चर्च के गणमान्य व्यक्ति थे जिन्होंने प्रार्थना सभा में भाग लिया.         

कैंडल लाइट प्रेयर सर्विस के दौरान फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट पेश की.रिपोर्ट के अनुसार ईसाई आदिवासियों को जबरन हिंदू जीवन शैली में परिवर्तित करने का एक संगठित प्रयास किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप अधिकारियों के साथ मिलीभगत से ईसाइयों के खिलाफ हिंसा का अभियान चल रहा है.छत्तीसगढ़ के सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों नारायणपुर और कोंडागांव में 9 दिसंबर 2022 से ईसाइयों और उनकी संस्थाओं पर हमले हुए हैं, और 1000 से अधिक आदिवासी ईसाइयों - जिनमें गर्भवती महिलाएं, बच्चे और वृद्ध व्यक्ति शामिल हैं - को उनके पैतृक घरों से अत्यधिक पूर्वाग्रह और क्रूरता से बेदखल कर दिया गया है यह हिंसा.यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि न केवल उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा बेदखल कर दिया गया था, बल्कि उन पर हमला भी किया गया था, उनके पूजा स्थलों और घरों में तोड़फोड़ की गई थी, उनकी फसल को जला दिया गया था या लूट लिया गया था, और उनके पशुधन और जीने के सभी साधन छीन लिए गए थे.    

   


उनमें से कई को कड़ाके की ठंड में जंगलों की ओर भागना पड़ा. उनमें से कई को बेरहमी से पीटा गया था और उन्हें गंभीर चोटें, यहां तक कि फ्रैक्चर भी हुए हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता है। स्थानीय अधिकारी स्थिति को शांत करने में अप्रभावी साबित हुए हैं, और हिंसा जारी है.      

   


इन विस्थापित ईसाइयों को तीन अस्वीकार्य विकल्प दिए गए हैं- एक, अपने विश्वास की निंदा करें और उन्हें अपना घर और जीवन वापस मिल जाए, दो, ईसाई बने रहें और हिंसा और मौत का सामना करें, तीन, एक और घर खोजें, क्योंकि ईसाइयों या उनके विश्वास के लिए कोई जगह नहीं है इस आदिवासी भूमि में.क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है क्योंकि एक पुलिस अधीक्षक ने उनके साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की तो कथित तौर पर उनके सिर में चोटें आईं.दो ईसाई आदिवासी महिलाओं को सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र कर दिया गया और लगभग सौ लोगों के सामने पीटा गया ताकि उनकी लज्जा भंग की जा सके और उन्हें अपना ईसाई धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सके.     

   दिल्ली के ईसाई समुदाय ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों, विशेष रूप से नारायणपुर और कोंडागांव में बहुत अस्थिर स्थिति के आलोक में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से हस्तक्षेप करने और स्थिति को नियंत्रित करने और विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की. जब ईसाई आदिवासी अपने गाँव लौटते हैं,तब उनको सुरक्षा देनी होगी.


   आलोक कुमार

सीतामढ़ी एवं शिवहर में विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में संयुक्त समीक्षात्मक बैठक की

  


सीतामढ़ी.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘समाधान यात्रा के क्रम में शुक्रवार को सीतामढ़ी समाहरणालय के परिचर्चा भवन में सीतामढ़ी एवं शिवहर में विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में संयुक्त समीक्षात्मक बैठक की.बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी गईं जिनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया.

        मुख्यमंत्री ने शिवहर जिला स्थित पिपराही प्रखंड के शेख बसहिया गांव के वार्ड संख्या-11 में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने गुलशन जीविका स्वयं सहायता समूह की मदद से खोली गई राफिया जेनरल स्टोर, समेकित बाल विकास परियोजना, पिपराही, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, स्मार्ट प्रीपेड मीटर आदि विकास कार्यों के संबंध में अधिकारियों से पूरी जानकारी ली.

     बिहार महादलित विकास मिशन के तहत संचालित शारदा किशोरी समूह से जुड़ी महिलाओं, ग्रामीणों एवं दिव्यांगजनों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी, जिसके समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया.

     


 मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण कर तथा फीता काटकर राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शिवहर ( छतौना विशुनपुर ) का उद्घाटन किया. उद्घाटन के पश्चात् मुख्यमंत्री ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने क्लास रूम, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, एन्वॉयरनमेंट इंजीनियरिंग लेबोरेट्री, गर्ल्स हॉस्टल, मेस आदि का मुआयना कर अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए.         उन्होंने कहा कि इस राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय परिसर में छात्र – छात्राओं के खेलकूद की सुविधा एवं प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को फ़िल्म देखने की प्रबंध सुनिश्चित कराएं.खेल-कूद बहुत आवश्यक है, इससे युवाओं का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है. मुख्य सड़क से इस अभियंत्रण महाविद्यालय तक सुगमतापूर्वक आवागमन के लिए पथ का निर्माण कराएं.महाविद्यालय भवन का नियमित रूप से मेंटेनेंस एवं साफ-सफाई होनी चाहिए. क्लास रूम में छात्र सुविधापूर्वक बैठकर अध्ययन कर सके, इसका विशेष रूप से ख्याल रखें.                प्रोफेसर एवं स्टाफ के साथ-साथ छात्रों के पढ़ने एवं उनके आवासन की व्यवस्था भी होनी चाहिए.स्थानीय लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय शिवहर के पास स्थित महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास का निर्माण एवं शिवहर पॉलीटेक्निक संस्थान की चहारदीवारी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया.राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शिवहर के प्रांगण में मुख्यमंत्री ने पौधारोपण किया.स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने मुख्यमंत्री को फूल माला भेंटकर उनका स्वागत किया.

            निरीक्षण के पश्चात् शिवहर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का हमलोगों ने निर्णय लिया था. इसी सिलसिले में शिवहर में इंजीनियरिंग कॉलेज बनकर तैयार हो गया है.इसे देखने हम यहां आये हैं। शिवहर में इंजीनियरिंग कॉलेज काफी अच्छे ढंग से बनाया गया है. इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद कुछ चीजों को लेकर हमने अधिकारियों को सुझाव दिया है.यहां पढ़नेवाले बच्चे एवं बच्चियों के लिए सभी तरह की सुविधा होनी चाहिए. खेलकूद की भी व्यवस्था जरुरी है.बिल्डिंग का मेंटेनेंस भी होते रहना चाहिए ताकि कभी किसी को कोई दिक्कत नहीं हो.हमने सुझाव दिया है कि बच्चे बच्चियों को फिल्म देखने के लिए कैंपस में ही इंतजाम कर दीजिए.युवा अवस्था में लोगों को फिल्म देखने की आदत रहती है तो उसके लिए किसी को बाहर नहीं जाना पड़े, यहां पर ही देख सके. शनिवार और रविवार को फिल्म देखने का इंतजाम कर दीजिए.हमलोग जब पढ़ते थे तो फिल्म देखने जाया करते थे.

        शिवहर की यात्रा काफी अच्छी रही है.हमलोग पहले से भी यहां आकर एक-एक चीज को देखते रहे हैं.हमने एक बार फिर तय किया कि एक बार फिर से चल कर देख लें कि विकास का कार्य कैसा चल रहा है.

          रीगा चीनी मिल के बंद होने से किसानों को हो रही परेशानी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग चाह रहे हैं मिल फिर से चालू कर दिया जाए. मिल के मालिक छोड़ के चले गये हैं तो हमलोग चाह रहे हैं नया लोग इसे चालू करें. इसको लेकर हमने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दे दिया है. चीनी मिल बंद होने से किसानों को काफी दिक्कत हो जाती है. गन्ना को दूसरी जगहों पर जाकर बेचने के लिए सरकार के द्वारा इंतजाम किया जाना अलग बात है.पहले काफी अच्छा से रीगा चीनी मिल चलता था लेकिन अब इसका मालिक भाग गया है. हमलोग चाह रहे हैं कि दूसरा कोई इस मिल को चालू करे.                

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेलवा बांध का निर्माण कार्य भी चल रहा है.बांध के ऊपर सड़क का निर्माण किया जायेगा ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो.शिवहर जिले में निरीक्षण के पश्चात् मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी जिला अंतर्गत प्रखंड डुमरा के राघोपुर बखरी स्थित राजकीय अंबेदकर आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बालक छात्रावास, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, मेस, क्लासरूम आदि का मुआयना किया. मुख्यमंत्री ने अध्ययरत छात्रों से मिलकर उनके पठन-पाठन, आवासन सहित उपलब्ध अन्य सुविधाओं के विषय में बात कर पूरी जानकारी ली.मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष रूप से ख्याल रखें.

     


मुख्यमंत्री ने जिला सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड स्थित बेरवास पंचायत में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया. इस दौरान विकास जीविका महिला ग्राम संगठन, बेरवास से जुड़ी जीविका दीदियों के बीच मुख्यमंत्री ने सतत् जीविकोपार्जन योजना का किट वितरित किया .मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के 4 लाभुकों को मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से चेक प्रदान किया.बेरवास पंचायत में चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत सुविधाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों से जानकारी प्राप्त की और उनकी समस्याएं भी सुनी.गामीणों के समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया.जिला अतिथि गृह, सीतामढ़ी में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं फूल माला भेंटकर उनका अभिनंदन किया.

        इस अवसर पर बिहार विधान परिषद् के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले के प्रभारी मंत्री मो० जमां खान, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, सांसद सुनील कुमार पिंटू, विधायक पंकज कुमार मिश्रा, विधायक दिलीप राय, विधायक चेतन आनंद, विधान पार्षद  रामेश्वर महतो, विधान पार्षद खालिद अनवर, विधान पार्षद रेखा कुमारी, पूर्व मंत्री रंजू गीता, पूर्व सांसद रामकुमार शर्मा के अलावा कई वरीय अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.


 इस बीच समाधान यात्रा के क्रम में सीतामढ़ी और शिवहर जिले की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुआ.

सीतामढ़ी के डुमरा में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया और जीविका समूह से जुड़ने के बाद जीवन स्तर में हुए बदलावों एवं अपेक्षाओं को साझा किया.समाधान यात्रा के क्रम में सीतामढ़ी और शिवहर जिले की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुआ.                                           

आलोक कुमार

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