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कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में संजय सहनी निर्दलीय प्रत्याशी


कुढ़नी.कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव का चुनाव महागठबंधन के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है.हालांकि यह सीट राजद का है. महागठबंधन धर्म निभाते हुए राजद ने जदयू के हवाले कुढ़नी की सीट कर दी है.इस बीच जदयू प्रत्याशी मनोज कुशवाहा व निर्दलीय उम्मीदवार संजय सहनी ने नामांकन कराया है.उसी तरह भाजपा प्रत्याशी श्री केदार प्रसाद गुप्ता जी ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. 

  कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में संजय सहनी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किस्मत अजमाने मैदान में उतरे है.हालांकि साहनी ग्रासरूट से जुड़े हैं.जन सरोकार के मुद्धे उठाते हैं.आम से खास लोग साहनी के कार्यों का मुरीद है.मौजूं सवाल है कि भाजपा व जदयू प्रत्याशियों के सामने निर्दल प्रत्याशी टिक पाते है अथवा नहीं वह तो आने वाले कल ही पता चल जाएगा.मनरेगा मैन के नाम से पहचाने जाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता व कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार संजय कुमार उर्फ संजय सहनी  जी व मनरेगा वॉच बिहार की कार्यकर्ता के साथ चुनाव कैंपेन की रणनीति पर चर्चा करते हुए.

    इस मौके पर वैशाली व मुजफ्फरपुर के विभिन्न प्रखंडों के अलग-अलग पंचायतों से दर्जनों साथी मौजूद रहें.कुढ़नी-विधानसभा-उपचुनाव-2022 कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार संजय कुमार उर्फ संजय सहनी जी अपने कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव कैंपेन के लिए झंडा,बैनर,पोस्टर आदि तैयार कर रहे हैं.

आप लोग भी संजय कुमार उर्फ संजय सहनी जी के समर्थन में चुनाव कैंपेन में मदद करें व भाग लें. सरकार की सबसे बड़ी नाकामी हैं बिहार में राज्याश्रित विभागों और संस्थाओं में सीटे खाली हैं किंतु सरकार उन रिक्तियों पर आज तक बहाली नहीं करवा पायी है. अगर वे विधायक बनकर आएंगे तो शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति, ट्रेनिंग और जवाबदेही सुनिश्चित कराएंगे. वे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को बढ़ावा देंगे जिससे घरेलू उद्योगों को मजबूती मिलेगी. संजय साहनी खुद एक मनरेगा मजदूर है वे सालों से इसके सही इम्प्लीमेंटेशन के लिए काम कर रहे हैं. वे इसकी  मजदूरी बढ़वाने के लिए विधानसभा में आवाज उठाएंगे.संजय साहनी अपने भाषणों और घोषणापत्र में यह दावा किये है कि सभी सरकारी अनुबंध कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका, रोजगार सेवक सहित अन्य कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की मांग करेंगे तथा साथ ही इनके मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे. वे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजित करेंगे.महिलाओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण उनके संघर्षों के मूल में होगा. उनके घोषणा पत्र में यह भी दावा किया गया है कि सभी योग्य व्यक्तियों के लिए वृद्ध, विधवा और विकलांग पेंशन स्वीकृति करवाना तथा इसकी राशि बढ़वाना. सभी को राशन कार्ड निर्गत करवाना तथा उस पर सरकार द्वारा निर्धारित पूरा राशन उपलब्ध करवाना. यह अच्छी खबर है कि वैश्विक ख्याति प्राप्त अर्थशास्त्री प्रोफेसर ज्यां द्रेज जिन्होंने नरेगा योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वे संजय सहनी के पक्ष में कैम्पेन कर रहें हैं.

    इस बीच वीआई से कुढ़नी में निलाभ कुमार उम्मीदवार होंगे. वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने घोषणा की है.निलाभ कुमार वीआईपी के टिकट पर कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में मैदान में उतरेंगे. वीआईपी के कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में मैदान में आने के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है. वहीं उम्मीदवार के आधिकारिक घोषणा के साथ लड़ाई त्रिकोणीय होने की संभावना है.                          

     इस सीट पर जदयू के तरफ से मनोज कुशवाहा उम्मीदवार हैं वहीं बीजेपी की ओर से केदार गुप्ता को एक बार फिर से मौका दिया है. दोनों तरफ से जीत के दावे हो रहे हैं. मनोज कुशवाहा कुढ़नी से पहले भी तीन बार विधायक रह चुके हैं. वहीं केदार गुप्ता बीजेपी की तरफ से 2015 में चुनाव जीते थे. उस समय भी नीतीश कुमार महागठबंधन में थे. 2020 में भी केदार गुप्ता को ही बीजेपी ने टिकट दिया था. लेकिन, आरजेडी के अनिल सहनी से चुनाव हार गए. अब अनिल सहनी की सदस्यता समाप्त होने के बाद यहां उप चुनाव हो रहा है.

     आरजेडी के पूर्व विधायक अनिल सहनी पर 31 अक्टूबर 2013 को सीबीआई ने केस किया था. कोर्ट ने सजा सुनाई उसके बाद यह सीट खाली हुई है.महागठबंधन के साथ 7 दलों की एकजुटता है. वहीं भाजपा को एनडीए के  घटक दलों के साथ चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर का भी समर्थन है. इसी बीच अगर वीआईपी से टिकट की रेस में निलाभ कुमार अगर कुढ़नी से मैदान में आते हैं तो यहां का मुकाबला दिलचस्प होगा.

      कुढ़नी उपचुनाव में भी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी, गुलाम मुर्तजा अंसारी को ब एआईएमआईएम का उम्मीदवार बनाया है.बिहार उपचुनाव में कुढ़नी विधानसभा सीट से एआईएमआईएम के गुलाम मुर्तजा अंसारी चुनाव लड़ेंगे. पार्टी ने उनके नाम का ऐलान कर दिया है. 


आलोक कुमार


गाली सुनकर खुले आकाश में शौच क्रिया करने के बाध्य

  

पटना. काफी प्रयास करने के बाद महादलित मुहल्ले में शौचालय निर्माण कार्य शुरू हुआ. रूक रूक कर कई चरणों में कार्य हुआ.परंतु कार्य को अंतिम चरण तक पहुंचने के पहले ही शौचालय का उद्घाटन कर दिया गया.महादलित जमीन मालिकों को अश्लील हरकत और गाली सुनकर खुले आकाश में शौच क्रिया करने के बाध्य हैं.                                                         

 यह मामला पटना नगर निगम के वार्ड नम्बर-22 ए का है.यह पाटलिपुत्र अंचल में पड़ता है.वार्ड नम्बर-22 ए के निवर्तमान पार्षद दिनेश कुमार के द्वारा अनुशंसा करने पर पटना नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन योजना अंतर्गत बालूपर मुसहरी में शौचालय निर्माण कराया.इसका संवेदक अविनाश कुमार है.इस संवेदक ने इस वरीय संवाददाता आलोक कुमार के सवाल के जवाब में कहा कि महोदय अन्य संवेदकों की तरह नहीं हूं जो अधूरा शौचालय निर्माण कर नौ दो ग्यारह हो गए.यह तीसरी प्रयास है.जो फिलवक्त अधूरा ही है.   

    बता दें कि पटना नगर निगम में 75 वार्ड है.इसका चुनाव 2017 में हुआ था.पटना नगर निगम का पांच वर्षीय कार्यकाल खत्म होने के बाद 19 जून के बाद प्रशासक नियुक्त कर दिए गये.इस समय पटना नगर निगम का पूरा काम काज प्रशासक ही संभाल रहे हैं.दरअसल समय पर नगरपालिका का चुनाव नहीं होने के कारण नगर पालिका अधिनियम के तहत सरकार को यह व्यवस्था करनी पड़ी.पटना नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों का कार्यकाल 19 जून को समाप्त हो गया. बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के तहत किसी भी नगरपालिका का आम निर्वाचन कराना अगर संभव नहीं हो तो कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह नगरपालिका भंग हो जाएगी और सरकार को प्रशासक या प्रशासक पार्षद की नियुक्ति कर देगी.सभी 245 नगरपालिकाओं में जून अंत तक प्रशासक नियुक्त कर दिये गए.              

बालूपर मुसहरी में रहने वाले मंगल मांझी ने अधूरा शौचालय के बारे में बताया कि अव्वल शौचालय निर्माण कार्य मंथर गति से चला.शौचालय के हट से जलापूर्ति करने के लिए बोरिंग किया गया.यह कोना में रह गया.इसका संयोजन शौचालय में नहीं किया गया.इसके अलावे टंकी भी नहीं बैठाया गया.और तो और शौचालय और स्नानघर में दरवाजा नहीं लगाया गया है.सरकार के द्वारा शौचालय को ‘इज्जत घर‘ कहा जाता है.यहां बेइज्जत करने का इंतजाम कर दिया गया है.

    उन्होंने कहा कि बिना किसी समारोह के ही उद्घाटन पट लगा दिया गया है.उद्घाटन पट में स्थानीय विधायक संजीव चौरसिया,पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, उप महापौर रजनी देवी,पार्षद दिनेश कुमार का अंकित है.संवेदक अविनाश कुमार का भी नाम है.इससे साबित होता है कि 19 जून के पहले ही उद्घाटन पट तैयार कर लिया गया था.केवल लाकर लगा दिया गया है.इस ओर जांच करने की आवश्यकता है.वहीं अधूरे कार्य पूरा करें ताकि महादलितों को खुले मैदान में जाकर शौचा क्रिया करना नहीं पड़े.

     इस समय बिहार में नगरपालिका चुनाव के पहले आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने को लेकर विशेष आयोग का गठन नहीं होने के कारण चुनाव टल रहे हैं.दरअसल पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार में भी नगर पालिका चुनाव के पहले आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विशेष आयोग की आवश्यकता जताई गई है.        

      इस संदर्भ में पटना नगर निगम के वार्ड नंबर -22 ए के निवर्तमान पार्षद उमेश कहते हैं कि इस वार्ड में कुल 08 प्रत्याशी हैं.कहा गया कि उन सभी प्रत्याशियों में उमेश कुमार जनसंपर्क में आगे हैं.वार्ड नंबर -22 ए के प्रत्याशी उमेश कुमार कहते हैं कि सब कुछ  सकारात्मक हो जाएगा.बस थोड़ा इंतजार कीजिए. इन सब अधूरे कार्यों को हम पूर्ण करेंगे. इस प्रत्याशी ने वादा किया.यह वादा पत्रकार आपसे ,जनता से और अपने आप से कर रहे हैं.


आलोक कुमार

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