शनिवार, 18 मार्च 2023

एक भी व्यक्ति/घर छूटना नहीं चाहिए, इसके लिए करें नियमित मॉनिटरिंग

  *एक भी व्यक्ति/घर छूटना नहीं चाहिए, इसके लिए करें नियमित मॉनिटरिंग

*लाभुकों के हुनर को निखारते हुए उनके उत्पादों के लिए मार्केट लिंकेज की करें व्यवस्था ताकि इनकम बढ़ सके

*बेहतर कार्य करने वाले विकास मित्रों को जिलास्तर पर किया जाएगा सम्मानित



बेतिया। जिले के सभी विकास मित्रों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों का क्षमतावर्धन करने के लिए एक दिवसीय उन्नयन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक किया गया आयोजन।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा चलाये जा रहे सभी विकासात्मक योजनाओं एवं इसमें विकास रजिस्टर वर्जन-2.0 की भूमिका से सभी विकास मित्रों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को अवगत कराने के लिए आज स्थानीय डीआरसीसी सभागार में एक दिवसीय उन्नयन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।


जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा विधिवत दीप प्रज्जवलित कर उन्नयन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री अनिल राय सहित अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज का यह उन्नयन कार्यक्रम अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। अंतिम पायदान के व्यक्ति तक विकास की धारा को पहुंचाना है। इस कार्य में विकास मित्रों की अहम भूमिका है। सभी विकास मित्र अच्छे तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें और शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के कार्य में एक भी व्यक्ति/घर छूटना नहीं चाहिए। शत-प्रतिशत व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाय। प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का सम्पूर्ण लाभ मिले, इसके लिए प्रयास करें। आवश्कतानुसार महादलित टोलों में विशेष कैम्प का अधिष्ठापन कर विभिन्न समस्याओं का त्वरित गति से निराकरण कराया जाय।


जिलाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों की आर्थिक स्थिति को और कैसे बढ़ायें, इस पर फोकस करें। रोजगार के अवसर बढ़ायें। लाभुकों के हुनर के अनुरूप उनको रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जाय। स्थानीय उत्पादों की मार्केट लिंकेज की व्यवस्था की जाय। स्कील को निखारने की व्यवस्था करें ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों का इनकम बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों को मुख्यधारा में लाना है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग एवं बिहार महादलित विकास मिशन की योजनाओं के साथ-साथ अन्य विभागों के योजनाओं/कार्यक्रमों की सूची अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों तक पहुंचाने में विकास मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी को समन्वित प्रयास करना होगा। इनकी जिंदगी को बेहतर बनाने तथा इनके समग्र विकास के लिए एक-एक व्यक्ति को आगे बढ़ाना होगा, तभी जिले का सही मायने में विकास हो सकेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं/कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कहीं गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत सूचित करें, सूचना गोपनीय रखी जायेगी। सूचना के आधार पर जांचोपरांत संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विकास मित्रों से संबंधित एक व्हाट्सएप ग्रुप का निर्माण भी कराया जाय।

उन्नयन कार्यक्रम में विकास मित्र विकास कुमार, वसंत कुमार, अशोक कुमार, राजू राम, राजेश राम, रिंकु कुमारी, ममता कुमारी, अनिता कुमारी, आदित्य कुमार, माधव राम, दशरथ मांझी, नागेश्वर राम, संगीता कुमारी, अनिता देवी, नरसिंह राम, योगेन्द्र राम सहित अन्य विकास मित्रों द्वारा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न विषयों से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी द्वारा विकास मित्रों से कहा गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों द्वारा कई तरह के बांस से बने उत्पाद जैसे-दउरा, सुपली, डाला, झाड़ू आदि का निर्माण किया जाता है। इनके उत्पादों को और अधिक बेहतर कैसे बनाया जाए, इस पर कार्य करें। प्रोजेक्ट तैयार करें, विस्तृत रिपोर्ट दें तथा इनका आर्थिक विकास करें। ऐसे विकास मित्रों को जिलास्तर पर सम्मानित किया जायेगा।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण, श्री अनिल कुमार द्वारा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी विकास मित्रों को दी गयी। उन्होंने विकास मित्रों से कहा कि जरूरतमंद लोगों को विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं/कार्यक्रमों से लाभान्वित करें। सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित ने कहा कि सभी विकास मित्र अच्छे तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा लोगों को लाभान्वित करें।

उन्नयन कार्यक्रम में विकास मित्रों का क्षमतावर्धन किया गया। उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, बिहार महादलित विकास मिशन की मुख्य योजनाओं सहित तमाम योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही विकास रजिस्टर वर्जन-2 के विभिन्न अवयव कौशल प्रशिक्षण, बिजली, जलापूर्ति, शौचालय, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, समेकित बाल विकास सेवाएं, वासभूमि, दिव्यांग कार्ड, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन, आरसीएच के संबंधित में अच्छे तरीके से जानकारी देते हुए उनका क्षमतावर्धन किया गया।



आलोक कुमार

जिले का पहला मामला है जब जिलाधिकारी के स्तर से दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया

  





मोतिहारी। प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी के दो बालकों को उनके भावी माता-पिता को सौंपा गया। बालक सोहन कुमार  (काल्पनिक नाम), उम्र-05 माह को देवघर के एक दम्पत्ति को प्री-एडॉप्शन में दिया गया। बालक के भावी पिता श्री अनिर्बान सेन गुप्ता एक इंस्योरेंस कम्पनी में कार्य करते हैं, वही भावी माता श्रीमती अनन्या सेन गुप्ता गृहिणी है।

   दूसरा बालक शुभम कुमार (काल्पनिक नाम) माह जून-2022 में ही प्री-एडॉप्शन में नैनीताल जा चुका था। आज प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा उसके एडॉप्शन का अंतिम आदेश पारित करते हुए उसे उसके माता-पिता श्रीमती गीता राणा निगम एवं श्री दिलीप निगम को सौंपा गया।


 विदित हो कि यह जिले का पहला मामला है जब जिलाधिकारी के स्तर से दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया गया है।

विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी में वर्तमान में 0-6 वर्ष के आयु वर्ग के अभी 12 शिशु आवासित है।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 17 मार्च 2023

श्रीमती पुष्पा जी ने एवं श्रीमती पूजा जी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया

  


पटना. गैर सरकारी संस्था प्रगति ग्रामीण विकास समिति ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को महिला दिवस पखवारा के रूप में मनाया. इस अवसर पर प्रगति ग्रामीण विकास समिति की ओर से महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया.

  पश्चिम बेली रोड दानापुर में है प्रगति भवन.यहां पर महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन का उद्घाटन समाज सेविका श्रीमती पुष्पा जी ने एवं श्रीमती पूजा जी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया  गया.

मौके पर समाजसेवी एवं महिलाओं का नेतृत्व करने वाली श्रीमती पुष्पा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के ऊपर कई प्रकार के अन्याय और शोषण हो रहा है.उन्होंने विस्तार से अन्याय और शोषण पर अपना विचार व्यक्त किया.उन्होंने कहा कि आम लेकर खास लोगों ने यह महसूस किया कि आज घर के अंदर महिलाओं पर काम के दबाव के साथ-साथ भेदभाव भी बढ़ा है. उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सरकार के द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा की.

इस अवसर पर मोनिका कुमारी. गायत्री कुमारी और माधुरी देवी ने मिलकर महिला दिवस पर आधारित गीत प्रस्तुत करते हुए सबका स्वागत किया. मौके पर एकता परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप  प्रियदर्शी ने महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई दी एवं महिलाओं के सम्मान एवं अधिकार के लिए भूमि संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया और सरकार से मांग किया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली आवास भूमि  महिलाओं के नाम से दी जाए. 

   

सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मांझी गायत्री कुमारी मोनिका कुमारी माधुरी देवी ने अपने विचार व्यक्त किए. विभिन्न गांव से आई महिलाओं ने अपने अपने गांव की समस्याओं और महिलाओं की तकलीफों को रखा अंत में सोनी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.


आलोक कुमार

तालाब का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा

 

हिलसा। नालंदा जिले के नगर परिषद हिलसा के वार्ड नम्बर 16 स्थित तालाब का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने तालाब का स्थल निरीक्षण किया।तालाब की उड़ाही एवं किनारे में रिंग नाला तथा पाथवे के निर्माण को लेकर प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया गया।

     

 तालाब का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वर्त्तमान में इस तालाब की स्थिति दयनीय है, जिसमें आस पास के घरों की नालियों का पानी संग्रहित होता है।जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज इस तालाब का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब की उड़ाही एवं चारो तरफ रिंग नाला तथा पाथवे के निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निदेश कार्यपालक अभियंता बुडको को दिया।

    उड़ाही के क्रम में निकाले जाने वाले गाद को अन्यत्र ले जाकर जमा करने का प्रावधान प्राक्कलन में सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही उच्च क्षमता के बोरिंग एवं पंप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि तालाब में  पर्याप्त जलस्तर सुनिश्चित रखा जा सके।

योजना का क्रियान्वयन नगर परिषद हिलसा/नगर विकास एवं आवास विभाग की निधि से कराया जाएगा। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता हिलसा, कार्यपालक अभियंता बुडको,प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने के लिए स्वीकृति दी गयी

 जिला परिषद के माध्यम से भी किया जायेगा मनरेगा की योजनाओं का क्रियान्वयन



नालंदा। आज हरदेव भवन में सभी  जिला परिषद सदस्यों को मनरेगा योजना के क्रियान्वयन के बारे में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में विस्तृत जानकारी दी गयी।

           विदित हो कि अभी तक जिले में ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति के माध्यम से ही मनरेगा की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा था।विभागीय निर्देश के आलोक में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने के लिए स्वीकृति दी गयी है।

  मुख्य रूप से सभी जिला परिषद सदस्यों एवं जिला परिषद के कर्मियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सर्वप्रथम उप विकास आयुक्त ,


अपर समाहर्ता ,  जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया।

          निदेशक डीआरडीए द्वारा सभी माननीय सदस्यों एवं पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। प्रशिक्षण में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभी कर्मियों द्वारा क्रमबद्ध ढंग से  क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गयी।


आलोक कुमार

जीविका द्वारा तार के पत्तों से तैयार किए जा रहे टोकरी का प्रयोग करें

 गया।ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने समाहरणालय सभा कक्ष में जिले के जीविका के पदाधिकारियों, जीविका नीरा उत्पादक समूह, तिलकुट उत्पादक समूह, जिला उद्योग पदाधिकारी, नगर निगम क्षेत्र में प्लास्टिक बैन इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों तथा फूड इंस्पेक्टर के साथ बैठक करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जीविका द्वारा नीरा उत्पादन तथा बिक्री के क्षेत्र में काफी बेहतर कार्य किया है। दो हजार से ऊपर नीरा उत्पादकों को फायदा पहुंचा है। इस वर्ष और अधिक लोगों को फायदा पहुंचे इस पर विशेष कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बिहार में प्लास्टिक को प्रतिबंध रखा गया है। इसलिए एनवोर्न्मेंट फ्रेंडली बनने में बेहतर कार्य करे।

      बैठक में उन्होंने सभी जीविका के बीपीएम को निर्देश दिया कि नीरा उत्पादन तथा नीरा की बिक्री का प्रतिवेदन निर्धारित समय अवधि में प्रस्तुत करें। नीरा उत्पादन तथा नीरा से बनने वाले खाद्य पदार्थों का दायरा और प्रभावी बने इसके लिए अभी से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करायें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में छोटे-छोटे दुकानों तथा कोल्ड ड्रिंक से संबंधित दुकानों को भी नीरा के साथ टैग करें ताकि बड़े पैमाने पर नीरा की बिक्री हो सके तथा नीरा उत्पादक समूह को और बेहतर लाभ मिल सके।

उन्होंने जिले में बड़े पैमाने पर तिलकुल उत्पादन करने वाले समूहों से राय लेते हुए उन्हें बताया कि जिस तरह गया जिला तिलकुट के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। उसी में नीरा का तिलकुट को और बढ़ावा दे। नीरा पूरी तरह पौष्टिक आहार है नीरा में काफी स्वास्थवर्धक मिनिरल पाए जाते हैं। तिलकुट उत्पादक को कहा कि तिलकुट के बिक्री में जो पैकेजिंग दिया जाता है उसे और बेहतर बनाएं। प्लास्टिक को कम प्रयोग करते हुए ताड़ के पत्तों से (गुथ कर) बनाए जाने वाले टोंगा ( टोकरी)  को और आकर्षक बनाकर उसी में तिलकुट तथा अनरसा को पैकेजिंग करें।

       तिलकुट तथा अनरसा विक्रेता समूहों को बताया कि तिलकुट तथा अनरसा को राज्य के साथ-साथ विदेशों में गया का तिलकुट और प्रसिद्ध हो इसके लिए पैकेजिंग तथा मार्केटिंग पर और अधिक प्लान तैयार करना होगा। उन्होंने जिला उद्योग पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के बड़े तिलकुट विक्रेता के साथ बैठक कर पैकेजिंग तथा मार्केटिंग को और कैसे डेवलप किया जाए, इसके लिए बैठक कर कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बेहतर पैकेजिंग तैयार करने के लिए उधमी योजना के तहत लोन उपलब्ध कराते हुए जिले में पैकेजिंग यूनिट मशीन संस्थापन करवाएं।

तिलकुट विक्रेता ने बताया कि वर्तमान समय में चीन एवं गुड़ से निर्मित तिलकुट की बिक्री अधिक होती है। नीरा उत्पादन नीरा से तैयार तिलकुट भी बड़े पैमाने पर बिक्री होंगे। जिला पदाधिकारी ने कहा कि नीरा से तिलकुट निर्माण को और बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका के माध्यम से नीरा से तिलकुट निर्माण तथा नीरा से अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु प्रशिक्षण करवाया जाएगा।

       उन्होंने फूड इंस्पेक्टर तथा नगर निगम के अधीनस्थ प्लास्टिक बैन इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों को कहा कि जिस क्षेत्र में आप छापेमारी के लिए जाते हैं, तो दुकानदारों को प्रेरित करें कि जीविका द्वारा तार के पत्तों से तैयार किए जा रहे टोकरी का प्रयोग करें, जिससे जीविका समूह को प्रोत्साहन भी मिलेगा तथा गया जिला इको फ्रेंडली रहेगा।

       उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नालंदा जिले में सिलाव का खाजा काफी प्रसिद्ध है। सिलाव का खाजा भी पेपर से बने थैले तथा तार के पत्तों से गुथे हुए टोकरी में दिया जाता है। उसी तरह गया जिले में भी ताड़ के पत्तों से बनी टोकरी का प्रयोग करें।

     पिछले वर्ष जिले में नीरा उत्पादन को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक रूप से ताड़ी के उत्पादन में लगे परिवारों को वैकल्पिक रोजगार से जुड़ने का अवसर दिया गया। जीविका सामुदायिक संगठनों के माध्यम से सर्वेक्षण कर जिले में जिले में 91 नीरा उत्पादक समूह का गठन किया गया। इन उत्पादक समूहों के माध्यम से लगभग 2500 से अधिक नीरा टैपर को जोड़ा गया। जिले में 400 अस्थाई एवं स्थाई नीरा बिक्री केंद्रों के माध्यम से 11 लाख लीटर नीरा का उत्पादन एवं बिक्री की गई। इससे ताड़ी के विकल्प के रूप एक पोषक प्राकृतिक पेय नीरा के उत्पादन को बढ़ावा मिला। नीरा उत्पादन एवं बिक्री में जिला का स्थान राज्य में प्रथम रहा है। साथ ही सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से पारंपरिक रूप से ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया गया।

आलोक कुमार

जल स्रोत के भूमि को अतिक्रमण मुक्त करावे

  गया। ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने जनता दरबार में आये हुए लगभग 400 व्यक्तियों के मामले को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को जांच यथाशीघ्र कराते हुए जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। आवेदकों के कई मामलों में जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के वरीय पदाधिकारी यथा उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी संबंधित प्रखंड के नामित जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि द्वारा मामले को जांच करने का भी जिम्मा दिया गया है।

     


जनता दरबार में प्रधानमंत्री आवास / मुख्यमंत्री आवास योजना से संबंधित आए मामलों को जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को संबंधित आवेदनों को यथाशीघ्र जांच करते हुए पात्रता रखने वाले व्यक्तियों को प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए अग्रेतर कार्य करने का निर्देश दिया।

       जनता दरबार में कई व्यक्तियों ने भूमि विवाद, आपसी बटवारा, अतिक्रमण, जमीन संबंधी दिक्कते आदि से संबंधित आवेदन दिए। उन सभी आवेदन के आलोक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अध्यक्षता में थाना स्तर एवं अनुमंडल स्तर पर हर शनिवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में दोनों पक्षों के व्यक्तियों को बुलाकर संबंधित मामलों को प्राथमिकता देते हुए निराकरण कराने का निर्देश दिए।

     

जनता दरबार में जमीन से संबंधित अत्यधिक मामले को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने आए आवेदनों को सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को निर्देश दिया कि अच्छे तरीके से आए आवेदनों को जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के लिए आदेशित करें। इसके साथ ही प्राप्त कई आवेदनों के विरुद्ध वरीय पदाधिकारी नामित कर जांच के लिए निर्देशित किया है। साथ ही जांच पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि प्राप्त आवेदन को अधिकतम 7 दिनों में जांच करते हुए दोषी कर्मी/ पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित करे।

             जनता दरबार में कई व्यक्ति परिमार्जन के संबंध में आवेदन दिए वजीरगंज, मोहरा, खिजरसराय, नगर, बोधगया, फतेहपुर, बथानी, आमस, शेरघाटी सहित अन्य अंचल के व्यक्ति ने परिमार्जन के संबंध में आवेदन देने पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि परिमार्जन के लिए लंबित आवेदनों को तेजी से निष्पादन करें। जनता दरबार के सुनवाई में आपदा विभाग के तहत विभिन्न लंबित आवेदन के विरुद्ध जांच करते हुए जिला आपदा पदाधिकारी उसे तेजी से अनुपालन करवाये।

             जनता दरबार में बिजली विभाग के बिजली बिल ज्यादा आने, घर का बिजली कनेक्शन जोड़ने सहित अन्य मामले पर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता बिजली पदाधिकारी को प्राप्त आवेदनों को जांच करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली बिल ज्यादा आना तथा एवरेज बिल आना इत्यादि के मामले ज्यादा आ रहे हैं, ज़िला पदाधिकारी ने कहा कि उस एरिया के संबंधित जे०ई० से जांच करवाएं तथा खराब बिजली मीटर को बदलवाने का कार्य करे। जहां भी ज्यादा बिल आने की शिकायत है उसे जांच करवाकर मीटर बदले।

             जिले के कई जल स्रोतों यथा आहार, पइन,  पोखर इत्यादि के जमीन को भरकर अतिक्रमण करने की लगातार शिकायत प्राप्त हो रही है। ज़िला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि यदि आपके क्षेत्र से जल स्रोत में अतिक्रमण होने की सूचना मिलती है तो उसे तुरंत जांच कराएं इसके अलावा जिला पदाधिकारी तथा अन्य माध्यम से जो आवेदन प्राप्त हो रहे हैं उसके आलोक में निश्चित तौर पर भौतिक रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जल स्रोत के जमीन में कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो निरीक्षण के पश्चात तुरंत प्राथमिकी दर्ज करते हुए संबंधित जल स्रोत के भूमि को अतिक्रमण मुक्त करावे। इस कार्य में थोड़ी सी भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


आलोक कुमार

गुरुवार, 16 मार्च 2023

12056 रूपए मासिक मानदेय से समाज में मान-सम्मान नहीं बढ़ रहा है

 

पटना.विकास मित्रों का समय और जिंदगी बर्बाद हो गया है.यह सोच विकास मित्रों में विकसित हो गयी है.आखिर हो क्यों नहीं?12056 रूपए मासिक मानदेय से समाज में मान-सम्मान नहीं बढ़ रहा है.उल्टे सामाजिक- आर्थिक  स्थिति दिन प्रति दिन बहुत ही खराब होती जा रही है. 

   


विकास मित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2010 में विकास मित्रों का नियोजन किया था.प्रारंभिक दौर में विकास मित्र का मानदेय मात्र: तीन हजार रुपये था.मानदेय में मंथरगति से वृद्धि कर 13 साल के बाद मात्र:12056 रुपये कर दिया है.यह राशि महंगाई डायन खात जात में ऊंट के मुंह में जीरा की तरह है.फिर भी हमलोग कमरतोड़ महंगाई में कम मानदेय में ही अधिकाधिक कार्य निष्पादन कर सरकार के अधिकारियों को खुश कर रहे हैं.

    महादलित विकास मिशन की तहत पंचायत के 21 विकास मित्रों को विकास रजिस्टर वर्जन 2.0 को अपडेट करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. विकास मित्रों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की विकास योजनाओं में महादलित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की भागीदारी की स्थिति वर्तमान में क्या है, इसको महादलित विकास मिशन के पोर्टल पर विकास रजिस्टर 2.0 वर्जन में अपडेट करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. मास्टर ट्रेनर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि सरकार की सभी प्रकार की योजनाएं जैसे कौशल प्रशिक्षण, शौचालय, जलापूर्ति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आईसीडीएस, बास भूमि, स्वास्थ्य दहेज प्रथा एवं बाल विवाह जैसी योजना से संबंधित डाटा संकलन कर उसे अपडेट किया जाना है.

      इस बीच जापानी इंसेफिलाइटिस (जेई) व (एईएस) चमकी बुखार को लेकर अब विकास मित्र महादलित टोलों के लोगों को जागरूक करेंगे. इसके लिए इन सभी को बैठक के माध्यम से निर्देशित किया गया है. विकास मित्रों के साथ बैठक में प्रखंड कल्याण कार्यालय में कल्याण पदाधिकारी रवि कुमार ने कहा कि इस कार्य में सभी जुट जाएं. उपस्थित विकास मित्रों को इस रोग से संबंधित जागरूकता के लिए पोस्टर भी उपलब्ध कराया गया.अधिकारी ने कहा कि इन्हें महादलित टोलों के सार्वजनिक स्थलों पर लगाना सुनिश्चित करें.लोगों को इस रोग के लक्षण, पहचान करने के तरीके व इससे बचाव के बारे में जानकारी दें। लोगों को समझाना है कि ओझा गुनी के चक्कर में नहीं पड़ कर ऐसे मरीजों को पीएचसी में लेकर जाएं.इसका उपचार संभव है. बस समय से इसकी पहचान व इलाज जरूरी है.

    इसके बाद राज्य में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब निर्माण, बिक्री या इसके सेवन को लेकर चौकीदार एवं दफादारों को सूचना का मुख्य माध्यम बनाया गया था. पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समीक्षा के बाद कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए नई रणनीति बनी है.अब विकास मित्र, आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका एवं सहायिका, आशा एवं एएनएम की भी मदद ली जाएगी. उनसे शराब निर्माण, बिक्री और सेवन की जानकारी ली जाएगी.

आलोक कुमार

कैंडल लाइट कर विरोध व्यक्त किया

 

कोच्चि.इन दिनों केरल में मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोन्हा की कहानी पर आधारित एक नाटक, 'कक्कुकली' को लेकर ईसाई समुदाय आक्रोशित हैं.इस संदर्भ में केरल राज्य में कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च संस्था केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) ने राज्य सरकार से एक मलयालम नाटक के मंचन पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इसमें ईसाई धर्म के साथ-साथ इसकी मंडलियों और कॉन्वेंट को गलत तरीके से चित्रित किया गया है.वहीं कैंडल लाइट कर विरोध व्यक्त किया गया.

         बताया जाता है कि ईसाई धर्म केरल का तीसरा सबसे व्यापक धर्म है, भारत सरकार की जनगणना के अनुसार जनसंख्या का 18 प्रतिशत है. अल्पसंख्यक समुदाय होने के बावजूद केरल में ईसाई समुदाय संपूर्ण भारत के ईसाई समुदाय की तुलना में आनुपातिक रूप से बहुत बड़ा है.इस बड़ी जनसंख्या वाले ईसाई समुदाय को मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोन्हा की कहानी पर आधारित एक नाटक, 'कक्कुकली' हिलाकर रख दिया है.मलयालम लेखक ने 'कक्कुकली' नाटक में एक युवा नन और उसके संघर्षों और चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती जिंदगी को दर्शाया है, जिसका सामना वह एक कॉन्वेंट में करती है.

        वास्तव में अलापुझा स्थित नेथल नाटक संघम द्वारा मंच पर लाया गया नाटक केबी अजय कुमार द्वारा लिखित और जॉब मडाथिल द्वारा निर्देशित है.यह एक ईसाई लड़की की कहानी बताती है जो ईसाई चर्च में शामिल हो गई और अपने पिता की इच्छा का विरोध करते हुए नन बन गई, जो एक कम्युनिस्ट थे.नाटक उस चुनौतीपूर्ण स्थिति से संबंधित है जिसका सामना एक कॉन्वेंट के नियमों और विनियमों के भीतर रहते हुए नन करती है.इसको आधार बनाकर मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोन्हा ने एक नाटक 'कक्कुकली' बना दिया है.अलप्पुझा स्थित नेथल नाटक संघम ने जॉब मदाथिल के निर्देशन में कहानी को एक मंचीय रूपांतर दिया है.

        कॉन्वेंट में एक युवा नन के संघर्ष से संबंधित एक नाटक से परेशान, विश्वासियों के एक वर्ग ने गुरुवयूर में इसके मंचन को रोकने की कोशिश की. उसने कुछ कार्यकर्ताओं को नाराज कर दिया है जो दावा करते हैं कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में घुसपैठ है और नाटक के लिए और अधिक चरणों का वादा किया है.मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोना की एक कहानी पर आधारित एक नाटक "कक्कुकली' तूफान के केंद्र में है, जिसमें केसीबीसी समर्थक जीवन कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह ईसाई धर्म का अपमान करता है.                                                                                       जब मंदिर में वार्षिक उत्सव के एक भाग के रूप में गुरुवायुर नगर पालिका के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदर्शन करने के लिए नाटक तैयार किया गया था, तो केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी)  समर्थक जीवन कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और यहां तक कि आयोजकों को नाटक के मंचन से पीछे हटने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की.

       केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) प्रो-लाइफ आंदोलन के जेम्स अझचांगड के अनुसार, "शुरुआत से लेकर अंत तक, कक्कुकली पूरे धर्म, विशेष रूप से ईसाई धर्म के पुजारियों और ननों का अपमान करने की कोशिश कर रही है." हालांकि, नाटक के समर्थन में एआईवाईएफ और अन्य संगठन सामने आए थे.एआईवाईएफ जिला समिति द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नाटक के खिलाफ अनावश्यक विवाद केवल समाज में लोगों के बीच विभाजन को बढ़ावा देंगे और इस तरह की प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.आधिकारिक बयान में कहा गया है, "इस तरह के हस्तक्षेप को केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में घुसपैठ माना जाएगा." एआईवाईएफ ने नेथल नाटक संघम के लिए चरणों की व्यवस्था करने की इच्छा भी व्यक्त की, अगर वे त्रिशूर में इसे फिर से करने के लिए तैयार थे.

         राज्य में कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च संस्था केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) ने राज्य सरकार से एक मलयालम नाटक के मंचन पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इसमें ईसाई धर्म के साथ-साथ इसकी मंडलियों और कॉन्वेंट को गलत तरीके से चित्रित किया गया है.

     केसीबीसी के अध्यक्ष कार्डिनल बेसेलियोस क्लेमिस की अध्यक्षता में धर्माध्यक्षों और विभिन्न कलीसियाओं के प्रमुखों की हाल ही में हुई एक बैठक में 'कक्कुकली' नाटक की निंदा की गई और कहा गया कि इसका मंचन केरल की संस्कृति पर एक धब्बा है.अलप्पुझा स्थित नेथल नाटक संघम ने जॉब मदाथिल के निर्देशन में कहानी को एक मंचीय रूपांतर दिया है.

    बैठक में केसीबीसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि नाटक और साहित्यिक कृतियों का सुधार, परिवर्तन और सामाजिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त करने का इतिहास रहा है.शीर्ष निकाय ने एक बयान में कहा, लेकिन अत्यधिक अपमानजनक सामग्री और इतिहास की विकृति के साथ महिमामंडन अस्वीकार्य है.

    यह घोर निंदनीय था कि समाज को अनूठी सेवाएं देने वाली हजारों ननों और मण्डलियों के आत्म-विश्वास और स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने वाली 'कक्कूकली' को राज्य सरकार के अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य उत्सव में शामिल कर विशाल पुरस्कार दिया गया है.वामपंथी संगठनों द्वारा प्रचार, बयान में आगे कहा गया है.


कैथोलिक निकाय ने भी सांस्कृतिक समाज से नाटक की निंदा करने का आग्रह किया और सरकार से इसके मंचन पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की.


हालांकि, नाटक के निर्देशक जॉब मैडाथिल ने आलोचनाओं को खारिज कर दिया है और कहा है कि मंडली इसके मंचन के साथ आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा, 'नाटक का मंचन 15 जगहों पर हो चुका था और मुझे समझ नहीं आया कि अब अचानक से विरोध क्यों शुरू हो गया .

आलोक कुमार

ईसाई समुदाय के द्वारा विरोध व्यक्त किया


पटना.बिहार जाति आधारित गणना,2022 का प्रथम चरण 7 जनवरी से 21 जनवरी तक मकानों की गणना की गई.अब द्वितीय चरण में 1 से 30 अप्रैल तक जातिवार गणना होगा.इस पर ईसाई समुदाय के द्वारा विरोध व्यक्त किया जा रहा है.प्रशांत कुमार नामक ईसाई का कहना है कि ईसाई धर्मावलंबी को केवल दो कोड में रखा गया है. ईसाई धर्मावलंबी (हरिजन) की जाति कोड 10 है और ईसाई धर्मावलंबी (अन्य पिछड़ी जाति) की जाति कोड 11 है.बिहार में जन्मे और रहने वाले ईसाई धर्मावलंबी आदिवासी का कोड नहीं दिया गया है.इसका मतलब आदिवासी कहकर उरांव,धागंड़ कहते ही (उरांव) की जाति कोड 12 में डाल देंगे.जो ईसाई धर्म नहीं दर्शाता है.उसे हिंदू ही समझा जाएगा.इसमें परिवर्तन करने की जरूरत है.         

   विदित हो कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार जाति आधारित गणना,2022 मुहिम के रूप में शुरू किया था.इसके प्रथम चरण में शनिवार 7 जनवरी से जातिगत जनगणना के तहत मकानों की गणना शुरू किया गया. खुद ही पटना में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने मकान की गणना में लगाए गए कर्मियों के साथ इसकी शुरुआत की थी.राज्य सरकार के अनुसार जातिगत जनगणना से आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचितों एवं पिछड़ों की पहचान होगी और उनके हिसाब से योजनाएं बनाई जा सकेगी. सरकार का दावा है कि जून में पूरी रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी.

   बता दें कि पहले चरण में 7 जनवरी से 21 जनवरी तक मकानों की गणना शुरू की गई. इन 15 दिनों के दरम्यान गणनाकर्मी लगातार हर मकान में गए.  हर मकान को खास नंबर अलॉट किए.यह यूनिक नंबर लाल रंग से मकान पर मार्क भी किए और इस रिकॉर्ड को लोगों को रिकॉर्ड के रूप में इसे अपने पास भी लिखकर रख लेना चाहिए, क्योंकि यह एक तरह से पता हो जाएगा. अब तक नगर निगम मकान नंबर जारी किया करता था, लेकिन उसे पता के रूप में खोजना असंभव हो जाता था. दावा है कि इस बार दिया जा रहा नंबर हर आदमी के पते के रूप में रिकॉर्ड बनकर दर्ज हो जाएगा.मकान की गणना करते समय गणनाकर्मी घर के मुखिया का नाम भी लिख रहे हैं, ताकि यह रिकॉर्ड रहे कि मकान नंबर फलां किस व्यक्ति का है.गणनाकर्मी यह भी दर्ज कर रहे हैं कि उस परिवार में कुल कितने सदस्य हैं. साथ ही बेघर लोगों का भी रिकॉर्ड उनके अस्थायी आशियाने-ठिकाने पर लिया गया.प्रत्येक कर्मी 150 मकानों की गिनती किए. इसके लिए उन्हें हर रोज मैनुअल डेटा अपलोड करना पड़ा. अगर कोई घर बंद मिला तो मोबाइल नंबर लेकर उनसे उनकी पूरी जानकारी लिए.यह गणनाकर्मी की जिम्मेदारी थी.

दूसरे चरण में 1 से 30 अप्रैल तक जातिवार गणना होगा.इस दौरान जाति पूछेंगे, साथ ही काम और आय जानेंगे. मकान के मुखिया और परिवार के सदस्यों की कुल संख्या का रिकॉर्ड कागजों पर दर्ज किया जा रहा है.यह 21 जनवरी तक प्रक्रिया पूरी हो गयी. इसके साथ ही इस डाटा को अपलोड किए जाने पर ऑनलाइन फॉर्म तैयार होता चला गया.उसी फॉर्म में अगले चरण के दौरान बाकी जानकारी फीड की जाएगी.पूरे अप्रैल महीने गणनाकर्मी इसी ऑनलाइन फॉर्म में बाकी सूचनाएं भरेंगे. उस दौरान मकान नंबर के हिसाब से परिवार के मुखिया के पास पहुंच उनकी जाति के साथ परिवार के सदस्यों की जानकारी ली जाएगी. उनके पास कौन-कितनी गाड़ियां हैं, कितने मोबाइल है, आय का स्रोत क्या है, नौकरी करते हैं या स्वरोजगार या बेरोजगार हैं, क्या-क्या हुनर जानते हैं...जैसी जानकारी भी ली जाएगी.

आलोक कुमार

बुधवार, 15 मार्च 2023

अहिंसा को दुनिया में विस्तार देने के लिए राजगोपाल का नागरिक अभिनंदन

  * जापान द्वारा 40वां निवानो शांति पुरस्कार की घोषणा पर विख्यात गांधीवादी राजगोपाल का नागरिक अभिनंदन अहिंसा को दुनिया में विस्तार देने के लिए राजगोपाल का नागरिक अभिनंदन..


भोपाल. राजागोपाल पी व्ही जी को न्याय और शांति की सेवा में उनके असाधारण कार्य के लिए दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था निवानो पीस फाउंडेशन, जापान ने 40वां निवानो शांति पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है, इस उपलक्ष्य में गांधी भवन, भोपाल में उनका नागरिक अभिनंदन किया गया. इसके साथ ही सर्वधर्म सद्भावना मंच एवं समस्त समाज सेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन का आयोजन किया.

वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीवान ने विख्यात गांधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. का परिचय देते हुए कहा कि राजगोपाल जी को लोग प्यार से राजू भाई कहते हैं.इन्हें याद करते हुए कबीर की याद आती है. कबीर जैसा जीवन और कबीर गायन में वे रचे-बसे हैं. वे कथककली नृत्य में परांगत हैं, इसलिए वे अपनी भाव-भंगिमा से अपने विचारों को व्यक्त कर पाते हैं. उन्होंने चंबल में हिंसा के ताने-बाने को अहिंसा के माध्यम से खत्म किया.यह दुनिया का अतुलनीय काम है.उन्होंने गांधीवादी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया, जो देश-दुनिया में अहिंसा के माध्यम से शांति, समानता एवं न्याय के लिए काम कर रहे हैं.


गांधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. ने कहा कि अपने लोगों से मिला प्यार किसी भी पुरस्कार से बड़ा होता है.पुरस्कार का तीन महत्व इस समय है.पहला, आज सरकार द्वारा हर सामाजिक आंदोलन को दबाया जा रहा है, जबकि मानव अधिकार की बात संविधान में है.अलग-अलग तरह से संस्थाओं को परेशान किया जा रहा है, ऐसे समय में इस पुरस्कार का महत्व है. यह पुरस्कार गांधी जी के काम को स्वीकार करने का महत्व है, जब देश में उन्हें नकारने की बात हो रही है.तीसरी बात यह है कि यह पुरस्कार दुनिया में अहिंसा को महत्व देता है. आज देश में नफरत से बाहर आकर प्रेम एवं भाईचारे को बढ़ाने की जरूरत है.आज मैं चार स्तरीय तरीके से अहिंसा पर काम कर रहा हूं. यह मेरा पूरा जोर है कि सत्ता को कैसे अहिंसक बनाया जाए?  


वरिष्ठ पत्रकार लज्जा शंकर हरदेनिया ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी हिंसा के शिकार देश जापान है, वह अहिंसा के महत्व को समझता है.ऐसे देश से राजगोपाल को सम्मान मिलना देश के लिए गौरव की बात है. गांधीवादी विचारक सुश्री अनुराधा शंकर ने कहा कि मंच का काम मील का पत्थर है. राजा जी का काम सभी को जोड़ता है.राजा जी आज के जमाने के कबीर हैं.वे जिनसे मिलते हैं, उनको जोड़ते हैं. भारत माता में हम सभी लोग है.उन्होंने देश को जागृत किया है. समाज के अंतिम तबके के अधिकारों के लिए काम किया है. जापान का जो सम्मान पूर्वी दुनिया का नोबेल है. सद्भावना मंच के संयोजक महेन्द्र शर्मा ने कहा कि राजगोपाल जी ने गांधीवादी एवं सर्वोदयी विचारों को दुनिया में विस्तार दिया है.


भंते सागर थेरा जी ने कहा किं सभी धर्मों के व्यक्ति यहां मंच पर है, अपने-अपने सिद्धांत एवं मतों के अनुसार चलते हुए इंसानियत की बात कर रहे हैं.भोपाल इस तरह का आयोजन करने वाला इकलौता शहर है.फादर आनंद मुटुंगल ने कहा कि देश को शांतिमय एवं भाईचारा वाला देश बनाने की जरूरत है. राजगोपाल जी को जिस अहिंसक मूल्यों के लिए जापान से जो सम्मान मिला, उसे जीवन में अपनाने की जरूरत है. प्रो. मनोज जैन ने कहा कि राजगोपाल जी को सम्मान मिलने से देश गौरवान्वित हुआ है.सर्वधर्म सद्भावना मंच के हाजी हारुन ने कहा कि इस वक्त देश में कुछ लोग आग लगाने की की कोशिश कर रहे हैं, तो हम पानी डालने का काम कर रहे हैं.गदर करने वाले चंद लोग होते हैं. हम प्यार मोहब्बत की बात करते हैं.देश सदियों से धर्मनिरपेक्ष रहा है.

इस मौके पर प्रदेश भर से आए नागरिकों एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार, लेखक शैलेन्द्र शैली, जमीयत उलेमा के प्रदेश प्रमुख, संत पुजारी संघ के अध्यक्ष दीक्षित जी, पूर्व विधायक महेश मिश्रा सहित कई गणमान्यों ने अपने विचार व्यक्त किए. इस अवसर पर सैकड़ों नागरिक उपस्थित हुए. कार्यक्रम का संचालन सतीश पुरोहित ने किया.

आलोक कुमार


पूरे बिहार में दलित गरीबों भूमिहीनों को दस डिसमिल जमीन देने की बात कही

  


पटना.आज बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विधानसभा विधायक दल उप नेता सत्यदेव राम ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पर सदन में अपनी बात रखी.

        उन्होंने सदन में बिहार सरकार से  भूमि सुधार आयोग के अध्यक्ष डी बंधोपाधाय की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है. पूरे बिहार में दलित गरीबों भूमिहीनों को दस डिसमिल जमीन देने की बात कही.

    बताते चले कि 60 के दशक में कांग्रेस सरकार ने बिहार में भूमि सुधार का प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन ज़मींदारों के विरोध के कारण यह ठंडे बस्ते में चली गई. 90 के दशक में लालू प्रसाद यादव ने भी भूमि सुधार को चुनावी मुद्दा बनाया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्होंने भी इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया.

डेढ़ दशक बाद वर्ष 2005 में नीतीश कुमार जब पहली बार सीएम की कुर्सी पर काबिज़ हुए, तो उन्होंने भूमि सुधार के लिए डी. बंद्योपाध्याय की अध्यक्षता में भूमि सुधार आयोग का गठन किया था.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जून 2006 को गठित किया था.आयोग ने अगस्त 2006 से काम करना शुरू किया था.

    यहां यह भी सनद रहे कि सन 1977 में पश्चिम बंगाल में जब वाममोर्चा की सरकार बनी थी, तो वहां के वर्गादार (बटाईदार) किसानों को समुचित अधिकार देने के लिए ‘ऑपरेशन वर्गा’ चलाकर भूमि सुधार किया था, जिसे अब तक का सबसे सफलतम भूमि सुधार माना जाता है.इस ऑपरेशन का नेतृत्व डी. बंद्योपाध्याय ने ही किया था.

        दो वर्षों तक माथापच्ची करने के बाद डी. बंद्योपाध्याय ने अप्रैल 2008 में नीतीश सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में बटाईदारों को अधिकार देने की बात कही गई थी और इसके लिए एक क़ानून बनाने का प्रस्ताव दिया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि हर बटाईदार को उस ज़मीन का पर्चा देना चाहिए, जिस ज़मीन पर वह खेती कर रहा है.

इस पर्चे में भू-स्वामी का नाम व खेत का नंबर रहेगा. पर्चे की एक प्रमाणित प्रति ज़मीन मालिक को भी देने की भी बात कही गई थी.इन सबके अलावा भी कई तरह की सिफारिशें थीं. लेकिन, ज़मींदार वोट बैंक को बचाने की राजनीतिक मजबूरियों के चलते नीतीश कुमार ने भी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों की लीक पर ही चलने का फैसला लिया और सिफ़ारिशों को धूल फांकने के लिए छोड़ दिया.

     बताते चले कि अपने लिए निर्धारित एक साल की समय सीमा को एक बार बढ़वाने के बाद आयोग ने 2008 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी.लेकिन 15 साल बाद भी नीतीश कुमार ने आयोग के सुझावों पर अमल की कोई पहल करते नहीं दिख रहे है.आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 1990 के दशक के दौरान भूमिहीनता का आंकड़ा रखा. इन आंकड़ों के अनुसार इस दौरान राज्य में भूमिहीनता की दर चिंताजनक हद तक बढ़ी है.

     जगजाहिर है कि जन संगठन एकता परिषद के संस्थापक पी व्ही राजगोपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर और प्रदेश स्तर पर एकता परिषद के प्रांतीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने मिलकर डी. बंद्योपाध्याय की अध्यक्षता वाली भूमि सुधार आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए अहिंसात्मक आंदोलन चलाया.

       उत्तर बिहार एकता परिषद के नेता विजय गोरैया ने महागठबंधन सरकार के  राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक मेहता को बाजीगर करार दिया है.उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने सभी आवासीय भूमिहीन परिवारों की गिनती कराने के वादा से पीछे हटने के बाद, बिहार के भूमि सुधार मंत्री जी अब गरीबों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं.  गिनती कराई नहीं, कोई नया आँकड़ा डाला नहीं और 'डाटा अपडेट' करायेंगे ?   अंचल कार्यालय के कंप्यूटर में वर्षों से पड़े सौ-दो सौ आवासीय भूमिहीन परिवार के आँकड़ों को जिला स्तर पर जोड़वाकर प्रकाशित करा देंगे. किसी जिला में पाँच सौ तो किसी में हजार-बारह सौ की संख्या  ...हो गया अपडेट.  जबकि, आवासीय भूमिहीन परिवारों की एक प्रखंड की संख्या औसतन पाँच से पच्चीस हजार तक संभावित है./   कायदे से, जबतक गाँव के हर दरवाजे तक पहुँचकर सर्वेक्षण टीम द्वारा पुछताछ करने के बाद ही आवासीय भूमिहीनों की सही जानकारी प्राप्त होगी. अगर सरकार की नियत ठीक हो तो पूरे बिहार में, यह काम एक सप्ताह में पूरा किया जा सकता है. लेकिन अखबार की इस घोषणा से लगता है मानो, मंत्री जी बिहार के आवासीय भूमिहीनों को उकसा ही नहीं चिढ़ा भी रहे हों कि 'दम है तो हमारे खिलाफ बड़ी लड़ाई शुरु करो ; अगर नहीं, तो जो टुकड़ा हम फेंकते हैं उसे हमारी कृपा समझ कर स्वीकार करो'.

आलोक कुमार


मंगलवार, 14 मार्च 2023

निजी नियोजकों द्वारा 130 विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का किया जायेगा चयन

  * 16 मार्च को डीआरसीसी में जॉब कैम्प का आयोजन

* निजी नियोजकों द्वारा 130 विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का किया जायेगा चयन

* कार्यक्षेत्र होगा स्थानीय, मानदेय भी बेहतर


बेतिया।श्रम संसाधन विभाग जिला नियोजनालय के तत्वावधान में 16.03.2023 को स्थानीय डीआरसीसी (जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र) के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैम्प में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं।

  जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री अंकित राज द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में लगातार जिले में जॉब कैम्प का आयोजन कर बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में 16 मार्च 2023 को भी जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पैरामाउंट एकेडमी, श्री साई ऑर्गेनिक फुड्स प्रा0 लि0 तथा चौतन्य इंडिया फीन क्रेडिट प्रा0 लि0 द्वारा पश्चिमी चम्पारण जिले में पीजीटी/टीजीटी टीचर, फ्रांट डेस्क, पियून, ड्राईवर, हेल्पर, स्वीपर, नाईट गार्ड, सुपरवाईजर, कस्टमर रिलेशनशीप एक्जक्यूटिव पद पर कार्य करने के इच्छुक कुल-130 अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि निजी नियोजक, पद, योग्यता, उम्र, मानदेय, रिक्ति, कार्यस्थल आदि की विस्तृत जानकारी का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है ताकि लक्ष्य के अनुरूप बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाई जा सके।


आलोक कुमार

ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का लंबित अंकेक्षण जिलास्तर पर मिशन मोड में कराने के लिए रोस्टर जारी

 * ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का लंबित अंकेक्षण जिलास्तर पर मिशन मोड में कराने के लिए रोस्टर जारी

* तिथि को ऑडिट कार्य नहीं कराने पर संबंधित पंचायत/प्रखंड के वित्तीय लेन-देन पर लगा दी जाएगी रोक

*जिलाधिकारी द्वारा की गयी अंकेक्षण कार्य प्रगति की समीक्षा


बेतिया। जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का अंकेक्षण कार्य अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। पूर्व में भी मिशन मोड में जिलास्तर पर कैंप लगाकर अंकेक्षण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद बगहा-02 एवं नरकटियागंज पंचायत समिति एवं अधिकांश प्रखंडों में ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का अंकेक्षण निर्धारित अवधि में नहीं हो सका है, जो अत्यंत ही खेदजनक है।  

उन्होंने कहा कि अंकेक्षण कार्य की लगातार उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराना अति आवश्यक है। इस कार्य में तनिक भी लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित अंकेक्षण कार्यों को ससमय पूरा करने के उद्देश्य से जिलास्तर पर रोस्टर वाइज कैम्प का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से शत-प्रतिशत अंकेक्षण मामलों को अविलंब निष्पादित करना सुनिश्चित किया जाय।

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि निर्धारित कार्यक्रमानुसार जिलास्तर पर जिला परिषद सभागार में अंकेक्षण दल की उपस्थिति में अंकेक्षण कार्य कराया जा रहा है। इस हेतु तिथि का निर्धारण कर दिया गया है। 13 एवं 14 मार्च 2023 को लौरिया, नौतन, मधुबनी प्रखंड अंतर्गत विभिन्न ग्राम कचहरियों तथा वार्ड के लंबित मामलों का अंकेक्षण कार्य पूर्ण कराया जायेगा। इसी तरह 15 एवं 16 मार्च 2023 को सिकटा, बैरिया, रामनगर, 17 एवं 18 मार्च 2023 को योगापट्टी, बगहा-01, 20 एवं 21 मार्च 2023 को चनपटिया, बगहा-02 (समिति), 23 एवं 24 मार्च 2023 को मझौलिया, नरकटियागंज (समिति) प्रखंडों के लंबित अंकेक्षण का कार्य पूर्ण कराया जायेगा।

अंकेक्षण कार्य में पंचायत सचिव एवं लेखापाल-सह-आईटी सहायक भाग लेंगे। साथ ही प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी/प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पर्यवेक्षण पदाधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रखंड नाजिर/पंचायत सचिव/ लेखापाल-सह-आईटी सहायक प्रातः 09.00 बजे पूर्वाह्न निर्धारित तिथि को अंकेक्षण से संबंधित पंजी/अभिलेखों के साथ उपस्थित रहकर अंकेक्षण कार्य सम्पन्न करायेंगे। शाम में पंचायत कार्यालय को सूचित करेंगे कि उनके द्वारा ऑडिट करा लिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित तिथि को ऑडिट समापन का कार्य नहीं कराने पर संबंधित पंचायत/प्रखंड के वित्तीय लेन-देन पर रोक दिया जायेगा। साथ ही संबंधित नाजिर/पंचायत सचिव/लेखापाल-सह-आईटी सहायक से कारण पृच्छा करते हुए उक्त तिथि का वेतन/मानदेय अवरुद्ध कर उनके सेवापुस्त में एंट्री कर दिया जायेगा।

समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, श्री मनीष कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

उत्तर भारत में आरामदायक दुख भोग यात्रा


नई दिल्ली.आजकल ईसाई समुदाय का दुख भोग चल रहा है. 22 फरवरी को शुरू हुआ था. मंगलवार 14 मार्च चालीसे का तीसरा सप्ताह में है.ईसाई समुदाय अपनी सहुलियत से दुख भोग को कष्टकर और आरामदायक बनाते हैं.दक्षिण भारत में कष्टकर दुख भोग यात्रा करते हैं तो उत्तर भारत में आरामदायक दुख भोग यात्रा करने का कार्यक्रम तय किया गया है.

दक्षिण भारत के केरल राज्य

में तीर्थ स्थल विकसित किया गया है. राज्य के तीर्थ स्थलों में सबसे प्रमुख सेंट थॉमस सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च है, जहां हर साल हजारों ईसाई और अन्य पर्यटक आते हैं. यहां पर मलयात्तूर तीर्थ स्थल है. जहां पर संत थॉमस  आए थे.उन्होंने मलयातूर के पहाड़ पर चढ़े थे.वहां पर यानी पहाड़ पर उनके पैर का निशान है.वहां पर भक्तगण भक्ति से प्रार्थना करते हैं.पहाड़ पर सेंट थॉमस के नाम से चर्च बनाया गया है. लोग बहुत ही मुश्किल से पहाड़ के ऊपर चढ़ते हैं.यहां पर लोग दुख भोग के समय मिलकर कूस का रास्ता तय करते हैं.अपने हाथों में क्रूस को लेकर पहाड़ पर चढ़ते हैं.यह रहा कष्टकर दुख भोग का वर्णन.अब आपको आरामदायक दुख भोग यात्रा के बारे में बता रहे हैं.

उत्तर भारत में नई दिल्ली में विकास नगर है.यहां पर चर्च ऑफ आवर लेड़ी ऑफ ग्रेस, आनंद कुंज, विकासपुरी, न्यू दिल्ली में चर्च है.इस चर्च के रक्षक फादर इवान है.उन्होंने अपने बल पर चालीसा कालीन यात्रा कार्यक्रम तय किये हैं. विकासपुरा पल्ली के भक्तगण आराम से बस पर चढ़ेंगे और प्रभु येसु ख्रीस्त के दुख भोग में शामिल हो जाएंगे.इस दौरान 7 चर्चों का मुआयना भी करने जाएंगे. तो इस प्रकार दुख भोग के 14 मुकाम पूरा करेंगे.शनिवार 18 मार्च 2023 को विकासपुरी चर्च से 9 बजे बस खुलेगी.विकासपुरी चर्च से ही चौदह मुकाम शुरू होगा.

1.विकासपुरी चर्च से पालम चर्च की दूरी 12 किलोमीटर है.इसके बाद 2. पालम चर्च से जनकपुरी चर्च की दूरी 7 किलोमीटर है. 3. जनकपुरी चर्च से मायापुरी चर्च की दूरी 8 किलोमीटर है. 4. मायापुरी चर्च से पंजाबी बाग की दूरी 10 किलोमीटर है. 5. पंजाबी बाग चर्च से रोहिणी चर्च की दूरी 12 किलोमीटर है. 6. रोहिणी चर्च से पीतमपुरा चर्च की दूरी 10 किलोमीटर है. 7. पीतमपुरा के बाद भक्तों को घर पहुंचा दिया जाएगा.

यह बताया कि चर्च ऑफ़ अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस, विकासपुरी,नई दिल्ली के फादर इवान के द्वारा बस की व्यवस्था की गयी है.पहले आओ पहले पाओ पर की तर्ज पर सुविधा प्रदान की जाएगी.भक्तों से आग्रह किया गया है कि कृपया अपना भोजन और पानी स्वयं लाएं. क्रूस रास्ता विकास नगर चर्च से शुरू होगा और पीतमपुरा चर्च में समाप्त होगा.

सोमवार, 13 मार्च 2023

पहली बार सार्वजनिक रूप से 2022 में व्हीलचेयर का उपयोग शुरू

  ऐतिहासिक दिन है 13 मार्च 2013

* पोप बनने का दस साल पूरा किए पोप फ्रांसिस

रोम.सर्वविदित है कि विश्व के सभी कार्डिनल मिलकर रोम में रहने वाले पोप को 2013 में फ्रांसिस को पोप के रूप में चुने.पोप फ्रांसिस ने पोप चुने के तुरंत बाद ही उन्होंने इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर कर लिए थे.उन्होंने कहा कि मैं जब महसूस करता कि गंभीर और स्थायी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मैं अपने कर्तव्यों को पूरा करने में असमर्थ हूं, उस दिन के लिए यह इस्तीफा पत्र अपने पास रखा था.
आज 86 वर्षीय पोप फ्रांसिस लगातार घुटने की बीमारी के कारण बेंत और व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे हैं और वेटिकन में एक अधिक गतिहीन जीवन शैली के कारण उनकी कमर काफ़ी बढ़ गई है जो उनके पैर की समस्या से पहले ही शुरू हो गई थी.
बता दें कि 05 मई, 2022 को पहली बार सार्वजनिक रूप से व्हीलचेयर का उपयोग शुरू करने के बाद उन्होंने कथित तौर पर एक सहयोगी से कहा, "आप चर्च को घुटने से नहीं बल्कि सिर से चलाते हैं."
मालूम हो कि एक गंभीर बीमारी से उबरने के बाद, उन्हें 1958 में जेसुइट्स में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था.उन्हें 1969 में एक कैथोलिक पुरोहित (फादर) नियुक्त किया गया था, और 1973 से 1979 तक अर्जेंटीना में जेसुइट प्रांतीय श्रेष्ठ (प्रोविंशियल) थे. वह 1998 में ब्यूनस आयर्स के आर्चबिशप बने और 2001 में पोप जॉन पॉल II द्वारा कार्डिनल बनाए गए. उन्होंने अर्जेंटीना में दिसंबर 2001 के दंगों के दौरान अर्जेंटीना चर्च का नेतृत्व किया. नेस्टर कर्चनर और क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किरचनर के प्रशासन ने उन्हें एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना. 28 फरवरी 2013 को पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद , एक पोप सम्मेलन ने 13 मार्च को बर्गोग्लियो को उनके उत्तराधिकारी के रूप में चुना.

प्राप्त परिवादों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक

  मुख्यमंत्री के समाधान यात्रा, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त परिवादों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक....


नालंदा.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समाधान यात्रा, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री, विधान सभा/विधान परिषद प्रश्नोत्तरी, जिलाधिकारी के स्तर से विभिन्न पदाधिकारियों को भेजे गए आवेदनों के निष्पादन तथा विभिन्न न्यायालय में लंबित वादों में अपेक्षित कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरदेव भवन सभागार में समीक्षा बैठक की.

       समाधान यात्रा के क्रम में 282 परिवाद/मांग पत्र आवेदन प्राप्त हुए थे. जिनमें से 155 आवेदनों के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा करवाई प्रतिवेदन जमा किया जा चुका है. बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों से एक-एक कर उनके विभाग से संबंधित आवेदनों के निष्पादन संदर्भ में जानकारी ली गई.अधिकांश मामलों में आवेदनों का निष्पादन किया गया है. सभी पदाधिकारियों को शेष लंबित आवेदनों में भी निष्पादन योग्य मामलों का निष्पादन करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया.

     जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम से संबंधित 106 मामले में से 73 का निष्पादन किया गया है. अद्यतन 33 मामले लंबित पाए गए. जिसको लेकर सभी संबंधित पदाधिकारियों को कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के अंतर्गत कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने एवं संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया.

   जिलाधिकारी के स्तर से भी विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों को 177 मामले कार्रवाई भेजे गए हैं. इन सभी मामलों के संदर्भ में कार्रवाई प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया.

   न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई करते हुए ससमय तथ्य विवरण दायर करने का निर्देश सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया.

    विधानसभा एवं विधान परिषद से संबंधित प्रश्नों का उत्तर निर्धारित समय पर एवं निर्धारित माध्यम से भेजने का निर्देश सभी पदाधिकारियों को दिया गया.बैठक में नगर आयुक्त,उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी बिहार शरीफ सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया

  बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 15 मामलों की की सुनवाई. कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण...


नालंदा. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी द्वारा आज 15 मामले की सुनवाई की गई.इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

       परिवादी रंजीत सिन्हा द्वारा 15वें वित्त आयोग की योजना में कराए जा रहे कार्य में अनियमितता बरते जाने को लेकर दायर परिवाद के संदर्भ में जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा जांच की गई. उनके द्वारा बताया गया कि कार्य करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि पाई गई है. इसको लेकर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं पंचायत तकनीकी सहायक से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.साथ ही कार्य का कुछ अंश शेष है, जिसे पंचायत समिति के माध्यम से पूरा करने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया.

       नूरसराय के बैकुंठ व्यास द्वारा निजी जमीन पर जिला परिषद के माध्यम से निर्मित सामुदायिक भवन के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद को मामले की जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया.

        बिहार शरीफ अनुमंडल क्षेत्र की बॉबी कुमारी द्वारा गलत तरीके से निजी व्यक्ति द्वारा ऋण देने का व्यवसाय कर  प्रताड़ित किए जाने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहार शरीफ द्वारा जांच की गई. उनके द्वारा बताया गया कि आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है.

        चंडी के केदारनाथ गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभ से वंचित रखने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी चंडी द्वारा बताया गया कि आवेदक पात्र श्रेणी के हैं. वर्त्तमान में आवाससॉफ्ट पर नए लाभुकों का नाम जोड़ने का कार्य बंद है.आवास सॉफ्ट में नए लाभुकों का नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदक का नाम सूची में जोड़कर उन्हें लाभ दिलाया जाएगा.

         हिलसा की बच्ची देवी द्वारा नल जल योजना से कराए गए कार्य की पूर्ण राशि का भुगतान नहीं किए जाने से संबंधित परिवाद की जांच प्रखंड विकास पदाधिकारी हिलसा द्वारा की गई. उनके द्वारा बताया गया कि लंबित राशि के भुगतान के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है. आगामी 15 दिनों के अंदर आवेदक को बकाया राशि का भुगतान करा दिया जाएगा.

       हिलसा की एक अन्य परिवादी सुषमा देवी द्वारा सात निश्चय अंतर्गत किए गए कार्य से संबंधित राशि का भुगतान नहीं किए जाने के संदर्भ में परिवाद दिया गया था. प्रखंड विकास पदाधिकारी हिलसा को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.कुछ अन्य मामलों से संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया.



आलोक कुमार

बच्चों के परिवारों को पुनर्वास के लिए मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये प्रदान करें


* बेगूसराय में मुस्लिम समाज की बच्चियों के फरार बलात्कारियों की तत्काल गिरफ्तारी हो:  ऐपवा

* बिना देर किए न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए

* बजरंग दल से जुड़े अपराधियों ने घटना को दिया अंजाम, उच्चस्तरीय जांच हो

* ऐपवा की उच्चस्तरीय जांच टीम ने बेगूसराय का किया दौरा

पटना. ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर राधिका मेनन, समस्तीपुर की ऐपवा नेता वंदना व किरण आदि के नेतृत्व में ऐपवा की एक उच्चस्तरीय टीम ने 12 मार्च 2023 को सदर अस्पताल, बेगूसराय का दौरा कर उन दो बच्चियों से मुलाकात की, जिनके साथ विगत 8 मार्च को सामूहिक बलात्कार की क्रूरतम घटना को अंजाम दिया गया था.

      बेगूसराय से लौटने के बाद जांच टीम ने आज पटना में संवाददाता सम्मेलन में पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट पेश की. संवाददाता सम्मेलन में शशि यादव व राधिका मेनन के साथ ऐपवा की बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे भी उपस्थित थीं.


फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

ऐपवा की टीम ने पीड़िता के माता-पिता और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की. टीम ने पाया कि घटना के उपरांत इलाके में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के भी प्रयास किए गए, जिसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की त्वरित कार्रवाई के जरिए नाकाम बना दिया गया.

    8 मार्च को जब पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा था और दोपहर बाद जब होली समारोह समाप्त हो रहा था, बेगूसराय के साहेबपुर कमाल ब्लॉक में दो बहुत छोटी बच्चियों के साथ चौंकाने वाली क्रूरता को अंजाम दिया गया. खुशबू (बदला हुआ नाम), 6 साल और समीरा (बदला हुआ नाम), 9 साल, हर दिन की तरह, राजकीय मध्य विद्यालय के खेल के मैदान में झूला झूल रही थीं. एक व्यक्ति जिसकी पहचान छोटू के रूप में समीरा ने की, बबलू कुमार और दो अन्य लोगों के साथ उन्हें खेल के मैदान में फंसा लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. उनके चेहरे दीवार से टकरा गए थे. समीरा ने हमलावरों से लड़ना शुरू कर दिया. 


उसके सिर पर हमला किया गया और उसकी गाल को तब तक चीरा गया जब तक कि उसके दांत बाहर नहीं निकल आए. वह चीखते हुए किसी तरह भाग निकली. खुशबू जो हकलाती है और अपनी उम्र के हिसाब से बहुत कमजोर और छोटी है, इन घटनाओं को देखकर हैरान थी. वह विरोध करने में असमर्थ थी. उसे स्कूल के शौचालय में घसीट कर ले जाया गया और उसके साथ क्रूरता की गई.

    जब ऐपवा की टीम ने सदर अस्पताल में उनसे मुलाकात की, तो समीरा के चेहरे और सिर पर भारी पट्टी बंधी हुई थी. उनके साथ उनकी मां, एक बीड़ी बनाने वाली मजदूर और बेरोजगार दादा भी थे. उसके 8 अन्य भाई-बहन हैं. उसके पिता ड्राइवर हैं. दूसरे बिस्तर पर खुशबू लेटी हुई थी. उसके चेहरे, हाथों और पैरों पर दिखाई दे रही चोटें धीरे-धीरे ठीक हो रही थीं. उसकी दोनों आँखें खून से सनी हुई थीं और उसका माथा उस जगह पर उभरा हुआ था जहाँ उसे मारा गया था. 8 मार्च की दोपहर 3 बजे हुई घटना के बाद से उसने बोलना बंद कर दिया है. उसके 6 अन्य भाई-बहन हैं, जिनमें से चार विकलांग हैं. उसकी मां, जिसे उसके पति ने छोड़ दिया है, उसके साथ थी. वह अपने गरीब परिवार को पड़ोसियों सें प्राप्त भोजन से काम चलाती है.

     नामजद उपरोक्त दोनों अपराधी स्कूल के पास ही चाय और पान की दुकान चलाते हैं. बच्चों के परिजन और गांव वाले उन्हें लुम्पेन के रूप में जानते रहे हैं जो गुंडों के साथ घूमते थे और नशीले पदार्थ बेचते थे. ऐसी भी खबरें थीं कि बबलू के पिता ने दावा किया कि उनका बेटा बजरंग दल का कार्यकर्ता और मीडिया का आदमी था. दो अन्य व्यक्ति जिनका नाम समीरा नहीं  जानती थी, लेकिन पहचान सकती थी, वे अब तक फरार हैं.

     क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा बताए गए घटनाओं के क्रम से संकेत मिलता है कि खुशबू हमलावरों के चंगुल से छूटने के बाद दौड़ते हुए भागी और और गिरने से पहले ग्रामीणों को सूचित किया. जब ग्रामीणों ने खुशबू को देखा तो उसके सिर और कूल्हों के आसपास खून बह रहा था. उसे संभवतः हमलावरों द्वारा मृत मान लिया गया था. 

     आक्रोशित भीड़ ने गुंडों के अड्डे को तहस-नहस कर दिया.  हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप से सांप्रदायिक उन्माद भड़काने की कोशिश टल गई. शांति समितियों का गठन किया और पीड़ितों के लिए न्याय पर ध्यान केंद्रित किया गया. स्थानीय विरोध के कारण प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी. इसके बाद से अस्पताल में परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई है. विरोध करने पर जिला अस्पताल प्रशासन ने भी कार्रवाई करते हुए बच्चियों का इलाज कराया.

स्थानीय कार्यकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह की दो और 

घटनाएं पहले भी गांव में हो चुकी हैं. हालांकि अभी और भी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है.


ऐपवा की मांग है कि 


1. दोनों फरार बलात्कारियों की तत्काल तलाश कर गिरफ्तारी की जाए.


2. बिना देर किए न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए.

3. बच्चियों की सुरक्षा, शिक्षा सुनिश्चित की जाए.

4. स्कूल के स्थानों को सुरक्षित बनाएं और आसपास की गतिविधियों को ऐसी गतिविधियों से मुक्त करें जिनसे बच्चों को खतरा हो. 

6. स्कूल के पास नशीले पदार्थों का ठिकाना चलाने के लिए अपराधियों को दिए जा रहे राजनीतिक संरक्षण और नौकरशाही संरक्षण की जांच की जाए.

7. साम्प्रदायिक घृणा फैलाने के लिए बजरंग दल पर आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे संभवतः बच्चों तक के खिलाफ घृणा का माहौल बनाने की कोशिश की.

8. बच्चों के परिवारों को पुनर्वास के लिए मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये प्रदान करें.

9. बच्चियों के ठीक होने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए सर्वाेत्तम स्वास्थ्य देखभाल और पोस्ट ट्रॉमा परामर्श की सुविधा.

ऐपवा का मानना है कि समाज की सुरक्षा समाज के सबसे गरीब और सबसे कमजोर बच्चियों की सुरक्षा से ही निर्धारित होती है. भविष्य की त्रासदियों को टालने के लिए प्रशासन को उपरोक्त मांगों को पूरा करना चाहिए.


आलोक कुमार

रविवार, 12 मार्च 2023

कलाकारों का चयन और उसके बाद रिहर्सल शुरू

  

पटना.आजकल प्रभु येसु ख्रीस्त का दुख भोग चल रहा है. परंपरागत रूप से, सेप्टुआगेसीमा रविवार से ही लेंट के लिए तैयारी की शुरुआत कर दी गयी.12 फरवरी को सेक्सगेसिमा रविवार और 19 फरवरी को क्विनक्वेजिमा रविवार था.21 फरवरी को ‘गोस्त भूजा‘ का पर्व था.22 फरवरी को राख बुधवार था..26 फरवरी को दुख भोग का प्रथम रविवार था. 26 मार्च को दुखभोग का पांचवां रविवार है.2 अप्रैल को खजूर (खग्गी) रविवार है. 6 अप्रैल को मांण्डी थर्सडे है. 7 अप्रैल को गुड फ्राइडे है. 8 अप्रैल को पुण्य शनिवार और 9 अप्रैल को ईस्टर रविवार है.  

   एस.के.लॉरेन्स एवं अन्य पिछले बारह वर्षों की तरह इस वर्ष भी लेन्ट पीरियड (चालीसा) के दौरान सम्भवत: बुधवार तथा शुक्रवार के दिन चर्च तथा भक्त जनों के निवास स्थान पर प्रभु येसु के दुख भोग से संबंधित ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना का कार्यक्रम कर रहे हैं.जो 22 फरवरी से शुरू हो गया है.कुर्जी पल्ली के भक्तजनों के घरों में यह भक्तिमय कार्यक्रम जारी है.

विक्टर फ्रांसिस के द्वारा 07 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवसर पर प्रभु के दुख भोग पर आधारित एक झांकी निकाली जाएगी. प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुर्जी पल्ली की तरफ से गुड़ फ्राइडे( 7 अप्रैल 2023) के पुण्य बेला में प्रभु के दुखभोग पर आधारित एक झाँकी निकाली जाएगी.’यदि आप इस झाँकी में प्रभु येसु की भूमिका या अन्य किसी भी भूमिका को निभाना चाहते हैं तो कृपया  वाले 11 मार्च 2023 को शाम तक अपना नाम पल्ली कार्यालय में दे दें. आने वाले 12 मार्च 2023 को शाम पांच बजे कलाकारों का चयन और उसके बाद रिहर्सल शुरू किया गया.


आलोक कुमार


दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत


गया।जिला प्रशासन गया और बाल विकास परियोजना विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संग्रहालय (म्यूजियम) गया में जिला पदाधिकारी डॉ.त्यागराजन एसएम की पत्नी नेहा, डीडीसी की पत्नी डा.शिल्पी, नगर आयुक्त अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त, डा.मधुबाला एवं आईसीडीएस की डीपीओ भारती प्रियम्बदा ने संयुक्त से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

              अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को संग्रहालय में महिलाओं जनसमूह को संबोधित करते हुए  उप विकास आयुक्त विनोद दूहन ने कहा कि मानवता को आगे बढ़ाने के लिए नारी को पहले सशक्त करना होगा। बिना नारी को सशक्त किए हुए मानवता का कल्याण नहीं होगा। साथ हीं नारी को अपनी पहचान खुद बनाना होगा। नारी को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। उन योजनाओं को लाभ उठानी चाहिए। यह बात  उन्होंने कहा कि महिलाएं धरती से लेकर आकाश और सैन्य युद्ध से लेकर जहाज उड़ाने तक कार्य कर रही है। उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। डीडीसी मौजूद महिला जनसमूह को आह्वान किया कि यहां की बातों को समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाली प्रत्येक घर की महिलाएं तक पहुंचाएं।            

डीपीओ आईसीडीएस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हर समाज और हर वर्ग की महिलाओं की उपस्थिति सशक्ति को परिलक्षित करता है। महिलाओं की उन्नति और विकास पूर्णरूपेण तभी होगा जब महिलाओं के लिए विशेष रूप से दिवस आयोजित करने एवं उनके महत्व को बताने की आवश्यकता न पड़े।

    जिलाधिकारी महोदय  की धर्मपत्नी नेहा जी ने अपने संबोधन में महिलाओं से हुई मुलाकात पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें खुद के लिए समय निकलने और उनके आसपास की अन्य महिलाओं के लिए तहेदिल से सकारात्मक कार्य करने का अनुरोध किया।

            मौके पर महिला हेल्पलाइन की आरती कुमारी,  डीपीएम श्री गौस,सिविल सर्जन डॉ.राजीव रंजन, जिला स्वास्थ्य समिति की डीपीएम निलेश, डीपीएम जीविका,  डॉक्टर मधुबाला, महिला थानाध्यक्ष मधु कुमारी तथा अन्य लोग उपस्थित थे । इस अवसर पर मंच संचालन सीडीपीओ कोंच,श्रीमती मंजू ने किया।

प्रशानिक व्यस्तताओं के कारण जिला पदाधिकारी कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित नहीं हो पाए परंतु सम्पूर्ण कार्यक्रम उनके दिशानिर्देशों के अनुसार हुआ। जिलाधिकारी ने अपनी ओर से भेजे संदेश में सभी पदाधिकारी और लोंगों से महिलाओं से जुड़ी सरकार की योजनाओं को पूरी तरह से धरातल पर लाने हेतु अनुरोध किया, विशेषकर समाज सुधार अभियान के अंतर्गत आने वाले कार्यों को पूर्ण मनोयोग से करने का आह्वान किया ताकि विभिन्न कुरीतियों से हमे पूर्ण निजात मिले । जिला पदाधिकारी द्वारा  हस्ताक्षरित शुभकामना संदेश और सम्मान पत्र विभिन्न पदाधिकारी और छात्राओं के बीच वितरित किए गए।                        

            विशेष वक्ता के रूप मे डॉक्टर मधुबाला ने कई तकनीकी जानकारी और आकड़ों से युक्त महिला सशक्तिकरण पर अपना संबोधन सबके समक्ष रखा। 


बिहार की गाथा से अभिभूत दिखा मंच


अलग-अलग कलाकारों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मंच पर बिटिया के जन्मोत्सव को प्रदर्शित की। उसके बाद बिहार की गौरव गाथा जैसे होली और छठ पूजा को गीत और संगीत के माध्यम से प्रदर्शित की गई। इसे उत्पस्थित महिलाओं ने करतल ध्वनि से उन कलाकारों को हौंसला बढ़ाया। नारी तू नारायणी, बिहार गौरव गान और बालिका जन्मोत्सव की प्रस्तुति ने समा बांधा।बेटी जन्मोत्सव की शानदार प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध किया।

              निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्चना सोनाली, द्वितीय करिश्मा कुमारी, तृतीय रोशनी कुमारी, चतुर्थ सुरभि कुमारी एवं पंचम स्थान नीलम कुमारी को मिला। 

              चित्रांकन में प्रथम रीता कुमारी, द्वितीय रोशनी कुमारी, तृतीय रानी कुमारी, चतुर्थ पूनम कुमारी,पंचम सौम्या शेखर को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

              बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं जिन्होंने जोरदार आवाज उठाया है, उनमें अर्चना देवी, पूजा कुमारी, रूबी देवी, पुष्पा कुमारी, संगीता कुमारी, रेखा देवी तथा गुड़िया देवी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आईसीडीएस की सीडीपीओ एवं अन्य महिलाओं को भी शुभकामना पत्र दिया गया।

              10वीं बोर्ड की परीक्षा में जिला में टॉप अंक प्राप्त करने वाले सदानंद उच्च विद्यालय सुलेबट्टा की स्नेहा कुमारी, आरआर अशोक उच्च विद्यालय खरखुरा के संगीता कुमारी, उच्च विद्यालय डोभी के अर्चना कुमारी एवं इंटरमीडिएट में कला संकाय में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले मिर्जागलिब कॉलेज के सिमरन परवीन, वाणिज्य संकाय में गया कॉलेज के मुस्कान सिन्हा एवं विज्ञान संकाय में गया कॉलेज के सेजल कुमारी को प्रशस्ति पत्र तथा मोमेंटो देकर इन सभी सम्मानित किया गया।

              कार्यक्रम में कई प्रखण्डों से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, प्रखण्ड समन्वयक, आंगनवाड़ी सेविकाएँ, आशा, जीविका दीदियाँ, स्कूली छात्राएं, शिक्षिका और अन्य महिलाएं भी उपस्थित रहीं।


आलोक कुमार


तत्कालीन आवास सहायक द्वारा आवेदक को इंदिरा आवास का लाभ नहीं दिया

  


गया।  ’लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 द्वितीय अपील के तहत ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई की गई।’  

             कलावती देवी, आमस द्वारा बताया गया की इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं दिए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज किया गया था। आज सुनवाई में बीडीओ, आमस द्वारा बताया गया की आवेदक इंदिरा आवास के लिए योग्य हैं परंतु तत्कालीन आवास सहायक द्वारा आवेदक को इंदिरा आवास का लाभ नहीं दिया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने बीडीओ को आवास सहायक को चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कर उप विकास आयुक्त को भेजना का निर्देश दिया।

             भीम राम, गुरारू ने बताया की भूमि विक्रेता द्वारा भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए अग्रिम राशि की मांग की गई थी। परंतु रजिस्ट्री के समय ज्ञात हुआ कि उक्त भूमि रेलवे परियोजना में चले जाने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। तत्पश्चात भूमि विक्रेता से दिए गए अग्रिम राशि को वापस मांगे जाने पर टाल मटोल किया जा रहा है, जिस पर आवेदक द्वारा गुरारू थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया परंतु थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जा रहा है। आज सुनवाई में जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष को आवेदक में आवेदन के आधार पर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिया।

             कैलाश यादव, वजीरगंज द्वारा बताया गया की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण को बताने के संबंध में शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमे जिलाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी को अतिक्रमण 15 दिनों में हटाने का निर्देश दिया गया।


आलोक कुमार

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