संदेश

मई 8, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

India l सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक का पदभार संभाला

चित्र
सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक (Director General) का पदभार संभाला Catholic Health Association of India (CHAI) के लिए 1 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक (Director General) का पदभार संभाला। वे Sisters of St. Anne की सदस्य हैं तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनाकोलॉजिस्ट) के रूप में प्रशिक्षित चिकित्सक हैं। चिकित्सा सेवा, अस्पताल प्रबंधन और सामाजिक स्वास्थ्य मिशन में उनका लंबा अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए विशिष्ट बनाता है। भारत के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रसिद्ध CHAI लंबे समय से चिकित्सा एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में कार्य करता रहा है। इस संगठन की एक विशेषता यह है कि इसके जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लगभग 80 प्रतिशत सदस्य महिलाएँ हैं। इसके बावजूद पिछले 83 वर्षों से इस संस्था का नेतृत्व केवल पुरुषों के हाथों में रहा। ऐसे में सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी का महानिदेशक बनना केवल प्रशासनिक परिवर्तन नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस परिवर्तन के पीछे फादर मैथ्यू अ...

Keralam:37 वर्षों के अटूट साथ का अनुपम उत्सव

  37 वर्षों के अटूट साथ का अनुपम उत्सव विवाह केवल दो व्यक्तियों का साथ नहीं, बल्कि दो आत्माओं, दो परिवारों और दो जीवन यात्राओं का सुंदर मिलन होता है। जब कोई दंपति साथ-साथ जीवन के 37 वर्ष पूरे करता है, तो यह केवल एक तारीख या वर्षगांठ नहीं रहती, बल्कि प्रेम, विश्वास, धैर्य और समर्पण की एक प्रेरणादायक कहानी बन जाती है। विवाह के 37 वर्ष पूरे होने को “अलाबास्टर वर्षगांठ” (Alabaster Anniversary) कहा जाता है। यह अवसर उस रिश्ते की मजबूती और कोमलता का प्रतीक है, जिसने समय की हर परीक्षा को पार किया हो। केरलम  के जोसेफ एन. एम. और उनके जीवनसाथी का यह 37 वर्षों का सफर भी ऐसे ही अटूट प्रेम और समझदारी का उदाहरण है। जीवन में सुख-दुख, संघर्ष और सफलताओं के बीच एक-दूसरे का हाथ थामे रखना आसान नहीं होता, लेकिन जो दंपति यह यात्रा साथ निभाते हैं, वे समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। अलाबास्टर वर्षगांठ का महत्व 37वीं विवाह वर्षगांठ का प्रतीक “अलाबास्टर” है। अलाबास्टर एक सफेद, मुलायम और सुंदर पत्थर होता है, जिसका उपयोग प्राचीन समय से कला और सजावट में किया जाता रहा है। यह पत्थर बाहर से कोमल दिखाई देता ...

Bihar:सेंट डोमिनिक सैवियो का पर्व

चित्र
उत्सव की शुरुआत एक विशेष सुबह की सभा से हुई सेंट डोमिनिक सैवियो हाई स्कूल में उनके संरक्षक संत, सेंट डोमिनिक सैवियो का पर्व (Feast Day) मुख्य रूप से 6 मई को मनाया जाता है।        इस अवसर पर पटना आर्चडायोसिस के एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा के नेतृत्व में सेंट डोमिनिक में पवित्र मास किया गया.उनके साथ कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर सेल्विन जेवियर भी थे.पर्व दिवस का उत्सव देखने को मिला जो विश्वास, कृपा और एकजुटता से भरा संपूर्ण एक दिवस बन गया.     इससे पूर्व सेंट डोमिनिक सैवियो हाई स्कूल, पटना ने 5 मई, 2026 को सेंट डोमिनिक सैवियो का पर्व दिवस बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया। उत्सव की शुरुआत एक विशेष सुबह की सभा से हुई, जिसके बाद झारखंड विधानसभा के अंतिम एंग्लो-इंडियन समुदाय के पूर्व विधायक सह डायरेक्टर ग्लेन जोसेफ गैल्स्टन ने प्रेरणादायक शब्द कहे और छात्रों को सेंट डोमिनिक सैवियो के मूल्यों पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों ने रंग-बिरंगे पोस्टरों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया और उनके जीवन से जुड़ी एक दिलचस्प प्रश्नोत्तरी (क्विज़...

Bihar:किस मंत्री के पास कौन सा विभाग

चित्र
  बिहार मंत्रिपरिषद : किस मंत्री के पास कौन सा विभाग, जानिए विस्तार से बिहार की राजनीति में मंत्रिपरिषद का गठन केवल राजनीतिक संतुलन का मामला नहीं होता, बल्कि यह राज्य के प्रशासनिक ढांचे को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय भी होता है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में गठित मंत्रिमंडल राज्य की विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और ग्रामीण विकास जैसे अनेक क्षेत्रों को संचालित करता है। बिहार की वर्तमान मंत्रिपरिषद में विभिन्न दलों और सामाजिक वर्गों के नेताओं को जिम्मेदारी देकर प्रशासनिक संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। राज्य के विकास की गति इस बात पर निर्भर करती है कि कौन मंत्री किस विभाग को किस प्रकार संचालित करता है। बिहार जैसे विशाल और जनसंख्या बहुल राज्य में हर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार मंत्रिपरिषद में किस मंत्री के पास कौन-कौन से विभाग हैं और उन विभागों का महत्व क्या है। सम्राट चौधरी के पास सबसे अहम विभाग उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्...

Bihar: गंगा नगर कॉलोनी में अतिक्रमण, गंदगी और जनस्वास्थ्य संकट

चित्र
  गंगा नगर कॉलोनी में अतिक्रमण, गंदगी और जनस्वास्थ्य संकट : आखिर कब जागेगा प्रशासन? गंगा नगर कॉलोनी के वार्ड 22बी स्थित कुरजी बालूपर क्षेत्र के निवासी पिछले कई वर्षों से ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो केवल असुविधा नहीं बल्कि जनजीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। सड़क अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, कूड़ा-कचरे का अंबार, मच्छरों का प्रकोप और आपातकालीन सेवाओं की बाधित पहुंच—ये सब मिलकर इस क्षेत्र को प्रशासनिक उपेक्षा का जीवंत उदाहरण बना रहे हैं। दुखद बात यह है कि स्थानीय लोगों द्वारा कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गंगा नगर कॉलोनी का मुख्य प्रवेश मार्ग मकान संख्या 1 से सीधे कुरजी बालूपर मुख्य सड़क से जुड़ता है। यही मार्ग आगे दानापुर–गांधी मैदान मुख्य सड़क, अटल पथ और औद्योगिक क्षेत्र तक संपर्क स्थापित करता है। लगभग 50 घरों के लोग इसी सड़क पर निर्भर हैं। यह केवल एक गली नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। लेकिन आज यही सड़क अतिक्रमण और अव्यवस्था के कारण धीरे-धीरे दम तोड़ती नजर आ रही है। वर्ष 2016-17 में जब इस सड़क...

World:विश्व रेड क्रॉस दिवस का महत्व

चित्र
    8 मई : इतिहास, संघर्ष, विजय और जागरूकता का विशेष दिन विश्व  इतिहास में 8 मई का दिन अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं, संघर्षों, उपलब्धियों और जागरूकता अभियानों के कारण विशेष महत्व रखता है। यह दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि मानवता, शांति, स्वास्थ्य, विज्ञान और लोकतंत्र के अनेक अध्यायों को याद करने का अवसर भी है। भारत सहित पूरे विश्व में 8 मई को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। कहीं यह युद्ध में विजय की याद दिलाता है, तो कहीं मानव सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देता है। विश्व रेड क्रॉस दिवस का महत्व 8 मई को प्रतिवर्ष “विश्व रेड क्रॉस दिवस” मनाया जाता है। यह दिन रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। हेनरी ड्यूनेंट ने युद्ध और आपदा के समय घायल और पीड़ित लोगों की सहायता के लिए रेड क्रॉस संस्था की स्थापना की थी। उनका मानना था कि मानवता की सेवा किसी धर्म, जाति और सीमा से ऊपर है। आज रेड क्रॉस दुनिया के लगभग हर देश में कार्य कर रही है। प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध, महामारी और संकट के समय यह संस्था राहत और चिकित्सा सहायता प्रदान करती ह...