India : राजाजी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं
क्या कोई व्यक्ति बिना सत्ता, बिना पद और बिना किसी राजनीतिक ताकत के लाखों गरीबों, आदिवासियों और भूमिहीनों की आवाज़ बन सकता है? क्या कोई व्यक्ति बिना सत्ता, बिना पद और बिना किसी राजनीतिक ताकत के लाखों गरीबों, आदिवासियों और भूमिहीनों की आवाज़ बन सकता है? क्या अहिंसा के रास्ते पर चलकर सरकारों को नीतियां बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है? यदि इसका उत्तर खोजना हो, तो एक नाम सामने आता है— पी. वी. राजगोपाल। जिन्हें देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लोग सम्मानपूर्वक "राजा जी" कहकर संबोधित करते हैं। राजगोपाल पीवी का पूरा नाम राजगोपाल पुथन वीटिल है।उनका जन्म 6 जून 1948 को हुआ है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हजारों कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और शुभचिंतक उन्हें हार्दिक बधाई दे रहे हैं तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद कर रहे हैं। राजाजी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों की आशा, संघर्ष और अधिकारों की कहानी है, जिनकी आवाज़ लंबे समय तक सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पाई। उन्होंने अपने जीवन को गांधीवादी मूल्यों, अहिंसा, स...