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Chhattisgarh: प्यास पर पहरा: जब भेदभाव के बीच मानवता बनी उम्मीद की किरण

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  प्यास पर पहरा: जब भेदभाव के बीच मानवता बनी उम्मीद की किरण पानी को जीवन कहा जाता है। यह प्रकृति का ऐसा उपहार है, जिस पर हर व्यक्ति का समान अधिकार माना जाता है। लेकिन जब किसी समुदाय या परिवार को पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता से भी वंचित कर दिया जाए, तो यह केवल एक सामाजिक समस्या नहीं रह जाती, बल्कि मानव गरिमा और मूल अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन जाती है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से सामने आई एक घटना ने इसी मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले के एक क्षेत्र में रहने वाले 14 ईसाई परिवारों के लगभग 70 लोगों को सामाजिक बहिष्कार और भेदभाव का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी बताई गई कि उन्हें सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पानी केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की आधारभूत आवश्यकता है। पीने, भोजन बनाने, स्वच्छता बनाए रखने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसकी जरूरत हर व्यक्ति को होती है। ऐसे में जब किसी परिवार की पानी तक पहुंच बाधित हो जाए, तो उसका असर जीवन के लगभग हर पहलू पर पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थितियों का सबसे अधिक ...

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक-2026

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  छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक-2026: एक नए राजनीतिक और सामाजिक विमर्श की शुरुआत छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक-2026 धर्म की स्वतंत्रता संविधान का अधिकार है, लेकिन जबरन, धोखे, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए कानून कितना सख्त होना चाहिए? छत्तीसगढ़ का धर्म स्वातंत्र्य कानून-2026 इसी सवाल को केंद्र में लाता है। चुनौती यह है कि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा और कथित अवैध धर्मांतरण पर कार्रवाई के बीच संवैधानिक संतुलन कैसे कायम रखा जाए। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चलती रही है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने 2026 में नया धर्म स्वातंत्र्य विधेयक विधानसभा में पेश किया। राज्य मंत्रिमंडल ने मार्च 2026 में इसके मसौदे को मंजूरी दी थी। सरकार का कहना था कि इसका उद्देश्य बल, धोखे, प्रलोभन, अनुचित प्रभाव या गलत बयानी के जरिए होने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाना है। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मार्च 2026 में विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया। विपक्ष ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की थी और बाद में सदन से बहिर्...