आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
शनिवार, 18 जनवरी 2025
उदय शंकर पटेल को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी का उपाध्यक्ष मनोनीत
आलोक कुमार
गुरुवार, 16 जनवरी 2025
कांग्रेस के न्याय युद्ध का मकसद समतामूलक समावेशी समाज का निर्माण करना
पटना जिला कांग्रेस प्रभारी पूर्व मंत्री संजीव प्रसाद टोनी ने कांग्रेस के न्याय युद्ध विषयक तथ्यों पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के न्याय युद्ध का मकसद समतामूलक समावेशी समाज का निर्माण करना है. इस प्रक्रिया में जाति जनगणना एक आवश्यक सोपान है.संविधान का रक्षण और संरक्षण इस दौर में प्रजातांत्रिक व्यवस्था को बचाने की जरूरी हो गया है. कारण जाहिर है कि कभी प्रत्यक्ष तौर पर, तो कभी छुप कर संवैधानिक संस्थाओं और परंपराओं पर बीजेपी कुठाराघात कर रही है. इनका मकसद नफरत फैला कर हिन्दुस्तानीअवाम को बांटना है. कांग्रेस जननायक राहुल गाँधी जी के नेतृत्व में इस न्याय युद्धको लड़ रही है. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान केदर्शन विचार, मूल्यों और मकसद को जमीन पर उतार लें.इस वैचारिक संघर्ष में संविधान हमारामार्गदर्शक और सारथी है.पटना महानगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि रंजनने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राष्ट्र विरोधी बयान का राष्ट्रव्यापीविरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.भाजपा-आरएसएस के लोग पहले से ही हमारा राष्ट्रीयध्वज तिरंगा का अपमान करने का काम किया है. भाजपा सांसद द्वारा 2014 के बाद भारत आजाद हुआ और आरएसएस प्रमुख मोहनभागवत द्वारा राम मंदिर बनने के बाद भारत को आजादी मिली यह भारतीय इतिहास कोशर्मसार करने वाला है.सौ वर्ष तक देश को आजादी दिलाने वाले शहीद स्वतंत्रता सेनानी का अपमान करने वाले को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा. मोहन भागवत को यह बतानाचाहिए की देश में शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धाम और एक दर्जन ज्योतिर्लिंग केस्थापना पर आरएसएस का क्या विचार है. राहुल गांधी जी का बिहार आगमन पूरे भारत मेंमहात्मा गांधी के द्वारा किये गये आन्दोलन को आधार बनाकर देश में एक नया संदेशदेने का काम करेगी.संवाददाता सम्मेलन में पटना नगर जिला कांग्रेस कमिटी के मुख्य प्रवक्ता निशांत करपटने , प्रवक्ता कमलेश पाण्डेय सहित जिला कांग्रेसके सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद थे.
आलोक कुमार
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बुधवार, 15 जनवरी 2025
एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले को सुलझा लिया गया
धनबाद. यहां के डिगवाडीह में कार्मेल हाई स्कूल है.इस स्कूल को ईसाई मिशनरियों के द्वारा संचालित किया जाता है.यहां 9 जनवरी को दसवीं कक्षा की छात्राएं ‘पेन डे’ मना रही थीं. यानी आगामी बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यालय की सभी छात्राएं आखिरी दिन एक दूसरे की कमीज पर शुभकामना संदेश लिख रही थीं, ताकि अपने विद्यालय की अच्छी यादें सहेज कर रख सकें. इस बात का पता चलते ही विद्यालय की प्रिंसिपल सिस्टर देवश्री उनके पास पहुंचीं और सभी छात्राओं को डांट-फटकार लगाने लगीं.
झारखंड के धनबाद के डिगवाडीह स्थित एक नामी स्कूल में प्रिंसिपल ने हाईस्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के द्वारा एक दूसरे की कमीज पर शुभकामना संदेश लिखना पसंद नहीं आया.उन्होंने एक बेहद शर्मनाक हरकत कर डाली. शुभकामना संदेश लिखने वाली छात्राओं को सजा के नाम पर 80 से अधिक छात्राओं को अपनी शर्ट उतारने और उसी हालत में घर जाने के लिए मजबूर किया.
जब नौ जनवरी को डिगवाडीह कार्मेल स्कूल में पेन-डे मनाने के क्रम में दसवीं की छात्राओं द्वारा एक-दूसरे के शर्ट पर कलम से शुभकामना संदेश लिखने पर प्रिंसिपल द्वारा स्कूल परिसर में 80 छात्राओं के शर्ट उतरवा दिये थे.छात्राएं घर पहुंचीं और अपने माता-पिता को अपनी आपबीती बताई तो पूरे जिले में हंगामा मच गया. पूरा शिक्षा विभाग हरकत में आ गया. एक जांच समिति गठित की गई. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दरअसल, धनबाद के एक निजी हाई स्कूल में स्कूल प्रबंधन ने हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को बेहद शर्मनाक सजा दी.
धनबाद के डिगवाडीह स्थित कार्मेल स्कूल में नौ जनवरी को प्रिंसिपल देव श्री द्वारा स्कूल परिसर में 80 छात्राओं का शर्ट उतरवाने के मामले की उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देश पर टीम ने जांच शुरू कर दी है. इस संबंध में पीड़ित छात्राओं के अभिभावकों ने उपायुक्त माधवी मिश्रा से मिलकर उन्हें घटना की जानकारी दी थी. साथ ही, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धनबाद एसडीएम राजेश कुमार व जिला शिक्षा अधीक्षक आयुष कुमार को घटना की तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
इस बीच धनबाद कार्मेल स्कूल में छात्राओं के शर्ट उतारने के विवाद में लीपापोती हो गयी है. तीन तक चली कार्रवाई इस निष्कर्ष के साथ खत्म हो गयी, कुछ नहीं हुआ है, परिजन व स्कूल प्रबंधन ने विवाद को सुलझा लिया है. अब विवाद सुलझ गया है या फिर दबाव बनाकर सुलझाया गया है, इसे लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है. यहां तक की जांचकर्ता एसडीएम की तरफ से भी इस मामले में गोलमोल सा जवाब दिया गया.
सोमवार को इससे पहले प्रशासन, डालसा और सीडब्ल्यूसी की अलग-अलग टीमों ने जांच की थी.प्राचार्य ने इस मामले में ये कहकर खेद जताया है कि उनकी बातों का गलत मकसद निकाला गया है. इधर, एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले को सुलझा लिया गया है. जांच के दौरान उन्होंने कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिलने की बात कही है.लेकिन बड़ा सवाल है कि जब कुछ आपत्तिजनक नहीं था, तो फिर विवाद क्यों हुआ? परिजनों को जब कोई आपत्ति नहीं थी, तो फिर मामला डीसी तक पहुंचा कैसे? शर्ट अभी भी स्कूल में है तो फिर बच्चियों के शर्ट खोलवाये गये या नहीं? अगर शर्ट खोलवाये गये तो फिर ये आपत्तिजनक क्यों नहीं हैं? किन बातों पर सहमति बनी और जांच में क्या मिला, इन सब बातों पर एसडीएम ने चुप्पी साध ली.
एसडीएम का कहना है कि सीसीटीवी में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला.जिसके बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावक विवाद को खत्म करने को सहमत हो गये. स्कूल प्रिंसिपल ने खेद जताते हुए कहा है कि छात्राओं को पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं होगी.
धनबाद के डिगवाडीह कार्मेल स्कूल में छात्राओं से शर्ट उतरवाने के मामले की जांच कर रही जिला प्रशासन की टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि छात्राओं, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से बातचीत के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. उन्होंने कहा कि फुटेज में कोई आपत्तिजनक घटना नहीं दिखी.
एनसीपीसीआर के निर्देश पर सीडब्ल्यूसी ने भी छात्राओं से बातचीत की है. सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उत्तम मुखर्जी ने कहा कि जांच प्रारंभिक चरण में है. अगर आरोप साबित हुए, तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.साथ ही जिला प्रशासन ने कहा है कि 10वीं की छात्राओं की परीक्षाएं प्रभावित न हो, इसके लिए जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग की जाएगी. डालसा की टीम ने भी छात्राओं और अभिभावकों के बयान दर्ज किए. जांच में 10वीं की छात्राएं आरोपों पर अड़ी रहीं, जबकि 11वीं की कुछ छात्राओं ने घटना की पुष्टि नहीं की.
आलोक कुमार
मंगलवार, 14 जनवरी 2025
राहुल गांधी के बिहार आगमन से बढ़ेगी ताकत, नए साल में बीजेपी-नीतीश को उखाड़ फेंकेंगे : डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह
राहुल गांधी करेंगे बिहार में सामाजिक संगठनों से संवाद, सदाकत आश्रम में करेंगे राजीव सभागार और इंदिरा भवन का उद्घाटन : डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे जिसमें प्रदेश कांग्रेस के मुख्य सभागार के नवीनीकरण और उसके नामकरण राजीव सभागार और कांग्रेस कार्यालय के कर्मचारियों के लिए बने नवनिर्मित भवन जिसका नाम इंदिरा भवन रखा गया है उसका उद्घाटन भी करेंगे.नए साल में राहुल गांधी के बिहार आगमन से बीजेपी और नीतीश कुमार को उखाड़ फेंकने का काम भी कांग्रेस पार्टी करेगी.राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के आगमन से बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई स्फूर्ति आएगी जिससे एक एक कार्यकर्ता जुटकर सूबे में नई सरकार के गठन को प्रतिबद्ध हैं. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम के प्रांगण में मौजूद मैदान में भव्य सभा आयोजित होगा जिसमें हमारे नेता राहुल गांधी उपस्थित जनसमूह और कांग्रेस को संबोधित करेंगे.
संवाददाता सम्मेलन में विधानमंडल दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में भी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ वार्ता की पहल की थी और उसी के तहत नए साल में नए जोश के साथ सभी से वार्ता करेंगे.यह संवाद कार्यक्रम पटना के बापू सभागार में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ संविधान और सामाजिक समरसता पर चर्चा आयोजित होगी जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे.
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह के अलावे कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामजतन सिन्हा, प्रेम चन्द्र मिश्रा, वीणा शाही, डॉ. अशोक कुमार, विधायक राजेश कुमार, बिजेद्र चौधरी, नीतू सिंह, पूर्व सांसद अजय निषाद, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, लाल बाबू लाल, आनंद माधव, ज्ञान रंजन सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें.
आलोक कुमार
रविवार, 12 जनवरी 2025
दक्षिण भारत का एक प्रमुख त्योहार पोंगल
पटना. दक्षिण भारत का एक प्रमुख त्योहार पोंगल है.जो कि मुख्यतः तमिलनाडु में मनाया जाता है.आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी इसे लोग धूम- धाम से मनाते हैं.यह त्योहार नई फसल के आगमन का उत्सव है.चार दिनों तक चलने वाला यह त्योहार जनवरी के मध्य में आता है.
तमिलियन शब्द का मतलब है तमिल लोग, जिन्हें तमिलर भी कहा जाता है. तमिलियन, द्रविड़ सामाजिक-सांस्कृतिक समूह का हिस्सा हैं. ये लोग मुख्य रूप से दक्षिण भारत में रहते हैं या वहां की पैतृक जड़ों वाले हैं. तमिलियन लोग तमिल भाषा बोलते हैं, जो द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है. तमिल भाषा का इतिहास कम से कम 3,000 साल पुराना माना जाता है.
तमिलियन जहां भी गए.प्रमुख त्योहार पोंगल को मनाते ही हैं.राजधानी पटना में तमिलर मिले. पोंगल बनाने में लग गए.इस त्यौहारों के दौरान एक बर्तन में दूध, गुड़ और इलायची के साथ नए चावल का मिश्रण - पोंगल - तैयार किया जाता है.दूध का बहना समृद्धि और प्रचुरता का प्रतीक माना जाता है.लोग 'पोंगालो पोंगल' चिल्लाकर इस पल का जश्न मनाते हैं.भगवान को गन्ना, सब्जियाँ और मसाले भी चढ़ाए जाते हैं.
आलोक कुमार
फादर क्रिस्टू सावरिराजन, एस.जे. ने पोंगल के महत्व पर एक प्रेरक भाषण दिया
पटना तमिल संगम ने तमिलनाडु की परंपराओं के साथ पटना में पोंगल मनाया
फादर क्रिस्टू सावरिराजन, एस.जे. ने पोंगल के महत्व पर एक प्रेरक भाषण दिया
पटना तमिल संगम के अध्यक्ष डॉ. एन. सरवण कुमार, आईएएस ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया. श्री के. सेंथिल कुमार, आईएएस, डॉ. बी. राजेंद्र, आईएएस, डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, आईएएस, डॉ. पी. सी. चंद्रन, श्री एस. चंद्रशेखर, आईएफएस और डॉ. एस. कुमारस्वामी, आईएफएस सहित विशिष्ट अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई.
इस समारोह में तमिलनाडु के लोगों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे, जिसमें क्षेत्र की समृद्ध विरासत को दर्शाया गया.फादर क्रिस्टू सावरिराजन, एस.जे. ने पोंगल के महत्व पर एक प्रेरक भाषण दिया, जिसमें कृतज्ञता, सामुदायिक बंधन और उत्सव की खुशी पर जोर दिया गया.
मेहमानों ने केले के पत्तों पर परोसे गए पारंपरिक भोज का आनंद लिया, जिसमें मीठा पोंगल मुख्य आकर्षण था, जिससे तमिलनाडु की पाक परंपराओं का सच्चा स्वाद मिला।
कार्यक्रम का समापन पटना तमिल संगम के सचिव श्री एस. महादेवन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने समारोह को सफल बनाने के लिए सभी उपस्थित लोगों और योगदानकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
पटना तमिल संगम का पोंगल उत्सव सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, पारंपरिक स्वाद और सामुदायिक भावना का एक हृदयस्पर्शी मिश्रण था, जिसने प्रतिभागियों को पटना में तमिलनाडु की यादें ताजा कर दीं.पटना तमिल संगम पटना के सचिव स. महादेवन ने जानकारी दी है.
आलोक कुमार
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