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 दक्षिण भारत का एक प्रमुख त्योहार पोंगल


पटना. दक्षिण भारत का एक प्रमुख त्योहार पोंगल है.जो कि मुख्यतः तमिलनाडु में मनाया जाता है.आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी इसे लोग धूम- धाम से मनाते हैं.यह त्योहार नई फसल के आगमन का उत्सव है.चार दिनों तक चलने वाला यह त्योहार जनवरी के मध्य में आता है.

   तमिलियन शब्द का मतलब है तमिल लोग, जिन्हें तमिलर भी कहा जाता है. तमिलियन, द्रविड़ सामाजिक-सांस्कृतिक समूह का हिस्सा हैं. ये लोग मुख्य रूप से दक्षिण भारत में रहते हैं या वहां की पैतृक जड़ों वाले हैं. तमिलियन लोग तमिल भाषा बोलते हैं, जो द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है. तमिल भाषा का इतिहास कम से कम 3,000 साल पुराना माना जाता है.

      तमिलियन जहां भी गए.प्रमुख त्योहार पोंगल को मनाते ही हैं.राजधानी पटना में तमिलर मिले. पोंगल बनाने में लग गए.इस त्यौहारों के दौरान एक बर्तन में दूध, गुड़ और इलायची के साथ नए चावल का मिश्रण - पोंगल - तैयार किया जाता है.दूध का बहना समृद्धि और प्रचुरता का प्रतीक माना जाता है.लोग 'पोंगालो पोंगल' चिल्लाकर इस पल का जश्न मनाते हैं.भगवान को गन्ना, सब्जियाँ और मसाले भी चढ़ाए जाते हैं.


आलोक कुमार

फादर क्रिस्टू सावरिराजन, एस.जे. ने पोंगल के महत्व पर एक प्रेरक भाषण दिया

  पटना तमिल संगम ने तमिलनाडु की परंपराओं के साथ पटना में पोंगल मनाया

फादर क्रिस्टू सावरिराजन, एस.जे. ने पोंगल के महत्व पर एक प्रेरक भाषण दिया

 

पटना. पटना तमिल संगम ने पुराने संग्रहालय के पीछे स्थित एसआईसीए हॉल में एक जीवंत और पारंपरिक पोंगल उत्सव का आयोजन किया, जिसमें तमिलनाडु के फसल उत्सव का सार पटना में तमिल समुदाय तक पहुंचाया गया.

     पटना तमिल संगम के अध्यक्ष डॉ. एन. सरवण कुमार, आईएएस ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया. श्री के. सेंथिल कुमार, आईएएस, डॉ. बी. राजेंद्र, आईएएस, डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, आईएएस, डॉ. पी. सी. चंद्रन, श्री एस. चंद्रशेखर, आईएफएस और डॉ. एस. कुमारस्वामी, आईएफएस सहित विशिष्ट अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई.

     इस समारोह में तमिलनाडु के लोगों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे, जिसमें क्षेत्र की समृद्ध विरासत को दर्शाया गया.फादर क्रिस्टू सावरिराजन, एस.जे. ने पोंगल के महत्व पर एक प्रेरक भाषण दिया, जिसमें कृतज्ञता, सामुदायिक बंधन और उत्सव की खुशी पर जोर दिया गया.

    मेहमानों ने केले के पत्तों पर परोसे गए पारंपरिक भोज का आनंद लिया, जिसमें मीठा पोंगल मुख्य आकर्षण था, जिससे तमिलनाडु की पाक परंपराओं का सच्चा स्वाद मिला।

     कार्यक्रम का समापन पटना तमिल संगम के सचिव श्री एस. महादेवन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने समारोह को सफल बनाने के लिए सभी उपस्थित लोगों और योगदानकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया.

   पटना तमिल संगम का पोंगल उत्सव सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, पारंपरिक स्वाद और सामुदायिक भावना का एक हृदयस्पर्शी मिश्रण था, जिसने प्रतिभागियों को पटना में तमिलनाडु की यादें ताजा कर दीं.पटना तमिल संगम पटना के सचिव स. महादेवन ने जानकारी दी है.

आलोक कुमार

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