नई दिल्ली.पूर्व उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपना आधिकारिक बंगला खाली कर दिया. धनखड़ ने जुलाई में अपने पद से इस्तीफा दिया था. कुछ दिन पहले धनखड़ उस समय कई दिनों तक गायब रहने के बाद फिर खबरों में आए थे जब उन्होंने राजस्थान में पूर्व विधायक के तौर पर पेंशन के लिए आवेदन किया. धनखड़ की विधायक वाली पेंशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.पूर्व उपराष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के दौरान विधायक से लेकर राज्यपाल तक रहे. अंत में वह उप-राष्ट्रपति के पद पर नियुक्त हुए. एक नजर डालिए कि बतौर पूर्व उप-राष्ट्रपति धनखड़ को कितनी पेंशन मिलेगी. साथ ही अब वह किन सुविधाओं के हकदार होंगे.
कितनी पेंशन के हकदार हैं धनखड़?
अधिकारियों के मुताबिक, धनखड़ तीन तरह की पेंशन के हकदार हैं—1. पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें करीब 2 लाख रुपये मासिक पेंशन, साथ ही टाइप-8 बंगला, एक निजी सचिव, अतिरिक्त निजी सचिव, निजी सहायक, चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और चार निजी परिचारक की सुविधा.पूर्व सांसद के तौर पर 45,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन और अन्य भत्ते. 3. पूर्व विधायक (राजस्थान) के तौर पर 42,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन.
नहीं मिलेगी यह एक सुविधा
हालांकि, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहने के नाते उन्हें कोई पेंशन नहीं मिलेगी. लेकिन पूर्व राज्यपाल होने पर सचिव रखने के लिए 25,000 रुपये मासिक प्रतिपूर्ति का विकल्प उपलब्ध है. गौरतलब है कि पूर्व उपराष्ट्रपति के निधन की स्थिति में उनके जीवनसाथी को टाइप-7 श्रेणी का आवास उपलब्ध कराया जाता है.
कितनी होगी विधायक की पेंशन
राजस्थान में पूर्व विधायक की पेंशन एक कार्यकाल के लिए 35,000 रुपये प्रति माह से शुरू होती है तथा अतिरिक्त कार्यकाल और उम्र के साथ बढ़ती जाती है. सत्तर वर्ष से अधिक आयु वालों को 20 प्रतिशत की वृद्धि का लाभ मिलता है. अधिकारियों के अनुसार, धनखड़ (74) पूर्व विधायक होने के नाते 42,000 रुपये प्रति माह के हकदार.
आलोक कुमार
