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Bihar : बिहार विधानसभा का मुख्य सचेतक नियुक्त कर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी

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  दीघा विधानसभा क्षेत्र से लगातार सक्रिय राजनीति करने वाले डॉ. संजीव चौरसिया संगठन और जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं बिहार की राजनीति में दीघा विधानसभा क्षेत्र का हमेशा एक विशेष महत्व रहा है। राजधानी पटना से जुड़ा यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय माना जाता है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम में दीघा विधानसभा के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया को मंत्री पद नहीं मिलने की चर्चा जरूर रही, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें बिहार विधानसभा का मुख्य सचेतक नियुक्त कर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। यह पद केवल सम्मान का प्रतीक नहीं होता, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही और सरकार की रणनीति को सफलतापूर्वक संचालित करने में इसकी बड़ी भूमिका होती है। दीघा विधानसभा क्षेत्र से लगातार सक्रिय राजनीति करने वाले डॉ. संजीव चौरसिया संगठन और जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से वे क्षेत्र में सड़क, जलनिकासी, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसंपर्क जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। मंत्री पद की उम्मीद रखने वाले समर्थकों को भले कुछ समय के लिए निराशा हुई हो, लेकिन मुख्य सचेतक का पद मिलने क...

Bihar: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार स्वयं अस्पताल के प्राइवेट वार्ड नंबर 45 में पहुंचे

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                  मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधा के निर्देश दिए बिहार राज्य महादलित आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सम्मानित सदस्य डॉ. हुलेश मांझी आज बिहार की सामाजिक और राजनीतिक दुनिया में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन दलित, महादलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक समर्पित और जमीनी नेता हैं। राजनीति और सामाजिक सेवा के लंबे अनुभव ने उन्हें समाज के गरीब, शोषित और उपेक्षित वर्गों के बीच विशेष पहचान दिलाई है। डॉ. हुलेश मांझी का व्यक्तित्व सादगी, सेवा और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने हमेशा यह कहा कि वे स्वयं को किसी बड़े पद का अधिकारी नहीं, बल्कि जदयू का एक साधारण कार्यकर्ता मानते हैं। यही विनम्रता और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है। सामाजिक न्याय की भावना और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता उनके कार्यों में स्पष्ट दिख...

Bihar: डॉ. संजीव चौरसिया बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक नियुक्त

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  डॉ. संजीव चौरसिया बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक नियुक्त  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा के सुचारू संचालन और सदन में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सचेतकों की नियुक्ति की है। पत्रांक 4610116 दिनांक 15-05-2026 के तहत जारी इस अधिसूचना में डॉ. संजीव चौरसिया को मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।आधिकारिक नियुक्ति विवरण:मुख्य सचेतक डॉ. संजीव चौरसिया (181-दीघा)उप मुख्य सचेतक श्री मंजीत कुमार सिंह (100-बैटरी)अन्य सचेतक  श्रीमती गायत्री देवी (25-बैरिया)   श्री राजू तिवारी (14-मोतिहारी)   श्री राम विलास कामत (42-पिपरा)   श्री सुभाष शेखर (31-हरलाखी)   श्री रामा रणजीत (18-मधुबन)   श्री ललित नारायण मंडल (157-मुलानिया)   श्री कृष्ण कुमार झा (59-बनमंझी)   श्री अरुण मांझी (189-मसौढ़ी)   श्री रमेश कुमार (184-पटना साहिब) यह नियुक्ति बिहार विधानसभा में सत्तापक्ष (एनडीए) के सदस्यों को मजबूत संगठनात्मक ढांचा प्रदान करने के लिए की गई है। अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इनक...

India : भारतीय संस्कृति और परंपराओं में पति-पत्नी के अटूट प्रेम

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वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति में परिवार, प्रेम, निष्ठा और वैवाहिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माने जाने वाले वट सावित्री व्रत को शनिवार को महिलाओं ने पूरे श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान के साथ मनाया। शहर से लेकर गांवों तक वट वृक्षों के नीचे सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए व्रत रखा तथा वट सावित्री माता की आराधना की। इस अवसर पर मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ था। सूर्योदय होते ही महिलाएं नए वस्त्र और सोलह श्रृंगार धारण कर पूजा सामग्री के साथ वट वृक्ष के नीचे पहुंचने लगी थीं। महिलाओं के हाथों में पूजा की थालियां थीं, जिनमें हलवा-पूड़ी, गुड़, भीगा हुआ चना, आटे से बनी मिठाइयां, कुमकुम, रोली, अक्षत, धूप, घी का दीपक, जल, पान के पत्ते तथा विभिन्न प्रकार के फल शामिल थे। व्रती महिलाओं ने सबसे पहले वट वृक्ष की जड़ में जल अर्पित कर पूजा-अर्चना...

India : मानव सभ्यता का विकास विज्ञान और नवाचार के कारण संभव

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  1 6 मई : इतिहास, प्रेरणा और संकल्प का दिवस 16 मई का दिन विश्व और भारत के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों और प्रेरणादायक प्रसंगों के कारण विशेष महत्व रखता है। यह दिन हमें इतिहास से सीख लेने, वर्तमान को समझने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। किसी भी दिन का महत्व केवल कैलेंडर की एक तारीख तक सीमित नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी घटनाएँ, उपलब्धियाँ और संदेश उसे यादगार बनाते हैं। 16 मई भी ऐसा ही एक दिन है, जो राजनीति, विज्ञान, समाज, संस्कृति और मानवता के अनेक आयामों को अपने भीतर समेटे हुए है। भारत के लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में 16 मई का विशेष स्थान है। वर्ष 2014 में इसी दिन लोकसभा चुनावों के परिणाम घोषित हुए थे, जिसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत प्राप्त कर एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया। यह चुनाव लोकतंत्र की शक्ति, जनता के विश्वास और परिवर्तन की आकांक्षा का प्रतीक माना गया। करोड़ों मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर यह साबित किया कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के सबसे मजबूत ...