Bihar: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार स्वयं अस्पताल के प्राइवेट वार्ड नंबर 45 में पहुंचे

                 मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधा के निर्देश दिए

बिहार राज्य महादलित आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सम्मानित सदस्य डॉ. हुलेश मांझी आज बिहार की सामाजिक और राजनीतिक दुनिया में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन दलित, महादलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक समर्पित और जमीनी नेता हैं। राजनीति और सामाजिक सेवा के लंबे अनुभव ने उन्हें समाज के गरीब, शोषित और उपेक्षित वर्गों के बीच विशेष पहचान दिलाई है।

डॉ. हुलेश मांझी का व्यक्तित्व सादगी, सेवा और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने हमेशा यह कहा कि वे स्वयं को किसी बड़े पद का अधिकारी नहीं, बल्कि जदयू का एक साधारण कार्यकर्ता मानते हैं। यही विनम्रता और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है। सामाजिक न्याय की भावना और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता उनके कार्यों में स्पष्ट दिखाई देती है।

बिहार राज्य महादलित आयोग के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने महादलित समाज के अधिकारों और विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सम्मान जैसे विषयों पर लगातार आवाज उठाई। महादलित समाज के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए उन्होंने कई कार्यक्रमों को गति प्रदान की। उनके प्रयासों से अनेक गरीब परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा।

डॉ. मांझी हमेशा यह मानते रहे कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है, जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और अवसर पहुंचे। इसी सोच के कारण उन्होंने महादलित समुदाय के बीच जाकर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का काम किया। समाज के लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण उनका सहज व्यवहार और जनसरोकारों से जुड़ाव रहा है।


वर्तमान समय में वे बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल शिक्षा, बाल सुरक्षा तथा बाल श्रम जैसे मुद्दों पर उनकी गंभीर सोच दिखाई देती है। वे मानते हैं कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना ही समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में उनका बायां पैर फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद उन्हें पटना स्थित Indira Gandhi Institute of Medical Sciences में भर्ती कराया गया। इस खबर से उनके समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जदयू कार्यकर्ताओं में चिंता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

इस दौरान बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर डॉ. हुलेश मांझी का कुशलक्षेम जाना। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव कुमार रवि जी एवं हरिद्वार सर जी भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री का यह मानवीय और संवेदनशील व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। इससे यह संदेश गया कि सरकार अपने वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्पित नेताओं के प्रति संवेदनशील है।


अस्पताल में मुलाकात के दौरान निशांत कुमार ने डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डॉ. हुलेश मांझी ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जानने वाले सभी लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, अधिकारियों, समर्थकों और शुभचिंतकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोगों का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

डॉ. मांझी ने भावुक होकर कहा कि वे जीवनभर समाज और पार्टी के लिए कार्य करते रहेंगे। उन्होंने जदयू नेतृत्व और बिहार सरकार के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व में बिहार में सामाजिक न्याय और विकास की दिशा में लगातार काम हो रहा है, जिसका लाभ समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच रहा है।

जदयू कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. हुलेश मांझी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके योगदान को याद किया। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने हमेशा गरीबों और दलितों की आवाज बुलंद की तथा संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सादगी और संघर्षशील जीवनशैली आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

डॉ. हुलेश मांझी का जीवन यह बताता है कि सामाजिक सेवा केवल पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि समर्पण और संवेदनशीलता से होती है। उन्होंने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया है। यही कारण है कि आज वे केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि समाज के प्रेरणास्रोत के रूप में देखे जाते हैं।

उनके समर्थक और शुभचिंतक ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय हों। बिहार की सामाजिक और राजनीतिक दुनिया में डॉ. हुलेश मांझी का योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। “जय जदयू जिंदाबाद” के नारों के बीच उनके प्रति लोगों का स्नेह और सम्मान यह साबित करता है कि जनता के बीच उनकी मजबूत पहचान और लोकप्रियता आज भी कायम है।

आलोक कुमार

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