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जॉर्ज फर्नांडीस जी की जयंती पर आयोजित राजकीय समारोह

 



    * पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस का जन्‍म 3 जून 1930 को

                      92 साल


पटना. पटना. जॉर्ज फर्नांडीस का जन्म 3 जून 1930 को मैंगलोर के कैथोलिक परिवार में हुआ था. इनकी पढ़ाई लिखाई मैंगलौर के स्‍कूल और सेंट अल्‍योसिस कॉलेज से हुई. 1949 में जॉर्ज काम की तलाश में मुंबई आ गए. मुंबई में उनका जीवन कठिनाइयों भरा रहा. मामूली नौकरी करते थे, चौपाटी स्टैंड की बेंच पर सोते थे, फुटपाथ पर रहते थे. ये उनके संघर्ष के दिन थे लेकिन इन्हीं संघर्षों ने जॉर्ज फर्नांडिस के व्यक्तित्व का निर्माण किया था. इसके बाद वो सोशलिस्ट लीडर डॉ राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए और सोशलिस्ट ट्रेड यूनियन के आंदोलन में शामिल हो गए. इस आंदोलन में उन्होंने मजदूरों के हक की आवाज उठाई.

आज समाजवादी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रद्धेय श्री जॉर्ज फर्नांडीस जी की जयंती पर आयोजित राजकीय समारोह में माननीय सीएम  @NitishKumar   जी एवं शिक्षा मंत्री श्री / @VijayKChy   के साथ शामिल होकर दिवंगत पुण्यात्मा के तेल चित्र पर पुष्पार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया.


आलोक कुमार 

दिव्यांगों का रजिस्ट्रेशन और जांच कार्यक्रम का आयोजन




चकिया. पूर्वी चंपारण जिले में है चकिया अनुमंडल.इस अनुमंडल अंतर्गत सभी दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के दृष्टिकोण से एलिम्को कानपुर द्वारा दिव्यांगों का रजिस्ट्रेशन और जांच कार्यक्रम का आयोजन किया गया.जिसका उद्घाटन माननीय विधायक पिपरा श्री श्याम बाबू यादव, चकिया अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रमुख द्वारा  किया गया.

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि सरकारी लाभ से वंचित दिव्यांगों को योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी दिव्यांगों   के लिए शिविर का आयोजन किया गया.शिविर में जांचोपरांत दिव्यांगों की सूची बनाकर एलिम्को के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा.वही उक्त कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि ट्राईसाइकिल, मोटर वाहन,श्रवण यंत्र,छड़ी आदि दिव्यांगों  को देने के दृष्टिकोण से दिव्यांगों के शिविर का आयोजन किया गया है.जिसमें उनका जांच कर 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों को सर्टिफिकेट और उपरोक्त यंत्र दिया जाएगा. कार्यक्रम में सैकड़ों दिव्यांगों की जांच कर उनका रजिस्ट्रेशन किया गया.

उक्त कार्यक्रम में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक धीरज कुमार, नवीन कुमार नवीन जिला प्रबंधक बुनियाद केन्द्र , पूर्वी चंपारण,अनुमंडल पदाधिकारी चकिया ,बीडीओ चकिया और बुनियाद केंद्र चकिया के सभी कर्मी उपस्थित थे.


 

आलोक कुमार 

ऐपवा का आठवां नगर सम्मेलन कल

 पटना.महिलाओं के अधिकार और न्याय के लिए सतत आंदोलन जारी है. आप जानते हैं कि इस आंदोलन में एक मजबूत भूमिका निभाने वाले संगठन का नाम है -ऐपवा. ऐपवा अपने जन्म काल से ही देश भर में इस आंदोलन में सक्रिय है. यहां पटना की सड़कों पर भी न केवल अतीत में बल्कि हाल के वर्षों में हमने संघर्ष किया है. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड से लेकर दर्जनों ऐसे मामलों में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को मजबूर किया. समाज और परिवार में महिलाओं को न्याय और हक दिलाएंगे.

आज एक तरफ महंगाई चरम पर है. रसोई गैस से लेकर हर चीज महंगी हो रही है, दूसरी तरफ महिलाओं पर हिंसा और उत्पीड़न बढ़ रहा है लेकिन महिला कानूनों को कमजोर किया जा रहा है. महिलाओं के लिए न्याय और बराबरी का रास्ता जब सरकार और ताकतवर लोग ही बंद कर रहे हों तब महिलाओं को और मजबूती से अपने संघर्ष को जारी रखना होगा. इस परिप्रेक्ष्य में ऐपवा का आठवां नगर सम्मेलन होने जा रहा है. सम्मेलन उद्घाटनकर्ता -प्रो.भारती एस कुमार हैं. मुख्य वक्ता- मीना तिवारी, महासचिव, ऐपवा हैं.वक्ता- शशि यादव- राज्य सचिव, ऐपवा और सरोज चौबे, राज्य अध्यक्ष ऐपवा हैं.सम्मेलन स्थल -13 नंबर विधायक आवास कैंपस, छज्जू बाग, पटना  और समय - 4 जून दोपहर 1ः00 बजे से है.आप इस सम्मेलन में सादर आमंत्रित हैं. कृपया आप आएं ताकि हम सब एक साथ मिलकर अपने न्याय और अधिकार की आवाज और मजबूती से उठा सकें.

 

आलोक कुमार 



हत्या में नामित अभियुक्तों पर अब तक कोई भी करवाई नहीं

                             * जमुई के सीता राम दस महीने से बेटी के हत्यारों को सजा दिलाने भटक रहा है


जमुई.कानून की ताकत का अहसास करने के लिए अक्सर ये जुमला कहा जाता है ‘कानून के हाथ बहुत लम्बे होते हैं‘ लेकिन इन लंबे हाथों का क्या फायदा जब पीड़िता को इंसाफ ही ना दिला पाए! इन दिनों जमुई में पुलिस की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है. जब तकरीबन दस महीने बीत जाने के बाद भी दहेज के कारण की गई विवाहिता की हत्या में नामित अभियुक्तों पर अब तक कोई भी करवाई नहीं हो पायी है. दरअसल पीड़िता के पिता मसौढ़ी (जमुई), वार्ड न0- 14 निवासी सीता राम उर्फ सोनू राम ने जमुई प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मैंने अपनी 22 वर्षीय पुत्री की शादी 2012 में सदर प्रखंड क्षेत्र के ढण्ड निवासी इंद्रदेव राम के पुत्र विपिन कुमार के साथ किया था. उस दौरान अपनी औकात के अनुसार जो उन्होंने बोला वह दिया पर बेटी के ससुराल वाले हमेशा कुछ ना कुछ डिमांड रख मेरी बेटी को यातना देते रहते. बेटी का घर बस जाए यह सोच  मैं   उसे पूरा करने का प्रयास करता पर जब स्कॉर्पियो का डिमांड हुआ तो मैं उसे पूरा नहीं कर पाया. जिस कारण मेरी बेटी का गला दबाकर 14 अगस्त 2021 को हत्या कर दिया गया. 15 अगस्त को मैंने सभी आरोपियों पर जमुई थाना कांड संख्या- 344/2021 धारा 304 बी /34 भा0 द0 वि0 के तहत प्राथमिकी भी दर्ज कराई पर प्रशासन ने अब तक कुछ नहीं किया. आरक्षी अधीक्षक साहब से कई बार मिलने गया पर उनसे मुलाकात नहीं हो पायी. अब तो न्याय व्यवस्था पर से विश्वास उठता जा रहा है. जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता सुमन सौरभ ने कहा आरोपों की गंभीरता के बावजूद, यह काफी चिंताजनक है कि दहेज हत्या के आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. मैं हर संभव प्रयास करूंगा कि मृतक खुशबू के साथ न्याय हो.                


सामाजिक कार्यकर्ता सुमन सौरभ ने कहा आरोपों की गंभीरता के बावजूद,यह काफी चिंताजनक है कि दहेज हत्या के आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. वैसे माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या मामले में पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया है कि इसमें संदेह नहीं कि दिन-प्रतिदिन दहेज हत्या जैसा खतरा बढ़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दहेज मौत के मामलों में (आईपीसी 304 बी) ये साबित करना जरूरी नहीं है कि महिला की अप्राकृतिक मृत्यु से बिल्कुल पहले ही दहेज की मांग की गई हो. यानि अगर मौत से कुछ समय पहले भी दहेज के लिए ससुराल पक्ष से दबाव बनाने और परेशान करने की बात साबित होती है, तो ऐसे मामलों में सजा देने के लिए पर्याप्त होगा. मै हर संभव प्रयास करूंगा कि मृतक खुशबू के साथ न्याय हो.


आलोक कुमार 

कांग्रेस नेताओं ने यह संकल्प लिया कि राज्य में जनता के लिए, जनता का, जनता के द्वारा संघर्ष की जमीन पार्टी तैयार करेगी

 राजगीर. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में स्थित राजगीर में आयोजित बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी का दो दिवसीय नव संकल्प शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया.इस दो दिवसीय शिविर में पहले दिन पार्टी के बड़े नेताओं के साथ-साथ कई समूहों के प्रमुख ने अपने विचार और प्रस्ताव शिविर में पेश किया. तो वहीं शिविर के दूसरे दिन और आखिरी दिन पूर्व मंत्री अवधेश सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया.  

 


समापन सत्र को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने शिविर को सफल बताते हुए कहा कि पार्टी ने लंबे अरसे बाद कोई बड़ा कार्यक्रम किया. उन्होंने आगे कहा कि इस शिविर में पार्टी की मजबूती और अटूट भरोसे के साथ सभी कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह देखा गया जो शिविर का उद्देश्य तथा मकसद भी था. उन्होंने कहा कि गठित छह समितियों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए गए हैं.                

शिविर के दूसरे और आखिरी दिन कांग्रेस नेताओं ने यह संकल्प लिया कि राज्य में जनता के लिए, जनता का, जनता के द्वारा संघर्ष की जमीन पार्टी तैयार करेगी. यह भी संकल्प लिया गया कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर बंटने से रोका जाएगा और धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांट कर राजनीति करने वालों से सीधी टक्कर ली जाएगी.              

पूर्व मंत्री शकीलुज्जमा अंसारी ने देश के अंदर सरकार की हुई विफलताओं को जनता तक पहुंचाने का काम पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस सशक्त पार्टी के रूप में उभरने जा रही है. इसके लिए नौजवान कार्यकर्ताओं को तैयार कर नव संकल्प शिविर के माध्यम से जनता के बीच जाकर सीधे संवाद के रूप में पहुंचना होगा.उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार सभी मोर्चे पर फेल हो रही है.

इससे पहले गठित छह समितियों की एक बैठक हुई.जिसमें 50-50 सदस्य शामिल थे.समितियों में शामिल सभी सदस्यों की राय ली गई, जिसके बाद एक समुचित रिपोर्ट को तैयार किया गया. समितियों के प्रमुखों ने अपनी रिपोर्ट व प्रस्ताव शिविर में पेश किए.

इस शिविर के माध्यम से राज्य स्तर पर पब्लिक इनसाइड डिपार्टमेंट तैयार करने पर बल दिया गया.ताकि इससे भिन्न- भिन्न विषयों पर जनता के विचार जानने एवं नीति निर्माण के लिए  तर्कसंगत फीडबैक मिल सके. इसके अलावे कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान का गठन हो.ताकि पार्टी की नीतियों, विचारधारा, दृष्टि, सरकार की नीति में व मौजूदा ज्वलंत मुद्दे पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण हो. इसके साथ इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट बनाई जाए. ताकि चुनाव की तैयारी प्रभावशाली तरीके से की जा सके.कांग्रेस में वैसे कार्यकर्ताओं और नेताओं व पदाधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन किया जाना चाहिए, जो बेहतरीन काम करते आ रहे हैं, वैसे कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान के साथ चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिले.वहीं निष्क्रिय लोगों को समय-समय पर छंटनी भी हो. ऐसा करने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा. और तो और पार्टी धारदार भी बनेगी. इस कड़ी में 5 वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस के किसी पद पर रहे इकाइयों में दलित, आदिवासी,पिछड़े, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को प्रतिनिधित्व  मिले.  इनका सकारात्मक रूख का अनुभव के बाद ही किसी व्यक्ति को टिकट के लिए पात्र माना जाए.

पूर्व मंत्री अवधेश सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जबकि पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कृषि और किसानों से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया. 


आलोक कुमार   

Bihar : Apprenticeship क्यों जरूरी है? प्रशिक्षण के बाद रोजगार में अनुभव की भूमिका

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