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हाथीपांव एक गंभीर बीमारी

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यह क्यूलेक्स नामक मादा मच्छर के काटने से होता है गया. हाथीपांव एक गंभीर बीमारी है. यह क्यूलेक्स नामक मादा मच्छर के काटने से होता है.मच्छर के माध्यम से शरीर में फाइलेरिया परजीवी प्रवेश कर जाते हैं. फाइलेरिया का असर पांच से दस साल बाद दिख सकता है.  फाइलेरिया का असर पैर के अलावा हाथ में भी होता है. फाइलेरिया की वजह से महिलाओं में स्तन का सूज जाना तथा पुरुषों में हाइड्रोसील का होता है. फाइलेरिया हो जाने पर इसका कोई इलाज नहीं है. फाइलेरिया को दवा सेवन से रोका जाता है. यानी फाइलेरियारोधी का दवा सेवन करने से माइक्रो फाइलेरिया के परजीवी मर जाते हैं और हम इससे सुरक्षित रहते हैं. साल में एक बार अभियान चला कर दवा का सेवन कराया जाता है.   इसी उद्देश्य से आज समाहरणालय सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी के अध्यक्षता में 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान प्रारंभ किया गया है. इस अभियान में लक्षित योग्य लाभार्थियों को फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कराया जायेगा. इस अभियान का उद्देश्य दवा सेवन करा कर लोगों को फाइलेरिया से बचाना है.         इस वर्ष एमडीए अभियान के दौरान 3002972 लोग...