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2014 में गौतम अडाणी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 609वें नंबर पर थे

 आलोक कुमार

   नई दिल्ली. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा मंगलवार को हुई.कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने 45 मिनट तक भाषण दिए.राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक बात बार-बार कहते थे कि वो पुराना राहुल अब मर चुका है. हालांकि, उनकी इस बात भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोग मजाक बनाते थे.

    लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गौतम अडाणी और हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछे. राहुल ने 45 मिनट की स्पीच की शुरुआत भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पूछे गए लोगों के सवालों से की.फिर इन्हीं सवालों का हवाला देते हुए गौतम अडाणी के मुद्दे पर आ गए.

      राहुल ने कहा, "2014 में गौतम अडाणी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 609वें नंबर पर थे. कुछ ही साल में न जाने क्या जादू हो गया, अडाणी इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए." इस पर कांग्रेस सांसदों ने नारा लगाया ‘मोदी है तो मुमकिन है.’

 इस स्पीच के दौरान NDA मेंबर्स ने ऐतराज भी जाहिर किया कि आप प्रधानमंत्री पर बिना आधार के आरोप लगा रहे हैं. आपको इसका सबूत देना चाहिए और अगर नहीं है तो देश से माफी मांगनी चाहिए.हालांकि राहुल की स्पीच इन छोटे-मोटे हंगामों के बीच भी चलती रही और ये अडाणी पर बयानों, सवालों और दावों पर ही फोकस थी.

     लेकिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह से सत्ता पक्ष के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाई और उनके आरोपों से बीजेपी के सदस्य जिस तरह से तिलमिला रहे थे, वो उनके बदले रूप की तस्दीक तो कर ही रही थी.दिलचस्प ये था कि उनके आरोपों की जद में केवल दो ही शख्स थे.एक पीएम नरेंद्र मोदी और दूसरे गौतम अडानी. राहुल के हमलों से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सहमी-सहमी और बैकफुट पर दिखी. उनकी रणनीति छितराई नजर आई.

     जब आप सत्ता पक्ष के सदस्यों की बॉडी लैंग्वेज देखेंगे तो समझ जाएंगे कि राहुल के आरोपों ने उन्हें हिलाकर रख दिया. अपने भाषण के दौरान राहुल ने जो साबित करना चाहते थे उसमें वो बहुत हद तक सफल भी रहे.राहुल ने सदन में तथ्यों के बातें रखी और उसे कोरिलेट कर सीधे-सीधे पीएम मोदी को घेर लिया. खास बात ये भी रही कि अपने भाषण के दौरान राहुल लोगों से कनेक्ट भी कर पा रहे थे.ऐसा पहली बार था कि कांग्रेस के आक्रामक हमले से सत्ता पक्ष का विश्वास डिगा दिख रहा था.

    बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्लास्टिक की बोतलों को ‘रिसाइकिल’ करके बनायी गयी सामग्री से निर्मित सदरी (जैकेट) पहनकर बुधवार को संसद पहुंचे.वह जब सुबह सदन में हल्के नीले रंग की सदरी पहने नजर आए. अधिकारियों ने बताया कि मोदी की सदरी प्लास्टिक की बोतलों का पुनर्चक्रण (रिसाइकिल) करके बनी सामग्री से तैयार की गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने सोमवार को बेंगलुरु में भारत ऊर्जा सप्ताह के दौरान प्रधानमंत्री को यह जैकेट भेंट की थी.उन्होंने इस कार्यक्रम में इंडियन ऑयल की 'अनबॉटल्ड' पहल के तहत विभिन्न पोशाक ‘लॉन्च’ की.बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए बताया कि नरेंद्र मोदी ने जो जैकेट पहना है वह 28 सिंगल यूज प्लास्टिक की बोतलों से बनाया गया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब 88 मिनटों तक देते हुए विपक्ष को आड़े हाथ लिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता नकारात्मकता स्वीकार नहीं कर सकती और उनके ऊपर लगाये गये ‘झूठे आरोपों’ पर कभी भरोसा नहीं करेगी.उन्होंने कहा कि उनके पास 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद का सुरक्षा कवच है जिसे कोई भेद नहीं सकता.बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अडानी ग्रुप के मुद्दे पर मोदी सराकर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे.

    प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर बरसते हुए कहा कि देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है, इनकी समझ से ऊपर की बात है.

     अडानी ग्रुप से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस सहित विपक्ष के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन पर लोगों का भरोसा अखबार की सुर्खियों और टेलीविजन पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है.उन्होंने कहा, ‘हमने देश के लिए पूरा जीवन खपा दिया है, पल-पल खपा दिया है.देश के लोग झूठे आरोपों पर भरोसा नहीं करने वाले हैं.देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है, इनकी समझ से ऊपर की बात है.’ पीएम के इतना कहते ही सदन में ‘मोदी-मोदी’ का नारा गूंज उठा.

    प्रधानमंत्री ने राहुल का नाम लिए बिना कहा कि जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा और गलत आरोप लगा कर ही आगे बढ़ पाएंगे.कांग्रेस का नाम लिये बिना उसके घटते जनाधार पर तंज कसते हुए पीएम ने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत की पंक्तियां पढ़ीं, ‘तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं.’ मोदी ने कहा कि इनकी गालियां और इनके आरोपों को उन कोटि-कोटि भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा, जिनको दशकों तक मुसीबत में जिंदगी जीने के लिए इन्होंने मजबूर किया.

     बता दें कि वर्ष 2019 में शिवसेना सांसद संजय राउत के नए ट्वीट ने पार्टी के रुख़ को फिर से स्पष्ट कर दिया है. दरअसल संजय राउत ने बीजेपी पर हमला करते हुए महाकवि दुष्यंत कुमार की एक कविता पोस्ट की है- तुम्हारे पांव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यक़ीन नहीं..चार साल के बाद पीएम मोदी ने भी विपक्ष पर निशाना साधने के लिए महाकवि दुष्यंत कुमार की एक कविता का सहारा लिया.

  खैर, आगे पीएम मोदी ने कहा कि जो कभी यहां बैठते थे, वह वहां जाने के बाद भी फेल हुए और देश पास होता गया. मैं भी यात्रा लेकर कश्मीर तक गया था. लाल चौक पर तिरंगा लहराने का संकल्प लिया था.तब आतंकियों ने पोस्टर लगाए थे कि देखते हैं कि किसमें हिम्मत है और किसने अपनी मां का दूध पिया है, जो यहां आकर तिरंगा लहराता है.तब मैंने कहा था- आतंकी कान खोलकर सुन लें. 26 जनवरी को ठीक 11 बजे मैं लाल चौक पहुंचूंगा, बिना सुरक्षा, बिना बुलेट प्रूफ जैकेट आऊंगा और फैसला लाल चौक पर होगा कि किसने अपनी मां का दूध पिया है? जब श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराया, तब मीडिया के लोग सवाल करने लगे कि पहले यहां ऐसे नहीं होता था.आज वहां ऐसी शांति है कि वहां चैन से जा सकते हैं. अखबारों में खबर आई थी, जिस पर ध्यान नहीं गया होगा. लोग टीवी में चमकने की कोशिश में लगे थे. उसी समय श्रीनगर के अंदर दशकों बाद थिएटर हाउसफुल हो गए और अलगाववादी दूर-दूर तक नहीं दिख रहे थे.

    पीएम मोदी ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए खपा दिया है। देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है, वह इनकी समझ के दायरे से बाहर ही नहीं, समझ के दायरे से काफी ऊपर है। क्या ये झूठे आरोप लगाने वालों पर मुफ्त राशन प्राप्त करने वाले देश के 80 करोड़ लोग भरोसा करेंगे? एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड के जरिए जब गरीब को राशन मिल जाता है तो वह आपकी झूठी बातों और गलिच्छ आरोपों पर कैसे भरोसा करेगा? जब 11 करोड़ किसानों के खाते में साल में तीन बार सम्मान निधि का पैसा जमा होता हो, वह आप पर भरोसा कैसे करेगा.मुसीबत के समय मोदी उनके काम आया है, आपके आरोपों पर वह कैसे भरोसा करेगा. आपके इन आरोपों को कोटी-कोटी भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा.कुछ लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए जी रहे हैं. मोदी तो करोड़ों देशवासियों के परिवार का सदस्य है.140 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद मेरा सबसे बड़ा कवच है. झूठ और गालियों के शस्त्रों से तुम इस कवच को भेद नहीं सकते.

    इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मंगलवार को लोकसभा में दिए गए भाषण को डिलीट कर दिया गया है. काग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर इसका दावा किया है. रमेश ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी ने अडानी के महामेगा स्कैम में पीएम मोदी के लिंक का जिक्र किया था. आज लोकसभा में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई.ओम शांति! गौरतलब है कि बीजेपी ने राहुल के अडानी पर दिए गए बयानों का काफी विरोध किया था.हालांकि बीजेपी ने इसे बिना सबूत के लगाए गए आरोप बताए थे और उनकी बातों को सदन की कार्यवाही से हटाने की निंदा की है.

    संसद के बजट सत्र में दो नेताओं के ड्रेस की चर्चा खूब हो रही है. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसाइकिल प्लास्टिक से बनी जैकेट पहनी थी, तो कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 56 हजार का मफलर लपेटे संसद में पहुंचे थे. खास बात ये है कि लोगों का ध्यान खड़गे की ड्रेस पर गया ही तब, जब वो गरीबों की कम आय को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे थे. बस फिर क्या था, देखते ही देखते ट्विटर पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा. खासकर बीजेपी नेताओं ने उन्हें निशाना बनाया. 

मोदी वर्सेज खड़गे हो गया मामला

बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने ट्विटर हैंडल पर दो तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें एक तस्वीर में पीएम मोदी प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकल कर बनाए गए खास जैकेट को पहने नजर आ रहे हैं तो दूसरी तस्वीर में खड़गे मफलर लगाए नजर आ रहे हैं, जिसमें मफलर की कीमत 56,332 रुपये बताई गई है.

विमेंस आईपीएल का आक्शन 13 फरवरी को

 


पटना.राजधानी पटना के एक निजी स्कूल की दसवीं क्लास की छात्रा है.उसको क्रिकेट के गुर उसके पिता ने ही सिखाया है.बिहार क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को बिहार की 15 महिला क्रिकेटरों के नाम भी भेजे गए थे. जिनमें से सिर्फ यशिता सिंह के नाम पर मुहर लगी है.

     विमेंस आईपीएल का आक्शन 13 फरवरी को होने जा रहा है.इसके लिए दुनिया भर से 350 महिला क्रिकेटरों का चयन किया गया है.इसमें राजधानी पटना के आशियाना नगर की रहने वाली 16 वर्षीय यशिता सिंह भी शामिल है.वह अपने प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टरों का ध्यान आकर्षित कर यह मुकाम हासिल किया है.

 बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम बना रही हैं. पूरी दुनिया भर में अपने हुनर का डंका बजा रही हैं. राजधानी पटना के आशियाना नगर की रहने वाली 16 वर्षीय यशिता ने क्रिकेट की दुनिया में कुछ ऐसी ही उपलब्धि हासिल की है. उनका चयन पहली बार होने जा रहे वीमेंस आईपीएल के ऑक्शन के लिये हुआ है. दुनिया भर से चुनी गई 350 महिला क्रिकेटरों में से यशिता सिंह ने भी अपने प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टरों का ध्यान आकर्षित कर यह मुकाम हासिल किया है.

          महिला आईपीएल की नीलामी 13 फरवरी को होने वाली है. इस नीलामी में बिहार की 15 महिला क्रिकेटरों के नाम भी भेजे गए थे. जिनमें से सिर्फ यशिता के नाम पर मुहर लगी है.बिहार क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को मिले पत्र के आधार पर यह जानकारी दी. बीसीसीआई की महिला अंडर-19 टी20 चैलेंजर ट्रॉफी में खेलने वाली यशिता की कहानी साल 2016 में रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म दंगल से मिलती-जुलती है. यशिता पटना के एक निजी स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा हैं. यशिता की बचपन से ही क्रिकेट में रुचि थी.

     यशिता के पटना से बीसीसीआई तक के सफर की कहानी जानकर आप दंग रह जाएंगे. यशिता को क्रिकेट सिखाने वाला कोई प्रोफेशनल कोच नहीं बल्कि उनके पिता शैलेंद्र सिंह हैं. शैलेंद्र सिंह ने अपनी बेटी को स्कूल भेजने के साथ-साथ क्रिकेट का अभ्यास कराने पर जोर दिया.यही वजह है कि यशिता ने 50 से ज्यादा बोर्ड मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया.यशिता ने इस साल जुलाई में हुई सीरीज में छह मैच खेले, जिसमें कुल 222 रन बनाए.मैच में नागालैंड के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 138 रन बनाए.इसके बाद यशिता टॉप फाइव में आईं और बीसीसीआई में सेलेक्ट हो गईं.

      बताते है कि यशिता सिंह बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी रखती थीं.खुद यशिता ने खुलासा करते हुए कहा कि मैं और मेरे भाई अपार्टमेंट में लोगों के साथ क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैं टेनिस ज्यादा खेलता था.पापा हमेशा मेरे खेल पर ध्यान देते थे और वह मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करते थे. उन्होंने 2019 में पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए कहा. मैंने भाग लिया और मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा.यशिता ने आगे कहा कि इसके बाद खेलों में मेरी दिलचस्पी और बढ़ गई.मैंने क्रिकेट पर विशेष ध्यान देना शुरू किया.दो साल की मेहनत से चैलेंजर ट्रॉफी में अपनी जगह बनाई.

   उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता शैलेंद्र सिंह को दिया. यशिता के पिता शैलेंद्र सिंह पटना यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं. वह विश्वविद्यालय में क्रिकेट चैंपियन थे.हालांकि उन्हें कभी बोर्ड में खेलने का मौका नहीं मिला. उनका सपना था कि उनके बच्चे वह करें जो मैं नहीं कर सका.वे अपनी बेटी को क्रिकेट में बीसीसीआई में ले गए. उसने जीवन यापन के लिए टाइल्स, मार्बल का कारोबार शुरू किया, लेकिन कोरोना में कारोबार पूरी तरह ठप हो गया. इसके बाद शैलेंद्र सिंह अपने दोस्त की एक एकेडमी में बतौर क्रिकेट कोच काम करने लगे.बच्चों को क्रिकेट पढ़ाना शुरू किया.अभी वह करीब 30 बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देते हैं.

   बता दें कि यह साल क्रिकेट के लिए काफी खास रहने वाला है. 2023 में क्रिकेट के कई बड़े टूर्नामेंट्स होने हैं. इसमें वनडे वर्ल्ड कप 2023 (World Cup 2023) से लेकर पहली बार आयोजित होने वाला महिला आईपीएल (Women's IPL) भी शामिल हैं. बीसीसीआई (BCCI) की तरफ से इस साल पहली बारी महिला आईपीएल का आयोजन होगा.

        महिला आईपीएल की टीमों का एलान हो गया है.पांच टीमों को खरीदने में 4669.99 करोड़ रुपये की बोली लगी है. अहमदाबाद फ्रेंचाइजी सबसे महंगी बिकी है.अदाणी की मालिकाना हक वाली अदाणी स्पोर्ट्स लाइन प्राइवेट लिमिटेड ने अहमदाबाद फ्रेंचाइजी अपने नाम की है. उन्होंने इसे 1289 करोड़ रुपये में खरीदा है.यह महिला आईपीएल की सबसे महंगी टीम बन गई है.इसके बाद इंडियाविन स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड,मुंबई, 912.99 करोड़ में.रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु, 901 करोड़ में. जेएसडब्ल्यू जीएमआर क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली, 810 करोड़ में और कैपरी ग्लोबल होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड,लखनऊ, 757 करोड़ में खरीदा है.

महिला आईपीएल का पहला सीजन 4 से 26 मार्च के बीच खेला जा सकता है.इसके बाद पुरुष खिलाड़ियों का आईपीएल खेला जाएगा.टूर्नामेंट के पहले सीजन के लिए मीडिया राइट्स की बिक्री हो चुकी है.वायाकॉम 18 ने 951 करोड़ रुपये में पांच साल के लिए प्रसारण अधिकार खरीदे थे. अब इस टूर्नामेंट को लेकर ताजा जानकारी यह सामने आ रही है कि चार मार्च को टूर्नामेंट का आगाज हो सकता है और उसी महीने की 26 तारीख को फाइनल मुकाबला खेला जा सकता है.

आलोक कुमार

गांधी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर तृतीय चरण के यात्रा को विराम दिया जायेगा

 




पटना। भारत जोड़ो यात्रा,बिहार वैशाली जिला से चलकर पटना में प्रवेश कर कल दिनांक 10 फरवरी को पूर्वाह्न 9-00 बजे धनकी मोड़ (गांधी सेतु के समीप) पटना से प्रारंभ होगी जो अगमकुंआ पुल, गुलजारबाग चौराहा, नून का चौराहा, पटना साहिब स्टेशन, पूरब दरवाजा मारूफगंज होते हुए पटना साहिब गुरूद्वारा में मत्था टेककर दोपहर का विश्राम होगा। अपराह्न से चौक खाजेकला, पश्चिम दरवाजा, बड़ी पटनदेवी में दर्शन, आलमगंज, त्रिपोलिया, पत्थर की मस्जिद होते हुए दरगाह रोड में चादरपोशी, मुसल्लहपुर हाट, भीखना पहाड़ी, हथुआ मार्केट होते हुए गांधी मैदान गेट नं0-1 में संध्या के समय गांधी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर तृतीय चरण के यात्रा को विराम दिया जायेगा।

इस यात्रा में बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, सांसद, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार सहित विधायक, विधान पार्षद, पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता गण भारी संख्या में भाग लेंगे।


आलोक कुमार

Bihar : Apprenticeship क्यों जरूरी है? प्रशिक्षण के बाद रोजगार में अनुभव की भूमिका

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