शनिवार, 11 जून 2022

राजधानी पटना में कारगिल चौक पर माले कार्यकर्ताओं ने किया प्रतिवाद

 

* विद्यापति नगर व पातेपुर की घटना पर संझान ले सरकार, कर्जों को माफ करे

* नोटबंदी, कोरोना, लाॅकडाउन व बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है

 


पटना. 6 जून को समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड अंतर्गत मउ गांव में कर्ज के दबाव में एक ही परिवार के 5 लोगों द्वारा सामूहिक आत्महत्या और वैशाली जिले के पातेपुर में भूख से तंग आकर एक ही परिवार के 5 सदस्यों द्वारा जहर खाकर मौत  की हृदयविदारक घटना के खिलाफ आज भाकपा-माले, खेग्रामस व ऐपवा से जुड़ी स्वयं सहायता समूह संघर्ष समिति के बैनर से राज्यव्यापी प्रतिवाद दर्ज करते हुए कर्जा मुक्ति दिवस का आयोजन किया.

इस कार्यक्रम के तहत आज राजधानी पटना में कारगिल चौक पर कर्जा मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया. जिसे ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, एआइपीएफ के कमलेश शर्मा, पटना नगर सचिव अभ्युदय, एक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार, ऐपवा की अनिता सिन्हा आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव ने किया. मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता केडी यादव, शंभूनाथ मेहता, नसीम अंसारी, जितेन्द्र कुमार, अनुराधा देवी, अनय मेहता, आइसा नेता कुमार दिव्यम, संतोष पासवान सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे.


सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा महासचिव ने कहा कि विद्यापतिनगर व वैशाली के पातेपुर की हृदय विदारक घटना पर बिहार सरकार का रवैया बेहद संवेदनहीन बना हुआ है. डबल इंजन की सरकार में परिवार के परिवार कहीं कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने को विवश हैं, तो कहीं भूख के कारण मौत को गले लगा रहे हैं. दोनों घटनाओं में 10 लोगों की मौत हुई है. इसका जिम्मेदार कौन है? हमारी सरकार बड़े-बड़े दावे करते नहीं अघाती लेकिन भूख से हो रही मौतों का लगातार विस्तार होना बेहद चिंताजनक है. हमने बारंबार कहा कि आम लोगों को कर्जे के फंदे से बाहर निकालने के बारे में सरकार ठोस उपाय करें. कोरोना काल में भी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने कर्ज वसूली में बेहद अमानवीय रूख अपनाया. लोग कर्ज लेकर अपनी जिंदगी चलाने को विवश हैं. उनके पास रोजगार के कोई दूसरे उपाय नहीं है. कर्ज का फंदा ऐसा है कि वे अंततः  आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं. सरकार इन कर्जों की माफी क्यों नहीं कर रही है?


शशि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नोटबंदी, कोरोना, लाॅकडाउन और बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है. बड़ी आबादी के पास रोजगार के कोई उपाय नहीं है. गरीबों के साथ-साथ छोटे व्यवसायी और किसान आज अपनी जिंदगी गुजर बसर करने के लिए महाजनी, माइक्रोफाइनसेंस कंपनियों आदि से कर्ज ले रहे हैं, जिसका सूद चक्रवृद्धि ब्याज की दर से बढ़ता है. हालत ऐसी हो जाती है कि कर्ज चुकाने के लिए फिर कर्ज लेना पड़ता है. और इस प्रकार वे कर्ज के भंवर में उलझ जाते हैं.


कमलेश शर्मा ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि संकट से घड़ी से उबारने के लिए प्रत्येक गैर आयकर दाता परिवार को प्रति माह जीवन चलाने के लिए न्यूनतम 7500 रु. उन्हें नगद दिया जाता. यह लंबे समय से मांग रही है, लेकिन सरकार इसे अनसुना करती रही है. जिस प्रदेश में भूख से हाहाकारी मौतें हों, वहां खाद्य पदार्थों से एथेनॉल बनाया जा रहा है. इसी से बिहार सरकार की असली मंशा समझ में आ जाती है.


अन्य वक्ताओं ने मांग की कि महाजनी सूदखारी पर सरकार अविलंब रोक लगाए, क्योंकि यह आम लोगों की तबाही का सबसे बड़ा कारण है. और 5 लाख तक के सभी कर्जे माफ किए जाएं.साथ ही, मृतक परिवार को 20 लाख रू. का तत्काल मुआवजा देने तथा बच रहे परिजनों की दबंग सूदखोरों से पूरी सुरक्षा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं.राजधानी पटना के अलावा बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा, हिलसा, गया, अरवल, आरा, सिवान, पूर्णिया, नवादा आदि स्थानों पर भी कर्जा मुक्ति दिवस मनाया गया.


आलोक कुमार


गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या

 गया. गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है, जिससे वाहनों एवं आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.उक्त समस्या के मद्देनजर आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया तथा पुलिस महा निरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र, गया की उपस्थिति में मिनी बस पर बैठकर जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ गया शहर का भ्रमण किया गया एवं जाम की समस्याओं के मुख्य कारणों पर विचार विमर्श किया गया.

     

भ्रमण किए गए मुख्य सड़के जो आयुक्त कार्यालय से प्रारंभ होकर जीबी रोड- कोतवाली- टावर चैक- कीरानी घाट -रामशिला मोड़ -बागेश्वरी गुमटी- रेलवे स्टेशन -काशीनाथ मोड़- मिर्जा गालिब कॉलेज -डेल्हा बस स्टैंड- सिकरिया मोड़ -घुघुड़ी ताड़- भुसुंडा- मुफस्सिल मोड- कीरानी घाट- रमना रोड- पीर मनसूर होते हुए आयुक्त कार्यालय वापस लौटा गया.आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे, ताकि जाम से थोड़ा निजात मिल सके.


आयुक्त ने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि गया शहरी क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों में लगभग एक ही समय पर बच्चों की छुट्टियां होती है, जिसके कारण जाम की समस्या बन जाती है. उन्होंने कहा कि बच्चे ज्यादा देर तक जाम में ना फंसे इसके लिए विद्यालयों के छुट्टी वाले समय अवधि में विशेष ध्यान देते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखें.आयुक्त ने नगर निगम तथा अनुमंडल पदाधिकारी को वेंडिंग जोन, बस पड़ाव, टैंपू पड़ाव, केदारनाथ मार्केट का जीर्णोद्धार, शहरी क्षेत्र में विभिन्न जाम वाली मेन चैराहों पर फ्लाईओवर निर्माण हेतु प्रस्ताव इत्यादि बिंदुओं जानकारी प्राप्त करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.

अंत में आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नाजरत विद्यालय के विपरीत दिशा में बड़े नाले को साफ सफाई करवाने तथा अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाने का निर्देश दिए.निरीक्षण के क्रम में पुलिस महा निरीक्षक मगध प्रक्षेत्र श्री विनय कुमार, जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बुडको, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, एमभीआई पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.




आलोक कुमार

नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे

 

गया. गया शहर में आए दिन ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है, जिससे वाहनों एवं आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.उक्त समस्या के मद्देनजर आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया तथा पुलिस महा निरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र, गया की उपस्थिति में मिनी बस पर बैठकर जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ गया शहर का भ्रमण किया गया एवं जाम की समस्याओं के मुख्य कारणों पर विचार विमर्श किया गया.

     

भ्रमण किए गए मुख्य सड़के जो आयुक्त कार्यालय से प्रारंभ होकर जीबी रोड- कोतवाली- टावर चैक- कीरानी घाट -रामशिला मोड़ -बागेश्वरी गुमटी- रेलवे स्टेशन -काशीनाथ मोड़- मिर्जा गालिब कॉलेज -डेल्हा बस स्टैंड- सिकरिया मोड़ -घुघुड़ी ताड़- भुसुंडा- मुफस्सिल मोड- कीरानी घाट- रमना रोड- पीर मनसूर होते हुए आयुक्त कार्यालय वापस लौटा गया.आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नालों की सफाई के उपरांत सड़कों पर रखे हुए मलबों को अति शीघ्र हटवाना सुनिश्चित करावे, ताकि जाम से थोड़ा निजात मिल सके.


आयुक्त ने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि गया शहरी क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों में लगभग एक ही समय पर बच्चों की छुट्टियां होती है, जिसके कारण जाम की समस्या बन जाती है. उन्होंने कहा कि बच्चे ज्यादा देर तक जाम में ना फंसे इसके लिए विद्यालयों के छुट्टी वाले समय अवधि में विशेष ध्यान देते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखें.आयुक्त ने नगर निगम तथा अनुमंडल पदाधिकारी को वेंडिंग जोन, बस पड़ाव, टैंपू पड़ाव, केदारनाथ मार्केट का जीर्णोद्धार, शहरी क्षेत्र में विभिन्न जाम वाली मेन चैराहों पर फ्लाईओवर निर्माण हेतु प्रस्ताव इत्यादि बिंदुओं जानकारी प्राप्त करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.

अंत में आयुक्त मगध प्रमंडल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नाजरत विद्यालय के विपरीत दिशा में बड़े नाले को साफ सफाई करवाने तथा अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाने का निर्देश दिए.निरीक्षण के क्रम में पुलिस महा निरीक्षक मगध प्रक्षेत्र श्री विनय कुमार, जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बुडको, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, एमभीआई पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.




आलोक कुमार

वित्तीय वर्ष 2022 -23 में वृक्षारोपण अभियान

 

मोतिहारी. जिलाधिकारी , श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में डॉ राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में जल जीवन हरियाली अभियान अंतर्गत मनरेगा के तत्वावधान में वित्तीय वर्ष 2022 -23 में वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए वृक्षारोपण कार्यशाला का आयोजन किया गया.इस  वृक्षारोपण कार्यशाला में  मनरेगा ,जीविका एवं वन विभाग के जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारी गण को उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.


 मनरेगा के  तत्वावधान  में लक्ष्य के अनुरूप जिले भर में 7 लाख 80 हजार वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए   संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.जीविका के पौधशाला से 4 लाख 80 हजार पौधे एवं वन विभाग के पौधशाला से 3 लाख तैयार पौधा उपलब्ध किए जाएंगे.जिले भर में वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी महोदय ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा को निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित नर्सरी से टैगिंग कर पौधे प्राप्त करें .साथ ही मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वृक्षारोपण का कार्य संपन्न करें.

उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर , पोखर , पइन ,आहर ,तालाब , ग्रामीण क्षेत्रों में आरडब्ल्यूडी सड़क के किनारे, प्रखंड मुख्यालयों ,अंचल मुख्यालय, सभी सरकारी स्कूलों , खेल के मैदान में व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण का कार्य सुनिश्चित किया जाए.सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर , पोखरों,आहरों,पैईनों पर गुणवत्तापूर्ण वृक्षारोपण कर सुन्दर डॉक्यूमेंटेशन तैयार करें.


 इस वृक्षारोपण अभियान में सभी  कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मुखिया गण, जीविका ग्राम संगठन के दीदियों ,वन विभाग के कर्मी गणों एवं  स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनावे.वृक्षारोपण कार्यक्रम पूरी तरह से गैर राजनीतिक होनी चाहिए. इसमें सभी वर्ग की सहभागिता आवश्यक है.उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले को सम्मानित भी किया जाएगा.गार्जियंस ऑफ चंपारण, पुराने वृक्ष की सुरक्षा के लिए समीक्षा के क्रम में उन्होंने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा को निर्देश देते हुए कहा कि पंचायतों में 3 पुराने एवं बड़े वृक्षों को  मदर्स ट्री का चयन करें.


पुराने वृक्षों का जिओ टैगिंग, ओनरशिप, पेंशन योजना से जोड़ने, रक्षाबंधन, पाठशाला ,गोदभराई जैसे कार्य सुनिश्चित किया जाए.ताकि लोगों में व्यवहार परिवर्तन हो सके एवं आपसी  समाजिक भाईचारे को बढ़ावा  मिले.पुराने वृक्षों से जुड़े, इतिहास, प्रसिद्धि, कहानी ,के बारे में स्थानीय  वृद्ध लोगों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करें.पुराने वृक्ष हमारे पूर्वजों के धरोहर हैं, जीव जगत को बहुमूल्य ऑक्सीजन एवं छाया प्रदान करते हैं.पुराने वृक्ष को सुरक्षा प्रदान कर हम सभी पुण्य के भागीदार बनेंगे.भारत स्वच्छ मिशन अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों में तेजी लाने के लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.


इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, डीपीओ मनरेगा, डीपीएम जीविका, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कनीय अभियंता मनरेगा , पंचायत तकनीकी सहायक ,प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका आदि उपस्थित थे.



आलोक कुमार

अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा लिया भाग लिया

  

मोतिहारी. राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  संबंधित सभी जिला पदाधिकारी -सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक, उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,जिला नजारत शाखा पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा लिया भाग लिया.


नगरपालिका आम निर्वाचन 2022 की तैयारी से संबंधित निम्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई.नवगठित/ उत्क्रमित/सीमा विस्तारित नगरपालिकाओं का वार्ड गठन ,मतदाता सूची की तैयारी, परिवाद आदि के संबंध में लगातार अनुश्रवण करने,  मतदान केंद्रों की स्थापना, नगरपालिका के 3 पदों के अनुरूप मतगणना हॉल का आकलन , मतगणना केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं व्यवस्था , मतदान के दिन मतदाताओं का बायोमेट्रिक द्वारा सत्यापन एवं मतगणना में ओसीआर की व्यवस्था करने, बाढ़ एवं वर्षा की स्थिति में ईवीएम की सुरक्षा ,निर्वाचन के निमित्त  वयय का आंकलन कर आवंटन अधियाचना नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजने , संबंधी विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.


आलोक कुमार


शुक्रवार, 10 जून 2022

’जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य टास्क फोर्स एवं समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित’

                                            



सीतामढ़ी। जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला स्वास्थय टास्क फोर्स एवं समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई । जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन एवं एसीएमओ को क्षेत्र में भ्रमण कर स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत चल रहे सभी कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया एवं उन्होंने सभी सीडीपीओ को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उनके क्षेत्र में रहने वाले बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच पोषण प्रतिरक्षण के कार्यों को सफलतापूर्वक कराने के लिए निर्देश दिया।


उन्होंने आगामी पल्स पोलियो कार्यक्रम से संबंधित होने वाले सभी गतिविधियों तथा बीएलटीएफ वैक्सीन की उपलब्धता माइक्रोप्लान इत्यादि के बारे में बैठक में विस्तार से समीक्षा की एवं सभी उपस्थित पदाधिकारियों को पल्स पोलियो अभियान को सफलतापूर्वक निष्पादित करने के लिए निर्देश दिया। उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, सिविल सर्जन सीतामढ़ी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, संचारी रोग पदाधिकारी, गैर संचारी रोग पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस रोचना माद्री, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार सिंह के साथ सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सभी स्वास्थ्य प्रबंधक, सभी प्रखंड समन्वयक एवं जिला स्वास्थ समिति के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।                                      

                 

आलोक कुमार


जीएनएम छात्राओं की मांगे जल्द मांगी जाए

★ जीएनएम छात्राओं के समर्थन में एकदिवसीय भूख हड़ताल पर बैठा ऐपवा आइसा और ट्रेड यूनियन ऐक्टू

★ जीएनएम छात्राओं को पटना में हॉस्टल दे सरकार- ऐपवा


पटना। एक महीने से ज्यादा समय से पीएमसीएच से राजापाकड़ शिफ्ट किए जाने के विरोध में आंदोलन कर रही पीएमसीएच की छात्राएं पिछले पांच दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठी हुई  हैं। छात्राएं राजापाकड़ जाना नहीं चाहती हैं। उनके अंदर अपने सुरक्षा को ले कर भी भय है।राजापाकड़ सुदूर इलाका है। छात्राओं के भूख हड़ताल के समर्थन में महिला संगठन ऐपवा एवं छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

मौके पर पहुंचे भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने विधानसभा में मुद्दे को उठाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री से बात करने का आश्वासन भी दिया। कहा कि सरकार पूरी तरह संवेदनहीन रवैया अपना रही है। ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि हमलोग लगातार इस आंदोलन में लगे हुए हैं।आज छात्राओं के भूख हड़ताल के समर्थन में हमलोग भी भूख हड़ताल पर आज बैठे हैं। विकास का दावा करने वाली सरकार के पास लगभग 200 छात्राओं को रखने के लिए पटना में जगह नहीं है।ये बात सरकार के विकास के दावे की स्वयं पोल खोल रहा है।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ  की बात करने वाली सरकारें हक मांगने पर बेटियों पर लाठियां चलवा रही हैं। राजापाकड़ में ही पिछले दिनों एक लड़की की दुष्कर्म करके हत्या कर दी गयी। उस जगह पर लड़कियों को भेजना बहुत गलत है। इन छात्राओं को राजापाकड़ भेजने का फरमान सरकार वापस ले और छात्राओं को पटना में रहने की व्यवस्था करे।

आइसा बिहार राज्य अध्यक्ष विकाश यादव ने सरकार पर अ संवेदनशील होने का आरोप लगाया।पांच दिनों से लड़कियां भूख हड़ताल पर हैं लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा इनसे मिलने तक नहीं आया। स्वास्थ्य मंत्री को छात्राओं की समस्या का हल करना होगा।इस बीच ऐक्टू नेता रणविजय कुमार व महासंघ (गोप गुट) सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद ने पीएमसीएच जीएनएम नर्सिग छात्राओं के भूख हड़ताल के 19 वे दिन आंदोलन का समर्थन करते हुए नर्सिग छात्राओं के लिए दीघा स्थित नवनिर्मित आईटीआई महिला छात्रावास में  शिफ्ट करने  अथवा  मकान किराया भत्ता  देने की मांग किया है। साथ ही यह भी कहा कि सरकार ग्रुप- ए की हर मांग पूरा करती है चूंकि नर्सिंग छात्राएं ग्रुप सी से है इसलिए इनकी मांगों के खिलाफ अड़ी हुई है। नेताओं ने  पीएमसीएच कैम्पस में 5 हजार बेड का बन रहे विश्वस्तरीय हॉस्पिटल के निजीकरण की नीतीश-भाजपा सरकार के साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि कहीं इस कारण से नर्सिंग छात्राओं को पुलिसिया आतंक में जबरन हॉस्टल खाली कराया जा रहा है।

                                 

आलोक कुमार 

जिला बाल संरक्षण समिति एवं चाइल्ड लाइन एडवाइजरी


सीतामढ़ी.जिला परिषद अध्यक्षा एवं जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता’ ’में जिला बाल संरक्षण समिति एवं चाइल्डलाइन एडवाइजरी तथा बाल श्रम उन्मूलन विमुक्ति एवं पुनर्वास से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की गयी.जिला परिषद अध्यक्षा अदिति कुमारी एवं जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला बाल संरक्षण समिति एवं चाइल्ड लाइन एडवाइजरी तथा बाल श्रम उन्मूलन विमुक्ति एवं पुनर्वास से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई.

 जिसमें चिल्ड्रन इन स्ट्रीट सिचुएशन की पहचान संगठन एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना,कोविड-19 महामारी में मार्च 2020 के बाद माता-पिता को खोने वाले बच्चों की पहचान कर संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना, पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, परवरिश योजना, बाल सहायता योजना, प्रखंड, पंचायत एवं वार्ड स्तर पर गठित बाल संरक्षण समिति की नियमित बैठक, कानूनी रूप से बच्चों को दत्तक ग्रहण करने के लिए प्रचार प्रसार, बाल देखरेख संस्थानों में प्रतिनियुक्ति एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा नियमित रूप से भ्रमण करने के संबंध में एवं चाइल्ड लाइन से संबंधित सभी मुद्दों पर समीक्षा की गई.

समीक्षा के क्रम में चिल्ड्रन स्ट्रीट सिचुएशन की पहचान रेस्क्यू तथा पुनर्वास करने के लिए सभी संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया, कोविड-19 के कारण अपने माता पिता को खोने वाले बच्चों की पहचान बाल कल्याण समिति में उपस्थित आपन तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का आदेश दिया गया, तथा उसका रजिस्ट्रेशन एनसीपीसीआर द्वारा बनाए गए बाल स्वराज पोर्टल पर एंट्री करने के लिए निर्देश दिया गया, तथा नियमित अनुश्रवण एवं विद्यालय में नामांकन कराने के लिए सुनिश्चित करने का निर्देश भी  संबंधित अधिकारी को दिया गया.साथ ही सिविल सर्जन एवं आपदा प्रभारी को मृत्यु के कारण की जांच करने एवं आपदा से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.

इन बच्चों को भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना तथा बिहार सरकार द्वारा संचालित बाल सहायता योजना का लाभ देने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी बाल परियोजना पदाधिकारी अधिकारी को दिया गया. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की समीक्षा के क्रम में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि लंबित आवेदनों का पंचायतवार सूची बनाकर जांच कर शत प्रतिशत लाभुकों को भुगतान यथाशीघ्र करना सुनिश्चित करें. परवरिश योजना के समीक्षा के क्रम में सभी सीडीपीओ को योजना के पात्र लाभुक यथा अनाथ, बेसहारा, एचआईवी प्रभावित, कुष्ठ प्रभावित, बच्चों की पहचान कर अधिक से अधिक इसका लाभ दिलाने के लिए निर्देश दिया गया.

विभागीय निर्देशानुसार सभी प्रखंडों पंचायतों तथा वार्ड में बाल संरक्षण समिति की नियमित बैठक कर बाल विवाह,बाल श्रम, बच्चों के लिए संचालन योजनाओं का प्रचार प्रसार करने तथा बाल विवाह एवं बाल श्रम के मामले में अब तक किए गए कार्यों का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सीडीपीओ को दिया गया दिया गया. 0 से 6 वर्ष के या उससे अधिक बड़े अनाथ बेसाहारा बच्चों के अवैध गोद दिए जाने को रोकने तथा कानूनी रूप से ही बच्चों को  वेबसाइट www.cara.nic.in   से गोद लेने के लिए अपने अपने प्रखंडों में प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया। बाल देखरेख संस्थानों में एमबीबीएस डॉक्टर का सप्ताह में 3 दिन नियमित रूप से भ्रमण सुनिश्चित कराने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया. बाल विवाह के मामले में बाल विवाह अधिनियम के तहत नामित बाल विवाह निषेध पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी) तथा सहायक बाल विकास निषेध पदाधिकारी (प्रखंड विकास पदाधिकारी) एवं नोडल पदाधिकारी (सीडीपीओ) एवं संयोजक कार्यालय महिला एवं बाल विकास निगम को बाल विवाह के मामले में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.


सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, बाजार, थाना इत्यादि अन्य जगहों पर चाइल्ड लाइन का टोल फ्री नंबर 1098 का व्यापक प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया. सभी थानों में नामित बालकल्याण पुलिस पदाधिकारी का नाम एवं मोबाइल नंबर थानों में प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया. वही बाल श्रम के रोकथाम के लिए समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार का कार्यक्रम किया जाए ताकि पूरे जिले को बाल श्रम मुक्त बनाया जा सके.

रेस्क्यू अभियान चलाया जाए बाल श्रम से विमुक्त बालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा विद्यालयों में नामांकन कराना सुनिश्चित करें.विमुक्त बाल श्रमिकों को मुख्यमंत्री राहत कोष योजना से 25000 रुपये की राशि दिलाने के कार्य को तेजी लाएं बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले इकाइयों पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए कार्रवाई करना सुनिश्चित करें तथा  चिल्ड्रेन इन स्ट्रीट सिचुएशन वाले बालकों के अधिक संख्या में पाए जाने पाए जाने वाले स्थानों एवं हॉटस्पॉट को चिन्हित कर उसकी सूची बाल संरक्षण को उपलब्ध कराएं तथा धावा दल द्वारा लगातार रेस्क्यू करें.


वही श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि प्रत्येक प्रखंड में बुधवार और शुक्रवार को धावा दल द्वारा बाल श्रम को लेकर रेस्क्यू किया जाता है जिस पर जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स और बाल संरक्षण समिति नियमित बैठक कर इसका प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को जीवन प्रमाणीकरण एवं यूडी आईडी के बारे में अग्रेतर कार्रवाई करते हुए प्रगति प्रतिवेदन मुख्यालय को उपलब्ध कराने के लिए  निर्देशित किया गया.

उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विनय कुमार,सिविल सर्जन, डीएससी मुख्यालय राम कृष्णा, राकेश रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार सिंह, जिला आपदा प्रभारी अविनाश कुमार, जिला विकास प्रशाखा प्रभारी पदाधिकारी विजय कुमार पांडे, एसएसबी 51वी एवं 20वी बटालियन के कमांडेंट, श्रम अधीक्षक राकेश रंजन,अग्रणी बैंक प्रबंधक लाल बाबू पासवान, के साथ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे.                                    

आलोक कुमार

वह अपनी कलाकृति को यू ट्यूब पर अपलॉड करती हैं

 


मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत में सबसे बड़ी पल्ली है लतौना.यहां के पल्ली पुरोहित फादर डेविट एलियास हैं.इस पल्ली में रहते हैं अनुराग कुमार.उनकी सुपुत्री हैं निश्चिता जोन.वह अपनी कलाकृति को यू ट्यूब पर अपलॉड करती हैं.ब्लॉगर निश्चिता जोन कहती हैं वह पहली बार ब्लॉग बनाकर यू ट्यूब पर अपलॉड की हैं.वह सेक्रेड हार्ट चर्च में प्रार्थना करने जा रही है.घर से निकलकर चर्च जा रही हैं.वह ब्लॉग को Subscribe, view ,like, comment करने को कहती हैं.              https://youtube.com/watch?v=lKTrv-xAihs&feature=share


My first vlog ❤ (Sacred heart church)❤❤ latona mission trivanigaj❤❤ (supaul)



आलोक कुमार

युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हुआ ऐलान

 * रोहित-कृष्ण हरि बने राष्ट्रीय सचिव, राजबाला रश्मि संयुक्त सचिव


पटना.भारतीय युवा कांग्रेस की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार के नेताओं को जगह दी गई है. पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति पर घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार युवा कांग्रेस  के प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार रोहित व महासचिव कृष्ण हरि को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि प्रदेश महासचिव राजबाला रश्मि को संयुक्त सचिव बनाया गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति के बाद गुरुवार भारतीय युवा कांग्रेस  की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई. नवगठित कार्यकारिणी में बिहार युवा कांग्रेस  के प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार रोहित एवं महासचिव कृष्ण हरि को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है. जबकि प्रदेश महासचिव राजबाला रश्मि को संयुक्त सचिव बनाया गया है.

 प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार रोहित

इसकी जानकारी देते हुए प्रदेश युवा  कांग्रेस   प्रवक्ता शम्स शाहनवाज ने कहा कि बिहार युवा  कांग्रेस   के जमीनी नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह देकर युवा कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी एवं शीर्ष नेतृत्व ने बिहार के कार्यकर्ताओं का मान बढ़ाया है. इससे युवा कांग्रेस का संगठन और भी मजबूत होगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार से तीन युवा नेताओं को शामिल करने का प्रदेश युवा  कांग्रेस   अध्यक्ष गुंजन पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष दौलत इमाम, प्रदेश उपाध्यक्ष मंजीत आनंद,शिव प्रकाश गरीब दास, अखिलेश दयाल, अरफराज साहिल, अबु तनवीर, मुकुल यादव, निशांत सिंह, शुभम पांडे, आरिफ नवाज, मोइनुद्दीन फैसल,आयुष भगत आदि ने स्वागत किया है.



महासचिव कृष्ण हरि 









प्रदेश महासचिव राजबाला रश्मि

आलोक कुमार

गुरुवार, 9 जून 2022

भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक संपन्न

 

* क्राॅस वोटिंग पर चुनाव आयोग का निर्देश संसदीय लोकतंत्र के लिए कोविड-19 साबित होगाः दीपंकर भट्टाचार्य



* भाजपा हटाओ - देश बचाओ अभियान में नई गति लाएगा माले का 11 वां महाधिवेशन’

* 15-20 फरवरी 2023 को पटना में होने वाला है 11 वां महाधिवेशन’

* 23-24 सितंबर को विक्रमगंज में किसानों तथा 19-20 नवंबर को हुगली में खेग्रामस का होगा राष्ट्रीय सम्मेलन’


पटना.भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो की दो दिनों तक पटना स्थित पार्टी राज्य कार्यालय में चलने वाली बैठक आज संपन्न हो गई. बैठक में पार्टी महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य सहित वरिष्ठ पार्टी नेता स्वदेश भट्टाचार्य, बिहार पार्टी सचिव कुणाल, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव राजाराम सिंह, खेग्रामस महासचिव धीरेन्द्र झा, जानी मानी बुद्धिजीवी व महिला एक्टिविस्ट कविता कृष्णन, बगोदर से माले विधायक विनोद सिंह, झारखंड के राज्य सचिव मनोज भक्त, बंगाल से वरिष्ठ पार्टी नेता कार्तिक पाल, रामजी राय, जनार्दन प्रसाद, प्रभात कुमार चौधरी, रूबुल शर्मा, अमर, वी. शंकर व अरिंदन सेन शामिल थे.

बैठक के उपरांत पार्टी महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यसभा व अन्य अप्रत्यक्ष चुनावों में क्राॅस वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग द्वारा जारी नया निर्देश देश के संसदीय लोकतंत्र के लिए कोविड-19 साबित होगा. यह निर्देश क्राॅस वोटिंग को प्रोत्साहित करने वाला है, जो ऐसे चुनावों को एक हास्यास्पद सर्कस में तब्दील कर देगा. इलेक्टोरल बाॅन्डस के जरिए चुनावों में मनी पावर का बढ़ता फैक्टर हम पहले से ही देख रहे हैं. ऐसी प्रक्रियाओं पर तत्काल रोक लगनी चाहिए.

आगे कहा कि आज पूरा देश भाजपा-संघ के बुलडोजर की चपेट में है. संविधान, लोकतंत्र, आम-आदमी के अधिकार - सबकुछ को यह सरकार बुलडोज कर देना चाहती है. इसलिए आज पूरे देश में भाजपा हटाओ - देश बचाओ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है. ऐसी ही स्थिति में हमारी पार्टी का 11 वां महाधिवेशन (पार्टी कांग्रेस) पटना में 15-20 फरवरी 2023 तक प्रस्तावित है. हमारा यह 11 वां महाधिवेशन भाजपा हटाओ - देश बचाओ अभियान में नई गति लाएगा. महाधिवेशन के दौरान हम गांव-गांव और हर घर पहुंचेंगे. इसी कड़ी में 23-24 सितंबर 2022 को बिहार के विक्रमगंज में अखिल भारतीय किसान महासभा और 19-20 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल के हुगली में खेग्रामस का राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित है. हमारे युवा संगठन आरवाईए का राष्ट्रीय सम्मेलन भी इस साल झारखंड में आयोजित है. 

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी कांग्रेस के पहले दिन 15 फरवरी 2023 को पटना के गांधी मैदान में भाजपाई बुलडोजर राज के खिलाफ एक विशाल रैली का आयोजन होगा, जिसमें महागठबंधन के दलों के साथ-साथ बिहार व झारखंड के तमाम विपक्षी दलों को आमंत्रित किया जाएगा.माले महासचिव ने आगे कहा कि त्रिपुरा में विधानसभा की होने वाली चार सीटों के उपचुनाव में जुबरनगर सीट पर सीपीएम, सुरमा (एससी) सीट पर टिपरा मोथा और अरगतल्ला व बोर्डोवाली सीट पर इंडियन नेशनल कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है. झारखंड की मांडर (एससी) सीट पर भी हमने इंडियन नेशनल कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय किया है. हमारी पूरी कोशिश है कि इन चुनावों में भाजपा को गहरी शिकस्त मिले.

खेग्रामस महासचिव धीरेन्द्र झा ने कहा कि हमने पूरे देश में तकरीबन 40 लाख खेत व ग्रामीण मजदूरों को खेग्रामस से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. हमारा नारा है - कोई परिवार छूटे नहीं. हमारी पूरी कोशिश है कि हम एक-एक गरीब परिवार तक पहुंचें और उन्हें अपने संगठन से जोड़ें. इस अभियान को भाकपा-माले का पूरा सहयोग मिल रहा है. बिहार में गांव-गांव में सदस्यता अभियान चल रहा है.

बैठक के जरिए भाजपा व आरएसएस द्वारा धर्म व धार्मिक आस्था से खेलने के खिलाफ भाकपा-माले ने सभी सांस्कृतिक संगठनों से ऊपर से लेकर नीचे हर स्तर पर वैचारिक व अन्य पहलकदमी लेने का आह्वान किया है, ताकि समाज में जहर व नफरत फैलाने वाली इन ताकतों के खिलाफ प्रेम, भाईचारा, सांप्रदायिक सौहार्द व देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए एक जुझारू प्रतिवाद खड़ा किया जा सके.

आलोक कुमार


कौशल विकास के क्षेत्र में डीएम गया को नवाजा गया


गया. आज अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में सचिव कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा "अवार्ड ऑफ  एक्सीलेंट"   से कौशल विकास के क्षेत्र में डीएम गया को नवाजा गया.देशभर के 534 जिलों में गया जिले के डिस्टिक स्किल डेवलपमेंट प्लान को माना गया अव्वल.24 जनवरी 2022 को भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय में भेजी गई थी डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान.

जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम को डॉ० अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ रोड नई दिल्ली में गया जिले में कौशल विकास योजना क्षेत्र में "अवार्ड ऑफ  एक्सीलेंट"  पुरस्कार से सचिव कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया.भारत सरकार कौशल विकास मंत्रालय के द्वारा भारत के प्रत्येक जिले से डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान की मांग की गई थी, जिसके पश्चात जिला कौशल विकास समिति के मेंबर सेक्रेटरी असिस्टेंट डायरेक्टर एंप्लॉयमेंट के नेतृत्व में डिस्टिक स्किल डेवलपमेंट के द्वारा 24 जनवरी 2022 को एक प्लान तैयार कर उसे जिला कौशल विकास समिति गया के अध्यक्ष -सह- जिला पदाधिकारी गया के अनुमोदन प्राप्त कर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार को प्रेषित किया गया.

’देशभर 534 जिलों में गया जिले के डिस्टिक स्किल डेवलपमेंट प्लान को अव्वल माना गया’ एवं इसके लिए गया जिला को ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंट’ के लिए चयन किया गया. जिला कौशल विकास प्लान में मशरूम उत्पादन, पत्थर कट्टी, स्टोन, टूरिज्म, हैंडलूम एवं कृषि पर विशेष रूप से फोकस किया गया था. ’जिला पदाधिकारी  डॉ० त्यागराजन एसएम ने कहा कि गया जिले में दो प्रकार की योजना को प्रमुखता से लिया गया, जिसमें बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर तथा विष्णुपद मंदिर में चढ़ने वाले फूल, जो विशेषकर अक्टूबर महीने के बाद काफी बड़े पैमाने में फूल चढ़ाए जाते हैं. उन सभी फूलो से गुलाल एवं अगरबत्ती बनाने संबंधि कार्य को स्थानीय लोगों में काफी बढ़ावा दिया गया है. उसी प्रकार पत्थर कट्टी के लोगों को बोधगया में टैग किया गया ताकि विभिन्न देशों से आने वाले विदेशी पर्यटक, पत्थर कट्टी के लोगों द्वारा निर्मित विभिन्न स्टैचू/मूर्तियां की खरीदारी हो सके‘.

 इसके उपरांत माननीय मंत्री कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में विभिन्न जिलों के 17 जिला पदाधिकारियों के साथ एक घंटे का इंटरेक्शन  प्रोग्राम किया गया.’जिला पदाधिकारी गया द्वारा माननीय मंत्री भारत सरकार एवं अन्य पदाधिकारियों के समक्ष गया जिला में इस संबंध में किए जा रहे कार्य के बारे में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार से बताया गया.’

आलोक कुमार

गया जिला में स्किल डेवलपमेंट के संबंध में किए जा रहे कार्य

 

गया.माननीय मंत्री कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता नई दिल्ली में स्थित कार्यालय के सभा कक्ष में डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान (डीएसडीपी) अवार्ड हेतु चयनित विभिन्न जिलों के 17 जिला पदाधिकारियों के साथ एक घंटे का इंटरेक्शन प्रोग्राम किया गया.माननीय केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहां की स्किल इंडिया के संकल्प परियोजनाओं के एक भाग के रूप में, पुरस्कार जमीनी स्तर पर कौशल विकास योजना के लिए नवीन सर्वोत्तम प्रथाओं को मान्यता देता है.जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा माननीय केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं अन्य पदाधिकारियों के समक्ष गया जिला में स्किल डेवलपमेंट के संबंध में किए जा रहे कार्य के बारे में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार से बताया.


आलोक कुमार

बाल श्रम निषेध से संबंधित जानकारियां का प्रचार प्रसार किया जाएगा

 

गया. आगामी 12 जून को होने वाले विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के सफल संचालन के लिए आज श्रम अधीक्षक, गया श्रीमती स्नेहा सृजन की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न गैर सरकारी संगठन के संचालन, चाइल्ड लाइन के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों एवं संस्थाओं के साथ उप श्रमायुक्त के कार्यालय में समीक्षा बैठक करते महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया.

इसके उपरांत उप श्रमायुक्त, मगध प्रमंडल, गया श्री विजय कुमार द्वारा 02 प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिले के सभी प्रखंडों के लिए रवाना किया गया.उन्होंने बताया कि इस प्रचार वाहन का परिचालन दिनांक 12 जून, 2022 तक किया जाएगा तथा इसके माध्यम से बाल श्रम निषेध से संबंधित जानकारियां का प्रचार प्रसार किया जाएगा.

इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त, मगध प्रमंडल श्री राजेश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे. ’विदित है कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पूर्व कल दिनांक 10 जून, 2022 को पूर्वाह्न में समाहरणालय परिसर से प्रभात फेरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है तथा गैर सरकारी संस्थानों एवं अन्य संबंधित के द्वारा महादलित विकास मिशन के बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाना है.’

आलोक कुमार

4 एल ई डी वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए रवाना की

मुजफ्फरपुर. अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग -सह- प्रभारी सचिव मुजफ्फरपुर जिला श्री दीपक कुमार सिंह और जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार के द्वारा एईएस/ चमकी बुखार जागरूकता अभियान को गति देने के मद्देनजर 4 एल ई डी वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए रवाना की  गई.इस मौके पर प्रभारी सचिव ने कहा कि उक्त वाहनों के द्वारा कुल 120 महादलित टोलों में एईएस/ चमकी बुखार को लेकर सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में इससे पूर्व 324 महादलित टोला में जो पूर्व में एईएस से प्रभावित रहे है वहां एलईडी वाहनों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान किया गया था।दूसरे चरण में 120 स्थानों पर एलईडी वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अडॉप्ट अ विलेज कार्यक्रम के तहत सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा विभिन्न अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है.उन्होंने बताया कि रेफरल सिस्टम पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं.उन्होंने बताया कि सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि आपसी समन्वय के साथ एईएस पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें.मौके पर सिविल सर्जन , जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी तथा डीपीएम स्वास्थ्य विभाग भी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

मुजफ्फरपुर जिला द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई

मुजफ्फरपुर. इस जिले के समाहरणालय सभाकक्ष में श्री दीपक कुमार सिंह, भा0प्र0से0, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर जिला की अध्यक्षता में आयोजित बाढ़ पूर्व तैयारी एवं तटबंध सुरक्षा से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की गई. श्री प्रणव कुमार जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए मुजफ्फरपुर में बाढ़ के प्रभावों व जिले में आसन्न बाढ़ के खतरे के मद्देनजर बाढ़ पूर्व तैयारी संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई.श्री दीपक कुमार सिंह, भा0प्र0से0, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर जिला द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई.

श्री विकास कुमार, वरीय उप समाहर्ता, जिला आपदा प्रबंधन प्रशाखा, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए पूर्व से सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य स्थलों को जिला स्तरीय पदाधिकारियों, संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से चिन्हित कर लिया है.जल संसाधन विभाग के संबंधित कार्यपालक अभियंताओं के स्तर पर बाढ़ निरोधात्मक कार्यों से संबंधित 02 परियोजनाओं के अतिरिक्त सभी कार्य पूर्ण हैं.चिन्हित किये गए सभी संवेदनशील एवं आक्राम्य में से 23 स्थलों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य पूर्ण है तथा अन्य सभी स्थलों पर बाढ़ निरोधक सामग्री का भण्डारण कर लिया गया है तथा बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है. जिलान्तर्गत कुल 255 स्लुईस गेट हैं, सभी की ग्रीसिंग तथा मरम्मति कर ली गई है.

जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि आपदा प्रबंधन विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया अनुसार सभी स्तरों पर तैयारी कर ली गई है.जिलान्तर्गत उपलब्ध सभी नावों का भौतिक सत्यापन , नाव पंजीकरण कार्य व नाव मालिकों के साथ एकरारनामा करने की कार्रवाई कर ली गई है.बाढ़ प्रभावितों के राहत सहायतार्थ खाघान्न एवं पॉलीथीन शीट का निविदा आमत्रिंत कर आपूर्तिकर्ता का चयन कर लिया गया है. प्रमंडलीय जिला होने के कारण तिरहुत प्रमंडल के अन्य जिलों को पॉलीथीन आपूर्ति प्रारम्भ कर दी गई है.पूर्व से 540 शरण स्थलों व 364 सामुदायिक रसोई के लिए भवनों को चिन्हित करते हुए मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है. जिला स्तर पर बाढ़ संबंधी कार्यों का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों का टास्क फोर्स गठित है तथा नियंत्रण कक्ष के रूप में जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र का संचालन किया जा रहा है.

सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रो प्लान बना लिया गया है.सदर अस्पताल, सभी सी0एच0सी0 एवं सभी रेफरल अस्पतालों में सभी आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता है.एन्टी रैबीज एवं एन्टी वेनम सीरम की उपलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में है.मोबाइल मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति कर ली गई है, जिसके सहयोग से बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों के सहायतार्थ संचालित किए जाने वाले राहत शिविरों व सामुदायिक रसोई में चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा.

अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सह प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर द्वारा सभी पदाधिकारियों  को निर्देश दिया गया कि बाढ़ के मद्देनजर सर्तक व सजग रहें. प्रभावी रूप से अनुश्रवण करते हुए तटबंधों के सभी संवेदनशील बिंदुओं की मरम्मति अविलम्ब कराएं.

आलोक कुमार

बुधवार, 8 जून 2022

किश्तवार पूर्ण मौजे में से 15 मौजे में खानापूरी की कार्रवाई


नालंदा. जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरनौत अंचल के बराह पंचायत सरकार भवन में संचालित भूमि सर्वे शिविर हरनौत-1 का निरीक्षण किया.हरनौत-1 शिविर के माध्यम से 27 मौजों का सर्वे कार्य किया जा रहा है.इनमें से 24 मौजे का किस्तवार किया जा चुका है तथा शेष 3 मौजे में जारी है. किश्तवार पूर्ण मौजे में से 15 मौजे में खानापूरी की कार्रवाई की जा रही है, जिसमें से 6 मौजे की खानापूरी पूरी की जा चुकी है तथा 9 में जारी है.तीन मौजे में लैंड पार्सल मैप(एलपीएम) का वितरण भी किया जा चुका है.


निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विभिन्न मौजे का सर्वे से संबंधित अभिलेख का बारीकी से अवलोकन किया. ग्रामसभा पंजी, अंचल कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गए सरकारी भूमि की विवरणी आदि से संबंधित अभिलेख का अवलोकन किया.भू-अर्जन के तहत अर्जित भूमि की विवरणी जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा सर्वे कार्यालय  को उपलब्ध कराई जाती है.जिस भू-अर्जित भूमि की विवरणी उपलब्ध नहीं कराई गई है, एक सप्ताह के अंतर्गत उपलब्ध कराने को कहा गया.


जिलाधिकारी ने कहा कि अंचल कार्यालय द्वारा सर्वे टीम को उपलब्ध कराये जा रहे जमीन से संबंधित सभी प्रकार की सूचि का प्रत्येक पृष्ठ राजस्व कर्मचारी से हस्ताक्षरित होना चाहिए.किसी भी दस्तावेज की छायाप्रति अंचलाधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए.भूमि सर्वे से संबंधित अपनी समस्या को लेकर आए हुए स्थानीय लोगों से भी जिलाधिकारी ने एक-एक कर मुलाकात की। उनकी समस्याओं को सुना,कुछ मामलों से सम्बंधित सर्वे  रिकॉर्ड मंगा कर भी देखा तथा सम्बंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.


जिलाधिकारी ने  सर्वे शिविर में सर्वे से संबंधित समस्या को लेकर आए हुए लोगों का आवेदन प्राप्त करने के लिए एक कर्मी को विशेष रूप से प्राधिकृत करने की आवश्यकता महसूस की तथा सभी सर्वे शिविरों में इस व्यवस्था को कायम करने का निर्देश दिया.निरीक्षण के क्रम में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (नोडल पदाधिकारी), अंचलाधिकारी हरनौत, शिविर प्रभारी, कानूनगो , सर्वे अमीन आदि मौजूद थे.




आलोक कुमार

वितरण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय मंत्री गन्ना उद्योग

मोतिहारी. आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आज दिनांक 8 जून 2022 को डीआरसीसी भवन में दिव्यांगजनों  के बीच सहायक उपकरण एवं यंत्रों का वितरण शिविर आयोजित किया गया.वितरण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय मंत्री गन्ना उद्योग एवं विधि बिहार सरकार श्री प्रमोद कुमार , उप विकास आयुक्त श्री कमलेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, जिला प्रबंधक बुनियाद केन्द्र एवं डॉ लाल बाबू प्रसाद जिला महामंत्री द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई.

इस दौरान सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा सभी अतिथियों का पुष्प


के गुच्छो से स्वागत किया गया.इस अवसर पर माननीय मंत्री बिहार सरकार द्वारा दिव्यांगजनों एंव परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इन सहायक उपकरणों की मदद से समाज के निचले पायदान पर भी जो लोग खड़े हैं, वे समावेशी विकास तथा एक विकसित समाज बनाने में अपनी भूमिका महत्वपूर्ण रुप से अदा करेंगे. दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए बिहार सरकार के द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय का गठन किया गया है.

उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए सभी वर्ग के व्यक्तियों को साथ लेकर चलना होगा. आजादी के 75वे वर्ष पर आज कार्यक्रम का आयोजन कर 75 से अधिक दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, वैशाखी, छड़ी, व्हील चेअर इत्यादि का वितरण माननीय मंत्री बिहार सरकार द्वारा फीटा काट कर किया गया.मुख्यमंत्री संबल योजना के तह्त दिव्यांगजनों के लिए आयोजित क्रार्यक्रम का मुख्य उद्येश्य उन्हें भौतिक तथा सामाजिक रुप से सशक्त करना है . इस योजना का लाभ ऐसे लाभुकों को दी जाती है जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से कम तथा दिव्यांगता का प्रतिशत 40 या उससे अधिक हो.इस अवसर पर  प्रशासनिक पदाधिकारी सहित माननीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे.



आलोक कुमार

बाल अधिकारों की रक्षा करने के लिए सभी नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया


मोतिहारी. श्रम संसाधन विभाग व सेव द चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय  बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता रथ समाहरणालय गेट के निकट  से श्रम अधीक्षक राकेश रंजन, बाल संरक्षण पदाधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य जिला के अन्य अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

इस अवसर पर श्रम अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों पर कड़ी करवाई की जाएगी.उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा करने के लिए सभी नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया. यह  कार्यक्रम सेव द  चिल्ड्रेन के श्रम बच्चों का खेल नहीं द्वारा संचालित किया गया.यह जागरूकता रथ सुगौली ब्लाक सहित अन्य प्रखंडों में करीब 1 सप्ताह तक बाल श्रम से मुक्ति के लिए जन जागरूकता अभियान चलाता रहेगा।  इस क्रम में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में धावा दल द्वारा छापामारी की गई और दुकानदारों से बाल श्रम नहीं करवाने का शपथ भरवाया गया.

आलोक कुमार

तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजता रहा अधिवेशन भवन



पटना.लोकार्पण कार्यक्रम का माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा उद्घाटन किया गया.जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार ने दिए बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित प्रेजेंटेशन.तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजता रहा अधिवेशन भवन.इन्वेस्टर्स मीट-सह-बिहार टेक्सटाईल एवं लेदर पॉलिसी 2022 का लोकार्पण आज दिनांक 08.06.2022 को पटना के पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में किया गया.

उक्त लोकार्पण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया.इस कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, माननीय मंत्री, उद्योग विभाग, बिहार सहित मुख्य सचिव, बिहार, प्रधान सचिव, उद्योग विभाग सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण तथा वरीय अधिकारीगण सम्मिलित हुए.इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री, बिहार ने कहा कि बिहार टेक्सटाईल एवं लेदर पॉलिसी 2022 के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास है कि बिहार को निवेशकों के लिए वस्त्र एवं चमड़ा उद्योग में बेहतर अवसरों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके.


उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य बिहार को इस क्षेत्र के घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए निवेश के प्रमुख संभावित केंद्र के रूप में विकसित करना तथा कपड़ा और चमड़ा व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए कई प्रकार के प्रोत्साहन देना है.साथ ही कपड़ा और चमड़ा क्षेत्र के लिए स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, फाइबर से लेकर फैशन तक की पूरी वैल्यू चेन बनाना, खादी, रेशम, हस्तकरघा, पावरलूम आदि के उत्पादन के बाद उसका मूल्यवर्धन करना है.

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार द्वारा बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित सार्थक प्रजेंटेशन दिया गया तथा  वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चनपटिया स्टार्टअप जोन को किस प्रकार से चरणबद्ध तरीके से वापस आये कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर, उनसे सुझाव लेकर और बैंक लिंकेज कराते हुए, काफी अल्प अवधि में स्टार्टअप जोन की स्थापना की गई और इसे विकसित किया गया, की जानकारी हर्ष एवं उत्साह के साथ दी गयी.

आलोक कुमार 

बिहार में सभी धर्मों के लोग आपसी सद्भाव से रहते हैं:सीएम नीतीश कुमार

 पटना.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दो टूक कहा कि जिस राज्य में सरकार सतर्क है और विभिन्न धार्मिक समुदायों के सदस्य शांति से रहते हैं वहां धर्मांतरण विरोधी कानून की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा बिहार में जो स्थिति है उसको देखते हुए ऐसे किसी कानून की जरूरत ही नहीं है. बिहार में सभी धर्मों के लोग आपसी सद्भाव से रहते हैं.और इस मुद्दे को लेकर कोई खास मामले बिहार में सामने नहीं आए हैं, जो इसके लिए कानून बनाया जाए.      

बता दें कि एक गोदी मीडिया के द्वारा धर्मांतरण का बवंडर  बनाया जा रहा है.इन दिनों वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का मसला पूरे देश की सुर्खियों में है.जमीन विवाद का ये मामला लोअर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचते हुए अब वाराणसी की जिला अदालत तक पहुंचा है. तमाम ऐतिहासिक दलीलें दी जा रही हैं.यहां तो कम से कम कोर्ट की निगरानी में मामला निपटाने का प्रयास हो रहा है.मगर बिहार के छपरा जिले में जोर जबर्दस्ती से मगाईडीह गांव में राधा प्रसाद नामक ईसाई व्यक्ति के नवनिर्मित प्रार्थना भवन में बजरंग बली का झंडा लहराया दिया है.यहां पर चार साल के बाद राधा प्रसाद प्रार्थना भवन बनाने में सफल हुआ है. इसी को आधार बनाकर एक पत्रकार ने एक चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से ये बात पूछी थी.   

सीएम नीतीश कुमार ने एक पत्रकार के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि बिहार में धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की कोई आवश्यकता नहीं है. उनके अनुसार बिहार में जो स्थिति है उसको देखते हुए ऐसे किसी कानून की जरूरत ही नहीं है. जिस राज्य में सरकार अलर्ट है और सभी धर्म के लोग शांति से रह रहे हैं, वहां धर्मांतरण विरोधी कानून की कोई जरूरत नहीं है। वहीं हिंदुओं के धर्म बदलने के कुछ मामलों की रिपोर्ट्स को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि इस मामले में सरकार पूरी तरह अलर्ट है. बिहार में समुदायों के बीच कोई झगड़ा नहीं है. सभी तरह की आस्था वाले लोग शांति से रह रहे हैं.उनके लिए कोई परेशानी नहीं है. हमने अपना काम कुशलता से किया है. इसलिए यहां इस तरह के कदम की जरूरत नहीं है.सरकार की सतर्कता ने सुनिश्चित किया है कि राज्य में कोई सांप्रदायिक तनाव न हो.

आपको बता दें, बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन में सरकार चला रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून की कोई जरूरत नहीं है। सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि बिहार में पूरी तरह एकता है और सभी समुदाय के लोग शांति से एकसाथ रह रहे हैं। वहीं सीएम नीतीश के इस बयान से कुछ दिनों पहले गठबंधन पार्टनर भाजपा के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में धर्मांतरण विरोधी कड़े कानून की मांग उठाई थी। इसके अलावा भी भाजपा के कई नेता कानून को बनाने की मांग करते आए हैं, लेकिन सीएम नीतीश के इस बयान ने साफ कर दिया है कि जेडीयू अपनी गठबंधन साथी भाजपा के इस एजेंडे में सहमति नहीं रखती है.सिर्फ धर्मांतरण विरोधी कानून ही नहीं बल्कि 1990 के दशक से ही नीतीश कुमार भाजपा के द्वारा बनाए जा रहे किसी भी कानून के समर्थन में नहीं रहे हैं, जिनमें अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता, ट्रिपल तलाक, एनआरसी और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं.

आलोक कुमार


दोषी शिक्षिका के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही भी प्रारंभ

 *  वर्ग कक्ष में कुर्सी पर सोने एवं छात्रा से पंखा झलवाने वाली शिक्षिका बबिता कुमारी निलंबित


योगापट्टी.पश्चिमी चंपारण जिले में है राजकीय प्राथमिक विघालय, बउअठवा,योगापट्टी.इस विघालय में वर्ग कक्ष में कुर्सी पर सोने और छात्रा के द्वारा पंखा झलने के कारण शिक्षिका श्रीमती बबिता कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.निलंबन की अवधि में उक्त शिक्षिका का मुख्यालय प्रखंड ससांधन केन्द्र, योगापट्टी निर्धारित किया गया है. इसके साथ ही शिक्षिका के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही भी संचालित कर दिया गया है.

ज्ञातव्य हो कि राजकीय प्राथमिक विघालय, बउअठवा, योगापट्टी से संबंधित एक वीडियो विगत दिनों वायरल हुआ था. जिसमें शिक्षिका बबिता कुमारी को कुर्सी पर सोते एवं छात्रा द्वारा शिक्षिका को पंखा झलना स्पष्ट दिखाई दे रहा था. 

इस घटना को जिला प्रशासन द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को उक्त मामले की जाँच करते हुए अग्रतर कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा दिया गया.शिक्षा विभाग द्वारा इस घटना की जाँच करायी गयी है तथा दोषी शिक्षिका के विरुद्ध बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2020 के कंडिका-18 में वर्णित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित नियोजन इकाई को निर्देशित किया गया.

पंचायत सचिव-सह-सचिव, शिक्षक नियोजन इकाई, ग्राम पंचायत राज बगही पुरैना, प्रखंड योगापट्टी पश्चिमी चम्पारण द्वारा रा0 प्रा0 वि0, बउअठवा, योगापट्टी की दोषी शिक्षिका, श्रीमती बबिता कुमारी को तत्काल प्रभाव से दिनांक 07.06.2022 से निलंबित कर दिया गया है.

डीपीओ, स्थापना, शिक्षा, श्री योगेश कुमार द्वारा बताया गया कि दोषी शिक्षिका, के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गयी है.

इस मामले में जब शिक्षिका बबिता कुमारी से सवाल पूछा गया, तो शिक्षिका ने कहा कि उसकी तबियत ठीक नहीं थी. इसलिए कुर्सी पर लेटी हुई थी. इस बीच किसी ने ईर्ष्यावश वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है.


आलोक कुमार


पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबिज वैक्सीन उपलब्ध रहता है

 और वह युवक कुत्ते ( श्वान) के काटने से भौंकने लगा, पूर्णिया जिले के रूपौली कॉलोनी के रहने वाले उमेश राम के बेटा है पंकज राम.उसे पागल कुत्ते ने काटा था. वह एंटी रैबिज वैक्सीन नहीं लिया था. दो महीने बाद पागलपन सवार...    


पूर्णिया.आजकल बिहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावे अनुमंडल व जिला अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबिज वैक्सीन उपलब्ध रहता है.जो केवल आधार दिखाने के बाद सहूलियत से मिल जाता है.पहले की तरह श्वान काटने (Dog Bite) पर 14 इंजेक्शन लगवाने पड़ते थे.उसके बाद 5 और अब तो सिर्फ 4 इंजेक्शन ( Dog Bite Injection ) ही लगवाने पड़ते हैं.इसका व्यवहारिक रूप नहीं देने के कारण उमेश राम के बेटा पंकज राम को रेबीज़ हो गया है.

रूपौली कॉलोनी के रहने वाले उमेश राम के बेटा पंकज राम को ऐसी परिस्थिति में पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज के रूप में लाया गया जिसके हरकत को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. युवक कुत्ते जैसा हरकत कर रहा था.उसके ऊपर पागलपन सवार था. वह कुत्ते के जैसा भौंक रहा था और लोगों को काटने के लिए तैयार था. परिजनों ने युवक को हाथ पैर गमछा से बांध दिया.डाॅक्टर ने भी उसे जवाब दे दिया. युवक अपने दिमागी संतुलन पूरी तरह खो दिया था.युवक जिले के रूपौली कॉलोनी के रहने वाले उमेश राम के बेटा पंकज राम (27 वर्ष) है.

मरीज के परिजनों ने बताया कि पंकज राम को गांव में ही दो माह पूर्व एक पागल कुत्ते ने काट लिया था. पंकज ने मामूली घाव समझ कर एंटीरेबिज की सुई नहीं लिया.घाव भी ठीक हो गए. लेकिन उसे यह पता नहीं चला कि उसके लापरवाही एक दिन जानलेवा साबित हो सकता है. दो महीने बाद पागल कुत्ते के काटा हुआ असर दिखने को मिला.परिजनों ने बताया कि पंकज एक दिन पहले तक ठीक था. लेकिन मंगलवार के 10 बजे बाद वह अचानक पागल जैसा बरताव करने लगा.

जब उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया तो जांच से पता चला कि उसे रेबीज़ हो गया है. बताया जा रहा है कि पंकज की शादी 3 साल पूर्व हुई थी.अब तक वह पिता तक भी नहीं बन पाया.रेबीज़ होने की बात सुनते ही परिजनों के होश ही उड़ गए.

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डाॅ ए अहद ने बताया कि रेबीज़ का कोई इलाज नहीं है.समय पर एंटीरेबिज का सूई लेना ही बचाव है.यह संक्रमण 10 दिन से लेकर 12 साल के अंदर तक असर होता है. यह संक्रमण जंगली जानवरों के काटने से फैलता है.                 

परिवार वाले आनन-फानन में उसे लेकर पूर्णिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने पंकज राम का आरभिंक उपचार करने के बाद पटना रेफर कर दिया.पंकज राम के चाचा ने बताया कि 2-3 माह पहले उसके भतीजे को किसी पागल कुत्ते ने काट लिया था. उन्होंने कहा, इस बात को पंकज ने हल्के में ले लिया तथा किसी को इसकी खबर नहीं दी.जब उसकी अचानक तबीयत बिगड़ने लगी तब घरवालों ने पहले उसे रेफरल हॉस्पिटल रुपौली में एडमिट कराया.शुरुआती उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया.यहां आने के बाद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे रेबीज की परेशानी बताई तथा पटना रेफर कर दिया.मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया कि रेबीज का कोई उपचार नहीं है, वक़्त पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लेना ही बचाव है.यह संक्रमण जंगली जानवरों के काटने से फैलता है.इस के चलते चिकित्सालय परिसर में शख्स पागल जानवरों जैसी हरकतें करता रहा जिसे देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जुट गई.     

 श्वान के काटने पर पीड़ित को दर्द सहने के अलावा इंजेक्शन का डर अलग से सताता है.पहले जहां श्वान काटने (Dog Bite) पर 14 इंजेक्शन लगवाने पड़ते थे, उसके बाद 5 और अब सिर्फ 4 इंजेक्शन ( Dog Bite Injection ) ही लगवाने पड़ते हैं.इससे अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ितों का दर्द कुछ कम होगा.उन्हे अस्पताल के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे.वर्ल्ड हैल्थ आर्गेनाइजेशन ( WHO ) ने डॉग बाइटिंग पर दिए जाने वाले इंजेक्शनों को लेकर नई गाइड लाइन जारी की है.इसके तहत श्वान के शिकार को पांच के स्थान पर अब सिर्फ चार ही इंजेक्शन लगाए जाऐंगे. त्वचा के मार्ग से भी इंजेक्शन लगाकर पीड़ित को रेबीज से बचाया जा सकेगा.          

डा. दिलीप बोस के अनुसार इन्ट्रामास्क्यूलर इंजेक्शन की पहले पांच डोज डॉग बाइट से पीड़ित को दी जाती थी. अस्पताल पहुंचने के दिन से चिकित्सको द्वारा बताए अनुसार ही इंजेक्शन लगवाने होते है.इसके तहत पहला इंजेक्शन काटने के बाद अस्पताल पहुंचने पर, दूसरी डोज तीसरे दिन व तीसरी डोज 7वें तथा चोथी व अंतिम डोज 14 से 28 दिवस के बीच दी जाएगी. इसके अलावा एक नया इंजेक्शन भी आया है. इसमें रोगी को तीन दिन ही अस्पताल आना पड़ेगा.

पहली डोज काटने के बाद, फिर तीसरे दिन व तीसरा इंजेक्शन 7वें दिन लगाया जाएगा.यह इंजेक्शन (इन्ट्राडर्मल) त्वचा रूट से लगेगा.चिकित्सको का मानना है कि कम दर्द देगा ओर असर भी ज्यादा करेंगे.हालांकि इसमें एक बार में दो इंजेक्शन लगाए जाएंगे.

जानकारी के अनुसार 2002 तक न्यूरल वैक्सीन लगाए जाते थे. इन पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी.एक तो श्वान के काटने पर हुऐ घाव का दर्द ओर दूसरा एक के बाद एक 14 इंजेक्शन लगाने से पीड़ित को काफी पीड़ा सहनी पड़ती थी. चूंकि इंजेक्शन पेट में लगाए जाते थे.पेट में इंजेक्शन लगने के नाम से ही दिल दहल जाया करता था.बच्चो के लिए यह काफी मुश्किल भी ज्यादा होते है। इन इंजेक्शनो के बंद होने के बाद सेल कल्चर आए.नए शिड्यूल के अनुसार भी यही दिए जा रहे है.तरीका व माध्यम में कुछ बदलाव आया है.

एक अन्य चिकित्सक के अनुसार डॉग बाइट की तीन श्रेणियां होती है.पहली श्रेणी में श्वान की जीभ पर टच होने या चाटने पर.इस श्रेणी में जिस स्थान पर श्वान की जीच टच होती है, उसे 15 से 20 मिनट तक धोकर साफ कर लेना चाहिए.दूसरी स्थिति में खून नहीं निकले, लेकिन शरीर पर खरोंच आ जाए तो वेक्सीन लगवाना जरूरी है.तीसरी स्थिति में जब श्वान के काटने पर खून आ जाए तो रेबीज की रोकथाम के लिए इंजेक्शन के साथ इम्यूनोग्लोबिन भी साथ में लगवाने होते है.शहर में श्वानो का आंतक है.शहर के अस्पताल में प्रतिदन 2 से 3 पीड़ित पहुंचते है.बताया गया कि प्रतिवर्ष एक हजार के करीब लोग श्वानों के कोप के शिकार हो रहे है.


आलोक कुमार   

मंगलवार, 7 जून 2022

24 जून एक घंटे की राष्ट्रीय धन्यवादी प्रार्थना सेवा का आयोजन


पटना.पटना.अभी हाल में रोम में ‘संत‘ बनने वाले संत देवसहायम को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया गया है.पेंटेकोस्ट के बाद दूसरे रविवार के बाद 24 जून दिन शुक्रवार को येसु का पवित्र हृदय का पर्व है. उस दिन संत देवसहायम को श्रद्धांजलि अर्पित किया जाएगा.मौके पर सभी येसु का पवित्र हृदय के पवित्र परिवारों के लिए 8.30 से 9.30 बजे रात्रि  एक घंटे की राष्ट्रीय धन्यवादी प्रार्थना सेवा का आयोजन किया गया है.


बता दें कि भारत का सबसे बड़ा चर्च रोमन कैथोलिक चर्च ही है.रोमन कैथोलिक कुल आबादी का 1.55  प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनकी संख्या लगभग 20 मिलियन से अधिक हैं. भारत में 10,701 पैरिश और 174 धर्मप्रांत हैं, जो 29 प्रांतों में संगठित हैं.इनमें से 132 लैटिन कैथोलिक चर्च के हैं.भारत में लैटिन कैथोलिक चर्च के द्वारा शुक्रवार 24 जून 2022 को एक घंटे की राष्ट्रीय धन्यवादी प्रार्थना सेवा आयोजित करेगा.

यह भी बता दें कि संत देवसहायम की समाधि संत फ्रांसिस जेवियर्स कैथेड्रल, कोट्टार, तमिलनाडु में है वहां से ही से प्रार्थना की जाएगी. यूचरिस्टिक आशीर्वाद के साथ विशेष प्रार्थना सेवा कैथोलिक उपग्रह टेलीविजन चैनलों जैसे माधा टीवी, शालोम टीवी, गुडनेस टीवी, दिव्यवाणी टीवी, आत्मदर्शन टीवी, ईश्वरी टीवी, सीसीआर टीवी और प्रार्थना भवन टीवी पर प्रसारित की जाएगी. इसे प्रमुख कैथोलिक यूट्यूब चैनलों के माध्यम से भी स्ट्रीम किया जाएगा.

माननीय जॉर्ज एंटोनीसैमी, उपाध्यक्ष, सीसीबीआई और मद्रास-मैलापुर के आर्चबिशप प्रार्थना सेवा की शुरुआत करेंगे.दिल्ली के आर्चबिशप माननीय अनिल कूटो, महासचिव, सीसीबीआई और कोट्टार के बिशप माननीय नाजरीन सूसाई के साथ सिस्टर एनी कुट्टिकाड एसएमआई स्तोत्र का जाप करेगा. डॉ. जॉन कुलंदई, वाइस पोस्टुलेटर,संत देवसहायम का संतीकरण सुसमाचार की घोषणा करेगा और महामहिम बॉम्बे के आर्चबिशप सह कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस प्रवचन देंगे.

बाइबिल के लिए सीसीबीआई आयोग के कार्यकारी सचिव डॉ. येसु करुणानिधि और भारत के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु हिंदी, तमिल, मलयालम, कन्नड़, तेलुगु, बंगाली और बडगा सात भाषाओं में भक्तों की प्रार्थनाओं का नेतृत्व करेंगे. त्रिवेंद्रम के आर्चबिशप माननीय थॉमस जे. नेट्टो संत देवसहायम की प्रार्थना का पाठ करेंगे. संत देवसहायम के लिए गीत गाना बजानेवालों द्वारा संत की हिमायत का आह्वान करते हुए गीत गाना गाया जाएगा.


महामहिम कार्डिनल-चुनाव फिलिप नेरी फेराओ, अध्यक्ष सीसीबीआई और गोवा और दमन के आर्चबिशप सभी परिवारों को येसु के पवित्र हृदय को समर्पित करेंगे.मदुरै के महाधर्माध्यक्ष एंटनी पप्पू सामी समापन प्रार्थना का पाठ करेंगे और मोस्ट रेव लियोपोल्डो गिरेली, भारत के अपोस्टोलिक नुनसियो यूचरिस्टिक आशीर्वाद देंगे.

भारत के  सीसीबीआई    के अध्यक्ष द्वारा जारी परिपत्र में सभी से अनुरोध किया जाता है, विशेष रूप से परिवारों और धार्मिक समुदायों से, इस प्रार्थना सेवा में शामिल हो और इस कार्यक्रम के बारे में भक्तों के साथ साझा करें.जिनके परिवार और समुदाय के सदस्य विदेश में हैं, ताकि वे भी एक परिवार के रूप में शामिल हो सके.

यह आशा व्यक्त किया गया है कि भारत में सभी श्रद्धालु इस एक घंटे में एक परिवार के रूप में बिताएंगे, इस प्रकार कैथोलिक धर्म और चर्च की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता की गवाही देंगे.भारत में लैटिन कैथोलिक चर्च में 132 लैटिन कैथोलिक चर्च और 20 मिलियन भक्तगण विश्वासी हैं.

300 साल बाद वेटिकल से संत की उपाधि


18वीं सदी में ईसाई धर्म अपनाने वाले देवसहायम पिल्लई को उनके जन्म के 300 साल बाद वेटिकल से संत की उपाधि पाने वाले पहले संत बन गए हैं. वैटिकन में पोप फ्रांसिस ने रविवार को पिल्लई के संत बनने की प्रक्रिया पूरी की है. देवसहायम यह उपाधि पाने वाले पहले आम भारतीय हैं. इस तरह पोप फ्रांसिस ने देवसहायम को संत की उपाधि प्रदान करने का संचालन किया. यह पहली बार हुआ कि कोई भारतीय आम आदमी क्रिश्चियन धर्म में इस प्रकार से संत की उपाधि प्राप्त कर रहा किया. पोप ने उनके अलावा दुनियाभर के 9 अन्य लोगों को भी संत की उपाधि से नवाजा है.पिल्लई के चमत्कारिक परोपकारी कार्यों को पोप फ्रांसिस ने साल 2014 में मान्यता दी थी.उनको 15 मई 2022 में संत घोषित किया गया.

साल 1745 में अपनाया ईसाई धर्म

देवसहायम पिल्लई का जन्म 23 अप्रैल 1712 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में हिंदू परिवार में हुआ था और उन्होंने 1745 में ईसाई धर्म अपना लिया और अपना नाम लाजरूस रख लिया था.इसका मतलब होता है प्रभु की मदद.तमिल और मलयालम भाषाओं में इसका अनुवाद देवसहायम होता है. इसी नाम से उन्हें अधिक पहचान मिली. धर्मांतरण के कारण उनको काफी नाराजगी झेलनी पड़ी थी. पिल्लई तत्कालीन त्रावणकोर के राजा के दरबार में एक अधिकारी थे. राजा मार्तंड वर्मा के अधीन त्रावणकोर सेना के कमांडर के रूप में बाद के कार्यकाल के दौरान उन्हें डच नौसेना अधिकारी कैप्टन डी लेनॉय द्वारा ईसाई धर्म से परिचित कराया गया था. देवसहायम के पिता वासुदेवन नंपुथिरी एक ब्राह्मण थे और उनकी मां का नाम देवकी अम्मा नायर जाति की थी.इसलिए उनका नाम नीलकंद पिल्लई रखा गया.

साल 1752 में हुए शहीद

साल 2020 में वेटिकन ने कहा था कि प्रचार करते समय उन्होंने विशेष रूप से जातिगत मतभेदों के बावजूद सभी लोगों की समानता पर जोर दिया. उनका धर्म बदलना उनके मूल धर्म से जुड़े प्रमुखों को रास नहीं आया.उनके खिलाफ राजद्रोह, जासूसी के झूठे आरोप लगाए गए.शाही प्रशासन के पद से हटाया गया और जेल में डाल दिया गया.14 जनवरी 1752 को देवसहायम को गोली मार दी गई. जिसके बाद उन्हें शहीद का दर्जा मिला. कोट्टर में 2 दिसंबर 2012 को ईसाई धर्म अनुसार उन्हें सौभाग्यशाली (ब्लेस्ड) घोषित किया गया था.15 मई 2022 को संत घोषित किये गये.

आलोक कुमार


रैयतों की समस्याओं शिकायतों का समाधान किया जायेगा

 



बेतिया. जिले के सभी विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त शिविर कार्यालयों में 08 जून को विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा का आयोजन.रैयतों की शिकायतों/समस्याओं का वरीय पदाधिकारी करेंगे समाधान. जिले के सभी विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त शिविर कार्यालयों में दिनांक-08.06.2022 को विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा का आयोजन किया गया है.जिला के वरीय अधिकारियों द्वारा विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा की जाएगी तथा रैयतों की समस्याओं शिकायतों का समाधान किया जायेगा.

लौरिया अंचल अंतर्गत (1) नगर पंचायत, चनपटिया के पुराने कार्यालय भवन में (2) पंचायत भवन, लखौरा, बुनियादी विद्यालय के निकट एवं (3) पंचायत भवन गुरवलिया बेलदार शिविर कार्यालय में रैयतों की शिकायत समस्याओं का समाधान किया जायेगा.

इसी तरह चनपटिया अंचल अंतर्गत (1) सामुदायिक भवन, विशुनपुरवा (2) जिला परिषद डाक बंगला स्थित ट्रायसम भवन, लौरिया (3) सामुदायिक भवन, साठी पोखरा पर मझौलिया अंचल अंतर्गत (1) पंचायत भवन, सरिसवा (2) पंचायत भवन, महदीपुर (3) पंचायत सरकार भवन, बैठनिया तथा नौतन अंचल अंतर्गत (1) जगदीशपुर, बहुउद्देश्यीय भवन एवं (2) दक्षिण तेल्हुआ पंचायत सरकार भवन में रैयतों की शिकायतों/समस्याओं का समाधान किया जायेगा.


 इस निमित जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी.जिलाधिकारी ने कहा कि भू-सर्वेक्षण कार्य के लिए संचालित विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त प्रक्रिया अंतर्गत नए सिरे से अधिकार अभिलेखों (खतियान) एवं मानचित्र का निर्माण कराया जा रहा है। बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम-2011 एवं नियमावली 2012 के प्रावधान अंतर्गत किए जाने वाले इस कार्य में सर्वेक्षण पूर्व गतिविधियां, किस्तवार, खानापुरी, सुनवाई, प्रारूप अधिकार अभिलेख एवं मानचित्र का प्रकाशन तथा लगान निर्धारण पश्चात अंतिम अधिकार अभिलेख एवं मानचित्र के प्रकाशन का कार्य किया जाना है.

 

 उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार के उच्च प्राथमिकता कार्यों में शामिल है। 08 जून को निरीक्षण एवं समीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न स्तरों पर कराया जाए ताकि अधिक से अधिक रैयत शामिल होकर अपनी-अपनी समस्याओं/शिकायतों को रख सकें और उनका नियमानुकूल समाधान किया जा सके.


 उन्होंने कहा कि निरीक्षण के क्रम में शिविर स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा एवं शिविर कार्यालय की सुरक्षा स्थिति, विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य से संबंधित पंजी अभिलेख एवं कागजातों के संधारण की स्थिति, विशेष सर्वेक्षण शिविर अंतर्गत पदस्थापित कर्मियों के विगत तीन माह की उपस्थिति, सर्वेक्षण पूर्व गतिविधियों यथा-गा्रमवार उद्घोषणा, रैयतों से स्वघोषणा की प्राप्ति , प्रपत्र-5 के संधारण की समीक्षा तथा राजस्व ग्राम वार ग्राम अभिलेख के संधारण की स्थिति, किश्तवार कार्य अंतर्गत त्रिसिमाना एवं ग्राम सीमा का सत्यापन तथा भू-खंडों के सत्यापन की स्थिति आदि की गहनता के साथ जांच की जाए.


 अपर समाहर्ता, पश्चिम चम्पारण, श्री नंदकिशोर साह द्वारा बताया गया कि विशेष निरीक्षण एवं समीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक करने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी है। रैयतों को विभिन्न माध्यमों से शिविर कार्यालयों में उपस्थित होकर अपनी शिकायतों समस्याओं से अवगत कराने हेतु प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है.उन्होंने अपील की है कि 08 जून को निरीक्षण एवं समीक्षा में रैयत निरीक्षण पदाधिकारी के समक्ष विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त से संबंधित अपनी समस्याओं एवं परिवादों को रख सकते हैं ताकि उन समस्याओं परिवारों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। सर्वसाधारण अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को सफल बनाएं.


आलोक कुमार

माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा किया जायेगा शुभारंभ

 * इन्वेस्टर्स मीट-सह-बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर पॉलिसी 2022 का शुभारंभ 08 जून को

*माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा किया जायेगा शुभारंभ

बेतिया. जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित देंगे प्रेजेंटेशन. इन्वेस्टर्स मीट-सह-बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर पॉलिसी 2022 का विधिवत शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा दिनांक-08.06.2022 को पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में किया जाना है। इस कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार, माननीय मंत्री, उद्योग विभाग, बिहार सहित मुख्य सचिव, बिहार, प्रधान सचिव, उद्योग विभाग सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण तथा वरीय अधिकारीगण भाग लेंगे.

उद्योग विभाग, बिहार द्वारा उक्त कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार को आमंत्रित किया गया है.जिलाधिकारी श्री कुमार उक्त कार्यक्रम में बेतिया मॉडल (चनपटिया स्टार्टअप जोन) से संबंधित प्रजेंटेशन देंगे तथा  वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चनपटिया स्टार्टअप जोन को किस प्रकार से चरणबद्ध तरीके से वापस आये कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर, उनसे सुझाव लेकर और बैंक लिंकेज कराते हुए, काफी अल्प अवधि में स्टार्टअप जोन की स्थापना की गई और इसे विकसित किया गया, की जानकारी हर्ष के साथ देंगे.


जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार टेक्सटाईल एवं लेदर पॉलिसी 2022 के उद्भूत होने से जिला से लेकर समूचे बिहार का सम्यक विकास होगा। इससे रोजगार सृजन को एक नया आयाम मिलेगा ही, इसके साथ-साथ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगी.


आलोक कुमार

पर्यावरण को संरक्षण देना पहली प्राथमिकता:जिलाधिकारी


मोतिहारी. जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक के अध्यक्षता में जिला अन्तर्गत गार्जियंस ऑफ चंपारण के पुराने वृक्ष के संरक्षण हेतु जन जागरूकता को लेकर की गई बैठक.

जिलाधिकारी महोदय ने पुराने वृक्षों को संरक्षण को लेकर अधिकारियों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश...

गार्जियंस ऑफ चंपारण अंतर्गत विद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्रो  को पुराने वृक्षों के संरक्षण के लिए  गतिविधियों में किया जाए सम्मलित.

उक्त मौके पर विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी,  डीपीओ मनरेगा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार

मोतिहारी. जिलाधिकारी महोदय, पूर्वी चंपारण के निर्देशानुसार जिला समादेष्टा, सदस्य- सह-सचिव, स्वच्छ नामांकन, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के द्वारा विज्ञापन संख्या 01 /2009 एवं 02/ 2011 के शारीरिक दक्षता परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों के औपबंधिक मेधा सूची के क्रम में सभी औपबंधिक मेधा सूची के अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि दिनांक 10 जून 2022 को विज्ञापन संख्या 1/2009 के औपबंधिक रूप से सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सकीय परीक्षण होगा.


दिनांक 11 जून 2022 को विज्ञापन संख्या 02/2011 के औपबंधिक रूप से सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा. दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सकीय परीक्षण जिला निबंधन -सह- परामर्श केंद्र, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी में प्रातः 10ः30 पूर्वाह्न से प्रारंभ होगी.


आलोक कुमार 

सोमवार, 6 जून 2022

अधिकारियों को विकास कार्यो में गति लाने का दिया निर्देश


मोतिहारी.‘प्रभारी जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित राधाकृष्णन भवन के सभागार में राजस्व, आपदा एवं विकास विभाग से संबंधित जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित किया गया ‘.

उक्त बैठक में जिला स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा लिया गया भाग.प्रभारी जिलाधिकारी महोदय ने अधिकारियों को विकास कार्यो में गति लाने का दिया निर्देश.वहीं अपूर्ण विकास कार्यो को जल्द पूर्ण करने का दिया निर्देश.उक्त मौके पर एडीएम श्री अनिल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री सुमन सौरभ यादव, भू अर्जन पदाधिकारी श्री विजय कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर श्री राकेश रंजन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सादिक अख्तर, जिला सांख्यिकी  पदाधिकारी श्री भीम शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

आलोक कुमार


इस योजना के माध्यम से राजगीरवासियों को जलापूर्ति की जायेगी

  नालंदा.बिहार के गया और नालंदा जिले के जल संकट के समाधान के लिए ‘गंगा उद्वह परियोजना‘ के तहत 190 किमी पाइपलाइन के जरिए गंगा नदी का पानी मोकामा के हथिदह से नवादा तक पहुंचाने का ट्रायल सफल रहा. यह ‘गंगा उद्वह योजना‘ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट है.‘गंगा उद्वह योजना‘ का ट्रायल सफल होने के बाद राजगीर में सभी होटलों को गंगा जलापूर्ति होगी.इसके लिए सभी होटलों को अपने परिसर में सम्प (अंडरग्राउंड टैंक) का निर्माण करना होगा.इसके क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने राजगीर के होटल व्यवसायियों के साथ बैठक आयोजित की.गंगाजल आपूर्ति योजना को आगामी वर्षा ऋतु में क्रियान्वित करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है.इस योजना के माध्यम से राजगीर वासियों को जलापूर्ति की जाएगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगाजल उद्वह योजना के तहत नालंदा के अलावा गया, बोधगया और नवादा को गंगाजल की आपूर्ति की जानी है. इन सभी जगहों पर गंगाजल को शुद्ध कर पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है. पहले चरण के तहत इस योजना पर पहले 2836 करोड़ रुपये खर्च किये जाने थे, लेकिन कोरोना की वजह से विलंब होने से लागत बढ़कर 4174 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी घरों, होटलों, विद्यालय कॉलेज एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इस योजना के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण विभाग(पीएचईडी) द्वारा पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी.वर्तमान में होटलों द्वारा बोरिंग के माध्यम से भूगर्भ जल का उपयोग किया जा रहा है. बोरिंग के उपयोग से भूगर्भ जल का स्तर नीचे जाता है. पाइपलाइन के माध्यम से सुचारू रूप से जलापूर्ति होने के उपरांत होटलों द्वारा बोरिंग को बंद किया जाएगा.इससे भूगर्भ जल का संरक्षण हो सकेगा.राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 82 होटल सूचीबद्ध किए गए हैं.छूटे हुए होटलों को भी इस सूची में शामिल किया जा सकेगा.

इन सभी होटलों को पीएचईडी द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी.इस व्यवस्था के तहत होटल संचालकों को भी पानी के स्टोरेज के लिए आवश्यक संरचना का निर्माण करना होगा.योजना के क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी होटल संचालकों के साथ आरआईसीसी सभाकक्ष में बैठक की.सभी होटल संचालकों को 11 जून तक अपने-अपने होटल के लिए पानी के दैनिक आवश्यकता का आकलन कर इसकी लिखित जानकारी पीएचइडी को उपलब्ध कराने को कहा गया.होटल संचालकों को पाइपलाइन के माध्यम से प्राप्त जल के भंडारण के लिए संप (अंडरग्राउंड टैंक) का निर्माण कराना होगा. जिसमें उनके द्वारा उनकी आवश्यकता के अनुरूप पाइप लाइन के माध्यम से प्राप्त जल का भंडारण किया जाएगा.सम्प में भंडारित जल को होटल संचालकों द्वारा मोटर के माध्यम ऊपर के टैंक में पहुंचाया जाएगा जहां से होटल के सभी कमरों में पानी पहुंचेगा.जिलाधिकारी ने जून माह के अंत तक सभी होटल संचालकों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप निर्धारित क्षमता के संप का निर्माण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.

ज्ञातव्य हो कि पीएचईडी द्वारा राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 10 हजार घरों में पाइप लाइन कनेक्शन दिया जा रहा है. अब तक  8 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन दिया जा चुका है. शेष घरों में भी आगामी कुछ दिनों में कनेक्शन दे दिया जाएगा.बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद राजगीर, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी सहित विभाग के सहायक कनीय अभियंता एवं राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न होटलों के संचालक  प्रतिनिधि उपस्थित थे.

मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जल जीवन हरियाली अभियान के तहत यह योजना गया, बोधगया और राजगीर जैसे शहरों को पेयजल मुहैया कराएगी. इस स्कीम के पहले चरण का बजट 2836 करोड़ रुपये है और इससे गया को 43 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) और राजगीर को सात एमसीएम पानी मुहैया कराया जाएगा. दिसंबर 2019 में कैबिनेट ने इस योजना की मंजूरी दी थी.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज नालंदा के घोड़ा कटोरा पहुंचें जहां उन्होंने गंगा उद्वह योजना का जायज लिया. इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी. इस परियोजना की शुरुआत 2019 में की गयी थी. इस परियोजना पर 2836 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है.इस परियोजना के तहत जल संचयन के लिए कुल 350 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है. दिसंबर 2019 में राज्य कैबिनेट ने गंगा जल उद्वह योजना के पहले फेज के लिए 2836 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी. इस योजना का पहला चरण जून 2021 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य था, लेकिन कोरोना संकट और तकनीकी वजहों से इसमें विलंब हुआ. मोकामा के मरांची स्थित गंगा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिये गया के मानपुर प्रखंड के अबगीला स्थित खदान में लाया जाएगा.इस योजना के तहत बरसात के मौसम में 4 महीने तक पानी स्टोर किया जाएगा. जिसके बाद उसे प्यूरीफाई कर घरों व अन्य जगहों पर सप्लाई किया जाएगा.

आलोक कुमार

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