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6 दशक पुरानी परियोजना का समग्र रिव्यू जरूरी

 * 22-23 दिसंबर को रिव्यु कमिटी की होने वाली बैठक के लिए मांग पत्र तैयार करने पर चर्चा



मुजफ्फरपुर.लंबे चले आंदोलनों के बाद दशकों पुरानी बागमती बांध परियोजना के रिव्यू हेतु बिहार सरकार ने कमिटी का गठन किया था. हालांकि इस कमिटी को अपना सुझाव बहुत पहले दे देना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है. आगामी 22-23 दिसंबर को एक बार फिर से कमिटी की बैठक है. 

          इसके मद्देनजर चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा की पटना में एक बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ साथी देवेंद्र कुमार ने की. बैठक में मांगपत्र तैयार करने पर चर्चा हुई. और इस बीच जलसंसाधन मंत्री और विभागीय सचिव से एक प्रतिनिधिमंडल के मिलने का निर्णय हुआ.

      मोर्चा के संयोजक जितेन्द्र यादव के अलावा बैठक में खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा, नवल किशोर सिंह, जगरनाथ पासवान, मोनाजिर अहसन, रामलोचन सिंह,राम इकबाल राम, विवेक कुमार आदि शामिल हुए. वाटर एक्टिविस्ट रंजीव कुमार को पटना में कामकाज की जिम्मेवारी दी गई. 

धीरेन्द्र झा ने कहा कि 6 दशक पुरानी परियोजना का समग्र रिव्यू जरूरी है क्योंकि नदियों की संरचना-बहाव में भारी बदलाव आए हैं. अपस्ट्रीम में जहां तटबंध बने हैं, उससे तबाही और बर्बादी बढ़ी है. बैठक से निर्णय लिया गया कि आंदोलन के दायरे का विस्तार दरभंगा-समस्तीपुर की ओर तक किया जाएगा क्योंकि योजना अब इन जिलों में भी लागू हो रही है. 

       जितेन्द्र यादव ने कहा कि बिहार की जनता, जल विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों ने इस विनाश्कारी योजना का लगातार विरोध किया है.  यह पुरानी योजना अब अप्रासंगिक हो गई है. मुजफ्फरपुर जिले में जिस बागमती पर तटबंध बनाये जा रहे हैं, उन तटबंधों के दोनो ओर बागमती की कई छारण धराएं बह रही हैं. इस तरह तटबंध लाभ पहुंचाने के बदले अतिरिक्त परेशानी पैदा कर रहे हैं.

        अतः हमारी मांग रही है कि बागमती परियोजना के तहत चल रहे तटबंध निर्माण पर तत्काल रोक लगाते हुए मौजूदा भौगोलिक स्थिति के आधार पर नए सिरे से परियोजना की समीक्षा का रिव्यू हो, जिसमें नदी विशेषज्ञ तथा स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए.


आलोक कुमार

2022 में दीवार को गिरा दिया गया

 बर्लिन की दीवार की कुल लंबाई 155 किलोमीटर थी.लेकिन 1989 में इस दीवार को गिरा दिया गया.पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 22 बी में स्थित बालूपर शक्ति नगर मोहल्ला की दीवार की लंबाई 60 फीट थी. 2022 में इस दीवार को गिरा दिया गया...


पटना.पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 22 बी में है बालूपर शक्ति नगर मोहल्ला.यहां पर दबंग लोग राह बंद कर दिये थे.यहां के लोग 12 साल से परेशान थे.इस पर समाजसेवी पप्पू राय कहते है कि यहां के लोगों की परेशानी को देखते हुए अपने सहयोगियों के साथ आए और गैंता चलाकर दीवार ढाहने की शुरूआत कर दिये.देखते ही देखते बारह साल से खड़ी दीवार को तोड़ दिया गया.और तो और संपर्क पथ भी बना दिया गया.

    समाजसेवी पप्पू राय ने कहा कि हमलोग जनसंपर्क के दरम्यान बालूपर शक्तिनगर मोहल्ला में गये थे.यहां के लोगों के साथ बैठक की गयी.लोगों ने अपने व्यथा व्यक्त करने लगे.इसी दरम्यान लोगों ने एक स्वर से कहा कि दबंग लोगों के द्वारा राह बंद कर दिया गया है.और तो और इस राह पर दीवार भी खड़ा कर दिये.इस दीवार को हटाकर राह खोलने पर बल देने लगे.

    आगे समाजसेवी पप्पू राय ने कहा कि यहां के लोगों की भावना को देखते हुए कहा गया कि इस दीवार को ढाह कर तीन दिनों के अंदर आवाजाही करने के लिए राह खोल देंगे.जो कहा सो पप्पू राय ने कर दिखाया.अपने सहयोगियों के साथ आए और गैंता चलाकर दीवार ढाहने की शुरूआत कर दिये.देखते ही देखते बारह साल से खड़ी दीवार को तोड़ दिया गया.और तो और संपर्क पथ को बना दिया गया.

 यहां के लोगों का कहना है कि इस राह को खुलते ही हमलोग कुर्जी मोड़ और पाटलिपुत्र कॉलोनी रोड से जुड़ गए है.आसानी से टेम्पों घर तक आ जा रही है.बीमार लोगों को ले जाने के लिए एंबुलेंस भी घर तक पहुंच जा रहा है.

  यहां पर रश्मि अपार्टमेंट में एक प्रोफेसर रहते हैं.उक्त प्रोफेसर का नाम जोन आलबर्ट हैं जो मैनेजमेंट कॉलेज में इंग्लिश के प्रोफेसर हैं.जनसंपर्क अभियान के दौरान प्रोफेसर साहब की मुलाकात समाजसेवी पप्पू राय से हो गयी.उनको देखते ही प्रोफ़ेसर साहब बोलने लगे कि आपको तो पटना नगर निगम की मेयर की प्रत्याशी रजनी देवी के पक्ष में कैंपेन करने की जरूरत ही नहीं हैं.आपने जो बंद राह को खोलवा दिए हैं.इसके चलते मेयर पद पर रजनी देवी की जीत निश्चित है.आप तो जन समस्या का समाधान करते चल रहे हैं तो आप ऐसे ही जीत जाएंगे!


आलोक कुमार

नए कर्मियों को राजगीर अंचल में किया गया पदस्थापित

  

प्रशासनिक दृष्टिकोण से राजगीर अंचल कार्यालय के लिपिक,कार्यपालक सहायकों, डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं  SWANs  (NSA )  का किया गया स्थानांतरण, नए कर्मियों को राजगीर अंचल में किया गया पदस्थापित....

राजगीर. राजगीर अंचल के पुनर्नियोजित राजस्व कर्मचारी (प्रभारी अंचल निरीक्षक) आनंद कुमार द्वारा सरकारी भूमि के दाखिल खारिज की स्वीकृति देने तथा लोदीपुर स्थित वैसे भूमि के दाखिल खारिज की अनुशंसा करने, जिससे संबंधित मामला सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है, की जांच भूमि सुधार उप समाहर्ता राजगीर से कराई गई थी. उनके जांच प्रतिवेदन के आधार पर आनंद कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जो उनके द्वारा समर्पित नहीं किया गया.

       उनका उक्त कृत्य उनके पदीय दायित्वों के प्रतिकूल, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला एवं कर्तव्यहीनता का द्योतक पाया गया. उक्त आलोक में कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आनंद कुमार ,पुनर्नियोजित राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय, राजगीर के संविदा के आधार पर पुनर्नियोजन को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है.

         विगत दिनों अंचल कार्यालय राजगीर में पाई गई अनियमितता के आलोक में तत्कालीन अंचल अधिकारी को विभाग द्वारा निलंबित किया गया, साथ ही तत्कालीन राजस्व कर्मचारी संजय कुमार सिन्हा एवं शैलेंद्र कुमार को भी निलंबित किया गया.प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिलाधिकारी द्वारा राजगीर अंचल के लिपिक, कार्यपालक सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं State Wide Area Networks (SWANs)  (NSA) का स्थानांतरण अन्य कार्यालय में करते हुए उनकी जगह नए कर्मियों  का पदस्थापन किया गया है.

     अंचल कार्यालय राजगीर के लिपिक धर्मवीर प्रसाद को अनुमंडल कार्यालय हिलसा में पदस्थापित करते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता हिलसा के कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है. उनके स्थान पर अनुमंडल कार्यालय हिलसा में पदस्थापित एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय हिलसा में प्रतिनियुक्त लिपिक अमरेंद्र कुमार ओंदवार तथा प्रखंड कार्यालय बिहारशरीफ के लिपिक अरुण चौधरी को राजगीर अंचल में पदस्थापित किया गया है.

राजगीर अंचल के कार्यपालक सहायक श्री कुमार को प्रखंड कार्यालय बिंद तथा कार्यपालक सहायक कुंदन कुमार को अंचल कार्यालय हिलसा स्थानांतरित किया गया है. उनकी जगह विकास कुमार कार्यपालक सहायक अंचल कार्यालय हिलसा तथा रोशन कुमार सिंह कार्यपालक सहायक प्रखंड कार्यालय बिंद को अंचल कार्यालय राजगीर में पदस्थापित किया गया है.

   राजगीर अंचल के डाटा एंट्री ऑपरेटर( बेल्ट्रान) राहुल कुमार को अंचल कार्यालय एकंगरसराय में प्रतिनियुक्त किया गया तथा उनकी जगह अंचल कार्यालय एकंगरसराय के डाटा एंट्री ऑपरेटर (बेल्ट्रान) गोपाल कुमार को अंचल कार्यालय राजगीर में प्रतिनियुक्त किया गया है.

प्रखंड -सह- अंचल कार्यालय राजगीर के SWANs  (NSA )राहुल कुमार को कतरीसराय प्रखंड -सह- अंचल कार्यालय में प्रतिनियुक्त करते हुए वहां के कर्मी समीर कुमार को राजगीर अंचल-सह- प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है.


आलोक कुमार

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