शनिवार, 27 अगस्त 2022

विशाल एशियाई देश भारत में कार्डिनलों की संख्या छह हो गई

  

रोमः आज शनिवार 27 अगस्त को रोम में दुनिया के हर कोने से पुराने और नवनियुक्त कार्डिनल संत पापा फ्राँसिस की आठवीं कंसिस्ट्री सम्मेलन में भाग लिए. संत पापा फ्राँसिस संत पेत्रुस महागिरजाघर में 20 नये कार्डिनलों को लाल टोपी पहनाते हुए कार्डिनल मंडल में शामिल कर रहे हैं,जिनमें से 16 अस्सी वर्ष से कम उम्र के हैं, इसलिए भविष्य में संत पापा के चुनाव के मतदाता हैं और चार गैर-मतदाता हैं जो 80 वर्ष से ऊपर के हैं.

रोम में धार्मिक कार्यक्रम में संत पिता फ्रांसिस ने 20 नये कार्डिनलों में दो कार्डिनल भारत से हैं गोवा और दामन महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष और भारतीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष नवनियुक्त कार्डिनल फ़िलिप नेरी अतोनियो सेबेस्तियानो डो रोसारियो फेराओ, और हैदराबाद महाधर्मप्रांत के नवनियुक्त कार्डिनल महाधर्माध्यक्ष अंतोनी पूला हैं.


इस प्रकार विशाल एशियाई देश भारत में कार्डिनलों की संख्या छह हो गई. कार्डिनल बसिलियोस क्लेमिस थोट्टुनकल, कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासिदुस टोप्पो, कार्डिनल ग्रेसियस ओसवाल्ड, कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी, नवनियुक्त कार्डिनल फ़िलिप नेरी और नवनियुक्त कार्डिनल महाधर्माध्यक्ष अंतोनी पूला.

27 अगस्त तक कार्डिनल मंडल में 226 कार्डिनल शामिल होंगे, जिसमें 132 मतदाता और 94 गैर-निर्वाचक शामिल होंगे. 52 कार्डिनल संत पापा जॉन पॉल द्वितीय द्वारा बनाए गए थे जिनमें से 11 निर्वाचक हैं. संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें द्वारा 64 कार्डिनल बनाए गए जिनमें से 38 निर्वाचक हैं और संत पापा फ्रांसिस द्वारा 112 कार्डिनल बनाए गए, जिनमें से 83 कार्डिनल निर्वाचक हैं.


भौगोलिक रूप से, उन्हें निम्नानुसार वितरित किया गया हैरू यूरोप में 106 कार्डिनल, जिनमें से 54 कार्डिनल निर्वाचक हैं; अमेरिका में 60 कार्डिनल, जिनमें से 38 निर्वाचक हैं; एशिया में 30 कार्डिनल, जिनमें से 20 निर्वाचक हैं; अफ्रीका में 27 कार्डिनल, जिनमें से 17 निर्वाचक हैं और ओशिनिया में 5 कार्डिनल, जिनमें से 3 निर्वाचक हैं.


कर्डिनलों के निर्माण की धर्मविधि के समापन पर वे स्कालाब्रिनियों के संस्थापक, जोवानी बतिस्ता स्कालाब्रिनी और सलेसियन लोक धर्मी आर्टेमाइड ज़ट्टी के संत घोषणा को मंजूरी देंगे। 29 और 30 अगस्त को वे प्रेदिकाते इवांजेलियुम पर चर्चा करेंगे.


आलोक कुमार


 

एकंगरसराय प्रखंड में जनता दरबार आयोजित किया

 

एकंगरसराय : इस नालंदा जिले के जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर ने एकंगरसराय प्रखंड में जनता दरबार  आयोजित  किया.प्रखंड सभागार में आम नागरिकों तथा जन प्रतिनिधियों ने काफी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. खचाखच भरे सभागार में जिला पदाधिकारी तथा उप विकास आयुक्त ने सभी आवेदकों के पास जा-जाकर आवेदन लिया तथा सभी आवेदकों से समस्या जाना.

मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों से भी इस संबंध में जानकारी ली गयी तथा आवश्यक निर्देश दिए गए.आयोजित जनता दरबार में कुल 155 आवेदन प्राप्त हुए जो


राजस्व,आपदा,बिजली,डी आर डी ए,आवास,लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण,सामाजिक सुरक्षा,मत्स्य इत्यादि से संबंधित हैं.मौके पर ही सभी आवेदनों को डिजिटाइज्ड कर दिया गया ताकि सभी संबंधित विभागों को भेजकर निगरानी करते हुए यथासंभव जल्द से जल्द समस्या का निपटारा किया जा सके.

जिला पदाधिकारी द्वारा हरेक प्रखंड में बारी-बारी से जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है ताकि प्रखंड के लोगों के समस्या को प्रखंड में ही सुन लिया जाय तथा निराकरण करा दिया जाय.


आलोक कुमार


अनुसूचित जाति के छात्रों के नामांकन में विगत वर्षों की अपेक्षा काफी कमी आ रही है

 


कटिहार: यहां आने के बाद डॉ० अंजू बाला, माननीय सदस्या, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति से संबंधित जिले में चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई.

समीक्षा के क्रम में प्रतिवेदन में पाया गया कि विद्यालय में अनुसूचित जाति के छात्रों के नामांकन में विगत वर्षों की अपेक्षा काफी कमी आ रही है. प्रतिवेदन से प्रतीत होता है कि छात्र उच्चतर कक्षा में जाते-जाते छोड़ देते है. जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर विद्यालयों में अनुसूचित जातियों के छात्रों के नामांकन पर विशेष ध्यान देंगे. साथ ही विद्यालय में पढ़ाई के स्तर को उच्चतर करने में हर संभव प्रयास करेंगे तथा कृत कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध करायेंगे.

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा की गई.पाया गया कि इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों को जितना प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए कम है. आवास योजना में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व को जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया.

बैठक में असैनिक शल्य चिकित्सक के प्रतिनिधि उपस्थित थे. उन्हें अनुसूचित जाति / जनजाति अत्याचार निवारण से संबंधित मामलों में चिकित्सीय प्रतिवेदन ससमय उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया.बैठक में कहा गया कि कई मामलों में इनज्यूरी प्रतिवेदन सही नहीं होने के कारण दोषी को सजा दिलाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

बैठक में मुद्रा लोन से संबंधित मामले की भी समीक्षा की गई. पाया गया कि कुछ बैंकों का प्रदर्शन काफी अच्छा है तथा कुछ बैंकों का प्रदर्शन काफी खराब है. बैठक में उपस्थित अग्रणी बैंक प्रबंधक को इस संदर्भ में विशेष निगरानी करने तथा अपेक्षित सुधार लाने के लिए निर्देशित किया गया. बैठक में पी.एम.ई.जी.पी. योजना की समीक्षा की गई. महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र किशनगंज को इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों की सहभागिता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में अनुसूचित जातियों से संबंधित मामलों की विशेष निगरानी रखेंगे.



आलोक कुमार

केवाईपी, बीएससीसी एवं एसएचए के लाभुकों को दें सुलभतापूर्वक जानकारी : जिलाधिकारी

  * केवाईपी, बीएससीसी एवं एसएचए के लाभुकों को दें सुलभतापूर्वक जानकारी : जिलाधिकारी

* लंबित मामलों को अविलंब करें निष्पादित, जिले की रैंकिंग को करें बेहतर

* जिलाधिकारी द्वारा डीआरसीसी का किया गया औचक निरीक्षण

* कई अधिकारियों से शोकॉज, वेतन कटौती करने का निर्देश

* एक बिचौलिया गिरफ्तार, भेजा गया जेल


बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (डीआरसीसी) का औचक निरीक्षण किया गया.निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से सभी काउंटरों का निरीक्षण किया गया.

इस दौरान विभिन्न कार्यों से आये लाभुकों/छात्रों रामनगर के मोहित राज, बगहा के दीपक कुमार, मझौलिया के सुरेश ठाकुर सहित माधो ठाकुर (अभिभावक) से बातचीत की गई तथा केवाईपी, बीएससीसी, एसएचए से संबंधित जानकारी प्राप्त की गयी. जिलाधिकारी ने लाभुकों/छात्रों/अभिभावकों से कहा कि डीआरसीसी में सभी सुविधाएं निःशुल्क है. विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी को भी एक रूपया नहीं देना है, अगर कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का डिमांड करता है तो, इसकी सूचना तुरंत दें, उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

जिलाधिकारी द्वारा प्रबंधक, डीआरसीसी को निर्देश दिया गया कि डीआरसीसी में विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आने वाले छात्रों/लाभुकों को सुलभतापूर्वक जानकारी दें. किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हावी नहीं होने दें. छात्रों को योजनाओं से लाभान्वित करने के क्रम में अगर बिचौलियों की संलिप्तता सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने निर्देश दिया कि केवाईपी (कुशल युवा कार्यक्रम), बीएससीसी (बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना) एवं एसएचए (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना) से संबंधित लंबित मामलों का निष्पादन अविलंब कराते हुए जिले की रैंकिंग को बेहतर बनायें.लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मियों के विरूद्ध नियमानुकूल सख्त कार्रवाई की जायेगी. जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि एसएचए (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना) के लाभुकों की रेंडमली जांच सुनिश्चित करायें.

उन्होंने कहा कि केवाईपी, बीएससीसी एवं एसएचए का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जा सके. इसके लिए विशेष शिविर का आयोजन भी किया जाए तथा छात्रों को लाभान्वित किया जाय.

प्रबंधक, डीआरसीसी द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से 1040 छात्रों को लाभान्वित कर दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना से 907 तथा कुशल युवा कार्यक्रम से 4572 छात्रों को लाभान्वित किया गया है. लंबित मामलों का निष्पादन तेजी के साथ कराया जा रहा है.

जिलाधिकारी द्वारा डीआरसीसी की उपस्थिति पंजी सहित अन्य पंजियों का गहन निरीक्षण किया गया. उपस्थिति पंजी अद्यतन नहीं रहने को लेकर प्रबंधक, डीआरसीसी को शोकॉज करने का निर्देश दिया गया. वहीं कुशल युवा कार्यक्रम में कम उपलब्धि को लेकर सहायक प्रबंधक, कुशल युवा कार्यक्रम से शोकॉज सहित 10 प्रतिशत वेतन कटौती करने के लिए निर्देशित किया गया. साथ ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से संबंधित 97 आवेदन स्वीकृति के लिए लंबित रखने तथा 238 इकरारनामा लंबित रखने को लेकर सहायक प्रबंधक, वित्त निगम को शोकॉज, आज का वेतन कटौती सहित 10 प्रतिशत वेतन कटौती करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, डॉ0 अनिल कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी, श्री बैद्यनाथ प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 26 अगस्त 2022

सभी पल्ली में संचालित है पल्ली परिषद

 

पटना: पटना महाधर्मप्रांत में कुर्जी पल्ली है.इस कुर्जी पल्ली के पुरोहित हैं फादर पीयूष प्रशांत माइकल ओस्ता.पल्ली पुरोहित कुर्जी पल्ली परिषद का चुनाव कराने जा रहे हैं.नए पल्ली परिषद के चुनाव के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसी संदर्भ में पल्ली पुरोहित ने चुनिंदा लोगों को स्वनिर्मित परिषद के चुनाव की शर्ते और नियमावली भेजा है.उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि यदि किसी बिंदु पर आपको कोई आपत्ति हो तो अनुरोध है कि कल शनिवार 27 अगस्त रात तक उसे  भेज दें ताकि आने वाले रविवार से चुनाव संबंधी सूचना पल्ली को दिया सके.

विदित हो कि सभी पल्ली में पल्ली परिषद संचालित है.कुछ जगहों में संचालित नहीं है.कुर्जी पल्ली पुरोहित के द्वारा बताया गया कि पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है. उनका कहना है कि कुर्जी पल्ली परिषद एक सलाहकार परिषद है, इसका अपना संविधान है. संविधान के अनुसार परिषद का काम केवल सलाह देना है. परिस्थिति के अनुसार पल्ली पुरोहित इसे भंग कर सकते हैं. इस पल्ली में आने वाले सदस्य की सदस्यता एक अवैतनिक पद है. जो सेवा कार्य से प्रेरित हैं.इसमें व्यक्तिगत लाभ की कोई बात नहीं होती है.

सामान्य नियमः

1. क्षेत्रवार सदस्यों की नियत संख्या से अधिक उम्मीदवार होने पर ही मतदान कराया जाएगा.

2. पल्ली परिषद में रोमन कैथोलिक महिला या पुरुष भक्त ही सदस्य/सदस्या हो सकते हैं.

3. उम्मीदवार बनने के इच्छुक व्यक्ति को उस क्षेत्र में कम से कम एक साल से रहना आवश्यक है.

4. उम्मीदवार बनने के इच्छुक व्यक्ति ही नामांकन पत्र लें तथा इसे एक प्रस्तावक और एक समर्थक से अनुमोदित करायें जो उम्मीदवार के सगे रिश्ते के नहीं होंगे. 5. नामांकन पत्र प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार 200/- रुपये मात्र जमा करेंगे जिसे किसी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा.

6. नामांकन पत्र लेने के बाद उसे किसी अन्य को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है.

7. नामांकन पत्र भरने के पहले उम्मीदवार को इस शर्तनामा की एक प्रति अपने हस्ताक्षर के साथ जमा करना होगा.

8. एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति उम्मीदवार बन सकता है.

9. किसी भी राजनीतिक दल का किसी भी स्तर का पदाधिकारी पल्ली परिषद् के लिए उम्मीदवार नहीं बन सकता है.

10. आवेदक अपना नामांकन पत्र सही-सही भरने के बाद उसे पल्ली पुरोहित के पास जमा करेंगे. आधे-अधूरे रूप से भरे गए नामांकन पत्र को रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही नियमानुसार मतदान नहीं होने पर मतदान को रद्द कर दिया जाएगा.

11. उम्मीदवारों की सूची सूचना पट्ट पर लगा दी जाएगी जिस पर कोई पल्लीवासी अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कर सकता है.

12. एक व्यक्ति केवल एक ही उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक या समर्थक बन सकता है और उसका उसी क्षेत्र का होना जरूरी है तथा वह उसी क्षेत्र में कम से कम छह माह से रहता है जिस क्षेत्र के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक या समर्थक बन रहे हैं.

 13. किसी उम्मीदवार का प्रस्तावक या समर्थक स्वयं उम्मीदवारी के लिए नामांकन नहीं कर सकता है.

उम्मीदवार बनने की योग्यतायें :-

1. 25 वर्ष के ऊपर के कैथोलिक व्यक्ति ही पल्ली परिषद् में सदस्यता के लिए उम्मीदवार के रूप में आवेदन कर सकते हैं. 2. उम्मीदवार के लिए यह ज़रूरी है कि उसने बप्तिस्मा, परम प्रसाद और दृढ़करण संस्कार ग्रहण किया है.

3. यदि उम्मीदवार विवाहित हों तो कलीसिया के नियमानुसार उनका विवाह वैध होना चाहिए.

4. पूर्व में दो बार पल्ली परिषद के सदस्य रह चुके हैं वे उम्मीदवार नहीं बन सकते.(यह नियम पदेन पदाधिकारियों के लिए लागू नहीं है.)

5. उम्मीदवार को चरित्र से प्रतिष्ठित, धार्मिक व्यवहार में पक्का, जिम्मेदार, कर्मठ और मिस्सा-पूजा में सक्रिय होना चाहिए. उनपर कदाचार, धोखधड़ी आदि का आरोप नहीं हो.

 

पल्ली परिषद के सदस्य/सदस्या की जिम्मेदारियाँ:-

1. उम्मीदवार का पल्ली की एकता, परंपरा और एकता की रक्षा करना तथा पल्ली को बदनाम न करना तथा उसमें फूट न डालना.

2. खासकर अपने क्षेत्र के खीस्तीय परिवारों से मिलजुल कर रहना एवं उनको पल्ली परिषद के निर्णयों से अवगत कराना.

3. पल्ली के विभिन्न कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में अपनी जिम्मेदारियों को  निष्ठापूर्वक निभाना.

4. पल्ली परिषद में, पल्ली के संपूर्ण हित को ध्यान में रख, एक-दूसरे के साथ सहयोग करना.

 

कुछ कानूनी प्रावधान :-

1. अगर किसी क्षेत्र से कोई उम्मीदवार आगे नहीं आते हैं तो पल्ली पुरोहित को किसी को मनोनीत करने का अधिकार होगा। ऐसे मनोनित व्यक्ति को मान्यता और उचित सम्मान देय होगा.

2. बिना किसी ठोस प्रमाण के पल्ली या पल्ली परिषद के पदाधिकारियों पर आरोप लगाना पल्ली विरोधी कार्य होगा.

3. तीन बार लगातार, बगैर सूचना के, पल्ली परिषद की बैठक से अनुपस्थित रहने पर, सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी.

4. 18 वर्ष के ऊपर के कैथोलिक ही मतदान कर सकते हैं.

5. मतदान कर्ता का न केवल पल्ली का बल्कि उसी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है जिस क्षेत्र के लिए वह मतदान करेगा.

6. मतदान करने वाले व्यक्ति अपने साथ अपना आधार कार्ड ज़रूर ले कर आयें. इसके बिना मतदान की अनुमति नहीं होगी.

7. मतदान के समय उम्मीदवार मतदान केंद्र पर मतदाताओं की पहचान के लिए अपना एक पहचानकार (एजेंट) नियुक्त कर सकता है.

8. मतदान के समय मतदान पदाधिकारी का निर्णय अंतिम होगा.

9. मतदाता मतपत्र पर नियत संख्या के अनुसार ही अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम लिखिए. नियत संख्या से कम नाम होने पर भी मत को वैध माना जाएगा लेकिन नियत संख्या से अधिक नाम लिखने पर मत को रद्द कर दिया जाएगा.

10. नामांकन एवं चुनाव के संबंध में पल्ली पुरोहित का निर्णय अंतिम होगा.

अन्य:-

1. पल्ली परिषद् प्रतिनिधि का पद अवैतनिक है. इसमें कोई लाभ की भावना नहीं वरन् केवल सेवा की भावना होती है.अतः सदस्य कभी अपने अथवा अपने परिवार के सदस्यों के लाभ की बात न करें.

2. पल्ली परिषद के सदस्यों की संख्या और व्यवहार में लैंगिक समानता की भावना होनी चाहिए. जिस क्षेत्र के लिए भी एक से अधिक प्रतिनिधि का प्रावधान है, उस क्षेत्र से एक महिला उम्मीदवार का होना आवश्यक है.

मैंने उपरोक्त बातों पढ़कर समझ लिया है और मैं उनका अनुपालन करूँगा.


पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है

अगर पल्ली परिषद की नियमावली और शर्तें है तो क्यों भारी परिवर्तन किया जा रहा है! जब फादर जॉनसन केतकर पल्ली पुरोहित थे.उनके कार्यकाल में पल्ली परिषद के चुनाव के समय अलग ही नियम और शर्तें थी.


पल्ली पुरोहित का निर्णय अंतिम होगा

एक चुनाव संचालन समिति बनना चाहिए.इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर नियम और शर्त पालन करना चाहिए.पल्ली पुरोहित आज है कल चले जाएंगे.रहने तो यहां के लोगों को ही है.


कुर्जी पल्ली परिषद एक सलाहकार परिषद है, इसका अपना संविधान है. संविधान के अनुसार परिषद का काम केवल सलाह देना है. पब्लिक हित में सलाह देने वालों को दरकिनार कर रहे हैं. किसी भी राजनीतिक दल का किसी भी स्तर का पदाधिकारी पल्ली परिषद् के लिए उम्मीदवार नहीं बन सकता है. आखिर क्यों !


कुल मिलाकर पल्ली परिषद का बॉस पल्ली पुरोहित ही है तो क्यों जनप्रतिनिधि के कंधे पर बंदूक रखकर नियम बना रहे है. अकेले ही पल्ली चलाएं.आप लोगों को बोलने,लिखने,विचार अभिव्यक्त करने का अधिकार सीमित कर रहे है. अगर आपके हितकारी और नहीं रहेगा तो पल्ली विरोधी कार्य होगा.यह भी निर्णय आप ही करेंगे.


आलोक कुमार

भाजपाइयों ने बाहर निकले बलात्कारियों-अपराधियों के स्वागत जगह-जगह


पटना: देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं के सम्मान पर भाषण दे रहे थे, दूसरी ओर गुजरात के चर्चित बिलकिस बानो कांड के बलात्कारी व जनसंहारी गोधरा उप जेल से रिहा किए जा रहे थे, इसने पूरे देश को सकते में डाल दिया. भाजपाइयों ने बाहर निकले बलात्कारियों-अपराधियों के स्वागत में जगह-जगह आयोजन कर उनकी आरती उतारा. तिलक लगाकर उन सबका अभिनंदन किया गया. यह भाजपा व संघ गिरोह की महिलाओं व मुस्लिमों के प्रति चरम घृणा की खुली अभिव्यक्ति थी.

बिलकिस बानो मामला एक ऐसा मामला था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच चली थी. गुजरात में उन्हें जान से मारने की धमकी के कारण उच्चतम न्यायालय ने उनका मामला महाराष्ट्र में स्थानांतरित कर दिया था. बिलकिस बानो गैंगरेप व उनके परिवार के 7 लोगों की हत्या के इस जघन्य मामले में 2008 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने 11 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी. जिसे बाॅम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा. 

इस साल दोषियों में से एक ने 1992 की नीति को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट में रिहाई की गुहार लगाई, जबकि 1992 की छूट नीति को 2012 में ही उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है और तदनुसार गुजरात सरकार ने भी 8 मई 2013 को उसे रद्द कर दिया. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में गुजरात सरकार द्वारा अपराधियों की रिहाई कहीं से भी वैध नहीं कहा जा सकता है. चंूकि यह मामला गुजरात की बजाए महाराष्ट्र में चला था, इसलिए इस मामले में महाराष्ट्र की सरकार का विचार लेना आवश्यक था. 

उम्रकैद के सभी 11 दोषियों की रिहाई न केवल केंद्र व गुजरात सरकार पर प्रश्न खड़ा करता है बल्कि उच्चतम न्यायालय को भी सवालों के घेरे में खड़ा करता है. 

यह रिहाई जघन्य किस्म का अपराध है, जो आजादी के 75 वें वर्ष में मोदी और भाजपा के तथाकथित नए भारत में खुलेआम किया जा रहा है. 

भाजपा द्वारा सत्ता के अहंकारी दुरूपयोग और न्याय की उम्मीदों की हत्या के खिलाफ आज पूरे देश को उठ खड़ा होना होगा. भाकपा-माले विधायक दल बिलकिस बानो के बलात्कारियों व जनसंहारियों की रिहाई के आदेश को अविलंब रद्द करने की मांग करता है.

आलोक कुमार

राहुल गांधी जैसे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए:मोदी

  


पटनाः आज बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी ने राहुल गांधी के बयान ‘सारे मोदी चोर हैं’ को लेकर किए गए मानहानि के मुकदमे में शुक्रवार को पटना सिविल कोर्ट में गवाही दी. 

उसके बाद मीडिया से बात करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि वह इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि उन्होंने ‘सारे मोदी चोर हैं‘नहीं कहा था. यह विचाराधीन है लेकिन हमें लगता है कि यह मानहानि का मामला है और राहुल गांधी जैसे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए ताकि कोई भी इस तरह से ईमानदार और अच्छे लोगों को बदनाम न कर सके.सुशील मोदी कहा कि राहुल गांधी ने 2019 में भाषण के दौरान कहा था कि ‘सारे मोदी चोर हैं’.इसी को लेकर मैंने पटना में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.

राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राहुल गांधी के अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में भाषण जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी की तुलना ललित मोदी, नीरव मोदी से करते हुए कहा था कि मोदी सरनेम वाले ‘सारे मोदी चोर हैं’ वाले बयान पर मेरे द्वारा पटना मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था.

इसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान मेरी गवाही हुई . गवाही के दौरान मैंने विस्तार से बताया कि  राहुल गांधी के इस भाषण से मैं अपमानित महसूस कर रहा था क्योंकि उन्होंने कहा कि मोदी सरनेम वाले सारे मोदी चोर हैं.

इस मानहानि के मामले में कोर्ट ने श्री राहुल गांधी को सम्मन किया था. राहुल गांधी को जमानत लेनी पड़ी थी. अभी तक विधायक श्री अरुण कुमार सिन्हा, श्री नितिन नवीन,श्री संजीव चौरसिया की गवाही हो चुकी है. आज शिकायतकर्ता के रूप में मेरी गवाही थी. श्री राहुल गांधी के वकील ने लगभग 40 मिनट तक पूछताछ की.

इस संदर्भ में एसबी बबलू का कहना है कि यह जो कमेंट आ रहे हैं इसमें भी चोर बोला जा रहा है.उन्होंने कहा कि किया इन सब पर भी केस करेंगे प्रसारण साहब.विनोद ने कहा कि आदमी तो तो आपके जैसा .... बिना काम वाला काम अच्छे से करते हैं.इतने दिन में स्पेशल पैकेज तक बिहार को न मिल पाया लेकिन बकवास तो जी जान से करेंगे. संजीव झा ने कहा कि राहुल जी गांधी जी के विचारों से निर्मित है ना कि माफीवीर सावरकर के विचार से...आपके झुठी गवाही से कोई फर्क नहीं पड़ता.

आलोक कुमार

बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए फादर डिमेलो

 


पटना: विश्व विख्यात येसु समाज पटना जेसुइट प्रोविंस के पूर्व प्रोविंशियल फादर जौन डिमेलो का निधन हो गया है. वे 89 वर्ष के थे.एक जेसुइट के रूप में  65 साल कार्य किए.वहीं 56 साल पुरोहित का जीवन व्यतीत किए.खास बात है कि फादर डिमेलो ने 2012 में पीएमसीएच में जाकर शरीर दान करने की लिखित घोषणा कर दी थी.इस तरह पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों में प्रथम पुरोहित बने जो शरीर दानकर दिये.इसी तरह बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए हैं.


दीघा स्थित एक्सटीटीआई में पटना, बक्सर,मुजफ्फरपुर आदि धर्मप्रांतों के आम से खास लोग फादर डिमेलो को श्रद्धांजलि और पार्थिव शरीर का दर्शन करने सैकड़ों लोग आए.इस अवसर पर बक्सर धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक सह निवर्तमान आर्चबिशप विलियम डिसूजा,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप काजिटेन फ्रांसिस ओस्ता,फादर ग्रेगरी गोम्स के अलावे दर्जनों जेसुइट और धर्मप्रांतीय पुरोहितों ने पवित्र मिस्सा किए और आगंतुकों को ‘ हैप्पी बर्थडे‘ कहने वाले फादर डिमेलो को स्वर्गलोक में जगह देने के लिए सर्वेश्वर से प्रार्थना

की. समाजसेवी एसके लौरेंस ने कहा कि किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.

फादर ग्रेगरी गोम्स ने प्रवचन दिए.उनके व्यक्तियों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला.वहीं पटना जेसुइट प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर डोनाल्ड जे मिरांडा ने फादर जौन डिमेलो के बारे में बताया कि फादर का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में ' येसु समाज' में प्रवेश किए. विख्यात  ' येसु समाज'  में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को


विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे.

उन्होंने कहा कि संत माइकल हाई स्कूल के प्रिंसिपल भी रहे.कई पल्ली के पल्ली पुरोहित रहे.दीघा स्थित एक्सटीटीआई के रेक्टर रहे.विख्यात कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में अकाउंट्स डिपार्टमेंट में थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि ‘कइसे इनके भुलावा जइहे.‘1983 में पटना जेसुइट प्रोविंस के  प्रोविंशियल थे.


पवित्र मिस्सा के समापन पर पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों के बीच से शरीर दान करने वाले प्रथम पुरोहित फादर जौन डिमेलो का पार्थिव शरीर को पीएमसीएच भेजा गया. सूचना के अनुसार पार्थिव शरीर को पीएमसीएच ने स्वीकार कर लिया है.इस बीच फादर डिमेलो के कुछ बाल और नाखून को एक बॉक्स में रखकर प्रतीक के रूप में एक्सटीटीआई के कब्रिस्तान में दफन कर दिया.इस तरह एक अध्याय जन्म 14.12.1932 से निधन 24.08.2022 तक खत्म हुआ.दूसरा अध्याय 25.08.2022 से पीएमसीएच में शुरू हो गया.इस पार्थिव शरीर के अस्थियों से शिक्षण कार्य में उपयोग होगा.

आलोक कुमार

उनके बताये रास्ते पर चलने का लिया शपथ

  

पटना :कांग्रेस सेवादल के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी एवं विचारक पूर्व राज्यसभा सदस्य डा0 नारायण राव सुब्बाराव हार्डिकर जी की 86 वीं पुण्यतिथि आज कांग्रेस सेवादल मुख्यालय, सदाकत आश्रम पटना में मनायी गयी.

कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने हार्डिकर जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताये रास्ते पर चलने का शपथ लिया गया.

इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस सेवादल के स्वंय सेवकों में कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक मो0 शोऐब, कार्यालय प्रभारी विपिन झा, राजीव पांडे, डा0 गौतम कुमार, राज कुमार पूर्वे, मो0 इजहार, सकलदीप प्रसाद, मो0 शमीम, सुनील कुमार ओझा, दिनेश शंकर दास, अम्बिका प्रसाद चैपाल, नवल किशोर प्रसाद सिन्हा, शोभा शर्मा, बबीता देवी प्रमुख हैं. 


गुरुवार, 25 अगस्त 2022

अब कौन कहेगा हैप्पी बर्थ डे!

  पार्थिव शरीर के साथ एक्सटीटीआई में मिस्सा 04: 00 बजे से 25 अगस्त को

जन्म 14.12.1932- निधन 24.08.2022

  


पटनाः विख्यात येसु समाज के पटना प्रोविंश के पूर्व प्रोविंशिएल फादर जौन एफ डिमेलो का निधन हो गया.जबतक जिंदा रहे तबतक आने वाले लोगों को गुड मोर्निंग कहकर अभिवादन करते थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि 'कइसे इनके भुलावा जइहे.'

पटना प्रोविंश के पूर्व प्रोविंशिएल फादर जौन एफ डिमेलो का निधन

आज फादर बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे अंतिम सांस जेवियर भवन में ली.इसी के साथ उनका सांसारिक जीवन समाप्त हो गया.अब बस उनकी यादें ही शेष है.

जाने फादर के बारे में

जौन एफ डिमेलो का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में 'येसु समाज' में प्रवेश किए.विख्यात 'येसु समाज' में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे.

एसके लौरेंस कहते हैं किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.आमीन.


आलोक कुमार  


 

ईसाई समुदाय के लोग राजनीति क्षेत्र में पैर पसारने लगे

  


पटना: ईसाई समुदाय के लोग राजनीति क्षेत्र में पैर पसारने लगे हैं.आज जनता दल यूनाइटेड के कार्यालय कर्पूरी भवन में जनता दल यूनाइटेड अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की विशेष बैठक में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों तथा जिला पदाधिकारियों को मनोनयन से सम्बन्धित पत्र प्रदान किया गया.






इस सन्दर्भ में कई अल्पसंख्यक महिला एवं पुरुषों के साथ-साथ शिवाजी नगर,दीघा,पटना की उच्च शिक्षा प्राप्त,समाज सेवी, गरीबों को मदद करने वाली,नोट्रेडेम अकादमी की वरिष्ठ शिक्षिका,कर्मठ तथा जुझारु ईसाई समुदाय की महिला श्रीमती स्टेला पॉल को जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष माननीय सलीम परवेज़ के द्वारा जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के पद पर मनोनयन का पत्र प्रदान किया गया.


इस सन्दर्भ में मंच से दो शब्द कहने के लिये श्रीमती स्टेला पॉल को आमन्त्रित किया गया.स्टेला पॉल ने मंच से अपने सम्बोधन के जरिये अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम परवेज़ साहब का आभर व्यक्त करते हुए उन्हें तथा माननीय मुख्य मन्त्री नीतीश कुमार,राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजीव रंजन सिंह,प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा,जदयू की प्रवक्ता माननिया अंजूम आरा को धन्यवाद दिया.साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार राज्य तथा अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी ने अब तक जो सकारात्मक एवं सराहनीय कार्य किया है,महिलाओं को भागीदारी प्रदान की है तथा अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिये जो भी योजनाएं लागू की है,वह सराहनीय है.उसे बिहार के अपने अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुँचाने तथा बताने का कार्य करेंगे.


स्टेला पॉल के सचिव के पद पर मनोनयन की जानकारी मिलने पर महासचिव एस.के.लॉरेंस तथा ईसाई समुदाय के लोगों,विशेषकर ईसाई महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त कर उन्हें बधाई दी तथा यह उम्मीद जताई कि उनके मनोनयन से उन्हें जरूर फायदा पहुंचेगा.


आलोक कुमार  





प्रत्येक साल की तरह आठ सितंबर को माता मरियम का पर्व

 

बेतियाः पश्चिम चंपारण जिले में है बेतिया.यह ईसाइयों का गढ़ रहा है.इसे इतिहास का एक महत्वपूर्ण धरोहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा, हकीकत में बेतिया में कई ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है, जो सदियों पुरानी है. इन्ही एक धरोहर में बेतिया का गिरजाघर भी है.

 प्रत्येक साल की तरह आठ सितंबर को माता मरियम का पर्व है.इस दिन बेतिया में पल्ली दिवस मनाया जाता है.पल्ली में धार्मिक माहौल बनाने के लिए नौ दिवसीय नोवेना का आयोजन किया गया है.महागिरजाघर नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी,बेतिया कैथेड्रल में पांच बजे शाम से मिस्सा और नोवेना प्रार्थना की जाएगी.इसकी शुरुआत बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर फिंटन साह के मिस्सा के साथ होगी.

बेतिया धर्मप्रांत के सबसे बड़ी बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो ने यह बताया कि 30 अगस्त का थीम 'मां मरियम, परिवारों के लिए आदर्श है'. इस दिन का आशय 'सभी परिवारों के लिए है.' फादर फिंटन साह, विकर जनरल के द्वारा उपदेश दिया जाएगा.बेतिया चर्च 1 की गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 31 अगस्त का थीम 'मां मरियम,रोगियों का स्वास्थ्य है'.इस दिन का आशय 'सभी बीमारों के लिए है.'फादर एंटोनी सामी,ओपी के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. बेतिया यूथ गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

1 सितंबर का थीम 'मां मरियम,पापियों की शरण है.' इस दिन का आशय 'पापियों के मन परिवर्तन है.' फादर ख्रिस्तोफर,येसु समाजी के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. संत तेरेसा की सिस्टर गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

  2 सितंबर का थीम ' मां मरियम, ख्रीस्तियों की सहायता है.' इस दिन का आशय 'संसार में शांति के लिए है.' फादर क्लाउडी कोर्डा,ओपी द्वारा उपदेश दिया जाएगा.महिला संघ और वान हुक सिस्टर गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 3 सितंबर का थीम ' मां तेरी दया अपार है.'  इस दिन का आशय' सभी उपस्थित लोगों के लिए है.'फादर तेलेस्फोर टोप्पो के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. संत जोसेफ स्कूल गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 4 सितंबर का थीम 'मां मरियम, कलीसिया की माता है.' इस दिन का आशय 'संत पापा और कलीसिया के लिए है.'फादर अनूप मिंज के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. चर्च के सेकंड गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 5 सितंबर का थीम 'मां मरियम, विश्वास का आदर्श है.' इस दिन का आशय ' सभी अविश्वासियों के लिए है.'फादर किशोर और फादर राज शेखर के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. संत विंसेंट डी पौल सोसाइटी गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

6 सितंबर का थीम 'मैं प्रभु की दासी हूं है'.इस दिन का आशय '  ईश्वरीय बुलाहट के लिए है.' फादर आनंद पास्काल के द्वारा उपदेश दिया जाएगा.पैरिस काउंसिल गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

7 सितंबर का थीम 'मां मरियम,दुखियों का दिलासा है.' इस दिन का आशय ' मां मरियम के सभी भक्तों के लिए है.' फादर बासिल,ओएफएम,केप,के द्वारा उपदेश दिया जाएगा.बेतिया चर्च 1 की गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

आलोक कुमार  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ही आशीर्वाद से उपचुनाव जीत पाये

  



पटना. जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिल की बात जुबां पर आ गयी.अपने विधानसभा के संबोधन के दौरान सदन में मुख्यमंत्री ने व्यक्त कर ही दिया.यह हम नहीं कह रहे हैं.बल्कि बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राणा अजय सिंह ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है.

युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राणा अजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2006 के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया था.मेरे खिलाफ पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा से उम्मीदवार थे. इस उपचुनाव में मात्र 18 प्रतिशत वोट पोल हुआ था. मुख्यमंत्री जी को भाजपा उम्मीदवार नितिन नवीन को जिताने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा था.

उन्होंने कहा कि कल मुख्यमंत्री सदन में अपने दिल की बात और भावना को व्यक्त किये.नितिन नवीन इनके ही आशीर्वाद से उपचुनाव जीत पाये थे. इसका खुलासा कल मुख्यमंत्री जी ने कर दिया, लेकिन नितिन नवीन मुख्यमंत्री जी के प्रति कैसी भावना रखते हैं और कितना इज्जत करते है कल की घटना से यह साबित हो गया कि केवल वे मतलबी और स्वार्थी व्यक्ति हैं.


आलोक कुमार                          

बिलकिस के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की रिहाई के खिलाफ विरोध मार्च

  * बिलकिस बानो के बलात्कारियों और नरसंहार के दोषियों की सजा माफी रद्द करो

* बिलकिस को इंसाफ दो


पटना: अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) पटना नगर इकाई ने छज्जूबाग  स्थित ऑफिस से बिलकिस के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की रिहाई के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. विरोध मार्च में शामिल होने वालों ने अपने हाथों में नारा लिखित पोस्टर लेकर चल रहे थे.इस पोस्टरों में बिलकिस बानो को इंसाफ दो, बिलकिस के दोषियों की रिहाई पर प्रधानमंत्री मुंह खोलो,15 अगस्त को बलात्कारियों के हत्यारों को सजा माफी ये कैसा महिला सम्मान है प्रधानमंत्री जवाब दो, बिलकिस बानो के बलात्कारियों और नरसंहार के दोषियों की सजा माफी रद्द करो, बिलकिस बानो को न्याय दो, नारी सम्मान का ढोग बंद करो,पीएम मोदी जवाब दो आदि नारा लिखा हुआ था.

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) पटना नगर इकाई ने छज्जूबाग  स्थित आफिस से बिलकिस के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की रिहाई के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. यह मार्च  छज्जूबाग   से निकलकर फ्रेजर रोड ( रेडियो स्टेशन) पहुंचा. वहां एक सभा आयोजित की गई.

 सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी की 75वीं सालगिरह के दिन प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर से महिलाओं को सम्मान की बात करते हैं.और उसी दिन गुजरात सरकार बिलकिस बानो के बलात्कारियों और उसकी तीन साल की बच्ची समेत उसके परिवार के सात लोगों की हत्या करने वालों की जेल से रिहाई की घोषणा होती है.जेल से रिहा होने पर गैंगरेप एवं हत्या के दोषियों को आरती और फूल मालाओं से स्वागत हुआ.

 

मोदी और अमित शाह इसी तरह का भारत बनाना चाहते हैं. यह राष्ट्रीय शर्म की बात है.बिलकिस ने इंसाफ के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी है.उसको उस दौर में जान से मारने की धमकी मिलती रही .उस दौरान बिलकिस को बीस बार अपने रहने का ठिकाना बदलना पड़ा.और आज बिलकिस पूछ रही है- क्या एक औरत की न्याय की लड़ाई का ऐसा अंजाम होना चाहिए.

वक्ताओं ने कहा कि आज हर न्याय पसंद हिन्दुस्तानी को बिलकिस के इंसाफ के लिए आगे आना होगा.देश का लोकतंत्र, संविधान, न्यायिक व्यवस्था आदि को बचाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा. सभा को ऐपवा की नगर सचिव अनीता सिन्हा, अध्यक्ष मधु, उपाध्यक्ष अफशा जबी,  आस्मां खान, विभा गुप्ता, अनुराधा सिंह, राखी मेहता आदि ने संबोधित किया.


आलोक कुमार                          

बुधवार, 24 अगस्त 2022

 


रोम: संत पापा फ्राँसिस ने छह महीने से युद्ध की भयावहता से पीड़ित यूक्रेनी लोगों के लिए शांति के लिए प्रार्थना की, युद्ध को ‘पागलपन‘ कहा. संत पापा ने कई यूक्रेनी और रूसी अनाथों को याद किया, पुतिन के विचारक की बेटी दरिया दुगीना पर हमले का उल्लेख किया, साथ ही दुनिया को सीरिया, यमन और म्यांमार के युद्ध पीड़ितों को याद करने का आह्वान किया.

रूस की यूक्रेन के खिलाफ शुरू की गई जंग को आज छह महीने का वक्त पूरा हो गया है. इस जंग में न केवल यूक्रेन और रूस ने अपना काफी कुछ खोया है बल्कि पूरी दुनिया को भी अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है. यूक्रेन इस वक्त लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है, रूसी सैनिकों को भारी नुकसान हो रहा है और बाकी दुनिया खाने की कमी, बढ़ती महंगाई, परामणु युद्ध के खतरे की आशंका और इस युद्ध से उत्पन्न अन्य चुनौतियों से जूझ रही है. जिसके जल्दी खत्म होने के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे. रेड क्रॉस ने मंगलवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि यूक्रेन संकट ने पूरी दुनिया की मानवीय व्यवसथा को झटका दिया है और दुनियाभर में आपात स्थितियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए संगठन की क्षमता पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के अध्यक्ष फ्रांसेस्को रोक्का ने कहा कि इस युद्ध को छह महीने हो गये हैं, इसने लोगों को मुश्किल वक्त में लाकर खड़ा कर दिया है. एक बयान में उन्होंने कहा कि जिस तरह से लड़ाई जारी है, ‘भोजन और ईंधन की बढ़ती कीमत और गहराते खाद्य संकट का प्रभाव केवल बढ़ रहा है.‘ तो चलिए अब जान लेते हैं कि इस युद्ध के क्या परिणाम रहे हैं.

मौत का असल आंकड़ा वास्तव में काफी अधिक होने की संभावना है, लेकिन जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उनके अनुसार 24 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से 5587 आम नागरिकों की मौत हो गई है. जबकि 7890 लोग घायल हुए हैं.ओएचसीएचआर के अनुसार, अधिकतर नागरिकों की मौत रूस के हवाई, तोप और मिसाइल हमलों में हुई है. इसके अलावा 22 अगस्त को यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल वैलेरी जालुज्नी ने बताया कि लड़ाई में करीब 9000 यूक्रेन के सैनिक मारे गए हैं. युद्ध शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार है, जब सेना के किसी बड़े अधकारी ने मौत का आंकड़ा जारी किया है. हालांकि रूस के सैनिकों की मौत का आंकड़ा जारी नहीं हुआ है.

लेकिन अमेरिकी खुफिया जानकारी में बताया गया है कि यूक्रेन में रूस के 15000 सैनिकों की मौत हो गई है और तीन गुना ज्यादा घायल हो गए हैं. 1979 से 1989 तक अफगानिस्तान पर कब्जे के दौरान सोवियत संघ के जितने लोगों की मौत हुई, ये आंकड़ा उसी के बराबर है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि 24 फरवरी के बाद एक तिहाई यूक्रेनियन, जिनकी संख्या 4.1 करोड़ से अधिक है, को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है. जिसकी वजह से इस समय दुनिया की सबसे खराब मानव विस्थापन आपदा आ गई है. एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, 66 लाख से अधिक यूक्रेनी शरणार्थी यूरोप के अलग-अलग देशों में चले गए हैं. सबसे अधिक आबादी पोलैंड गई है, इसके बाद रूस और जर्मनी का नंबर है, जहां बड़ी संख्या में यूक्रेनी लोग रहने के लिए गए हैं.

रॉयटर्स के मुताबिक 2014 में क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद यूक्रेन ने अपनी जमीन के 22 फीसदी हिस्से पर से नियंत्रण खो दिया है.उसने अपनी तटरेखा का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है, उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है और रूसी बमबारी ने कुछ शहरों को वीरान कर दिया है. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों के अनुसार, 2022 में यूक्रेन की जीडीपी 45 फीसदी तक गिर जाएगी. प्रधानमंत्री डेनिस श्यामल के अनुसार, युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण की पूरी लागत लगभग 750 अरब डॉलर होगी। यह बहुत अधिक भी हो सकती है.

यूक्रेन में युद्ध शुरू करने की वजह से रूस का काफी पैसा खर्च हुआ है, लेकिन कितना ये रूस ने नहीं बताया है. सेना और हथियारों पर आने वाले खर्च के अलावा रूस को पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ रहा है.1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने वर्तमान में अपनी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट देखी है.रूस की 1.8 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के 2022 में 4-6 फीसदी तक गिरने की आशंका है, जो अप्रैल में सेंट्रल बैंक द्वारा बताई 8-10 फीसदी गिरावट की संभावना से कम है.

रूस पर आर्थिक प्रभाव अब भी पड़ रहा है और पूरी तरह उसे समझ पाना मुश्किल है. वह पश्चिमी वित्तीय बाजारों तक पहुंचने में असमर्थ है, उसके अधिकतर अमीर लोगों पर प्रतिबंध लग गए हैं और उसे माइक्रोचिप्स जैसे कुछ सामान को प्राप्त करने में परेशानी हो रही है.

संत पापा ने न केवल यूक्रेन में, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी हो रही त्रासदियों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित कराया. ‘टुकड़ों में हो रहा तीसरा विश्व युद्ध,‘ वे ‘टुकड़े‘ जो धीरे-धीरे एक विश्व रसातल को चित्रित करने के लिए जुड़ रहे हैं.

संत पापा ने कहा, “हम उन अन्य देशों के बारे में नहीं सोचते जो कुछ समय से युद्ध में हैं. दस साल से अधिक समय से सीरिया में युद्ध है. आइए, हम यमन के बारे में सोचें, जहां इतने सारे बच्चे भूख से पीड़ित हैं.आइए, उन रोहिंग्या लोगों के बारे में सोचें जो अन्याय पूर्वक अपनी जमीन से बेदखल कर दिये गये हैं और दुनिया की यात्रा करते हैं.”


आज, हालांकि, कीव में आक्रमण शुरू होने के छह महीने बाद, संत पापा ने यूक्रेन और रूस पर भी विशेष ध्यान देते हुए कहा, ‘मैंने दोनों देशों को माता मरिया के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया है. माँ आप इन दोनों देशों पर अपनी नजर बनाए रखें, यूक्रेन को देखें, रूस को देखें.माँ हमें शांति प्रदान करें। हमें शांति चाहिए.‘


आलोक कुमार

राष्ट्रीय सब जूनियर ग्रेपलिंग कुश्ती में स्वर्ण पदक विजेता को सम्मानित किया



मोतिहारीः पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा राष्ट्रीय सब जूनियर ग्रेपलिंग कुश्ती में स्वर्ण पदक विजेता मोतिहारी के लाल भूषण कुमार महतो को सम्मानित किया गया.

विदित हो कि भारतीय कुश्ती महासंघ से मान्यता प्राप्त एवं ग्रेपलिंग कमेटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में हल्द्वानी, उत्तराखंड में खेली जा रही है.

दूसरी राष्ट्रीय सब जूनियर ग्रेपलिंग कुश्ती चैंपियनशिप अंडर 13 बालक वर्ग के 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबला में भूषण कुमार महतो ने हरियाणा के नतिक को 12 - 04 से पराजित कर गोल्ड मेडल हासिल कर पूर्वी चंपारण, मोतिहारी जिले का नाम रोशन किया है.

 


इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला ग्रिपिंग कुश्ती संघ के सचिव, श्री केशव कृष्ण, श्री दीपक सिंह कश्यप, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.



आलोक कुमार 

संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए


मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक ने बंजरिया प्रखंड में पंचायत सिसवा पश्चिम में सरकारी योजनाओं के कार्य प्रगति का लिया जायजा.

पंचायत भवन सिसवा पश्चिम में जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित पदाधिकारियों, माननीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ पंचायत में चलाए जा रहे सरकारी योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की गई.

पंचायत सिसवा पश्चिमी में शिक्षा, नल जल, पक्की नाली गली, पेंशन योजना, जन वितरण प्रणाली दुकान, पैक्स, मनरेगा, जल जीवन हरियाली, आरटीपीएस, कृषि आदि विभाग से संबंधित पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी हासिल की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.


वही जिलाधिकारी ने बंजरिया प्रखंड के सिसवा पूर्वी पंचायत में सरकारी योजनाओं की कार्य प्रगति का लिया जायजा.ग्राम पंचायती राज, सिसवा पूर्वी में नवनिर्मित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का उन्होंने निरीक्षण किया.पंचायत को साफ सुथरा रखने के लिए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्लोगन के माध्यम से ग्रामीण लोगों को जागरूक किया जा रहा है.इस पंचायत में 170 सोलर स्ट्रीट लाइट मुख्य स्थलों पर लगाए गए हैं.

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर, माननीय मुखिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि गण, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला गन्ना पदाधिकारी, समन्वयक विकास मिशन, सहायक बाल संरक्षण इकाई, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सीडीपीओ आदि के साथ-साथ गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे.

आलोक कुमार


जल शक्ति अभियान से संबंधित किये गये कार्यों की सराहना की गई

  


किशनगंज: आज श्री ए0के0 अग्रवाल, निदेशक, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में रचना भवन, डी. आर. डी. ए. किशनगंज में समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.

बैठक में जल शक्ति अभियान अन्तर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों तथा सार्वजनिक तालाबों का जीर्णोद्धार निजी तालाब, रेन वाटर सोख्ता आदि से केन्द्रीय दल को अवगत कराया गया, जिसमें केन्द्रीय दल द्वारा जिलान्तर्गत जल शक्ति अभियान से संबंधित किये गये कार्यों की सराहना की गई.

बैठक में केंद्रीय दल के साथ-साथ उप विकास आयुक्त किशनगंज, वन प्रमंडल पदाधिकारी किशनगंज, जिला पंचायत राज पदाधिकारी किशनगंज, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता मनरेगा, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता विद्युत, सहायक निदेशक उद्यान किशनगंज, जिला कृषि पदाधिकारी किशनगंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी किशनगंज आदि उपस्थित रहें.


आलोक कुमार

जिला पदाधिकारी राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 का स्थलीय निरीक्षण किया

 


राजगीर: आज  जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर अनुमंडल कार्यालय सहित राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 का स्थलीय निरीक्षण किया.

जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी,राजगीर, सिविल सर्जन नालंदा,नगर कार्यपालक पदाधिकारी राजगीर तथा अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर के चिकित्सकों के साथ बैठक किया तथा डेंगू से प्रभावित लोगों,क्षेत्रों तथा अस्पताल में की गई व्यवस्था की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिया.

नगर परिषद तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए की जा रही कार्यों की समीक्षा की.जिला पदाधिकारी वैठक के उपरान्त डेंगू प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया.वे राजगीर के वार्ड नं.10,11 तथा 12 में घूम-घूम कर लोगों से मिले तथा उनकी शिकायतों को सुनकर त्वरित आदेश दिया.


नालियों तथा गलियों की साफ-सफाई,नालियों में एन्टी लार्वा स्प्रे का छिड़काव, नालियों तथा गलियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फोगिंग की स्थिति की जानकारी ली.नगर कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि फोगिंग के वक्त वे स्वयं उपस्थित होकर सभी गलियों में फोगिंग करवाएं.

गंगा उद्वह योजना के तहत जलापूर्ति के लिए नए पाइप लाइन बिछाने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा सड़कों के कोड़े जाने तथा पुनः उसे ठीक नहीं करने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुए तथा पी एच ई डी के कार्यपालक अभियंता को तुरन्त राजगीर आकर ठीक करने का निर्देश दिया.वार्डों में ठप जलापूर्ति पर भी जिलाधिकारी नाराज


हुए और उसे शीघ्र ठीक करने का निर्देश दिया.

डेंगू मरीजों के परिजनों से प्राप्त शिकायत पर उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर तथा सिविल सर्जन नालंदा को पावापुरी चिकित्सा महाविद्यालय में जाकर ब्लड की उपलब्धता,ओपीडी की स्थिति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

आलोक कुमार

पूर्व से प्राप्त शिकायतों के आलोक में समीक्षा किया

 

हिलसा: आज जिलाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर के द्वारा राजगीर दौरे के उपरांत हिलसा प्रखंड स्थित सभागार में माननीय जन प्रतिनिधियों,जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक किया गया.

उन्होंने माननीय जन प्रतिनिधियों से प्रखंड के विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं में रह रही कमियों की जानकारी ली तथा उसके पश्चात विभागीय पदाधिकारियों से पूर्व से प्राप्त शिकायतों के आलोक में समीक्षा किया.पंचायती राज विभाग द्वारा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के गठन की जानकारी ली गयी.बताया गया कि कुल 205 वार्डों में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का गठन कर लिया गया है इसमें 199 का हैंडओवर भी हो चुका है.15 योजनाओं में कार्य नहीं होने तथा इनमें से 03 योजनाओं में राशि निकालने के बावजूद टावर निर्माण नहीं होने पर मनरेगा कनीय अभियंता पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा सेवा समाप्ति के आदेश दिए गए.


15वें वित्त आयोग के निधि से नल-जल की नई योजनाओं की समीक्षा की गई।पी एच ई डी तथा  पी आर डी द्वारा अभी तक इसमें कोई भी योजना पूर्ण नहीं किये जाने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुए.लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा 136 चापाकल की मरम्मती के विरुद्ध 82 की मरम्मती की जानकारी दी गयी।जिला पदाधिकारी द्वारा 300 चापाकलों के मरम्मती के आदेश दिए जाने के बाद भी कार्यपालक अभियंता द्वारा मात्र 125 की स्वीकृति विभाग से मांगने पर उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया.

मिर्जापुर के वार्ड नं.1 में करीब 5 महीने से पाइप लाइन के ब्लॉकेज का पता नहीं लगा पाने पर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाई.मिर्जापुर के वार्ड नं.10 ,कोरांव पंचायत के वार्ड नं.7,14 अरपा के वार्ड नं 4 चिकसौरा के वार्ड नं 9 तथा 11 में जलापूर्ति नहीं होने पर फटकार लगाई गई.

उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव ने आवास योजना की समीक्षा की.उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी के स्तर से 9 नीलाम पत्र दायर हुए थे जिसमें वारंट निर्गत किया जाना है. 8 जगहों पर सामुदायिक भवन के लिए जमीन चिन्हित किया गया था पर अभी तक भवन निर्माण नहीं हो सका. अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अगर चिन्हित जमीन ठीक नहीं है तो रद्दीकरण का प्रस्ताव दें.

कृषि विभाग के समीक्षा में बताया  गया कि प्रखंड में धान बिचड़ा आछादन शत-प्रतिशत हो गया है जबकि धान रोपनी 97 फीसदी हो पाया है.जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी से उर्वरक उपलब्धता की जानकारी ली.उन्होंने आदेश दिया कि मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें.लघु जल संसाधन द्वारा 132 नलकूपों के मरम्मती पैसे के अभाव में नहीं होने की जानकारी दी गयी जिस पर जिला पदाधिकारी विभाग से पत्राचार करने का निर्देश दिया.

अंचल कार्यालय के समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल माह से म्युटेशन के लिए कई आवेदन लंबित है जिसे काफी गंभीरता से लिया गया.आपूर्ति कार्यालय के समीक्षा में बताया गया कि कुल 86 दुकानों के विरुद्ध 17 दुकानों का इंस्पेक्शन किया गया है. जिला पदाधिकारी ने इन 17 इंस्पेक्शन रिपोर्ट की जांच करने के निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया.

उक्त बैठक में अपर समाहर्ता श्री मंजीत कुमार सहित अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता भी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

 

मंगलवार, 23 अगस्त 2022

मीडिया और अखबार वाले नीतीश कुमार के खिलाफ

  यह क्या कह गए ललन बाबू


पटना: बिहार में लगातार हो रही घटनाओं की मीडिया कवरेज से जेडीयू नाराज है. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का बेहद आपत्तिजनक बयान आया है. उन्होंने कहा है कि मीडिया और अखबार वाले नीतीश कुमार के इसलिए खिलाफ हैं क्योंकि उन्हें बिहार में शराब पीने को नहीं मिल रही है. ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की जनता को देखें या इन लोगों की मौज मस्ती को देखें. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने ये बातें लखीसराय में कही.

ललन सिंह ने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी की है.आज उसी का नतीजा है कि घरेलू हिंसा और सड़क पर जो उत्पात हो रहा था उसमें कमी आई है. लेकिन अखबार वाले और मीडिया वाले मुख्यमंत्री के इस कदम के खिलाफ हैं. दरअसल पत्रकारों को दारू नहीं मिल रहा है. अगर पत्रकारों को दारू पीने के लिए नहीं मिल रहा है तो इसमें मुख्यमंत्री क्या करें? आपको देखें या जनता को देखें.

ललन सिंह की पार्टी जेडीयू सरकार में है। नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं. महागठबंधन की सरकार में ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी. लगभग सात साल हो गए बिहार में शराबबंदी लागू किए हुए. बावजूद इसके, हर दिन शराब पकड़ाने की खबर सामने आती रहती है. यही नहीं, हर महीने कहीं न कहीं से जहरीली शराब पीने से मौतों से जुड़ी खबर सामने आती रहती है. बिहार सरकार के आंकड़ों पर ही ध्यान दें तो 2015 के बाद से अब तक शराब के मामले से जुड़े 2 लाख से अधिक मुकदमें दर्ज हो चुके हैं. तीन लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी कानून के तहत जेल में भेज दिया गया है.

वहीं बिहार में जंगल राज की बात कहे जाने पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि बिहार में एक घटना होने के बाद जंगलराज आ जाता है. यूपी में जाकर देखिए क्या वहां मंगलराज है? टीवी चैनल पर देश में नफरत फैलाया जा रहा है. ललन सिंह ने कहा कि बीजेपी विधवा विलाप कर रही है. गठबंधन धर्म क्या है उसका बीजेपी को कोई ज्ञान नहीं है. अब की एनडीए अटल और आडवाणी वाली एनडीए नहीं रही.

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने दो दिवसीय दौरे पर बिहार के लखीसराय पहुंचे हैं. यहां वह अलग-अलग प्रखंडों के गांवों में जनसंवाद का कार्यक्रम कर रहे हैं. यहां वह बिहार में शराबबंदी पर बोल रहे थे और इस दौरान उन्होंने महिसोना गाँव में जनसंवाद के दौरान खुले मंच से मीडिया के खिलाफ यह बयान दिया है.

इधर, केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद ललन सिंह द्वारा ‘ दारू न मिलने के कारण मीडिया नीतीश के खिलाफ है‘ के बयान को शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि अब जेडीयू अपनी नाकामी को छुपाने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर आरोप लगाने का काम कर रही है. यह उनके हताश का परिचायक है. आज बिहार में अराजकता का माहौल है. अपराधी तांडव करने लगे हैं. युवाओं पर लाठियां भांजी जा रही है। नकली शराब पीकर लोग मर रहे हैं.लेकिन इससे जेडीयू को कोई लेना देना नहीं है. हर हाल में सत्ता में चिपके रहना ही, इनका एजेंडा है.जनता के सामने पोल खुल रही है तो ये मीडिया को टारगेट करने लगे हैं, यह अशोभनीय है. उन्हें मीडिया से अविलंब माफी मांगनी चाहिए.


आलोक कुमार



13 दिन बाद भी विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया

 

पटना: बिहार में सरकार बदलने के 13 दिन बाद भी विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है.जिसके कारण संवैधानिक संकट बन गया है.बिहार विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं देंगे.यह कहा जा सकता है कि इस्तीफा देने के मसले पर अड़ गए हैं. किसी भी कीमत पर इस्तीफा नहीं देंगे.

बिहार में सत्ता परिवर्तन 10 अगस्त को हुआ.लगभग 13 दिन हो गए.अब तक विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया है.सत्ताधारी जेडीयू और आरजेडी, लगातार इस्तीफे की मांग कर रही है, लेकिन वे इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं.विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि जो उन्हें नोटिस दी गई है, वह नियमों के खिलाफ है.

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विगत दिनों सत्ता को बचाए रखने के लिए जो कुछ भी हुआ, उस पर इस समय कुछ भी कहना उचित नहीं होगा. लेकिन इस दौरान विधायिका की प्रतिष्ठा पर जो प्रश्न खड़े किए गए हैं, उस पर चुप रह जाना भी मेरे लिए अनुचित होगा. विजय सिन्हा ने कहा कि जब तक दायित्व के साथ बंधे हैं, तब तक अपने व्यक्तिगत सम्मान से ऊपर लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रखना मेरा कर्तव्य है. इसलिए जब विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, तब मैंने अपने ऊपर विश्वास की कमी के रूप में नहीं देखा.अविश्वास का प्रस्ताव का जो नोटिस सभा सचिवालय को दिया गया है, इसके नियमों और प्रावधानों की अनदेखी की गई है.इसलिए इस नोटिस को अस्वीकृत करना मेरा स्वाभाविक जिम्मेवारी है.

बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने साफ तौर पर कह दिया है कि वे पद से इस्तीफा नहीं देंगे. विजय सिन्हा ने कहा कि मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन मैंने खुद पर विश्वास रखा. अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सचिवालय को दिया गया, जिसमें नियमों की अनदेखी की गई है. आसन से बंधे होने के कारण से नोटिस में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और निराधार आरोप लगाए गए हैं, जो व्यक्तिगत स्तर के हैं. ऐसे में उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद ललित यादव की अध्यक्षता में महागठबंधन के नेताओं ने मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था.बिहार विधानसभा के सचिव के समक्ष 10 अगस्त को महागठबंधन के 50 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा गया था. अविश्वास प्रस्ताव के तहत विजय कुमार सिन्हा को अध्यक्ष के रूप में अपना पद बरकरार रखने के लिए विधानसभा के अंदर बहुमत साबित करना होगा.लेकिन अब उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है.

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के 14 दिन बाद उस पर चर्चा हो सकती है.नोटिस दिए जाने का बाद विधानसभा की कार्यवाही सत्र शुरू होने पर चर्चा के लिए यह सबसे पहला एजेंडा होता है. जब अविश्वास प्रस्ताव लिया जाता है, तो स्पीकर खुद अध्यक्षता नहीं कर सकता. ऐसे में डिप्टी स्पीकर काम संभालेंगे. विधानसभा में जेडीयू नेता महेश्वर हजारी डिप्टी स्पीकर हैं. कानून के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा अधिकतम 14 दिन स्पीकर की कुर्सी पर रह सकते हैं. वहीं महागठबंधन को 15 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा. ऐसे में 14 दिनों का समय 23 अगस्त को खत्म हो रहा है और सत्र 24 अगस्त को होगा. लेकिन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही स्पीकर ने कह दिया है कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे.

बता दें कि बिहार विधानसभा के कार्य संचालन नियमावली में अध्यक्ष को हटाने और नये अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया निर्धारित है. खास बात यह है कि बिहार के राज्यपाल द्वारा अध्यक्ष के निर्वाचन की तिथि निर्धारित की जाती है. तकनीकी रूप से देखा जाए तो विधानसभा अध्यक्ष का पद अभी खाली नहीं है और ना ही इस तरह की कोई सूचना विधानसभा की ओर से महामहिम राज्यपाल को दी गई है. जहां तक विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन की बात है तो पद रिक्ति की सूचना मिलने के बाद राज्यपाल द्वारा तिथि निर्धारित की जाती है. नियम के अनुसार, निर्वाचन की तिथि के एक दिन पहले 12 बजे दिन तक ही अध्यक्ष बनने को इच्छुक सदस्य विधानसभा सचिव के पास नामांकन दर्ज कर सकते हैं.

बता दें कि नई सरकार को विश्वास मत हासिल करने के लिए 24 अगस्त को विधानसभा की बैठक बुलाई गई है. दो दिवसीय सत्र की कार्ययोजना मौजूदा अध्यक्ष को ही बनानी है. बिहार विधानसभा में दो ही कार्य किये जाने हैं. पहला सरकार का बहुमत हासिल करना और दूसरा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराना. हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि इनमें से पहला कार्य कौन होगा और दूसरा कौन सा.हालांकि विधानसभा स्पीकर ने सत्ता पक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. ऐसे में अब आगे क्या होगा, इस पर इस पर सबकी नजर रहेगी.

 जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा,‘महागठबंधन के विधायकों ने मंगलवार को (जिस दिन नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में पद छोड़ दिया था) बिहार विधानसभा के सचिव को एक नोटिस भेजा, जिसमें सदन के अध्यक्ष को उनके पद से हटाने की मांग की गई है.’ उन्होंने कहा कि महागठबंधन के कई विधायकों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे. चौधरी ने कहा कि इसकी एक हार्ड कॉपी भी बुधवार को विधानसभा सचिवालय को सौंपी गई. चौधरी ने कहा कि सदन के वर्तमान अध्यक्ष सिन्हा के खिलाफ यह प्रस्ताव नीतीश कुमार की ओर से विश्वास मत लाने के लिए सत्र आहूत किए जाने के दौरान लाया जाएगा. 

जेडीयू के एक अन्य नेता ने कहा, ‘हमें पता चला कि वर्तमान अध्यक्ष ने मंगलवार को एक बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) नेता की अध्यक्षता में आचार समिति की बैठक बुलाई और पिछले साल मार्च में विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम के अधिनियम के दौरान विधानसभा में अराजकता पर एक ताजा रिपोर्ट प्राप्त की थी.’ उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की मंशा बहुत संदिग्ध थी, क्योंकि उन्होंने परंपरा के अनुसार पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था.

जब अविश्वास प्रस्ताव लिया जाता है, तो स्पीकर खुद अध्यक्षता नहीं कर सकता. ऐसे में डिप्टी स्पीकर काम संभालेंगे.' विधानसभा में जदयू नेता महेश्वर हजारी डिप्टी स्पीकर हैं.पूर्व स्पीकर विजय कुमार चौधरी ने बताया कि कानून के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा अधिकतम 14 दिन स्पीकर की कुर्सी पर रह सकते हैं। ही महागठबंधन को 15 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा. विजय कुमार चौधरी ने कहा, 'मुझे भी पता चला है कि महागठबंधन ने अविश्वास नोटिस दिया है. ऐसे में 14 दिनों का समय 23 अगस्त को खत्म हो रहा है और सत्र 24 अगस्त को होगा.'

आलोक कुमार

सितंबर में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना

 * पहले चेहरे का स्कैन होगा,तब वोट डालेंगे


पटनाः राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद है.उन्होंने बिहार में आगामी नगर निकाय चुनाव में फर्जी मतदान रोकने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के उपायों पर काम शुरू कर दिया है.

राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिका चुनाव को लेकर पहली बार जिलों के अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की. जिसमें यह सहमति बनी कि नगरपालिका चुनाव में गड़बड़ी और फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदाताओं की पहचान उनके चेहरे से की जाएगी. इससे पहले पंचायत चुनाव में अंगुली (फिंगर) के माध्यम से मतदाताओं की पहचान की व्यवस्था की गई थी.इस बार चेहरे के माध्यम से मतदाताओं की पहचान करने से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

वहीं जानकार लोगों का कहना है कि सितंबर में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और अक्टूबर में मतदान कराए जाने के आसार हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को चुनाव की तैयारी तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया है. इसमें सभी जिलों को चुनाव कोषांगों के गठन करने, मतदाता सूची का सुधार कर जल्द अनुमोदन हासिल करने के लिए भी कहा गया है.

गत दिनों राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद की अध्यक्षता में नगर निकाय आम चुनाव, 2022 को लेकर सभी जिलों के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक की गयी.बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी अनुमंडलाधिकारी भी शामिल हुए. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में आयोग के आयुक्त डॉ. प्रसाद ने निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. ईवीएम की कमीशनिंग संबंधी कार्य, निकाय के तीन पदों के अनुरूप मतगणना हॉल का आकलन, चुनाव में होने वाले खर्च को लेकर नगर विकास विभाग को राशि आवंटन के लिए पत्र भेजने, मतदान सामग्रियों की व्यवस्था एवं ससमय वितरण इत्यादि को लेकर चर्चा की गयी.बैठक में आयोग के सचिव मुकेश सिन्हा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे.

मेयर व डिप्टी मेयर का आरक्षण निर्धारण आयोग करेगा सूत्रों ने बताया कि आयोग ने निर्देश दिया कि निकाय चुनाव में नगर निगम के मेयर/उप मेयर, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद के आरक्षण का निर्धारण आयोग करेगा. वहीं, वार्डवार पार्षदों का आरक्षण का निर्धारण जिला के स्तर से किया जाएगा. इसके लिए 25 से 31 अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया है.

इस संदर्भ में सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि मतदाताओं की पहचान इस बार चेहरे के माध्यम से की जाएगी. मेयर/ उप मेयर व मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद के पदों के लिए आरक्षण निर्धारण आयोग करेगा.वार्डवार पार्षदों का आरक्षण का निर्धारण जिला के स्तर से होगा.सभी जिलों में चुनाव संबंधी कोषांगों का गठन जल्द करने का निर्देश.मतदाता सूची में सुधार कर उस पर अनुमोदन प्राप्त करने को कहा गया.मतदान के लिए बूथों का गठन कर जीआईएस मैपिंग की जाएगी और ईवीएम की जरूरत का आकलन व फर्स्ट लेवल चेकिंग की जाएगी.

आलोक कुमार

सोमवार, 22 अगस्त 2022

पटना में हार्ट अटैक से संजय जेम्स की मौत

* दिल्ली से मां मेरी जेम्स से मिलने आया था संजय जेम्स

*पटना में हार्ट अटैक से संजय जेम्स की मौत




पटना: नई दिल्ली से अकेले विलियम जेम्स उर्फ संजय चलकर पटना 15 अगस्त को शाम 7ः 30 बजे पटना मां मेरी जेम्स के घर बोरिंग रोड पहुंचा.यहां पर मां के साथ संजय जेम्स की पत्नी कंचन रहती थीं.दोनों के सामने ही संजय जेम्स को गहरा हृदयाघात लगा.  संजय जेम्स  20 अगस्त को सुबह 6ः 00 बजे दम तोड़ दिया.

एकलौता पुत्र संजय जेम्स थे : नहीं रहा संजय जेम्स (विलियम जेम्स): पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी के रहवासी जेम्स  फिदेलिस थे. उनका विवाह मेरी से हुआ था.सीतामढ़ी जिले के मोरपा कोठी के की मेरी रहवासी है. जेम्स और मेरी का एकलौता पुत्र संजय जेम्स थे. इस बीच संजय जेम्स के सिर पर से पिताश्री की छाया उठ गई.मेरी निधन हो गया है.इसके बाद संजय जेम्स की मां मेरी जेम्स बेतिया से पलायन कर पटना में रहने लगी.यहां पर होम नर्स के रूप में काम करने लगी.


फिलहाल संजय दिल्ली में रहता था :
बेतिया नगर निगम के वार्ड नं.7 के प्रत्याशी गोडेन अंथोनी ठाकुर ने कहा कि संजय जेम्स ( विलियम जेम्स) मेरा  फुफेरा भतीजा था.वह सुरेश लुईस का मौसेरा भाई था.वह दिल्ली के एक हॉस्पिटल का मेडिकल स्टाफ था.उनकी शादी हो चुकी है.आरा की रहने वाली कंचन से शादी हुई थी.करीब एक साल पहले ही शादी हुई थी.अभी कोई बाल बच्चा नहीं हुआ है.उनकी पत्नी कंचन सासू मां के घर बोरिंग रोड पटना में रहती थी.दिल्ली से संजय जेम्स व्यक्तिगत काम से और पत्नी कंचन को पटना से ले जाने के लिए आए थे.

प्रत्याशी गोडेन अंथोनी ठाकुर ने कहाः यह दुर्भाग्यपूर्ण संयोग ही था कि मां मेरी और पत्नी कंचन के सामने ही संजय को जानलेवा ह्दयाघात अटैक कर दिया.दोनों महिलाएं किंकर्तव्यविमूढ़ हो गये.इस बीच इस धरती को छोड़कर संजय जेम्स सुबह 6ः00 बजे प्रभु के प्यारे हो गए.अंतिम सामाजिक व धार्मिक कर्तव्य निभाकर पार्थिव का कुर्जी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया.करीब 32 साल के थे.स्व.जेम्स फिदेलिस के भाई हैं राजू फिदेलिस.राजू   फिदेलिस के भतीजा हैं संजय जेम्स. राजू इलेक्ट्रिशियन हैं. वह अभी बेतिया में रहते हैं. उनका घर मधु चिकन वाली गली में हैं.


ओ जाने वाले हो सके तो लौट आनाः
सीतामढ़ी जिले के मोरपा कोठी के रहवासी पूर्व   पंचायत समिति के सदस्य बैरगनिया सुरेश लुईस का कहना है कि मेरा मौसेरा भाई विलियम जेम्स है.परंतु वह संजय जेम्स नाम से विख्यात था.उसका जन्म 25/06/1990 को बेतिया में हुआ था.उन्होंने कहा कि मेरी मौसी मेरी जेम्स का नैहर मोरपा कोठी में है.वे कहते है कि पहले मौसा जेम्स फिदेलिस दुनिया से विदा हो गये.अब मेरा मौसेरा भाई संजय जेम्स प्रभु के प्यारे हो गए 20/08/2022 को सुबह 06: 00 बजे अंतिम सांस ली.इस तरह मौसी मेरी जेम्स और उनकी पुत्रवधु कंचन अकेली हो गयी.उन्होंने कहा कि मैंने अपने नाना के कब्र में ही संजय जेम्स को जगह दे दी.कारण की कुर्जी कब्रिस्तान में जगह नहीं है.एक कब्र के अंदर कई लोगों को दफनाया जा रहा है.20/08/2022 को दोपहर 2: 00 बजे दफन कर दिया गया.


आलोक कुमार


खाद्यान्न का वितरण लाभुकों के बीच जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के माध्यम से ससमय करने का निर्देश

 


किशनगंज: आज श्री श्रीकांत शास्त्री भा०प्र०से०, जिला पदाधिकारी, किशनगंज की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई.

समीक्षात्मक बैठक में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी / प्रखण्ड आपूर्ति निरीक्षक को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण लाभुकों के बीच जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के माध्यम से ससमय करने का निर्देश दिया गया.

जिला प्रबंधक, रा०वा०निगम, किशनगंज को परिवहन - सह - हथालन अभिकर्ता, मुख्य के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से खाद्यान्न का उठाव कर राज्य खाद्य निगम के गोदाम में समय आपूर्ति कराने का निर्देश दिया गया, जिससे खाद्यान्न का वितरण ज०वि०प्र० विक्रेताओं को ससमय किया जा सके. भारतीय खाद्य निगम के गोदामों के लिए खाद्यान्न ले जाने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग की जांच करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, किशनगंज को निर्देशित किया गया.

जिला प्रबंधक, रा० खा० निगम, किशनगंज को सभी टी. पी. डी. एस. गोदामों में सी. सी. टी. भी. कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया.बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी किशनगंज अनुमंडल पदाधिकारी किशनगंज, जिला प्रबंधक  रा० खा० निगम   किशनगंज, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सभी सहायक गोदाम प्रबंधक रा० खा० निगम, परिवहन-सह-हथालन अभिकर्ता, मुख्य एवं डी. एस. डी. आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

 

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सेना द्वारा 20 वर्षों के लिए प्रस्तावित रूटीन तोपाभ्यास के अवधि विस्तार पर रोक लगाई

 


रांची: अभी नहीं हुआ हैं नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द! माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सेना द्वारा 20 वर्षों के लिए प्रस्तावित रूटीन तोपाभ्यास के अवधि विस्तार पर रोक लगाई है. इसके लिए केन्द्रीय जन संघर्ष समिति माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती है. साथ ही माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द करने के लिए  विधिवत अधिसूचना जारी करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री व केंद्रीय रक्षा मंत्रालय को लिखा जाए.

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रद्द नहीं हुआ है. अवधि विस्तार पर रोक लगाना निश्चय ही हमारे संघर्ष की जीत की एक और कदम है. पहली जीत हमने तब हासिल की थी जब 22 मार्च 1994 को तोप अभ्यास के लिए आई सेना को वापस किया था.  जिसके लिए अभी हमें और संघर्ष करना है. जब तक सरकार द्वारा नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द करने की अधिसूचना जारी नहीं करती.

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित लोगों द्वारा पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना को रद्द करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. वर्तमान में भी प्रत्येक वर्ष की भांति नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में 22-23 मार्च को विरोध प्रदर्शन किया गया था. अब ऐसे में अधिसूचना को आगे और विस्तार नहीं होने से आदिवासियों के 30 वर्षों का संघर्ष भी समाप्त होगा और इलाके के लोगों को गोलियों की तड़तड़ाहट नहीं सुनाई देगी.

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में लातेहार जिला के करीब 39 राजस्व ग्रामों द्वारा आम सभा के माध्यम से झारखंड के राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज से प्रभावित जनता द्वारा बताया गया था कि लातेहार व गुमला जिला पांचवी अनुसूची के अन्तर्गत आता है. यहां पेसा एक्ट 1996 लागू है, जिसके तहत ग्राम सभा को संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. इसी के तहत नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के प्रभावित इलाके के ग्राम प्रधानों ने प्रभावित जनता की मांग पर ग्राम सभा का आयोजन कर नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के लिए गांव की सीमा के अन्दर की जमीन सेना के फायरिंग अभ्यास के लिए उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया था. साथ ही नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना को आगे और विस्तार न कर विधिवत अधिसूचना प्रकाशित कर परियोजना को रद्द करने का अनुरोध किया था.

बता दें, 1964 में शुरू हुए नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज का तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा 1999 में अवधि विस्तार किया गया था. मुख्यमंत्री ने जनहित को ध्यान में रखते हुए नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को पुनः अधिसूचित नहीं करने  के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की है.फायरिंग रेंज के होने के चलते एक-दूसरे से सटे दोनों जिलों के दर्जनों गांव के आदिवासी आज तक विस्थापन के भय से उबर नहीं पाए हैं. फायरिंग रेंज के होने के चलते एक-दूसरे से सटे दोनों जिलों के दर्जनों गांव के आदिवासी आज तक विस्थापन के भय से उबर नहीं पाए हैं. इनके भीतर यह डर 1991-92 के समय से है जब अविभाजित बिहार सरकार ने गजट जारी कर नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के नाम से पहचानी जाने वाली सैन्य छावनी के लिए लातेहार और गुमला के 157 मौजों  के मातहत 245 गांव की 1471 वर्ग किलोमीटर भूमि को अधिसूचित किया था.8 जनवरी 2022 को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन संघर्ष समिति की जारी मासिक बैठक.  

समिति की स्थापना 1993 में हुई थी. हर साल 22 और 23 मार्च को फायरिंग रेंज को रद्द किए जाने का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने के लिए अधिसूचित गांव के हजारों आदिवासी जमा होते हैं.झारखंड के सीपीआई (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) विधायक विनोद सिंह ने 20 दिसंबर 2021 को जारी विधानसभा सत्र में राज्य सरकार से पूछा था कि बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-1862, दिनांक-20.08.1999 के अनुसार, “नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज का उक्त क्षेत्र के ग्रामीण व्यापक विरोध कर रहे हैं? क्या यह एक ईको सेंसिटिव क्षेत्र है?”सरकर ने प्रश्न में कही बात को स्वीकारा लेकिन विधायक द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल, कि “क्या सरकार 11 मई 2022 को समाप्त हो रही फायरिंग रेंज की समयावधि विस्तार पर रोक लगाने का विचार रखती है? अगर हां तो कब तक और अगर नहीं, तो क्यों?” के जवाब में सरकार ने बताया कि इस संबंध में विभाग को अब तक कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है.

झारखंड के गुमला और लातेहार जिले के आदिवासी गांवों के लोगों के लिए सरकार के इस जवाब का सीधा और स्पष्ट मतलब है कि सरकारी कागजों में उनका गांव फायरिंग रेंज के तौर पर अभी भी चिन्हित है.इस फायरिंग रेंज के विरोध में बीते तीन दशक से यहां के ग्रामीण आंदोलनरत हैं. इन जिलों के ग्रामीणों के मुताबिक उसने फायरिंग रेंज को रद्द किए जाने का वादा और भरोसा भाषणों में तो सभी नेताओं ने किया है लेकिन अपने वादों पर कभी अमल नहीं किया. उनके दावे की तस्दीक क्षेत्र के दर्जनों अखबार और पत्रिका में प्रकाशित खबरों से की जा सकती है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध है अनुसूचित जनजातियां समाप्त होती जा रही है. आदिवासी संकट में हैं, उन्हें बचाना परम धर्म है. केंद्र सरकार नेतरहाट फील्ड रेंज को हमेशा के लिए रद्द करना होगा. अन्यथा सिदो कान्हू के समय से आज तक जिस तरह आंदोलन चला उस तरह का आंदोलन जारी रहेगा. अनिल पन्ना, प्रफुल्ल लिंडा, नदीम खान, दीपा मिंज, सुषमा बिरुली समेत अन्य ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का आयोजन महेंद्र पीटर तिग्गा ने किया.

आलोक कुमार


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