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प्रथम पुण्यतिथि

 पटना. येसु समाज के पुरोहित फादर सुशील साह.एक साधारण पुरोहित नहीं थे.वे अमेरिका में जाकर मनोचिकित्सक का अध्ययन किये थे.अमेरिका से मनोचिकित्सक के डाक्टर बनकर आये.यहां पर कुर्जी पल्ली के सहायक पल्ली पुरोहित थे. एक मनोचिकित्सक के डाक्टर होने के कारण डॉ.सुशील साह कुर्जी होली फैमिली हाॅस्पिटल में प्रैक्टिस करने लगे थे. इस बीच डा.सुशील साह का स्थानान्तरण बेतिया महापल्ली में 2018 में हो गया.यहां प्रधान पल्ली पुरोहित बनने के बाद फादर सुशील साह ने पल्ली परिषद गठित किया.इनके नेतृत्व में बेतिया चर्च के 275 वर्ष का जयंती बनाया गया.फादर सुशील का कदम बढ़ने लगा.इस बीच बीमार पड़े. बिस्तर पर गिरे तो फिर उठे नहीं.विधि के विधान के तहत फादर सुशील साह का निधन 24 अप्रैल 2021 को पटना में हो गया. उनका प्रथम पुण्यतिथि पर के.आर.हाई स्कूल के शिक्षक और बेतिया पल्ली परिषद के सदस्य जेम्स माइकल ने श्रद्धांजलि अर्पित किये हैं.


आलोक कुमार 

देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह

 

पटना.देश में स्वतंत्रता संग्राम के 1857 के अग्रिम योद्धा वीर कुंवर सिंह का 165 वां विजयोत्सव आज पूर्वाह्न 11.30 बजे प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय, सदाकत आश्रम में मनाया गया. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने समारोह की अध्यक्षता की.


डा0 झा ने कहा कि वीर कुंवर सिंह 80 वर्ष की अवस्था में 23 अप्रैल, 1857 को अंगरेजी सेना को हराकर जगदीशपुर के किले एवं आरा शहर में अपना झंडा फहराया था.उन्होंने कहा कि वीर कुँवर सिंह अद्वितीय शौर्य एवं साहस के साथ अंगरेजी सेना से लड़े. वे साम्प्रदायिक एकता के बड़े हिमायती थे.जहाँ उन्होंने शिव मंदिर बनाये वहीं उन्होंने मस्जिद भी बनवाये तथा पीर-फकीरों को दान भी दिये.डा0 झा ने कहा कि आज कृतज्ञ राष्ट्र वीर कुँवर सिंह के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करता है.


इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा के अलावे प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, पूर्व विधायक गजानन्द शाही, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष,ज्ञान रंजन, शशिकांत तिवारी, शरबतजहां फातमा, अरविन्द लाल रजक,रीता सिंह, मृणाल अनामय, आर0एन0चैधरी, राज किशोर चौधरी, विमलेश तिवारी, अनूप कुमार, निधि पाण्डेय, रूमा सिंह, सत्येन्द्र पासवान, आयुष भगत, सुभाष झा, सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे.


आलोक कुमार 

Bihar : Apprenticeship क्यों जरूरी है? प्रशिक्षण के बाद रोजगार में अनुभव की भूमिका

  प्रशिक्षण के बाद Apprenticeship और अनुभव रोजगार में कितने महत्वपूर्ण हैं? कौशल प्रमाणपत्र से नौकरी तक पहुंचने में अप्रेंटिसशिप की अहम भूमि...