विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पूर्व बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करने से संबंधित जन जागरूकता



मोतिहारी.अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम बाल विवाह एवं बाल संरक्षण के मुद्दे पर प्रखंड स्तरीय किशोर किशोरी सम्मेलन का आयोजन आज प्रखंड सभागार में चयनित पंचायतों के किशोर किशोरियों ने पेंटिंग और भाषण  के माध्यम से समाज में फैले कुरीतियों को समाप्त करने  का संकेत दिया.

 

सम्मलेन का आयोजन समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम, यूनिसेफ के सहयोग से सेव द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान प्रोजेक्ट के तहत किया गया. इस कार्यक्रम में   विभिन्न पंचायतों से 75 किशोर किशोरियों ने भाग लिया. इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह अपने देश के लिए एक अभिशाप है इसे खत्म करना ही होगा.इसके लिए आम नागरिक को भी आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि आज हम लोगों के बीच किशोर किशोरियां इस कार्यक्रम में शामिल हैं. इन के माध्यम से बाल श्रम और बाल विवाह रोकने के लिए एक बड़ी पहल हो सकती है.

इस अवसर पर जिला समन्वयक हामिद रजा ने कहा कि आज पूरे जिला में अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विभिन्न तरह के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं जिसमें  बाजार और चैक चैराहे पर नुक्कड़ सभा कर बाल श्रम नहीं कराने के जन जागरूकता किया जा रहा है, इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. जिसमे आम जनों तक यह संदेश फैले.इसके अतिरिक्त बाल श्रम कानून के बारे में समुदाय को जागरूक कर  बाल श्रम में कमी लाई जा सकती है.किशोरी समूह को  10 ग्रुप में विभक्त कर चित्रकारी प्रतियोगिता कराया गया जिसमें प्रथम स्थान कंचन ग्रुप परतापुर,  द्वितीय स्थान उषा ग्रुप कटहाँ तथा  तृतीय स्थान शहरयार ग्रुप को खेल सामग्री देकर सम्मानित किया गया। साथ ही इस पर सम्मेलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 30 किशोर एवं किशोरियों को कलम और कॉपी देकर सम्मानित किया गया.


इस कार्यक्रम में हामिद रजा जिला समन्वयक सेव द चिल्ड्रेन उड़ान प्रोजेक्ट, कृष्णा कुमार,सुशील कुमार आजाद  सेव द चिल्ड्रेन उड़ान प्रोजेक्ट, जितेंद्र कुमार सिंह सेव द चिल्ड्रेन उड़ान प्रोजेक्ट, रश्मि रंजन प्रखंड समन्वयक पोषण कार्यक्रम, ललिता कुमारी, उमा कुमारी, रानी सर्राफ, प्रभात कुमार प्रखंड परियोजना सहायक , प्रमिला चौरसिया सेव द चिल्ड्रेन, संध्या कुमारी चाइल्ड लाइन, विकास मित्र बिपिन कुमार, शम्भू राम, पंकज कुमार, सुमित्रा कुमारी, प्रेमशीला देवी, संगीत कुमारी,सोहन राम,प्रिया रानी, मोहम्मद फारूक सहित करीब 105 लोग  मौजूद थे.


आलोक कुमार

बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करेंगे

 

मोतिहारी.विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पूर्व बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करने से संबंधित जन जागरूकता के लिए आज श्रम अधीक्षक राकेश रंजन के द्वारा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, पिपराकोठी-प्रभारी मोतिहारी सदर विकास कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुगौली रविंद्र भूषण , डंकन हॉस्पिटल रक्सौल के प्रतिनिधि, चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि, प्रयास संस्था के विजय कुमार शर्मा  मोतिहारी शहर क्षेत्र  के क्रमशः बसंत स्वीट्स, छतौनी, मां वैष्णो स्वीट्स छतौनी  पवन स्वीट्स, छतौनी, मोटर साइकिल स्टोर हवाई अड्डा चौक  एवं अन्य  विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया तथा सभी नियोजित ओं से बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करने के संबंध में शपथ पत्र पाया गया तथा सभी दुकानदारों एवं नियोजन को यह निर्देश दिया गया कि वह अपने दुकान, होटल, प्रतिष्ठान में किसी भी बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करेंगे तथा अपने दुकान में इस आशय का एक बोर्ड लगाएंगे कि उनका दुकान या प्रतिष्ठान बाल श्रम मुक्त है.

आज मोतिहारी शहर क्षेत्र  स्थित कुल -01 प्रतिष्ठान ज्योति स्वीट्स छतौनी चौक से  01 बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया तथा विमुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति, मोतिहारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा संबंधित सभी नियोजकों के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है.


श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सभी नियोजकों से प्रति बाल श्रमिक ₹20000 रुपये की वसूली की कार्रवाई अलग से की जाएगी जिसे नियमानुसार जिलाधिकारी के नाम से संधारित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा कराया जाएगा.

जिन नियोजकों के द्वारा ₹20000 जुर्माने की राशि नहीं जमा कराई जाएगी उनके विरुद्ध एक अलग से सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद दायर किया जाएगा.

श्रम अधीक्षक ने मोतिहारी सदर प्रखंड के सभी नियोजको से यह अपील की कि वे अपने दुकान या प्रतिष्ठान में किसी भी बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करें. यदि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में बाल श्रमिकों को नियोजित पाया जाता है तो उनके नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए अग्रसर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.श्रम अधीक्षक ने बताया कि यह अभियान 12 जून तक लगातार सभी प्रखंडों में जारी रहेगा और किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम को स्वीकार नहीं किया जाएगा.


आलोक कुमार

 

भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों के चलते न सिर्फ मंहगाई बढ़ रही है

 

पटना.राजधानी पटना में शनिवार को ऐपवा का आठवां नगर सम्मेलन सम्पन्न हो गया. इस अवसर पर प्रोफेसर भारती एस कुमार ने कहा कि इतिहास के सच को झूठ बनाने में तत्पर भाजपा सरकार है.ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि नीतीश सरकार महिलाओं के नाम पर शराब बंदी की लेकिन गरीब ही जेल में बंद कर दिए गए हैं.ऐपवा की नगर सचिव अनिता सिन्हा ने कहा कि सरकार गरीबों के ऊपर बुलडोजर चलवा रही है.तो ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा कि ऐपवा को स्कीम वर्कर्स को संगठित करने पर जोर देना होगा.

 मंहगाई पर रोक लगाने, गैस की कीमतों को कम करने, गरीबों के आशियाने बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने, न्याय , आजादी, बहनापा और बराबरी के लिए संघर्ष करने के नारे पर  ऐपवा का आठवां सम्मेलन भाकपा -माले विधायक दल कार्यालय 13 नंबर छज्जूबाग में सम्पन्न हुआ.इससे पहले सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रोफेसर भारती एस कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों के चलते न सिर्फ मंहगाई बढ़ रही है अपितु रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं.सरकार इतिहास के सच को झूठ साबित करने में लगी हुई हैं.समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए साम्प्रदायिक उन्माद भड़का रही है.आज महिलाओं को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा.


सम्मेलन की मुख्य वक्ता ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि  केन्द्र सरकार ने  गैस सिलेंडर पर  से सब्सिडी खत्म कर दी , अब केवल उज्जवला योजना वाले सिलेंडर पर ही सब्सिडी बरकरार रहेगी.अर्थव्यवस्था रसातल में जा रही है जिससे मंहगाई बढ़ रही है, रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं.स्वास्थ्य व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं आईं है.बिहार में नीतीश जी पहले तो लड़कियों को साइकिल बांटने के नाम पर शराब की दुकानों को पंचायत स्तर तक खोलकर राजस्व से सरकार की आमदनी बढ़ाएं. गांव - गांव शराब पीने की लत पड़ गई और  महिलाओं की ही मांग पर शराबबंदी किए लेकिन सब गरीब जेल में बंद कर दिए. शराब माफिया जेल से खुलेआम घूम रहे हैं और जहरीली शराब का कारोबार चला रहे हैं जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है.अपराध का बोलबाला है अभी कटिहार में में एक नाबालिग अल्पसंख्यक बच्ची का बलात्कार करके हत्या कर दी गई.प्राणपुर विधायक हत्यारों को संरक्षण कर रहे हैं.

सम्मेलन की पर्यवेक्षक वह ऐपवा राज्य सचिव शशि यादव ने कहा कि आज सरकार गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलवा रही है. बगल के उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी बुलडोजर बाबा बने हुए हैं लेकिन बिहार में बुलडोजर के आगे गरीब मजबूती से खड़ा है. बिहार में बुलडोजर राज नहीं चलने दिया जाएगा.

ऐपवा राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा कि ऐपवा अस्सी के दशक से ही महिलाओं का सशक्त आवाज रहा रहा है और अब समय के साथ स्कीम वर्कर्स जिनका सस्ते श्रम के रूप में इस्तेमाल होता है , उनकी जुझारू आवाज बनकर खड़ा है.सम्मेलन में झंडोत्तोलन किया गया.  भाकपा -माले की सत्तर दशक की नेत्री मीरा भट्टाचार्य ने सम्मेलन की अध्यक्षता की. तीन सदस्यीय अध्यक्ष मण्डली - अनुराधा सिंह, राखी मेहता व आसमां खान ने.संचालन अनिता सिन्हा ने किया.कामकाज की रिपोर्ट पेश किया अनिता सिन्हा ने. इस रिपोर्ट पर मधु, विभा गुप्ता, आस्मां खान, ममता, निर्मला, दमयंती कुशवाहा , नसरीन बानो आदि ने अपनी बात रखी. कोरस की टीम ने गीत प्रस्तुत किए.


 अन्त में 35 सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया.फिर से सर्वसम्मति से मधु को अध्यक्ष व अनिता सिन्हा को सचिव चुना गया.सह सचिव समता राय, अनुराधा सिंह व राखी मेहता चुनी गई.उपाध्यक्ष विभा गुप्ता, आबदा खातून, अफ्शां जंबी, नसरीन बानो व आसमां खान को बनाया गया.अन्त में ‘हम होंगे कामयाब‘ गीत से सम्मेलन का समापन हुआ.


आलोक कुमार

 


नीतीश कुमार ने स्कूली छात्रों के बीच साइकिल प्रेम दिखाये थे

 तीन जून को विश्व साइकिल दिवस 


पटना. दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से विश्व भर में 3 जून यानी आज विश्व  साइकिल दिवस या वर्ल्ड बाइसिकल डे  मनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य लोगों को ये समझाया है कि साइकिल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए तो बेहतर है ही, पर्यावरण  और अर्थव्यवस्था के लिए भी अनुकूल है.संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 3 जून को इस दिन के तौर पर मनाये जाने की घोषणा की थी. आधिकारिक तौर पर पहली बार विश्व साइकिल दिवस 3 जून, 2018 को मनाया गया था.साइकिल दिवस को मनाने की शुरुआत साल 2018 में हुई। अप्रैल 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व साइकिल दिवस मनाने का फैसला लिया.इसके लिए 3 जून का दिन तय किया गया.तब से अब तक भारत समेत कई देश विश्व साइकिल दिवस हर साल 3 जून को मनाते हैं.                   

यूरोपीय देशों में साइकिल के इस्तेमाल का विचार 18वीं शताब्दी के दौरान लोगों को आया था लेकिन 1816 में पेरिस में पहली बार एक कारीगर ने साइकिल का आविष्कार किया, उस समय इसका नाम हाॅबी हाॅर्स यानी काठ का घोड़ा कहा जाता था.बाद में 1865 में पैर से पैडल घुमाने वाले पहिए का आविष्कार किया. इसे वेलाॅसिपीड कहा जाता था.इसे चलाने से बहुत ज्यादा थकावट होने के कारण इसे हाड़तोड़ कहा जाने लगा. साल 1872 में इसे सुंदर रूप दिया गया.लोहे की पतली पट्टी के पहिए लगाए गए. इसे आधुनिक साइकिल कहा गया। आज साइकिल का यही रूप उपलब्ध है.   

  संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व  साइकिल दिवस का महत्व सदस्य राज्यों के विभिन्न विकास रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने और अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय विकास नीतियों और कार्यक्रमों में साइकिल को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करता है. साथ ही यह दिन सदस्य राज्यों को सर्वोत्तम प्रथाओं और समाज के सभी सदस्यों के बीच साइकिल को बढ़ावा देने और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर साइकिल सवारी को व्यवस्थित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है. यह दिन बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा को मजबूत करने, स्वास्थ्य को बेहतर बनाये रखने, बीमारियों को रोकने, सामाजिक समावेश और सुविधा प्रदान करने के लिए साइकिल के उपयोग को समझने के लिए भी प्रोत्साहित करता है. विश्व साइकिल दिवस मनाये जाने की वजह साइकिल की विशेषता और बहुमुखी प्रतिभा को पहचान देना भी है. कहा गया कि शहरवासी अपने आसपास की दूरी तय करने के लिए अगर साइकिल का इस्तेमाल करें तो इससे प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पेट्रोल की खपत कम होगी. साथ ही शहर का प्रदूषण स्तर भी कम होगा.

सीएम नीतीश ने जो बातें कहीं वह हकीकत ही हैं. इसकी शुरुआत कैसे हुई यह जानने के लिए एक वाकया बताते हैं आपको. वर्ष 2005 में बिहार की सत्ता संभालने के एक साल बाद नीतीश कुमार पटना ज़िला में एक सरकारी समारोह में शिरकत कर रहे थे. इस समारोह में स्कूल में पढ़ने वाली दलित लड़कियों को साइकिल वितरण किया जा रहा था. वितरण के बाद जब लड़कियां क़तार में खड़ी होकर साइकिल चला कर जाने लगीं तो उस मंजर को देख नीतीश कुमार बेहद खुश हुए. उन्होंने तभी अधिकारियों से कहा कि क्यों न सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली तमाम लड़कियों को साइकिल दी जाए. इस तरह से लड़कियों के लिए साइकिल योजना की शुरुआत हुई.

आलोक कुमार



Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...