डिजिटल बैंकिंग का बढ़ता दायरा और ग्राहकों की सुरक्षा
डिजिटल बैंकिंग का बढ़ता दायरा और ग्राहकों की सुरक्षा: सुविधा के साथ सावधानी क्यों जरूरी भारत में डिजिटल बैंकिंग तेजी से आम लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है.मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, ऑनलाइन ट्रांसफर और डिजिटल वॉलेट ने लेन-देन को आसान, तेज़ और सुविधाजनक बना दिया है.लेकिन इस सुविधा के साथ एक नई चुनौती भी सामने आई है —डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता की कमी. डिजिटल लेन-देन में लगातार बढ़ोतरी पिछले कुछ वर्षों में देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचे हैं.छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापार तक,हर जगह ऑनलाइन भुगतान सामान्य हो गया है. इस बदलाव के कारण: * नकदी पर निर्भरता कम हुई *भुगतान प्रक्रिया तेज़ हुई *लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित हुआ यह बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. बढ़ती सुविधा के साथ बढ़ा साइबर जोखिम जहाँ डिजिटल बैंकिंग ने जीवन आसान बनाया है,वहीं साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है. सबसे आम खतरे: *फर्जी कॉल और मैसेज *नकली बैंक लिंक *ओटीपी साझा कराने की कोशिश *स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए ठगी अधिकांश मामलों...