🔴 ताजा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

लेखक की रचनाएं रहती हैं स्मृतियों मे

पद्मश्री उषा किरण खान स्मृति कार्यक्रम संपन्न


भोपाल। हिन्दी एवं मैथिली की वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री श्रीमती उषा किरण खान को स्मरण करने के लिए गांधी भवन में आयोजित सभा में आज वरिष्ठ साहित्यकार विजय बहादुर सिंह ने कहा कि लेखक की रचनाओं को स्मृतियों में रखकर उसे याद करना चाहिए। लेखक की पहचान उसके रचनाकर्म से होती हैं। बहुत कम लेखक होते हैं, जिनका व्यक्तित्व भी अनुकरणीय होता है उषा किरण जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व दोनों अनुकरणीय है। उषा किरण जी लेखनी एवं व्यक्तित्व दोनों पर भारतीयता की छाप है। उन्होंने अपनी जिंदगी में स्त्रियों की स्थिति को अनुभव किया है, जिसे उनकी रचनाओं में देखा जा सकता है।

स्मृति सभा की शुरुआत कबीर गायन से किया गया। सीमा बजाज ने कबीर की रचनाओं को प्रस्तुत किया। अपने वीडियो संदेश में नम्रता कार्तिक ने उषा किरण के साथ के अपनी यादों को साझा किया। पत्रकार निवेदिता ने बताया कि साहित्य से अलग अन्य विषयों में भी उनकी गहरी रुचि थी। वरिष्ठ रंगकर्मी संजय उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने कई नाटक भी लिखे थे, जिसका मंचन उन्होंने कई बार किया। एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पी.व्ही. ने बताया कि कई आंदोलनों में वे साथ रही हैं। हाशिये के लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना थी।

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने बताया कि वे देश के सभी गांधावादी आंदोलनों को समर्थन देती थी। वरिष्ठ पत्रकार फैजल ने बताया कि अगनहिंडोला उनकी बेहतरीन रचनाओं में से एक है, जिसे जरूर पढ़ना चाहिए। साहित्यकार मलय जैन ने बताया कि वे नए रचनाकारों को हौंसला देती थीं। साहित्यकार जिया फारूकी ने बताया कि उनकी रचनाओं में मार्मिकता की झलक मिलती है। साहित्यकार श्रद्धा जोशी ने बताया कि उषा किरण जी नए रचनाकारों के साथ बहुत सहज व्यवहार करती थी। उषा किरण खान ने आयाम संगठन का गठन किया था। उससे जुड़ी रानी ने बताया कि वे लिखने के साथ-साथ पढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं।


इस सभा में उषा किरण की पुत्री अनुराधा शंकर, पूर्व मुख्य सचिव शरद चंद्र बेहार, एकता परिषद के रन सिंह परमार, रघुराज सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार ध्रुव शुक्ल, शैलेन्द्र शैली, अनीष, आशा मिश्रा, सविता वाजपेयी, माधुरी सहित कई वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी उपस्थित हुए। सभा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीवान ने किया।

आलोक कुमार


इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसे अधिक से अधिक प्रसार करने में योगदान करें

बिहार से जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी का सर्वनाश

 बिहार को जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी से निजात दिलाना हमारा मिशन: डा0 अखिलेश

पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि कांग्रेस बिहार के 40 लोकसभा सीटों पर अपनी तैयारी की हुई है और महागठबंधन के अंतिम फैसले के बाद हम अपने मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। हमारा मिशन है बिहार से जुमलेबाज और पलटीमार की जोड़ी का सर्वनाश, उससे निजात दिलाना। 

        वे शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। नवगठित 54 सदस्यीय चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी जो डा0 सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी द्वारा नियुक्त स्क्रीनिंग कमिटी के चेयरमैन राणा केपी सिंह एवं सदस्य जयवर्द्धन सिंह और इवन डिसूजा मौजूद रहे। यह चुनाव समिति की पहली बैठक थी जिसमें सदस्यों ने विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों एवं उनके दावेदारों की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। चूंकि महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है, लिहाजा सर्वसम्मति से सीट और दावेदारी के बारे में निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौप दी गई। 

    बैठक में कमिटी के करीब सभी सदस्य शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं - लोकसभा सांसद मो0 जावेद, सांसद रंजीत रंजन, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य कन्हैया कुमार, बिहार विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, अनिल कुमार शर्मा, चंदन यादव, अशोक कुमार, विजय शंकर दूबे, कृपानाथ पाठक, प्रेमचन्द्र मिश्रा, राजेश कुमार, मुन्ना तिवारी, संतोष मिश्रा, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, विश्वनाथ राम, बिजेन्द्र चैधरी, अजय कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, पूनम पासवान, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़ आदि थे।


आलोक कुमार

इस पढ़ने के लिए धन्यवाद और इसके प्रसार करने में योगदान करें।

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...