‘मुसीबत ‘गीत एवं प्रार्थना का कार्यक्रम में शामिल

  ‘मुसीबत ‘गीत एवं प्रार्थना का कार्यक्रम  में शामिल 





पटना.आज बुधवार को सुजीत एवं संध्या ओस्ता दम्पति के घर में ‘मुसीबत‘ गीत एवं प्रार्थना का कार्यक्रम  संपन्न  हुआ.इंटरनेशनल ह्यूमन  राइट्स काउंसिल के महासचिव एस.के.लॉरेन्स के नेतृत्व में गायक और भक्तगण शिवाजी नगर दीघा, पटना में ‘मुसीबत ‘गीत एवं प्रार्थना का कार्यक्रम  में शामिल होने पहुंचे.

            इंटरनेशनल ह्यूमन  राइट्स काउंसिल के महासचिव एस.के.लॉरेन्स ने कहा कि भक्तजनों के सहयोग से चालीसा काल (लेन्ट पीरियड) के दौरान हरेक साल प्रभु येसु ख्रीस्त के दुख भोग से संबंधित ‘मुसीबत‘ नामक गीत एवं प्रार्थना का कार्यक्रम किया जाता है.जो राख बुधवार 5 मार्च से जारी है.आज 12 मार्च 2025 को सुजीत एवं संध्या ओस्ता के में किया गया.जिसमें कई भक्तगण शामिल हुए.

    इस कार्यक्रम में मुख्य गायक एस.के. लॉरेन्स के साथ- साथ रंजीत ओस्ता, सुजीत ओस्ता,संध्या ओस्ता तथा उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ ,प्रदीप केरोबिन, सिरिल मरांडी,किशोरी नटाल, रीता अगस्टीन, सिमरन साह, प्रवीण पीटर साह, अलका पौल, रीता हेनरी,हेनरी  पीटर, मीरा प्रदीप, रोजलिन,जेस ओस्ता, सैमसन, मीना सैमसन, रोजलिन,दीपक रोडरिक, राजेन्द्र, मैरी, रूबी,डोमिनिका, किरण टोप्पो, एनीमा, प्रदीप कुमार, रॉकी, कामेल,महिमा  शर्मा, प्रभा सोरेन,भावना प्रशांत,ऐलवस,अनुष्का, प्रबोध कुमार, वीणा प्रबोध,गायक के रूप में उल्लेखनीय हैं.

   प्रार्थना के दौरान सुजीत ओस्ता ने उपस्थित सभी भक्त जनों को धन्यवाद देते हुए मोहल्ला वासियों, उपस्थित लोगों तथा उनके परिवार के सभी के अच्छे स्वास्थ्य एवं खुशहाली,सभी बुजुर्ग तथा अस्वस्थ लोगों की चंगाई तथा देश में अमन शान्ति के लिये प्रार्थना की. एस.के.लॉरेंस ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के द्वारा अच्छी तैयारी की कामना करते हुए सभी अस्वस्थ लोगों की चंगाई,मोहल्ला वासियों के अच्छे स्वास्थ्य,आपसी भाईचारा तथा विश्व शांति के लिए प्रार्थना की.


आलोक कुमार


बिहार विधानसभा में महिला-पुरुष संबंध को लेकर जो अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल

 बिहार विधानसभा में महिला-पुरुष संबंध को लेकर जो अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, उससे पूरा देश शर्मसार है

पटना.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है.आजकल 2005 से 2025 तक के शासन अवधि के बारे में अधिक जिक्र करने के दरम्यान कहते हैं कि इस अवधि में बहुत काम हुआ है.एक-एक काम हुआ है.1990 से 2005 तक कुछ काम नहीं हुआ है.इसी को लेकर मुख्यमंत्री बड़बोले हो जाते है.महिला विरोधी अमर्यादित व्यवहार करने पर उतारू हो जाते हैं.महिला नेताओं का कहना है कि इस पर राष्ट्रीय महिला आयोग को संज्ञान लेना चाहिए.उसी तरह माननीय उच्च और उच्चतम न्यायालय को भी संज्ञान लेना चाहिए.एनडीए को अपने मुख्यमंत्री को देना जेंडर सेंसिटाइजेशन का कोर्स कराना चाहिए.सृष्टिकर्ता की आत्ममुग्धता उनकी बीमारी हो गई है,इसका अपेक्षित इलाज होना चाहिए.

       महिला नेताओं का कहना का कहना है कि मुख्यमंत्री को भूलने की बीमारी होे गई है.इसका इलाज हो क्योंकि वे भूल गए हैं कि शेल्टर होम जैसा जघन्य कांड उन्हीं के राज में हुआ है. नालंदा में महिला युवती की नृशंसा हत्या की तस्वीर से पूरा देश मर्माहत है.हाल के दिनों में महिला बलात्कार और हत्या की बाढ़ आ गई है.राजधानी पटना असुरक्षित हो चला है.आपके कार्यालय के बगल में दोपहर में महिलाओं का चैन छीन लिया जाता है. डाकबंगला चौराहा पर बड़ी बड़ी लुट की घटनाएं घटित हो रही हैं. लगता है कि वीमेंस कॉलेज,मगध महिला कॉलेज,अरविंद महिला कॉलेज,जेडी वीमेंस कॉलेज सब उन्हीं के राज में बना है.राज्य का एक भी महिला कॉलेज इनके राज में नहीं बना है.10लाख से ज्यादा महिलाएं विभिन्न केंद्र और राज्य सरकारों में कार्यरत हैं उन्हें देश के कानून के मुताबिक न्यूनतम मजदूरी आधारित मासिक मानदेय नहीं दिया जाता है.

नीतीश जी! आपका जाना तय है.जाते जाते बिहारी भाषा में कहें तो छिया लेदर मत कराइए. जिस भाजपा से सर्टिफिकेट लेने के लिए आप व्याकुल हैं,वह आपको मिलने वाला नहीं है.वह आपको बीच मझधार में धकेल देंगे!


आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...