बिना वेतन के हम लोगों की हालात कैसी हो जाएगी?

 स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के समक्ष महाधरना दिया गया


पटना. स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी कहते हैं कि हम लोग वेतनभोगी हैं. महागठबंधन सरकार बनने के बाद हम लोगों को नियमित वेतन नहीं मिल रहा है.किसी को तीन माह तो किसी को पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है. तो सरकार बताएं कि बिना वेतन के हम लोगों की हालात कैसी हो जाएगी?

   यह सवाल पटना जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों कार्यरत ए.एम.एम. का है जिन्हें वेतनादि नियमित नहीं रहा है.किसी को 3 तो किसी को 5 माह से वेतन नहीं मिल रहा है. वेतनभोगी ए.एन.एम.व उसके परिवार वालों की जिंदगी उधारू बन गया है.हर काम उधार हो रहा है. राशन उधार, स्कूल फीस उधार और तो और भगवान की मनौती उधार ही उतारी जा रही है.हर पर्व त्योहार भी बेरौनक ही कटा.बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों राज्यकर्मी परेशान हैं.ईसाई अल्पसंख्यकों को क्रिसमस पर्व 25 दिसंबर को है.नव वर्ष 1 जनवरी को है.बिना वेतन से पर्व त्यौहार कैसे मनाया जाएगा!

   प्राप्त जानकारी के अनुसार परियोजना आधारित कार्यक्रम में शामिल ए.एन.एम.को 2211 हेड से वेतनादि मिलता है.इसमें केंद्रीयांश  60 प्रतिशत और राज्यांश 40 प्रतिशत है.इससे मिलता है वेतनादि.हिसाब-किताब में देर सबेर होने के कारण वेतन मिलने में विलंब हो रहा है. या और किसी गोपनीय वजह से वेतन भुगतान नहीं हो रहा है इसका खुलासा होना चाहिए.खैर इसका खामियाजा तो 2211 हेड वाले राज्यकर्मियों को ही भुगतना पड़ रहा है.

   पिछले दिनों परिवार कल्याण के तहत सभी एएनएम के बकाया वेतन एवं अन्य बकाया मद की राशि के भुगतान को लेकर सभी प्रखंडों के स्थापना लिपिक के साथ सदर अस्पताल में बैठक हुई. जिले में करीब 450 एएनएम ऐसे हैं जो 2211 के तहत आते हैं. जिनका भुगतान योजना अंतर्गत किया जाता है. 29 नवंबर को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष महाधरना को सफल बनाने पर बल दिया गया. 

   बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला शाखा,पटना की जिला अध्यक्ष कल्पना सिन्हा और जिला मंत्री अमित कुमार मिश्रा ने कहा है कि एनपीएस समाप्त कर सभी को पुरानी पेंशन,ठेका-संविदा,आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करने एवं 18 माह के बकाया महंगाई भत्ता का भुगतान सहित अन्य मांगों के पूर्ति के लिए 29 नवंबर को स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के समक्ष महाधरना दिया गया.     

   इसके पूर्व बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के महासचिव सर्वश्री अशोक कुमार सिंह, प्रशांत कुमार एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग में निदेशक प्रमुख से मिले थे. उन्होंने कहा कि एएनएम के वेतन का आवंटन के लिए जानकारी मिली कि पटना जिला से दो दिन पहले मांग प्राप्त हुआ है, निर्गत करने की प्रक्रिया तेजी पर है, एक सप्ताह में सभी जिलों मे पहुंच जाएगा.जो आज तक नहीं पहुंचा.समझा जाता है कि नेताओं की भाषण की तरह ही आवंटन पहुंचाया जा रहा है.वहीं जीएनएम की सेवा पुस्तक से संबंधित निदेशक प्रमुख से मुलाक़ात नही हुआ. पुनः प्रयास किया जाएगा, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आवंटन का संचिका वित्त विभाग से लौट कर आते ही निर्गत हो जाएगा इसके साथ अन्यान्य बिन्दु पर भी सकारात्मक वार्ता हुई.


आलोक कुमार


के.आर.हाई स्कूल में प्राचार्य फादर जैकब ओलिकाथोट्टी को पदस्थापित


बेतिया. उत्तर बिहार में बिहार सरकार के द्वारा अल्पसंख्यक स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त के.आर.हाई स्कूल में प्राचार्य फादर जैकब ओलिकाथोट्टी को पदस्थापित किया गया है.सम्प्रति आरा हाई स्कूल के प्राचार्य हैं फादर जैकब ओलिकाथोट्टी.बहुत जल्द ही के.आर.हाई स्कूल के प्राचार्य पद ग्रहण करने जाएंगे.समझा जाता है कि निवर्तमान प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा की विदाई समारोह 07 दिसंबर को है.उसी दिन फादर जैकब ओलिकाथोट्टी का स्वागत समारोह में स्वागत कर लिया जाएगा. फादर जैकब ओलिकाथोट्टी का जन्मदिन   04 अगस्त 1964 को है.इस समय 58 वर्ष के हैं.वे विश्वविख्यात जेसुइट में 21 वर्ष की अवस्था में 15 जुलाई 1985 को प्रवेश किये.उनका 33 वर्ष में पुरोहिताभिषेक 28 दिसंबर 1997 को हुआ था. 41 वर्ष में ग्रेड 22 अप्रैल 2005 में मिला.

     बताते चले कि बॉलीवुड अभिनेता पद्मश्री मनोज बाजपेयी के.आर.हाई स्कूल में पढ़े हैं. जब भी बेतिया पहुंचते हैं तो मनोज बाजपेयी केआर स्कूल जरूर पहुंचते हैं.अपने साथ अपने सहपाठी शैलेंद्र प्रताप सिंह और ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी को भी साथ लाते हैं.तीनों ने केआर स्कूल से ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी. कैम्पस पहुंचने पर मनोज बाजपेयी को अपना बचपन याद आने लगता है. यहां पर आने के बाद शिक्षकों, बच्चों से मुलाकात भी करते हैं.

     मनोज बाजपेयी कहते हैं कि विद्यालय से ही आपकी नींव पड़ती है और इसी जगह से यह तय होता है कि आप अपनी मंजिल को पाने में कितने सक्षम हैं. मैं आज जो कुछ भी हूं इसकी नींव के.आर. स्कूल से ही पड़ी है. मैं जब यहां पढ़ता था तो मंचों पर जाकर महाभारत का वह प्रसंग कविता सुनाता था. आज उसी मंच पर खड़े होकर बच्चों से रूबरू होने का मौका मिला. जिस असेम्बली में हम सभी खड़ा होते थे, आज वहां एक बार फिर आकर अभिभूत हूं.उन्होंने कहा कि मैं जब भी अपने घर बेलवा आता हूं तो मेरा प्रयास होता है कि मैं अपने विद्यालय में आ सकूं और अपने बचपन की यादों को तजा कर सकूं. पिछले दिनों केआर स्कूल में भितिहरवा आश्रम जीवन कौशल ट्रस्ट और केआर ओल्ड बॉयज एसोसिएशन द्वारा डिजिटल बोर्ड इंस्टॉल कराया गया.तब किसी शूटिंग के सिलसिले में विदेश में मौजूद मनोज बाजपेयी शामिल नहीं हो सके थे. लेकिन वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने अपनी उपस्थिति जताई थी. उन्होंने बताया कि पहली बार मुझे मंच इसी स्कूल ने उपलब्ध कराया था.

आलोक कुमार

95 वर्ष पूरे करने वाली संस्था

 बेतिया.केआरईए (ख्रीस्त राजा एजुकेशन एसोसिएशन) के तहत ख्रीस्त राजा हाई स्कूल (केआर), बेतिया, संचालित होता है.पश्चिम चंपारण, बिहार, भारत के सबसे पुराने स्कूलों में से एक है.यह जेसुइट्स द्वारा संचालित एक कैथोलिक ईसाई अल्पसंख्यक संस्थान है, जो एक अंतर्राष्ट्रीय कैथोलिक धार्मिक आदेश के सदस्य हैं.1927 में सोसाइटी ऑफ जीसस द्वारा स्थापित किया गया था और 1930 में अपने वर्तमान परिसर में चला गया. ख्रीस्त राजा हाई स्कूल को ‘उत्तर बिहार का प्रमुख स्कूल‘ माना जाता है, जिसमें राज्य भर से छात्र आते हैं और इसकी आवासीय सुविधाओं में रहते हैं.इस वर्ष 2022 अपने गौरवशाली अस्तित्व के 95 वर्ष पूरे करने वाली संस्था है.बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त है.

   केआर हाई स्कूल ने उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे पुराने ईसाई समुदाय बेतिया ईसाइयों की सेवा की है, जिसमें आंकड़े बताते हैं कि 1927 से 1928 तक 83.6% ईसाई छात्र बेतिया ईसाई समुदाय (बेतिया ईसाई प्रवासी सहित) से थे.इसी जाने-माने-पहचाने ख्रीस्त राजा हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा.मात्र 57 साल के हैं.उनके स्थानांतरण की खबर सुनने से सभी को झटका व सदमा लगा है.

    इस समय ख्रीस्त राजा हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा की विदाई की चर्चा हर जुबान पर हैं.सबको मालूम और खबर हो रही है,कि उनका स्थानांतरण हो गया है.यहां पर फादर 44 साल की अवस्था में वाइस प्रिंसिपल बनकर आए थे.वे वाइस प्रिंसिपल पद पर 2009 से 2014 तक रहे.उनके शानदार कार्यों के आलोक में जेसुइट प्रबंधन ने फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा को पदोन्नत कर प्राचार्य बना दिए.उन्होंने 2014 से 2022 तक प्राचार्य पद पर कार्य किए.

   इस दौरान प्राचार्य क्रिस्टोफर केरकेट्टा ने स्कूल को अंग्रेजी माध्यम में बदला और डिजिटल बोर्ड को हर कक्षा में लगवा दिए.इस पर 5 लाख रुपये की लागत आयी.शिक्षा के अनुशासन और गुणवत्ता में बहुआयामी सुधार का परिणाम सामने आया.

    प्लस टू में 100 % प्रथम श्रेणी के साथ-साथ मैट्रिक परीक्षा में भी 100% बच्चे परिणाम लाने में सफल रहे.वह भी एक बार नहीं कई बार बच्चे कारनामा कर चुके हैं.फादर क्रिस्टोफर का ध्यान सिर्फ बच्चों पर ही नहीं रहता था,वरण गुरुजनों पर भी रहता था.शिक्षक श्री जेम्स माइकल को शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया.अब तक किसी भी शिक्षक को नहीं किया गया है.पिछले वर्ष में फादर क्रिस्टोफर के द्वारा सम्मानित किये गए.वे बच्चों के स्कूल में भर्ती और नियुक्ति में भी कैथोलिक को वरीयता देते थे.उन्हे सरकार की ओर से  प्रधानाध्यापक स्वीकृत किया गया है और प्रति माह वेतन के रूप में लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं.

   एक बहुत ही विनम्र और आदर्शवादी जेसुइट, गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए बहुत ही दयालु व्यक्तित्व, बहुत अच्छे प्रशासक के स्थानांतरण होने पर दुख होता ही है.स्थानांतरण हो जाने से सभी को जोरदार झटका लगा.

    आखिरकार भारी मन से उनका 7.12.2022 को विदाई समारोह रखा गया है,जहां उनको विधिवत विदाई दी जाएगी.उसके बाद विख्यात के.आर.हाई स्कूल को छोड़कर रोम फुर्र हो जाएंगे.बताया गया कि फादर प्राचार्य सब्बाटिकल लीव पर रोग जा रहे है. सब्बैटिकल लीव का मतलब होता है कि काम से दूर एक विस्तारित समय है जो एक कर्मचारी को अलग-अलग उद्देश्यों के लिए दिया जाता है, जिसमें व्यक्तिगत कारणों, पेशेवर और शैक्षणिक विकास, सीखने और नए कौशल का विकास, या आराम और स्वास्थ्य लाभ शामिल हैं - एक मौजूदा कर्मचारी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखते हुए.

  निवर्तमान प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा का जन्म 02.11.1965 को हुआ है.वे जेसुइट में 01.07.88 को शामिल हुए.उनका पुरोहिताभिषेक 08.01.2003 में हुआ था.ग्रेड 26.11.2011 को हुआ.  सेंट जेवियर्स स्कूल, पटना के पूर्व प्रिंसिपल फादर जैकब को के.आर.हाई स्कूल के प्राचार्य बनाया गया है.अभी फादर जैकब आरा कैथोलिक स्कूल के प्राचार्य हैं.

आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...