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निचली अदालत ने 7 फरवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी

 मामला  5 फरवरी सोमवार का है

बाराबंकी.बैंगलोर में सीसीबीआई की 36वीं आम सभा की बैठक में धर्माध्यक्ष सभा में भाग ले रहे थे, उसी समय उत्तर प्रदेश से खबर मिली कि एक कैथोलिक पुरोहित, पांच प्रोटेस्ट पादरी और एक लोकधर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है.उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.उन पर धर्मांतरण गतिविधियों का आरोप लगाया गया है. एक निचली अदालत ने 7 फरवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है.मामला  5 फरवरी सोमवार का है. 6 फरवरी  को मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. निचली अदालत ने 7 फरवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है.

   आरोप में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से चौका देने वाला मामला सामने आया है. यहां यूपी के कई जिलों से तकरीबन 300 लोगों को बहला फुसला कर सेंट मैथ्यू चर्च में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. मामले की जानकारी हिंदू संगठन ने दी. जिसके बाद पुलिस के एक्शन से चर्च में खलबली मच गई. लोगों को आर्थिक फायदे के साथ रोगों से छुटकारा दिलाने के नाम पर चर्च में पूजा कराई जा रही थी. पुलिस ने बताया कि, राज्य के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

              पुलिस ने मंगलवार को कहा कि आरोपियों पर उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसे धर्मांतरण विरोधी कानून के रूप में जाना जाता है.पुलिस ने बताया कि चर्च के पादरी फादर डोमिनिक के अलावा मौके से गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों की पहचान सरजू प्रसाद गौतम, पवन कुमार, सुनील पासी, घनश्याम गौतम, सुरेंद्र पासवान, राहुल पासवान, रामचरण रावत, धर्मेंद्र कोरी और सूरज गौतम के रूप में हुई है.  6 फरवरी  को मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

    पुलिस के अनुसार, उन्होंने सोमवार को बाराबंकी के देवा इलाके में सेंट मैथ्यूज मेथोडिस्ट चर्च में सामूहिक धर्मांतरण की कोशिश को नाकाम कर दिया और 10 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया. बाराबंकी (शहर) के सर्कल अधिकारी बीनू सिंह ने कहा, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट विजय कुमार त्रिवेदी के साथ एक पुलिस टीम ने चर्च के कॉन्फ्रेंस हॉल पर छापा मारा और पाया कि लगभग 300 लोग, जिनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति समुदाय के थे, पुजारी के बुलावे पर इकट्ठा हुए थे. सिंह ने कहा, “इन लोगों को धार्मिक गतिविधि के माध्यम से उनकी बीमारी के इलाज के बहाने अयोध्या से लाया गया था और नौकरी का लालच दिया गया था.

       बता दें कि हिंदू संगठन आंख बिछाए रहते हैं.जहां पर करिश्माई प्रार्थना की जाती है.वहां पर हिंदू संगठनों के द्वारा धर्म परिवर्तन का रूप दे देते है.उनके कहने पर पुलिस सक्रिय होकर करिश्माई प्रार्थना करवाने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज देती है.यह नियम है कि जिसको धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है.वहीं थाने में जाकर लिखित एफआईआर करवाएगा.ऐसा न होकर हिंदू संगठन के कहने पर लोगों को आरोपी बना दिया जाता है.

   चर्च में आये लोगों ने बताया कि उनकी कई दिनों से तबियत खराब चल रही थी. इसलिए वह यहां आये हैं. उन्हें बताया गया था कि यहां पर उनके रोग सही हो जाएंगे. साथ ही सभी परेशानियों से उन्हें छुटकारा भी मिल जाएगा. लोगों के मुताबिक उनसे पहले भी यहां उनके कई जानने वाले आकर ठीक हो चुके हैं, उन्हे देखकर वह भी यहां आये हैं.


आलोक कुमार

भयरहित वातावरण में मतदान संपन्न हो


वरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक


नालंदा। आज श्री शशांक शुभंकर , जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह-जिलाधिकारी, नालंदा की अध्यक्षता में आगामी आसन्न लोकसभा आम निर्वाचन- 2024 के निमित्त पूर्व तैयारी के लिए 29- नालंदा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत सात विधानसभा क्षेत्र यथा 171- अस्थावां , 172- बिहारशरीफ ,173- राजगीर (अनुसूचित जाति ) ,174 -इसलामपुर ,175- हिलसा, 176 -नालंदा एवं 177 -हरनौत आते हैं , शांतिपूर्ण ,निष्पक्ष एवं भयरहित वातावरण में मतदान संपन्न कराने के लिए संबंधित कोषांग के वरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

       जिला निर्वाचन विभाग द्वारा गठित कोषांग यथा- कार्मिक कोषांग, स्वीप कोषांग, वाहन एवं सुगम कोषांग, प्रशिक्षण कोषांग, सामग्री कोषांग, विधि व्यवस्था, आदर्श आचार संहिता सी विजील  संचार योजना रूट चार्ट कोषांग, मतपत्र -सह- बज्र गृह कोषांग, अभ्यर्थी व्यय निर्वाचन व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग, मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग, प्रेक्षक कोषांग, पोस्टल बैलेट पेपर कोषांग, इवीएम कोषांग, जिला निर्वाचन कोषांग, नाम निर्देशन कोषांग, अर्द्ध सैनिक बल कोषांग, डिजिटल कैमरा एवं बेव कास्टिंग कोषांग, जन शिकायत समाधान कोषांग कार्मिक कल्याण कोषांग, माइक्रो आब्जर्वर कोषांग, मतगणना कोषांग, सिंगल विंडो कोषांग आदि विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने सभी कोषांग के संबंधित पदाधिकारियों को अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का ससमय निर्वहन  के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश  दिए  ।

    इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे ।


आलोक कुमार 

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...