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कांग्रेस मुख्यालय में मिलन समारोह आयोजित

 भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुई पूर्व विधायक सुनीता देवी

पटना. कटिहार के कोढ़ा विधान सभा क्षेत्र की पूर्व विधायक श्रीमती सुनीता देवी अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ भाजपा को छोड़ आज कांग्रेस में शामिल हुई। इसके लिए
कांग्रेस मुख्यालय में मिलन समारोह आयोजित किया गया.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने श्रीमती सुनीता देवी एवं उनके समर्थकों को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करवायी. इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव श्री तारिक अनवर एवं विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान भी मौजूद थे.

     इस अवसर पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि श्रीमती सुनीता देवी के कांग्रेस में आने से कांग्रेस की दलितों के लिए की जाने वाली संघर्ष को धार मिलेगी । लोगों को बताने में आसानी होगी कि कांग्रेस ही सच्चा हमदर्द है.

      भाजपा को छोड़ने की वजह बताते हुए श्रीमती सुनीता देवी ने कहा कि भाजपा में महिलाओं के साथ काफी भेदभाव अपनाया जाता है. नारा भले ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया जाता है लेकिन अंदर जाने पर पता चलता है कि किस हद तक नारी उत्पीड़न के मामले भाजपा में सामने आते रहते हैं.मैं घुटन महसूस कर रही थी इसलिए भाजपा छोड़ कांग्रेस में वापसी कर रही हूँ. इस मिलन समारोह का मंच संचालन सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन ने किया.

      इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, कटिहार जिला अध्यक्ष सुनील यादव, निर्मल वर्मा, ब्रजेश पाण्डेय, जमाल अहमद भल्लू, राज किशोर सिंह, कैलाश पाल,रामायण प्रसाद यादव, कैसर कुमार सिंह, शशि रंजन, अजय सिंह, रवि गोल्डन, दुर्गा प्रसाद,कुंदन गुप्ता, वसी अख्तर, संतोष श्रीवास्तव, उमेश कुमार राम, राजनन्दन कुमार सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे.


आलोक कुमार

भाजपा ने दलितों और आदिवासियों को छलने का काम किया हैः के राजू

  

* दलितों के हित में विचारों और हक की लड़ाई लड़ती रही है कांग्रेसः के राजू

* भाजपा ने दलितों और आदिवासियों को छलने का काम किया हैः के राजू

* दलितों के उत्थान के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध, दलित संवाद में बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह

* दलित समाज के युवाओं को आगे बढ़कर लेनी होगी जिम्मेदारी: बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्तचरण दास

पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं रिसर्च विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान सभागार में वृहद स्तर पर दलित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.

    दलित संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, एस सी एस टी विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग एवं अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक के राजू ने कहा कि दलितों के हित में विचारों और हक की लड़ाई कांग्रेस लगातार लड़ती रही है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने इस देश में दलितों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है और अब भी उस वैचारिक लड़ाई को लड़ने में अपनी पूरी ताकत लगा रही है.

    उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दलितों की हमेशा चिंता रहती है. हमारे नेता को इससे मतलब नहीं है कि दलित समाज किस दल का मतदाता है उन्हें केवल उनके हक की चिंता होती है जिस पर उन्होंने कर्नाटक की एक घटना का जिक्र किया. देश के उत्थान में उन्होंने दलितों के योगदान का भी जिक्र किया. उन्होंने युवाओं और महिलाओं से आगे बढ़कर देशहित में काम करने का आह्वान किया और कहा कि कांग्रेस संगठन में इस वर्ग को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व दी गयी है और आगे भी दी जाएगी. साथ ही उन्होंने जिक्र किया कि कांग्रेस ने दलित उत्थान के कितने लोक कल्याणकारी योजनाओं को उन्होंने संचालित किया और कैसे अपने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी दलित समुदाय के सबसे बड़े नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को जिम्मेदारी सौंपी.

       बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि कांग्रेस को जब जब मौका मिला है तब तब उसने देश में दलितों की स्थिति को सुधारा है और साथ ही अपने संगठन में भी उचित प्रतिनिधित्व देने का काम किया है.

    अपने अध्यक्षीय संबोधन   में प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ लड़ने को हमें एकजुट होना पड़ेगा. दलितों के साथ कांग्रेस ने हमेशा साथ निभाया है और संगठन ने जब-जब दलितों पर अत्याचार किया है तब-तब हमने प्रदेश से नेताओं की टीम बनाकर भेजने का काम किया है.उन्होंने दलित संवाद के आयोजकों को धन्यवाद करते हुए कहा कि बिहार में सरकार के सहयोगी होने के नाते हम लोग प्रतिबद्ध हैं कि दलितों के स्थिति को मजबूत बनाना है.

    विधानसभा में कांग्रेस दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि दलितों को अवसर प्रदान करने की जरूरत बै इसके बाद समानता स्वतः आने लगेगी.बिहार सरकार के मंत्री मुरारी गौतम ने कहा कि भाजपा ने दलित राष्ट्रपति और आदिवासी राष्ट्रपति के आड़ में देश के मूल संविधान को बदलने का काम किया है इसके लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के अनुयायी उन्हें माफ नहीं करेंगे.

   रिसर्च विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी सचिव हर्षवर्धन श्याम ने कहा कि इस देश के निर्माण में गरीबों, दलितों और पिछड़ों का बहुत बड़ा योगदान है इसलिए उनके हक की लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है और कांग्रेस उसके लिए प्रतिबद्ध है. दलितों के दर्द और उत्पीड़न को समझने की जरूरत है और इसके लिए दलित वर्ग के युवाओं को आगे आने की जरूरत है. शैक्षणिक संस्थानों में दलित युवाओं की हकमारी पर भी उन्होंने विचार रखें.

   बिहार कांग्रेस रिसर्च विभाग के चेयरमैन व प्रवक्ता और कार्यक्रम के संयोजक आनन्द माधव ने अपने संबोधन में कहा  कि इस बैठक में दलितों के साथ एवं उनके लिये काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी संस्थायें, शिक्षक, छात्र नेता, राजनीतिक नेतागण एवं दलित लाभार्थी के द्वारा उचित सुझाव दिए गए जिसको निश्चित तौर पर हमारे नेता नीति निर्माण में इस्तेमाल करेंगे.  

  उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मूल उद्देश्य दलितों के मूल समस्याओं से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को द्विपक्षीय संवाद के माध्यम से अवगत कराना था जिसमें इस कार्यक्रम को शीर्ष नेतृत्व ने इसे गांवों तक ले जाने की बात कही है.

    सिविल सोसायटी के सदस्यों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रबुद्धजनों ने भी संवाद में हिस्सा लेकर अपने सुझाव दिए जिनका अभिनंदन नेताओं द्वारा मंच पर किया गया.कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ मधुबाला ने किया.

    कार्यक्रम में बिहार के प्रभारी भक्तचरण दास, एआईसीसी एस सी एस टी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेश लिलोटिया, बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम, कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान, विधान परिषद में दल के नेता डॉ मदन मोहन झा, रिसर्च विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी सचिव हर्षवर्धन श्याम, विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र, डॉ समीर कुमार सिंह, मुख्य सचेतक व एससी एसटी विभाग के प्रदेश चेयरमैन राजेश राम, विधायक मुन्ना तिवारी, विजेंदर चौधरी, आनंद शंकर सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व विधायक डॉ अशोक राम, बंटी चौधरी, लालबाबू लाल, विजेंद्र यादव, पूनम पासवान, ब्रजेश पांडेय, ब्रजेश मुनन, निर्मल वर्मा, अशोक गगन, डॉ स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय, सौरभ सिन्हा, चुन्नू सिंह, सुमित सन्नी सहित सिविल सोसायटी के लोग एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहें.



आलोक कुमार

डब्ल्यूपीओ का मुख्यालय बिहार से हटाना मोदी सरकार का बिहार विरोधी फैसला

 

पटना.बिहार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महागठबंधन द्वारा 15 जून को आयोजित की जाने वाली धरना में पूरी ताकत से प्रदेश के सभी जगहों पर भाग लेने का निर्णय लिया है. इसके लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय, सदाकत आश्रम में एक बैठक आयोजित की गयी जिसमें धरना में सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया.इसकी जानकारी स्वयं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने दी.गौरतलब है कि अगले 15 जून को महागठबंधन की ओर से दिल्ली में संघर्षरत महिला पहलवानों के समर्थन में प्रदेश भर में धरना आयोजित करने का प्रस्ताव था जिस पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने आज एक बैठक बुलाई थी जिसमें सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया. बैठक में भाग लेने वाले नेताओं में मुख्य रूप से राजेश राठौड़, पूर्व विधायक बंटी चौधरी, निर्मल वर्मा, राज कुमार राजन, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, मिन्नत रहमानी, असित नाथ तिवारी, चन्द्र प्रकाश सिंह, संजीव कुमार कर्मवीर सहित अन्य नेता शामिल रहे.

डब्ल्यूपीओ का मुख्यालय बिहार से हटाना मोदी सरकार का बिहार विरोधी फैसला

केंद्र की भाजपा सरकार लगातार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कही. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जीएसटी में बिहार की हिस्सेदारी हो चाहे केंद्रीय कोटे से मिलने वाली बिजली बिहार की लगातार उपेक्षा हो रही है. केंद्रीय योजनाओं में भी बिहार को पूरी हिस्सेदारी नहीं मिल रही है. बिहार का इतना बड़ा नुकसान करने वाली मोदी सरकार एक बार फिर बिहारियों का रोजगार छीन रही है. भारतीय रेल के अलग-अलग कारखानों के निर्माण और आधुनिकीकरण में बड़ी भूमिका निभाने वाले कारखाना परियोजना संगठन (डब्ल्यूपीओ) का मुख्यालय बिहार से हटा कर बिहारियों का रोजगार छीनने वाली मोदी सरकार को बिहार के लोग कभी माफ नहीं करेंगे. मोदी सरकार के इस फैसले से राज्य को सालाना 50 करोड़ रुपए से अधिक का जीएसटी नुकसान होगा. इससे जीएसटी में राज्य की हिस्सेदारी घटेगी और राजस्व का बड़ा नुकसान होगा. भाजपा ने बिहार को अपना दुश्मन राज्य मान लिया है और बदले की भावना से केंद्र सरकार फैसले ले रही है.ये बिहार के हक़ की लड़ाई है.बिहार कांग्रेस इस मसले पर चुप नहीं बैठने वाली.

आलोक कुमार

Bihar : Apprenticeship क्यों जरूरी है? प्रशिक्षण के बाद रोजगार में अनुभव की भूमिका

  प्रशिक्षण के बाद Apprenticeship और अनुभव रोजगार में कितने महत्वपूर्ण हैं? कौशल प्रमाणपत्र से नौकरी तक पहुंचने में अप्रेंटिसशिप की अहम भूमि...