और दोस्तों से कहते रहते कि दिल्ली से पटना आते ही रहेंगे अंततः पटना जेफरी आ ही गये
| कुर्जी चर्च |
आलोक कुमार
और दोस्तों से कहते रहते कि दिल्ली से पटना आते ही रहेंगे अंततः पटना जेफरी आ ही गये
| कुर्जी चर्च |
आलोक कुमार
ईसाई समुदाय के पाम संडे के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों को समेटकर पेश है आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की विशेष रिपोर्ट..
आजकल अप्रैल महीना चल रहा है.अप्रैल माह हिंदू और मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए पवित्र माह है.इसके साथ ही ईसाई समुदाय के लिए भी महीना बेहद खास है.हिंद संवत्सर में चैत्र का महीना चल रहा है और आज रामनवमी है.वहीं इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यह रोजे का पाक महीना है.इसी महीने में ईसाई समुदाय का पाम संडे और गुड फ्राइडे भी है. इन दिनों ईसाई समुदाय के भी रोजे चल रहे हैं. जो अंतिम चरण में है.40 दिन के रोजे रखने के बाद उनका एक बड़ा पर्व आता है ईस्टर .यह ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए त्योहारों में से एक है.आज ईसाई समुदाय पाम संडे मना रहे हैं.इसके साथ ही पवित्र सप्ताह शुरू हो गया है.
आज ईसाई समुदाय परम्परागत ढंग से पाम संडे मना रहे है.आज के दिन दो हजार वर्ष पूर्व प्रभु येसु मसीह नगर यरूशलेम नगरी में प्रवेश किए थे. वहां के लोगों ने उनके स्वागत में खजूर की डालियां और कपड़ों को जमीन पर बिछाकर स्वागत किया था. दाऊद के पुत्र को होसान्ना..ईसा के आगे-आगे जाते हुए और पीछे -पीछे आते हुए लोग यह नारा लगा रहे थे,‘दाउद के पुत्र को होसन्ना... धन्य है वह जो प्रभु के नाम पर आते हैं.सर्वोच्च स्वर्ग में होसन्ना.‘
उसी दिन को स्मरण कर मसीही समुदाय के लोग पाम संडे यानी खजूर पर्व मनाते हैं.10 अप्रैल की सुबह 5ः30 बजे से भक्तों भारी संख्या संत माइकल जुनियर स्कूल में एकत्रित हो गये. इस अवसर पर येसु समाजी पुरोहित उपस्थित थे. येसु समाजी पुरोहितों में फादर पीयुस ओस्ता,फादर राजीव रंजन,फादर राजेश,फादर लौरेंस पास्कल,फादर एडिसन आम्रस्टांग,फादर ग्रेगरी गोम्स,फादर सेल्विन जेवियर,फादर डेनिस और फादर अगस्टीन उपस्थित थे. फादर सेल्विन जेवियर ने ग्रामीण अंचल से लाये गए खजूर की डालियों पर आशीष दिये.
इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच महायुद्ध समाप्त करने के लिए प्रार्थना की गयी.इस जहां के सभी समुदाय के लोगों के लिए प्रार्थना की गयी. परिवार, समाज, एकता, प्रेम, संगठन, शांति व भाईचारे के लिए प्रभु येसु मसीह से दुआ मांगी.इस दौरान पाम संडे के दिन पुरोहितों के नेतृत्व में अनुयायी हाथ मे खजूर की डालियां लेकर होसन्ना के गीत गाते हुए चर्च में प्रवेश करते हैं। इस अवसर पर
फादर सेल्विन जेवियर की अगुवाई में सुबह जुलूस निकाला गया.स्वयंसेवक हॉली क्रॉस लेकर आगे-आगे निकले और उनके पीछे मसीही समुदाय के लोग चल रहे थे. इन लोगों ने हाथ में खजूर के पेड़ की डालियां थीं. इस दौरान प्रभु येसु की शान में गीत गाए गए. जय-जय होवे तेरीकृप्रभु के प्रतिनिधि दाउद सुत की गूंजे इस़्त्राएल के प्रभु की नभ में यश की भेरी जय-जय होवे तेरी.आज से 2022 साल पहले प्रभु येसु के लिए भीड़ ने होशन्ना के नारे लगाए थे. उसी दिन की याद में पाम संडे मनाया गया.जय हो... प्रभु की जय जय हो,स्वर्ग लोक की जय हो स्वागत के लिए हर्ष के मारे,बालक ले जैतून की डालें गुंजित करने लगे नारे,जय हो प्रभु की जय हो...
पाम संडे के साथ मसीहियों के लिए पवित्र सप्ताह का आगाज हो गया है. अगले रविवार को ईस्टर मनाया जाएगा. प्रभु यीशु के जीवित हो उठने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है. इससे पहले चर्चा में इस पूरे सप्ताह अलग-अलग दिनों में कई तरह के आयोजन होंगे.
कहा जाता है कि चालीसा या लेंट के चालीस दिन की आध्यात्मिक तैयारी प्रत्येक मसीही के लिए अपने जीवन में की गई गलतियों और पापों के लिए सच्चे दिल से पश्चाताप करने, उपवास, परहेज और प्रार्थना में बढ़ने का अभ्यास है. लेकिन उपवास, प्रार्थना, परहेज और क्रूस रास्ता आराधना आदि के कार्यक्रम को मात्र चालीस दिन की औपचारिकता तक ही सीमित करने का नहीं, पूरे जगत के मसीहियों के लिए यह जीवन पूरे साल अर्थात वर्ष के 365 दिन कहें या अपने जीवन के अंतिम सांस तक अनुसरण करने का है.
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