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India : राष्ट्रीय मसीह संगठन द्वारा जिलाधिकारी अमरोहा आईएएस नितिन गौड़ को ज्ञापन सौपेंगे

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  नगर गजरौला, जनपद अमरोहा में स्थित ईसाई कब्रिस्तान को लेकर उठी आवाज  नगर गजरौला, जनपद अमरोहा में स्थित ईसाई कब्रिस्तान को लेकर उठी आवाज अब केवल जमीन के एक टुकड़े का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे मसीही समाज के सम्मान, धार्मिक अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर विषय बन चुका है। राष्ट्रीय मसीह संगठन द्वारा 22 मई 2026 को जिलाधिकारी अमरोहा को पुनः ज्ञापन सौंपने का निर्णय इसी संघर्ष की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। समाज के फादरगण, सिस्टरगण, पास्टर्स और सभी ईसाई भाई-बहनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की गई है, ताकि प्रशासन तक एकजुट समाज की मजबूत आवाज पहुंच सके। गजरौला के मायापुरी क्षेत्र, पुराने बाबा तालाब के पास स्थित यह कब्रिस्तान लगभग 60 वर्ष पहले स्थानीय ईसाई समाज के अंतिम संस्कार और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आवंटित किया गया था। समय के साथ यह स्थान नगर के समस्त मसीही समुदाय की आस्था और स्मृतियों का केंद्र बन गया। यहां कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट दोनों समुदायों के लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करते हैं। छोटे नगरों में अक्सर अ...

Bihar : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज

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बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा हुआ  जीतन राम मां झी ने गया जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में हुए विवाद को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर संबंधित दरोगा को निलंबित नहीं किया गया और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने समर्थकों के साथ एसपी तथा अन्य अधिकारियों के घरों का घेराव करेंगे। मांझी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और महादलित राजनीति से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। पूरा मामला हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि 17 मई 2026 को गया जिले के मोहनपुर इलाके में विधायक ज्योति मांझी के काफिले को कुछ लोगों ने रोक लिया था। आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। इस मामले में पुलिस ने अब तक छह लोगों...

India : भारत की ताकत उसकी विविधता और सह-अस्तित्व में

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            संविधान ने हर नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने  की स्वतंत्रता दी  भारत ए क विविधताओं वाला देश है, जहां धर्म, भाषा, जाति और संस्कृति की अनेक धाराएं मिलकर समाज का निर्माण करती हैं। संविधान ने हर नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता दी है। यही कारण है कि अलग-अलग समुदायों के बीच विवाह कोई नई बात नहीं है। राजनीति, फिल्म, खेल और समाज के कई प्रतिष्ठित लोगों ने अंतरधार्मिक विवाह किए हैं। बिहार की राजनीति में भी इसके उदाहरण देखने को मिले हैं। दिवंगत भाजपा नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री Sushil Kumar Modi ने मलयाली ईसाई परिवार में विवाह किया था। वहीं राजद नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री Tejashwi Yadav ने भी अलग समुदाय में विवाह किया। इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि इंसानियत, प्रेम और व्यक्तिगत निर्णय किसी एक धर्म या जाति की सीमाओं में बंधे नहीं होते। समाज में अक्सर यह देखा जाता है कि आम लोगों के निजी संबंधों और विवाह को राजनीतिक चश्मे से देखा जाने लगता है। “लव जिहाद”, “धर्मांतरण” और “सांस्कृतिक...

Kolkata : सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, चंदननगर की चैपल को आधिकारिक तीर्थयात्रा केंद्र घोषित

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  कोलकाता महाधर्मप्रांत ने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, चंदननगर को घोषित किया आधिकारिक तीर्थस्थल कोलकाता के रोमन कैथोलिक महाधर्मप्रांत द्वारा एक महत्वपूर्ण धार्मिक आदेश (डिक्री) जारी किया गया है, जिसमें सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, चंदननगर की चैपल को आधिकारिक तीर्थयात्रा केंद्र घोषित किया गया है। यह घोषणा धन्य एनी-मैरी जावूहे (Blessed Anne-Marie Javouhey) के धन्य घोषित किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर की गई है। एनी-मैरी जावूहे सेंट जोसेफ ऑफ क्लूनी सिस्टर्स संघ की संस्थापिका थीं और कैथोलिक चर्च में उनकी आध्यात्मिक विरासत अत्यंत सम्मानित मानी जाती है। यह आदेश कोलकाता के आर्चबिशप + एलियास फ्रैंक द्वारा जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, चंदननगर की चैपल को 12 मई 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक कोलकाता महाधर्मप्रांत के लिए आधिकारिक तीर्थयात्रा केंद्र माना जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु वहां जाकर विशेष आध्यात्मिक अनुग्रह प्राप्त कर सकेंगे। क्षमादान (Plenary Indulgence) की विशेष व्यवस्था इस धार्मिक घोषणा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष “पूर्ण क्षमादान” अर्थात Plenary Indulgence की व्यवस्था है। कैथ...

India : आज के ही दिन भारत ने एक युवा और आधुनिक सोच वाले नेता को खो दिया था

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21 मई : इतिहास, बलिदान, संस्कृति और जागरूकता का विशेष दिन 21 मई का दिन भारत और विश्व इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों और जागरूकता अभियानों के कारण विशेष महत्व रखता है। यह दिन हमें लोकतंत्र, विज्ञान, संस्कृति, आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष और मानवता की सेवा की याद दिलाता है। भारत के लिए यह तारीख विशेष रूप से भावुक मानी जाती है, क्योंकि इसी दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या हुई थी। इसके अलावा यह दिन आतंकवाद विरोधी जागरूकता, सांस्कृतिक विविधता और संवाद को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है। राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई 1991 को भारत ने एक युवा और आधुनिक सोच वाले नेता को खो दिया था। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान आत्मघाती हमले में पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या कर दी गई थी। यह घटना भारतीय राजनीति की सबसे दुखद घटनाओं में गिनी जाती है। राजीव गांधी ने भारत में कंप्यूटर, दूरसंचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज जिस डिजिटल भारत की बात होती है, उसकी नींव उनके समय में ही रखी गई थी। युवाओं क...