🔴 ताजा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

जेवियर्स यूथ पार्लियामेंटः युवाओं के बीच नागरिक जुड़ाव और नेतृत्व को बढ़ावा देना

पटना के जेवियर डिबेट क्लब ने 24 फरवरी को बहुप्रतीक्षित ‘जेवियर्स यूथ पार्लियामेंट‘ की मेजबानी की


पटना।  सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, पटना के जेवियर डिबेट क्लब ने 24 फरवरी, 2024 को बहुप्रतीक्षित ‘जेवियर्स यूथ पार्लियामेंट‘ की मेजबानी की। दिन भर चलने वाले कार्यक्रम की शुरुआत सम्मानित उद्घाटन भाषण के साथ हुई। डिबेट क्लब के मार्गदर्शक देने वाले फादर डॉ. शेरी जॉर्ज, एसजे द्वारा के सभी भाग लेने वाले सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दीं। वहीं फादर ने एक दिन की उत्साही बहस और रचनात्मक बातचीत के लिए माहौल तैयार करते हुए कहा, ‘हमारा राष्ट्र विविधता, धर्मनिरपेक्षता और एकता के प्रतीक के रूप में खड़ा है।‘ ‘भाईचारा, मूल्य जो सिर्फ आदर्श नहीं हैं बल्कि हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने की नींव हैं।‘

जेवियर्स यूथ पार्लियामेंट ने पटना वीमेंस कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय, पटना कॉलेज और सेंट कैरेंस कॉलेजिएट स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों के छात्रों के लिए विभिन्न राजनीतिक संस्थाओं की भूमिका निभाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संसदीय प्रक्रियाओं, आलोचनात्मक सोच और सार्वजनिक बोलने के कौशल की गहरी समझ पैदा करना, उन्हें कल के सूचित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।

यह कार्यक्रम लोकसभा और राज्यसभा दोनों के कामकाज का अनुसरण करते हुए दो समानांतर सत्रों के साथ शुरू हुआ। प्रतिभागियों ने व्यापक राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की, जीवंत चर्चाओं में भाग लिया, समाधान प्रस्तावित किए और अपनी बातचीत क्षमताओं को निखारा। प्रत्येक सत्र में युवा प्रतिनिधियों द्वारा प्रदर्शित उत्साही भागीदारी और अनुकरणीय टीम वर्क की विशेषता थी, जो नागरिक सहभागिता और नेतृत्व विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पूरे दिन, प्रतिभागियों ने अपने अनुसंधान कौशल और


विश्लेषणात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए, विविध सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सराहनीय ज्ञान और जागरूकता का प्रदर्शन किया। आर्थिक सुधारों पर विचार-विमर्श से लेकर पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक न्याय को संबोधित करने तक, बहसों में समकालीन राष्ट्रीय चिंताओं को प्रतिबिंबित करने वाले विषयों का एक व्यापक स्पेक्ट्रम शामिल था।

जेवियर्स यूथ पार्लियामेंट ने न केवल बौद्धिक आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान किया, बल्कि विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि और संस्थानों के प्रतिभागियों के बीच सौहार्द और आपसी सम्मान को भी बढ़ावा दिया। सहयोगात्मक वातावरण ने अंतर-विषयक शिक्षा की सुविधा प्रदान की और प्रतिभागियों को विविध दृष्टिकोणों की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे उनका समग्र शैक्षिक अनुभव समृद्ध हुआ।

सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के उप-प्रिंसिपल फादर डॉ. सुशील बिलुंग, एसजे ने कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके समर्पण और उत्साह के लिए सभी प्रतिभागियों, संकाय सलाहकारों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवा नेताओं के पोषण में ऐसी पहल के महत्व पर जोर दिया जो समाज में सार्थक योगदान देने और लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए सुसज्जित हैं।

समापन समारोह में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्रों द्वारा जीवंत बिहारी लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। जैसे ही जेवियर्स यूथ पार्लियामेंट का समापन होने वाला था, प्रतिभागी नई अंतर्दृष्टि, मित्रता और नागरिक जिम्मेदारी की एक नई भावना के साथ चले गए। यह कार्यक्रम हमारे राष्ट्र के लिए एक उज्जवल भविष्य को आकार देने में युवाओं की भागीदारी और सहयोग की शक्ति का प्रमाण है।

आलोक कुमार


जलवायु न्याय, नदी और समाज विषय पर तीन दिनों तक व्यापक चर्चा


विश्व सामाजिक मंच में पहली बार भागीदारी

सुपौल। कोसी नवनिर्माण मंच के भेजे गए मेल पर जन संगठनों के लिए 16, 17 और 18 फरवरी को तीन दिनों का सत्र निःशुल्क आयोजित करने का अवसर आयोजन समिति के द्वारा दिया गया। इसके लिए कोसी नवनिर्माण मंच आभार व्यक्त किया।

    जलवायु न्याय, नदी और समाज विषय पर तीन दिनों तक व्यापक चर्चा हुआ और चैथे दिन एक संयुक्त स्टेटमेंट जारी हुई। इसके लिए भी समापन में अलग से टेबल मिला। सभी लोगों के मिलकर तय किया कि हमलोग पीपल्स डायलॉग लगातार भारत नेपाल के बीच आयोजित करेंगे और आगे इसे अन्य संबंधित नदियों के लोगों के साथ जोड़ते जायेंगे।

इन चर्चाओं में अजय दीक्षित, सौम्या दत्ता, प्रफुल्ल सामंत्रा, डॉ. सुनीलम जी जैसे वरिष्ठ लोगों की भागीदारी इसे शानदार  बना दी। नेपाल के कोसी नदी पर कार्यरत देवनारायण यादव, काली गंडक नेपाल के आर.के. आदित्य  और विजय जी, कर्नाली नदी नेपाल की तरफ से मेघ आले, गंडक नदी नेपाल की स्थिति पर उत्तम जी, नारायणी पर ही किशन शर्मा जी, 7 देशों की नदियों के किनारे साइकिल यात्रा कर चुके दीपक ने बाते रखी तो। भारत में पश्चिम बंगाल के नदी बचाओ जीवन बचाओ आंदोलन की तरफ प्रो अमित्व सेन गुप्ता, गंगा मुक्ति आंदोलन भागलपुर बिहार से उदय जी, लखनदेई नदी, अधवारा और बागमती की स्थिति  पर बिहार के  सीतामढ़ी के प्रो आनंद किशोर जी, पंजाब से सुखदेव सिंह जी, मध्य प्रदेश से अनिल जी यमुना सहित नदियों के रिवर फ्रंट पर कार्यरत राजेंद्र रवि और ममता जी कोशी पर मैने बात रखी, गंगा वाराणसी की स्थिति पर सुरेश राठौर जी ने बात रखी।  हिमाचल, उत्तराखंड सहित हिमालय की नदियों की स्थिति पर कार्य करने वाली मानसी जी और नेपाल के सोमन जी ने संचालन किया।

कोसी के दोनो देशों के लोगों के साथ साझा संवाद शुरू करने की उम्मीद से शुरू इस कार्यक्रम में भारत नेपाल के अनेक नदियों पर कार्यरत लोगों का साथ आना सुखद संदेश देता है तो इको सोसलिस्ट के लिए शोधकर्ता  लैटिन अमेरिकी देशों से होते श्रीलंका में कार्यरत मूल के USA मूल के Quincy Saul,  पीपुल्स कोएलिशन फॉर द राइट टू वाटर इंडोनेशिया के मोहम्मद रेजा, थाईलैंड और फ्रांस के नदियों पर शोध कर रहे लोग भी इस मीटिंग में आए और बात चीत रखे।

पूरे आयोजन में डिगो विकास इंस्टिट्यूट काठमांडू के शैल श्रेष्ठ जी और उषा तितिक्षु जी और कोसी पर शोध कर रहे हमारे साथी आरिफ निजाम जी की मेहनत के बल पर आयोजित हो पाया। कोशी के युवा साथी जयप्रकाश ने भी मेहनत की, सुनील भाई और महेंद्र राठौर ने गीत गाए। राहुल यादुका भाई रहते तो निश्चित यह आयोजन और बेहतर होता। मेधा पाटकर ताई कम समय में भले सत्र में नहीं आ पाई पर कार्यक्रम के अप्रत्यक्ष रूप से भागीदार थी स उनके नर्मदा बचाओ आंदोलन के साथी आए।  अलग अलग नदियों के सैकड़ो लोगों की भागीदारी रही इसके लिए सभी का आभार। कोशिश रहेगी कि पीपल्स डायलॉग को बढ़ाया जाए।

            WSF के आयोजन, तौर तरीको, भागीदारी पर आलोचना बहस होती रहेगी और होती रहनी चाहिए पर हमलोग इस मंच पर जाकर जलवायु न्याय नदी और समाज विषय पर कुछ नए साथियों के साथ साझा संवाद कायम कर पाए यह भी कम  नहीं है। ऊपर से 92 देशों के लोगों के साथ बात करना भी हुआ।

आलोक कुमार

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...