अपने आक्रोश का खुला प्रदर्शन किया
आशा संयुक्त संघर्ष मंच के तत्वावधान में विधानसभा के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन.पारितोषिक नहीं, 21000 रुपये का वेतनमान दो.आशाओं-आशा फैसिलिटेटर को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित करो.मासिक मानदेय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा-शशि यादव.कोरोना काल का भत्ता देना होगा-विश्वनाथ सिंह.माले विधायकों ने भाषाओं की विशाल सभा को संबोधित किया... पटना. आशा संयुक्त संघर्ष मंच के द्वारा जारी राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आज विधानसभा के समक्ष आशाओं का विशाल आक्रोशपूर्ण मार्च निकला. मंच की नेता और बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की राज्य अध्यक्ष शशि यादव के नेतृत्व में गेट पब्लिक मार्च से मार्च निकला जो गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचकर सभा में तब्दील हो गयी. इस कार्यक्रम में बिहार के कोने-कोने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनी हुई आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने आक्रोश का खुला प्रदर्शन किया. सभा को सम्बोधित करते हुए आशा सह एक्टू नेता ने कहा कि बिहार सरकार आशाओं से बेगारी में काम लेना चाहती है.सप्ताह भर 24 घंटे काम करने के आशाओं को कोई भी मानदेय नहीं मिलता है. विगत दिनों हमने जब हड़ताल की थी, तो सरकार ने ए...