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अगस्त 7, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

India : FCRA संशोधन पर बढ़ी चिंता: मिशनरी संस्थाओं ने गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखीं अपनी आशंकाएँ

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क्या FCRA के नए नियमों से मिशनरी संस्थाओं के स्कूल, अस्पताल और सामाजिक सेवा कार्य प्रभावित होंगे? संसद में अमित शाह से हुई अहम मुलाकात ने इस बहस को फिर से राष्ट्रीय स्तर पर ला दिया है। नई दिल्ली। विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act – FCRA) को लेकर देशभर के ईसाई मिशनरी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) के बीच चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी पृष्ठभूमि में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में ईसाई मिशनरी संस्थाओं और राज्य प्रतिनिधिमंडलों ने संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर FCRA से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि उन हजारों संस्थाओं की चिंताओं को सामने रखने का प्रयास था जो वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और आदिवासी क्षेत्रों के विकास में कार्यरत हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान नियमों और प्रस्तावित संशोधनों के कारण कई संस्थाओं के लिए अपना कार्य सुचारु रूप से जारी रखना कठिन होता जा रहा है। FCRA क्यों है महत्वपूर्ण? FCRA वह कानून है ...

India : 40 साल बाद बोफोर्स केस का कानूनी अंत: सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका भी खारिज की

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  40 साल बाद बोफोर्स केस का कानूनी अंत: सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका भी खारिज की नई दिल्ली। करीब चार दशक से भारतीय राजनीति, रक्षा सौदों की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार की बहस के केंद्र में रहा बोफोर्स मामला अब अपनी लंबी कानूनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त 2026 को बोफोर्स मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के 2005 के फैसले को चुनौती देने वाली अंतिम लंबित याचिका खारिज कर दी। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ के इस फैसले के साथ हिंदुजा बंधुओं और स्वीडिश कंपनी एबी बोफोर्स को राहत देने वाले हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चली अंतिम कानूनी चुनौती भी समाप्त हो गई। यह फैसला केवल एक पुराने मुकदमे का कानूनी समापन नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति के उस अध्याय का भी अंत है, जिसने 1980 के दशक के अंत में सत्ता, विपक्ष और जनता के बीच भ्रष्टाचार को लेकर बहस का स्वरूप बदल दिया था। हालांकि बोफोर्स विवाद के राजनीतिक प्रभाव और उससे जुड़े सवाल आज भी भारतीय सार्वजनिक जीवन में चर्चा का विषय बने हुए हैं। क्या था बोफोर्स मामला? बोफोर्स विवाद की शुरुआत 1986 में भारत और...