India : FCRA संशोधन पर बढ़ी चिंता: मिशनरी संस्थाओं ने गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखीं अपनी आशंकाएँ
क्या FCRA के नए नियमों से मिशनरी संस्थाओं के स्कूल, अस्पताल और सामाजिक सेवा कार्य प्रभावित होंगे? संसद में अमित शाह से हुई अहम मुलाकात ने इस बहस को फिर से राष्ट्रीय स्तर पर ला दिया है। नई दिल्ली। विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act – FCRA) को लेकर देशभर के ईसाई मिशनरी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) के बीच चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी पृष्ठभूमि में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में ईसाई मिशनरी संस्थाओं और राज्य प्रतिनिधिमंडलों ने संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर FCRA से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि उन हजारों संस्थाओं की चिंताओं को सामने रखने का प्रयास था जो वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और आदिवासी क्षेत्रों के विकास में कार्यरत हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान नियमों और प्रस्तावित संशोधनों के कारण कई संस्थाओं के लिए अपना कार्य सुचारु रूप से जारी रखना कठिन होता जा रहा है। FCRA क्यों है महत्वपूर्ण? FCRA वह कानून है ...